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LN पाराशर ने लघु सचिवालय को बताया दलालों का अड्डा

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फरीदाबाद: शहर में  हजारों लोग ऐसे हैं जिनमे आधार कार्ड या पहचान पत्र में कोई न कोई कमी है। किसी के नाम की स्पेलिंग गलत तो किसी के घर का पता गलत लिया गया है। किसी के पिता का नाम गलत लिखा गया है तो किसी के पति का नाम गलत है। ऐसे लोग अपना आधार कार्ड या पहचान पत्र ठीक करवाने लघु सचिवालय पहुँचते हैं तो उनके कई-कई दिनों तक चक्कर काटने पड़ते हैं क्यू कि फरीदाबाद के लघु सचिवालय में कई विभागों के दफ्तर दलालों के अड्डों के रूप में तब्दील हो चुके हैं। ये कहना  बार एसोशिएशन के पूर्व प्रधान एवं न्यायिक सुधार संघर्ष समिति के अध्यक्ष एडवोकेट एलएन पाराशर का जिन्होंने फरीदाबाद के लघु सचिवालय स्थित कई विभागों पर बड़े आरोप लगाए। 

पाराशर ने कहा कि इसी जगह तहसील भी है जहां दलालों का पूरी तरह से बोलबाला है और बिना दलालों के यहाँ रजिस्ट्री नहीं होती और लोग हफ़्तों तक चक्कर लगाते रहते हैं। उन्होंने कहा कि कई बार मैंने दलालों पर सवाल उठाया लेकिन अब भी दलाली जारी है। उन्होंने कहा कि यहाँ के दलाल तहसीलदारों से मिलकर जनता को जमकर ठग रहे हैं। 

पाराशर ने कहा कि यहीं पर एसडीएम कार्यालय है जहाँ ड्राइविंग लाइसेंस भी बनाया जाता है। हर रोज 200 से 250  नए ड्राइविंग लाइसेंस भी बनते हैं लगभग  150  पुराने लाइसेंस रिन्यू होते हैं। इसके अलावा हर रोज गुम हुए या चोरी हुए कई दर्जन डुप्लीकेट लाइसेंस व आरसी भी निकलती हैं। यहां पर भी  दलाल सक्रिय हैं । यहाँ आम लोगों को  फाइलों में कमी बताकर दफ्तर के चक्कर लगवाए जाते हैं और इनकी फीस नहीं काती जाती।  मजबूरी में दलालों की शरण लेनी पड़ती है। कई दिनों तक  चक्कर काट-काट लोग थक जाते हैं  तो खुद ही दलाल को ढूंढने लगते है।  

उन्होंने कहा कि लघु सचिवालय में सबसे ज्यादा भीड़ आधार कार्ड बनवाने वाले काउंटर पर होती है और यहाँ पर भी लोगों को बहुत परेशानी झेलनी पड़ती है। किसी को आधार कार्ड ठीक करवाना होता है तो किसी को नया आधार कार्ड बनवाना होता है। यहाँ भी जानकर दलाली चल रही है और यहाँ हमेशा लम्बी-लम्बी लाइने लगी रहती हैं। लोग कई-कई दिनों तक चक्कर लगाने के बाद दलालों की शरण में जाने पर मजबूर हो जाते है। पाराशर ने कहा कि ये दलाली प्रशासन की नाक के नीचे हो रही है। लोग ठगे जा रहे है। जो दलालों की शरण में नहीं जाता वो यहाँ सिर्फ धक्के ही खाता रहता है। 

पराशर ने कहा कि फरीदाबाद के जिला अधिकारी को इस दफ्तरों का निरीक्षण करना चाहिए और दलालों पर लगाम लगाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जनता ठगी जा रही है और प्रशासन तमाशा देख रहा है। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार कहती है कि भ्रष्टाचार का खात्मा हो रहा है लेकिन यहाँ भ्रष्टाचार और बढ़ रहा है। 

LN पाराशर ने बीके अस्पताल का किया दौरा, मरीज परेशान, सूखा पड़ा वाटर एटीएम, व्यवस्था बदहाल

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फरीदाबाद: शहर के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल को इलाज की जरूरत है। ये अस्पताल पूरी तरह से बीमार हो चुका है। ये कहना है बार एसोशिएशन के पूर्व प्रधान एवं न्यायिक सुधार संघर्ष समिति के प्रधान एडवोकेट एल एन पाराशर का जिन्होंने आज सुबह अस्पताल का दौरा किया और कहा कि अस्पताल में कई कमियां हैं जिस कारण गरीब यहाँ दर-दर की ठोकरें खाने पर मजबूर हैं। 

पाराशर ने कहा कि शहर में गर्मी पड़ रही है और अस्पताल में पीने का पानी नहीं है। मरीज दूर से खरीदकर पानी लाते हैं। जो मशीन लगी है वो खराब पडी है। मशीन इतनी कबाड़ा है कि मकैनिक रोज उसे ठीक करता है रोज वो खराब हो जाती है। 

पाराशर ने कहा कि अस्पताल में साफ़-सफाई का बुरा हाल है। यहाँ स्वच्छता अभियान की धज्जियां उड़ाई जा रहें हैं। शौंचालय में भी पानी नहीं आता जिस कारण मरीज बेहाल रहते हैं।  मरीजों को दवाईयों के लिए दर-दर की ठोकरें खानी पड़ती हैं जो मरीज सस्ते और सरकारी घोषणाओं में फ्री इलाज के लिए यहां आते हैं उन्हें यहां आकर मायूस लौटना पडता है। 

पाराशर ने कहा कि मरीजों के मुताबिक यहां के मैडिकल स्टोर पर जब वो दवाई लेने जाते हैं तो जो दवाईयां सस्ती होती हैं वो तो उन्हें यहां मिल जाती हैं लेकिन जो दवाईयां महंगी होती हैं उनके लिए बोल दिया जाता है कि बाहर से खरीदों। 

वकील पाराशर ने कहा कि बीमार अस्पताल के कारण शहर के लोगों को निजी अस्पतालों में जाना पड़ता है जहाँ पहुँच उनकी जेब ढीली हो जाती है। पाराशर ने कहा कि हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज बड़े-बड़े दावा करते हैं लेकिन इस अस्पताल की हालत देख उनके दावे खोखले साबित हो रहे हैं। 

संजीव चौधरी ने जीता फरीदाबाद जिला बार एसोसिएशन के प्रेसिडेंट पद का चुनाव, जश्न में डूबे समर्थक

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फरीदाबाद: फरीदाबाद जिला बार एसोसिएशन पद के चुनाव में संजीव चौधरी ने प्रेसिडेंट पद पर बाजी मारी है, उन्हें 62 वोटों से विजयी घोषित किया गया है, पिछली बार पोस्टल-बैलट से 5 अप्रैल को मतदान हुआ था लेकिन चुनाव में बूथ कैप्चरिंग और फर्जीवाडा का आरोप लगाए जाने के बाद नतीजे रद्द कर दिए गए थे, उस चुनाव में संजीव चौधरी की हार हुई थी लेकिन EVM से हुए चुनाव में संजीव चौधरी ने बाजी मार ली.

शानातिपूर्वक मतदान कराने के लिए पंजाब एंड हरियाणा बार काउंसिल के दो सदस्य - अजय चौधरी और राजकुमार चौहान फरीदाबाद आये हैं, दोनों की निगरानी में मतदान हुआ

इस बार भी पुराने प्रत्याशी ही मैदान में थे. प्रेसिडेंट पद के लिए सत्येन्द्र भडाना, संजीव चौधरी और जेपी भाटी मैदान में थे. 

एडिशनल सेक्रेटरी के पद पर सर्वेश कौशिक ने बाजी मारी है जबकि सेक्रेटरी के पद पर विपिन यादव ने बाजी मारी है. जल्द ही सभी पदों के नतीजे आ जाएंगे.

भ्रष्ट अधिकारियों से मिलकर फरीदाबाद में बड़ा खेल खेल रहे हैं वीपी स्पेसेज के मालिक: LN पाराशर

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फरीदाबाद: सेक्टर 49 के 12th एवेन्यू में लगातार नियम क़ानून की धज्जियां उड़ाई जा रहीं हैं। फर्जी रजिस्ट्री, फर्जी कंप्लीशन सर्टीफिकेट सहित कई तरह के खेल वीपी स्पेसेज के मालिक खेल रहे हैं।

ये कहना है बार एसोशिएशन के पूर्व अध्यक्ष एवं न्यायिक सुधार संघर्ष समिति के प्रधान एडवोकेट एल एन पाराशर का जिन्होंने एक और खुलासा करते हुए कहा कि नगर निगम ने जिन फ्लैटों को तोड़ने के नोटिस दिए हैं वहां अब भी निर्माण जारी है।

पाराशर ने कहा कि नगर निगम ने  26 दिसंबर 2018 को फ़्लैट नंबर 4814 से  4837 तक को तोड़ने के आदेश दिए थे जिसमे कहा गया था कि इन निर्माणों में खामियां हैं और जिस तरह से नक्शा पास करवाया गया है ये फ्लैट उस तरह से नहीं बनवाये जा रहे हैं। 

पाराशर ने कहा कि निगम ने इन फ्लैटों को तोड़ने के आदेश दिए और यहाँ अब भी निर्माण जारी हैं। उन्होंने कहा कि इस खेल में नगर निगम अधिकारियों का भी हाँथ है क्यू कि बिना मिलीभगत से ये खेल संभव नहीं है।

पाराशर ने कहा कि वीपी स्पेसेज के मालिक, दीपक विरमानी, वरुण मनचंदा और आशीष मनचंदा निगम अधिकारियों से मिलकर ये गड़बड़झाला कर रहे हैं। पाराशर ने कहा कि उन्हें सूचना मिली है कि ये लोग शहर में कई जगह फर्जीवाड़ा कर रहे हैं। कहीं एक एक स्टाम्प पर दो दो रजिस्ट्री तो कहीं निर्माण के पहले कंप्लीशन तो कहीं फर्जी रजिस्ट्री पर लाखों का लोन जैसे घपले शामिल हैं। 

पाराशर ने कहा कि इन पर एक नेता का हाँथ है और हो सकता है वो नेता भी इस फर्जीवाड़े में हिस्सा लेता हो। पाराशर ने कहा कि यहाँ सरेआम धोखाधड़ी की जा रही है। स्टाम्प चोरी, आयकर चोरी, जीएसटी चोरी जैसे कई चोरियां कर रहे हैं। पाराशर ने कहा कि शहर में कई विभाग हैं और कई विभाग के अधिकारियों से मिलकर ये बड़ा खेल खेलते हैं। उन्होंने कहा कि ये तहसीलदारों से मिलकर फर्जीवाड़ा करते हैं एक एक रजिस्ट्री से कई-कई बार रजिस्ट्री करते हैं, पहले प्लाट की रजिस्ट्री, फिर फ्लैट की रजिस्ट्री कर बड़ा फर्जीवाड़ा करते हैं।  उन्होंने कहा कि अगर इस मामले की जांच कराई जाए तो इन लोगों का करोड़ों का फर्जीवाड़ा सामने आएगा। 

MCF अधिकारी, तहसीलदार और भू-माफिया मिलकर कर रहे रजिस्ट्री घोटाला, सरकार करवाए जांच: LN पाराशर

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फरीदाबाद: वकील एल एन पाराशर ने फरीदाबाद नगर निगम के अधिकारियों पर आरोप लगाते हुए कहा है कि अधिकारी, तहसीलदार और भूमाफिया मिलकर रजिस्ट्री घोटाला कर रहे हैं और हरियाणा सरकार को करोड़ों रुपये का चूना लगा रहे हैं.

पाराशर का कहना है कि हल में मैंने सैनिक कालोनी के पास 12th एवेन्यू के बारे में कंप्लीशन घोटाले का खुलासा किया था जिसमे नगर निगम अधिकारियों ने फ़्लैट बनने के पहले ही कंप्लीशन सर्टीफिकेट बना दी थी। अब निगम के कुछ अधिकारियों और फरीदाबाद के तहसीलदारों के कई और काले कारनामों के बारे में खुलासा हुआ है। 

पाराशर ने कहा कि मुझे आरटीआई के माध्यम से जानकारी मिली है कि 12th एवेन्यू  के भूमाफियाओं ने कई और काले कारनामें  भ्रष्ट अधिकारियों से मिलकर किये हैं। पाराशर ने बताया कि रजिस्ट्री नमबर 7723, 20 दिसंबर 2018 को हुई थी और ये खाली प्लाट 18 जुलाई 2018 को लिया गया था जिसकी रजिस्ट्री का नंबर 3467 है। इस पर बनी हुई बिल्डिंग का कंप्लीशन 29 दिसंबर 2012 का दिखाया गया है यानि लगभग एक साल पहले ये खाली प्लाट था और इसकी कंप्लीशन सर्टीफिकेट 7 साल पहले की दिखाई गई है। 

पाराशर ने कहा कि नगर निगम अधिकारियों और तहसीलदारों से मिलकर माफियाओं ने एक बड़ी जालसाजी की है और ये जालसाजी बिना मिलीभगत  हो ही नहीं सकती। पराशर ने कहा कि आशीष मनचंदा, वरुण मनचंदा और दीपक विरमानी जो तीनों वीपी स्पेसेज मालिक हैं और इन तीनों ने अधिकारियों से मिलकर फर्जी कॉम्पीशन, फर्जी रजिस्ट्री, और एक एक स्टाम्प से कई कई रजिस्ट्री का खेल खेलते हैं।



पाराशर ने कहा कि इन पर एक नेता का हाँथ है और हो सकता है वो नेता भी इस फर्जीवाड़े में हिस्सा लेता हो। पाराशर ने कहा कि यहाँ सरेआम धोखाधड़ी की जा रही है। स्टाम्प चोरी, आयकर चोरी, जीएसटी चोरी जैसे कई चोरियां कर रहे हैं। पाराशर ने कहा कि इन भ्रष्टों के काले कारनामों के बारे में मैं डीजीपी हरियाणा और पुलिस कमिश्नर फरीदाबाद को पत्र लिख रहा हूँ और हरियाणा के सीएम को पत्र लिख मैं सीबीआई जांच की मांग कर रहा हूँ। वकील पाराशर ने कहा कि  इन भ्रष्टो ने मिलकर सरकार को कई करोड़ का चूना लगाया है।

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बैंक में स्टाफ की कमीं, ATM चलता नहीं, वकील पाराशर बोले - इसे सही करो या उखाड़ो ले जाओ

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फरीदाबाद: जिला अदालत में सिर्फ एक बैंक की छोटी सी शाखा है जिसमे मात्रा तीन लोगों का स्टाफ है जिस कारण अदालत के वकीलों और अदालत में पहुँचने वाले हजारों लोगों को कई तरह की समस्याएं झेलनी पड़ती है। ये कहना है बार एसोशिएशन के पूर्व अध्यक्ष एवं न्यायिक सुधार संघर्ष समिति के अध्यक्ष एडवोकेट एल एन पाराशर का जिन्होंने मांग की है कि अदालत में बैंक की शाखा का जल्द विस्तार कर स्टाफ बढ़ाया जाये।

वकील पाराशर का कहना है कि में हरियाणा का सबसे बड़ा बार एसोशिएशन है जिसमे लगभग तीन हजार वकील हैं और इस अदालत में जिले भर से कई हजार लोग हर रोज पहुँचते हैं लेकिन बैंक में स्टाफ की कमी के कारण वकीलों और अन्य लोगों को यहाँ धक्के खाने पड़ते हैं। 

वकील पाराशर ने कहा कि अदालत में सिर्फ एक एटीएम है वो भी हमेशा खराब ही रहता है जिस कारण लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि कई बार इसकी शिकयत की गई लेकिन किसी ने समस्या का समाधान नहीं किया। उन्होंने कहा कि बैंक की खिड़की पर हमेशा लम्बी लाइन लगी रहती है। दस मिनट के काम में कई घंटे लग जाते हैं। 

पराशर ने कहा कि अदालत परिसर में सिंडीकेट बैंक की शाखा है और तीन से चार लोगो का स्टाफ है और इस शाखा में हजारों वकीलों के खाते हैं लेकिन स्टाफ की कमी के कारण बैंक की शाखा उन्हें सुविधाएं नहीं दे पाती है।

उन्होंने कहा कि सिंडीकेट बैंक के आला अधिकारियों को कई बार बार एसोशिएशन ने पत्र लिख समस्या से अवगत कराया लेकिन अधिकारी इस समस्या पर ध्यान नहीं देते। उन्होंने कहा कि लघु सचिवालय भी यहीं हैं और यहाँ में सैकड़ों लोगों का स्टाफ काम करता है। तमाम बड़े अधिकारी यहाँ कार्यरत हैं और सबको बैंक की जरूरत पड़ती है लेकिन स्टाफ की कमी के कारण सबको समस्याएं झेलनी पड़ती हैं। उन्होंने कहा कि जल्द शाखा का विस्तार किया जाए ताकि हजारों लोगों को परेशानी न झेलनी पड़े।

200 युवा वकीलों को LN पाराशर ने बांटी कानूनी किताबें, वकील बोले 'गुरु जी धन्यवाद'

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फरीदबाद: देश के इतिहास में पहली बार किसी अदालत में युवा वकीलों को  आगे बढ़ने के लिए एक बड़ी पहल की गई है। फरीदाबाद बार एसोशिएशन के पूर्व प्रधान एवं न्यायिक सुधार संघर्ष समिति के अध्यक्ष एडवोकेट एल एन पाराशर ने पहल लगभग एक साल पहले शुरू की थी जो अब तक जारी है। इस दौरान वकील पाराशर ने युवा वकीलों को 6 बार तरह-तरह की कानूनी किताबें निःशुल्क भेंट कर चुके हैं। यही नहीं कई बार अदालत के सीनियर वकीलों को भी पाराशर कानूनी किताबें भेंट कर चुके हैं। इसी कड़ी में बुधवार को उन्होंने लगभग 200 युवा वकीलों को कई तरह की कानूनी किताबों का वितरण किया। इन किताबों में सेन्ट्रल सिविल ऐक्ट , क्रिमिनल मेजर ऐक्ट और लोकल एवं स्पेशल लॉ की किताबें शामिल थीं।

वकील पाराशर ने बताया कई सेन्ट्रल सिविल लॉ में 101 सिविल के ऐक्ट हैं जो अमेंडेड हैं और 2019 तक के लेटेस्ट लॉ के बारे में इस किताब में विस्तार से जानकारी दी गई है। उन्होंने बताया कि क्रिमिनल मेजर ऐक्ट की किताब में 156 महत्वपूर्व ऐक्ट व् नियम की जानकारी दी गई है और इस किताब में भी 2019 तक की सभी जानकारियां दी गईं हैं। उन्होंने बताया कि तीसरी किताब जो लोकल एवं स्पेशल लॉ की है जिसमे कई महत्वपूर्ण ऐक्ट्स के हिंदी अनुवाद हैं। उन्होंने बताया कि एक और किताब भी युवा वकीलों को दी गई है जिसका नाम भूमि रिकार्ड व् राजस्व क़ानून है और इस किताब में कई खास जानकारियां दी गईं हैं। उन्होंने बताया कि एक और किताब लॉ हेराल्ड भी वितरित की गई है और ये एक मैगजीन हैं और इसमें  कुछ ऐसे जजों ने लेख  लिखे  है जो वकील से जस्टिस बन चुके हैं और उन्होंने बताया है कि असंभव कुछ भी नहीं है।

वकील पाराशर ने बताया कि इस मैगजीन में लेटेस्ट और ऐतिहासिक जजमेंट के बारे में जानकारी दी गई है जो सिविल और क्रिमिनल दोनों से सम्बंधित है। उन्होंने बताया कि इस मैगजीन में सर्विस लॉ से सम्बंधित मामलों की जानकारी दी गई है।

पाराशर ने बताया कि मैं चाहता हूँ कि फरीदाबाद के वकील भी जज बन सकें इसलिए मैं युवा वकीलों के लिए अपनी तरफ से वो सब कुछ कर रहा हूँ जो मैं कर सकता हूँ। उनके लिए निःशुल्क कोचिंग क्लास कई महीने से चलवा रहा हूँ जिसमे कई पूर्व जज और वरिष्ठ वकील युवाओं को ट्रेनिंग दे रहे हैं। इस सेंटर में युवाओं को अंग्रेजी की ट्रेनिंग डीन रह चुके सत्येंद्र सिंह दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि किसी भी वकील से न कभी कोई शुल्क लिया गया है न लिया जाएगा और आगे भी ये कोचिंग सेंटर जारी रहेगा। पाराशर ने बताया कि जिस दिन इस सेंटर से कोई वकील जज बन जाएगा उस दिन मुख्य बहुत खुशी होगी। 

युवा वकीलों को बुधवार को फिर निःशुल्क वितरित की जाएंगी ख़ास कानूनी किताबें: LN पाराशर

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फरीदाबाद: फरीदाबाद की अदालत में बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष एवं न्यायिक सुधार संघर्ष समिति के अध्यक्ष एडवोकेट एल एन पाराशर एक साल से लगातार कई बार निःशुल्क कानूनी किताबें बाँट चुके हैं। इसी कड़ी में वो बुधवार को फिर कानूनी किताबों का वितरण करेंगे। एडवोकेट पाराशर ने बताया कि बुधवार को वो दो तरह की किताबों का वितरण करेंगे। पहली किताब मेजर क्रिमिनल ऐक्ट जिसमे 156 एक्ट्स हैं.

दूसरी किताब जो अंग्रेजी में है जिसके साथ जो वकील हिंदी में इस किताब को लेना चाहेंगे उन्हें हिंदी की किताब दी जाएगी जिसमे 101 इम्पोर्टेन्ट ऐक्ट हैं और इस किताब से युवा वकीलों को अदालत में प्रैक्टिस करने में बहुत लाभ मिलेगा। उन्होंने बताया कि ये किताबें उन वकीलों को मिलेंगी जो न्यायिक सुधार संघर्ष समिति द्वारा चलाये जा रहे निःशुल्क ट्रेनिंग सेंटर के सदस्य हैं। 

एडवोकेट पाराशर ने बताया कि ट्रेनिंग सेंटर में लगभग 70 युवा वकीलों को कोचिंग दी जा रही है जिसमे ज्यूडीशियली की कोचिंग के साथ साथ कई तरह की कोचिंग दी जा रही है। उन्हें फर्राटेदार अंग्रेजी बोलने की ट्रेनिंग दी जा रही है तथा युवा वकीलों को कोर्ट में अपना मजबूत पक्ष रखने की ट्रेनिंग दी जा रही है। उन्होंने बताया कि इसमें पहले से ही सत्येंद्र सिंह जो डीन रह चुके हैं जो अंग्रेजी की ट्रेनिंग दे रहे हैं। पीएस सिक्का सिविल की ट्रेनिंग, दो पूर्व जज जिनमे पीएल गोयल व् डीएस छाबड़ा भी वकीलों को ट्रेनिंग दे रहे हैं। इस सेंटर में पीके  मित्तल भी ट्रेनिंग दे रहे हैं। 

वकील पाराशर ने बताया कि कोचिंग सेंटर कई महीनें से चल रहा है लेकिन हाल में बार एसोशिएशन के चुनाव के कारण कुछ दिनों के लिए कोचिंग स्थगित कर दी गई थी लेकिन एक मई से फिर  शुरू की जाएगी। उन्होंने कहा कि हमारी संस्था न्यायिक सुधार संघर्ष समिति ने कई पूर्व जजों से निवेदन किया है कि वो इस सेंटर में पहुंचकर वकीलों को ट्रेनिंग दें और कई पूर्व जज तैयार भी हो गए हैं। 

उन्होंने कहा कि एक मई से सत्येंद्र पहले की तरह ही हर रोज अंगरेजी की ट्रेनिंग देंगे और पूर्व जज और कई वरिष्ठ वकील सेंटर में युवा वकीलों से अपना अनुभव शेयर करेंगे। 

उन्होंने बताया कि ये किताबें बुधवार को 12 बजे से दोपहर दो बजे तक उनके चैंबर 382 में वितरित की जायेंगीं। पाराशर ने बताया कि वो चाहते हैं कि फरीदाबाद के युवा वकील हर क्षेत्र में आगे बढ़ें और उनका जज बनने का सपना जल्द पूरा हो इसलिए वो युवा वकीलों को ये सब सुविधाएँ उपलब्ध करवा रहे हैं। पाराशर युवा वकीलों से अपील की कि वो समय से पहुंचें और निःशुल्क किताबें लें। 

सेक्टर 49 12TH एवेन्यू में अभी भी हो रही फर्जी रजिस्ट्रियां, LN पाराशर ने की PM, CM को शिकायत

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फरीदाबाद: जिला बार एसोसिएशन के पूर्व प्रधान और वकील LN पाराशर फरीदाबाद ने नेताओं और अधिकारियों पर भूमाफियाओं से मिलीभगत के आरोप लगाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है.

वकील LN पाराशर ने बताया कि कुछ दिनों पहले मैंने खुलासा किया था कि फरीदाबाद की तहसील में एक स्टम्प पेपर से दो दो बार रजिस्ट्री हुई थी और नगर निगम ने कुछ माफियाओं के  कम्प्लीशन सर्टिफिकेट अप्लाई करने से पहले ही उन्हें अप्रूवल दे दिया था। इस संबंध में मैंने हाई कोर्ट में पिटिशन डाली थी जो पेंडिंग है, इस केस में मैंने हरियाणा के चीफ सेक्रेट्री और कमिश्नर नगर निगम सहित अन्य संबंधित अधिकारियों को पार्टी बनाया है, इन्होंने फॉर्मेलिटी के लिए एक इंक्वायरी तो बिठा दी लेकिन कोई कार्यवाही नहीं की गई. कुछ दिनों पहले दिखावे के लिए नगर निगम ने सोसायटी को तोड़फोड़ करने का नोटिस तो दिया लेकिन अभी तक कोई कार्यवाही नहीं की गई है जबकि हार्डवेयर चौक पर सैकड़ों गरीबों के अवैध निर्माण को तोड़ा गया, हम अवैध निर्माण के पक्ष में नहीं है लेकिन एमसीएफ और प्रशासन से मांग करते हैं उपरोक्त मामले में भी कार्यवाही की जाए. वकील एल एन पाराशर ने बताया कि हमारी जानकारी में सामने आया है की तोड़फोड़ के बाद भी वहां पर फर्जी रजिस्ट्री आ की जा रही हैं और भू माफियाओं में प्रशासन एवं नगर निगम का कोई भय नहीं है, हमारी जानकारी में यह भी सामने आया है इन भू माफियाओं पर स्थानीय नेताओं का आशीर्वाद है जिसके हमारे पास कुछ प्रमाण भी हैं. हमें विश्वस्त सूत्रों से पता चला है कि कुछ रजिस्ट्रियांं मार्च-अप्रैल में की गई हैंं हालांकि तहसीलदार ने उन पर साइन नहीं किया है.

वकील एलएन पाराशर ने बताया कि सेक्टर 49 12TH एवेन्यू के तीनों मालिकों ने तहसीलदारों से मिलकर सरकार कई कई करोड़ का और चूना लगाया है। वकील पाराशर ने कहा कि VP SPACES 1. आशीष मंचन्दा, 2. वरुण मंचन्दा 3. दीपक कुमार विर्मानी के खिलाफ मैंने हाईकोर्ट में जो याचिका दायर की है उसमे जिन विभागों के अधिकारियों के नाम है उनमे नगर निगम और तहसील के कई अधिकारी शामिल हैं और VP SPACES के तीनों मालिकों ने शहर में कई जगह गड़बड़झाला किया है। 

उन्होंने कहा कि एक स्टांप से दो बार हुई रजिस्ट्री और फिर रजिस्ट्री पर कई लाख के लोन के मामले में VP SPACES के एक मालिक का भी नाम है और बैंक के कई अधिकारियों की मिलीभगत से ये सब सरकार को चूना लगाते हैं। पाराशर ने कहा कि ये एक बड़ा गैंग है जो अवैध तरीके से नगर निगम के अधिकारी, तहसीलदारों, बैंक के अधिकारियों से मिलकर करोड़ों का हेरफेर करते हैं और सरकार को चूना लगा बड़े बड़े निर्माण करते हैं और उन निर्माणों की गलत कंप्लीशन करवाते हैं और गलत तरीके से रजिस्ट्री करवाते हैं। 

पाराशर ने कहा इस गैंग ने शहर में कई जगहों पर बड़े बड़े फ्राड किये हैं जिस कारण मुझे हाईकोर्ट जाना पड़ा। इसके अलावा मैंने प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और राष्ट्रपति को भी इस मामले से अवगत कराया है.

वकीलों की विचारधारा भले अलग लेकिन मन में भेद नहीं, बनेगा सौहार्दपूर्ण माहौल: प्रधान बॉबी रावत

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फरीदाबाद। डिस्ट्रिक बार एसोसिएशन के प्रधान बॉबी रावत ने पिछले दो दिन में वैलफेयर टिकट व पुस्तकों सहित जिला बार एसोसिएशन की ओर से उपलब्ध कराई जाने वाली सुविधाओं के अनियमित होने पर जहां खेद व्यक्त किया है वहीं रावत व एसोसिएशन के महासचिव जोगिन्द्र नरवत ने जिला प्रशासन व समस्त अधिवक्ताओं द्वारा बार काउंसिल पंजाब व हरियाणा के आदेशों को मानने का आभार व्यक्त करते कहा है कि इससे परस्पर सौहार्द संबंध बेहतर होंगे।
रावत व नरवत के अनुसार बार काउंसिल द्वारा उन्हें व उनकी टीम को जो भी आदेश दिए जाएंगे उनका प्रत्येक स्थिति में स मान किया जाएगा। कहा गया है कि चुनावों को लेकर जो भी माहौल बना वह चिंता का विषय रहा और अधिवक्ता चूंकि समाज के प्रबुद्ध वर्ग हैं इसलिए इस विषय पर सहमति बनाने का वे संभव प्रयास करेंगे। सर्वश्री बॉबी राव व जोगिन्द्र नरवत ने निवार्चन अधिकारी की नियुक्ति पर उठ रहे प्रश्रों के संबंध में कहा है कि निर्वाचन अधिकारी नियुक्ति का अधिकार बार के प्रधान एवं सचिव का है और इसमें प्रशासन हस्तक्षेप नहीं कर सकता बल्कि कानून व्यवस्था बनाने के लिये ड्यूटी मैजिस्टे्रट की नियुक्ति प्रशासन द्वारा की जाती है।

रावत ने विश्वास व्यक्त किया है कि सभी के सहयोग से स्थिति को सौहार्दपूर्ण बना लिया जाएगा और उन्हें विश्वास है कि भले विचारधारा में मतभेद हों परंतु अधिकवक्ताओं के मन में भेद नहीं है और सब एकजुट होकर न्याय के लिये प्रयासरत्त रहेगे।

स्टेट बार काउंसिल के अगले आदेश तक बॉबी रावत ही रहेंगे बार के प्रधान, अपनी टीम के साथ करें काम

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फरीदाबाद: पंजाब एंड हरियाणा बार काउन्सिल ने आदेश दिया है कि अगले आदेश तक बॉबी रावत की फरीदाबाद जिला बार एसोसिएशन के प्रधान रहेंगे और अपनी टीम के साथ सरकार चलाते रहेंगे हालाँकि वह बड़े आर्थिक निर्णय नहीं ले सकते, सैलरी और मासिक खर्चा आदि जारी कर सकते हैं.

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आपकी जानकारी के लिए बता दें कि फरीदाबाद बार एसोसिएशन के विभिन्न पदों के लिए पांच अप्रैल को मतदान हुए थे लेकिन एक पक्ष पर बूथ कैप्चरिंग के आरोप लगाए गए थे जिसके बाद चुनाव रोकने के आदेश दिए गए थे. आदेश के बाद भी देर रात रिजल्ट जारी कर दिया गया. हो सकता है, स्टेट बार काउंसिल ने इस नतीजे को अश्वीकार कर दिया है. कुछ दिनों में फिर से चुनाव हो सकते हैं, तब तक बॉबी रावत ही प्रधान रहेंगे और 2018-19 में चुने गए पदाधिकारी ही कामकाज देखेंगे. 8 अप्रैल को इस मामले में अंतिम आदेश आएँगे.

वकील LN पाराशर ने उड़ाए भू-माफियाओं के होश, तोड़े जा सकते हैं अरावली के सैकड़ों फार्म हाउस

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फरीदाबाद: कांत एन्क्लेव मामले के बाद अब वन विभाग नींद से जागा है और अरावली पर सैकड़ों छोटे बड़े अवैध निर्माण जल्द तोड़े जा सकते है। बार एसोशिएशन के पूर्व प्रधान एल एन पाराशर ने कहा कि उन्हें जानकारी मिली है कि अरावली पर पीएलपीए के दायरे में आने वाले सैकड़ों अवैध निर्माण जल्द तोड़े जा सकते हैं इसके लिए वन विभाग ने जिला अधिकारी फरीदाबाद को पत्र लिख पूरी जानकारी दी है। 

पाराशर ने कहा कि फरीदाबाद जिले में अरावली क्षेत्र में पीएलपीए के दायरे में लगभग 100 बड़े फ़ार्म हाउस और दर्जनों अन्य निर्माण अवैध तरीके से हुए हैं। उन्होंने कहा कि इन बड़े फ़ार्म हाउस के साथ साथ सेकटर-21 सी पार्ट तीन, सेक्टर-44, 45 और 47, हुडा का जिमखाना क्लब, अग्निशमन केंद्र, ग्रीनफील्ड कॉलोनी का एक हिस्सा, कई अन्य कॉलोनी व शिक्षण व अन्य संस्थान आते हैं। सुप्रीम कोर्ट का आदेश सभी पर एक समान लागू होता है। इन सभी निर्माणों पर कार्यवाही होनी चाहिए। 

पाराशर ने कहा कि 18 दिसंबर 1992 के बाद अरावली पर कई अवैध शिक्षण संस्थान बने और अरावली के बड़े दायरे पर उन्होंने कब्ज़ा कर लिया। पाराशर ने कहा कि ये सब अधिकारियों की मिलीभगत से हुआ है और इन सभी पर कार्यवाही होनी चाहिए क्यू कि अरावली पर कब्ज़ा कर ये शिक्षा माफिया लोगों को जमकर ठग रहे हैं। पाराशर ने कहा कि इसी तरह फ़ार्म हॉउस वाले भी अरावली पर अवैध निर्माण कर लाखों रोज कमा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांत एन्क्लेव के मामले में सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी है और कांत एन्क्लेव मामले में मैं भी सुप्रीम कोर्ट में पार्टी बना हूँ और मे सुप्रीम कोर्ट में ताजा निर्माण के दस्तावेज भी पेश करूंगा। पाराशर ने कहा कि सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में कुछ अधिकारियों को फटकार लग सकती है या उन्हें नोटिस जारी हो सकते हैं जिनके कार्यकाल में अवैध निर्माण और अवैध खनन अब भी जारी हैं।

लोकतंत्र के टेस्ट में फरीदाबाद जिला बार एसोसिएशन चुनाव - 2019 फेल, क्या माने जाएंगे नतीजे

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फरीदाबाद: कल फरीदाबाद जिला बार एसोसिएशन के विभिन्न पदों के लिए मतदान हुए. मतदान की पूरी प्रक्रिया विवादों में रही, बूथ कैप्चरिंग का आरोप लगाया गया. रिटर्निंग ऑफिसर ने पंजाब एंड हरियाणा बार काउंसिल के पास शिकायत भेजी जिसके बाद चुनाव को रोकने का आदेश जारी किया गया.

आदेश आने के बाद काफी देर तक मतदान रुका रहा लेकिन फरीदाबाद के प्रशासन ने स्टेट काउंसिल के आदेश को दरनिकार करते हुए मतदान शुरू कर दिया. प्रशासन के इस रवैये को देखते हुए वकीलों में काफी रोष दिखा, बीच बीच में बहस होती रही, मतदान की प्रक्रिया रुकती रही, आधे से अधिक वकीलों को मतदान का मौका ही नहीं मिला, हजारों वकीलों स्टेट काउंसिल का आदेश सुनकर अपने घर चले गए लेकिन अचानक रात को काउंटिंग शुरू हो गयी और देर रात नतीजे जारी कर दिए गए जिसमें प्रेसिडेंट पद पर सत्येन्द्र भडाना और उनकी टीम के सभी सदस्यों को विजेता घोषित दिया गया, दूसरे स्थान पर संजीव चौधरी रहे.

अब सवाल यह उठता है कि क्या यह नतीजे स्वीकार किये जाएंगे. जब स्टेट बार काउंसिल ने चुनाव रोकने का आदेश दिया था तो आधे अधूरे वोटों की काउंटिंग क्यों की गयी. जब आधे से अधिक वकीलों को मतदान का मौका ही नहीं मिला तो वे उन पदाधिकारियों को कैसे स्वीकार करेंगे जिन्हें उन्होंने चुना ही नहीं है. अब देखते हैं कि बार की राजनीतिक में क्या मोड़ आता है, स्टेट बार काउंसिल इस पर क्या एक्शन लेती है.

अफसरों पर भड़के LN पाराशर, शहर में खुलेआम घूम रहे हैं अवैध लोडिंग वाले डंफर, नंबर प्लेट भी गायब

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फरीदाबाद: शहर के भीड़भाड़ वाली सड़कों पर ओवरलोडिंग डम्फरों से कभी भी कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती है। इन डम्फरों पर बड़े बड़े पत्थर लदे होते हैं जो अगर फिसलकर नीचे गिर गए तो सड़क पर चलने वाले छोटे वाहन चालक घायल हो सकते हैं।

शहर के वरिष्ठ वकील और समाजसेवी LN पराशर ने आज सेक्टर 28 एरिया में एक ऐसे ही डंपर को देखा जिस पर नंबर प्लेट भी गायब थी और पत्थरों की ओवरलोडिंग की गई थी, वकील पाराशर ने अधिकारियों पर भड़कते हुए कहा कि अगर इस डंपर से कोई पत्थर किसी के सिर पर गिर गया तो इसका जिम्मेदार कौन होगा, डंपर के पीछे नंबर प्लेट भी गायब है अगर यह एक्सीडेंट करके भाग गया तो इसे कैसे पकड़ा जाएगा.

पाराशर ने कहा कि शहर में अवैध खनन ही नहीं ओवरलोडिंग भी जारी है और अवैध खनन कर पत्थर एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाए जा रहे हैं और खनन माफियाओं पर कोई कार्यवाही नहीं हो रही है न ही ओवर लोडिंग करने वालों पर जिस कारण इनके हौसले बढे हुए हैं और ये लोगों की जान से खिलवाड़ कर रहे हैं। 

पाराशर ने कहा कि एक दिन पहले  मैंने एक फ़ार्म हाउस की कई तस्वीरें जारी की थीं जहां ब्लास्ट कर पत्थर निकाले गए लेकिन खनन विभाग ने यहाँ भी कोई कार्यवाही नहीं की। 

उन्होंने कहा कि अधिकारी, खनन माफिया मिले हुए हैं जिस कारण लोगों की जान से खिलवाड़ की जा रही है। 

कान्त एन्क्लेव हो रहा ध्वस्त, वकील LN पाराशर बोले, सभी अरावली के अवैध फार्म हाउसों को भी तोड़ो

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फरीदाबाद: जिला बार एसोसिएशन के पूर्व प्रधान वकील एल एन पाराशर ने कान्त एन्क्लेव ढहाने पर ख़ुशी जताई है, उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि अरावली के जंगल-पहाड़ी एरिया में बने सभी अवैध फ़ार्म हाउसों के खिलाफ भी कर्यवाही की जाए. उन्होंने इस मामले में हरियाणा सरकार के चीफ सेक्रेटरी सहित कई अधिकारियों को पार्टी बनाकर याचिका डाली है.

बता दें कि अरावली पर बने कान्त एन्क्लेव में 1992 के बाद बने निर्माणों को तोड़ने की आज अंतिम तारीख है, 1992 के बाद बने महलों को तोड़ने के लिए प्रशासन अपनी फ़ौज लेकर कान्त एन्क्लेव पर पहुँच गया है, मौके पर सैकड़ों पुलिसकर्मी और सुरक्षाबल मौजूद हैं, जल्द ही तोड़फोड़ की कार्यवाही शुरू हो जाएगी.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अरावली पर कान्त एन्क्लेव के अलावा सैकड़ों अवैध फार्म हाउस भी हैं जो 1992 के बाद बने हैं, फरीदाबाद के समाजसेवी और पर्यावरण प्रेमी इन फार्म हाउसों के खिलाफ भी कार्यवाही की मांग कर रहे हैं, वरिष्ठ वकील एल एन पाराशर भी अरावली को बचाने के लिए कई महीनों से संघर्ष कर रहे हैं और उन्होंने हाईकोर्ट में PIL भी डाली है, यही नहीं उन्होंने कान्त एन्क्लेव मामले में पार्टी बनने की अपील भी डाली है.

अरावली के पहाड़ और जंगल फरीदाबाद और एनसीआर को प्रदूषण से बचाते हैं लेकिन बीते कुछ वर्षों में दबंगों, धन्ना सेठों और भूमाफियाओं ने जंगल की जमीन पर कब्जा करके, अवैध तरीके से खरीद-फरोख्त दिखाकर कब्जा कर लिया लेकिन कान्त एन्क्लेव टूटने के बाद इनकी भी बारी आएगी.

हरियाणा सरकार नहीं कर पायी भू-माफियाओं की मदद

वकील पाराशर ने कहा कि हरियाणा सरकार और फरीदाबाद के कुछ अधिकारी इन्हे बचाते रहे लेकिन ज्यादा समय तक इन्हे बचा नहीं सके। पाराशर ने कहा कि अरावली के माफियाओं को बचाने के लिए ही हरियाणा सरकार ने पीएलपीए  ऐक्ट में बदलाव करने का प्रयास किया था ताकि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों को ठेंगा दिखाया जा सके लेकिन हरियाणा सरकार की नहीं चली और अब कांत एन्क्लेव के निर्माणों को तोडना पड़ा।

पाराशर ने कहा कि 11 सितंबर 2018 को सुप्रीम कोर्ट ने कांत एन्क्लेव पर फैसला देते हुए कहा था कि कांत एन्क्लेव की जमीन फॉरेस्ट लैंड है। जस्टिस मदन बी लोकुर और जस्टिस दीपक गुप्ता की स्पेशल बेंच ने 18 अगस्त 1992 के बाद हुए अवैध निर्माण को ढहाने का आदेश दिया था।  कोर्ट ने कहा है कि सभी निर्माणों को गिराया जाए। जमीन वापस फॉरेस्ट को दी जाए। पाराशर ने कहा कि अरावली पर अब भी अवैध निर्माण जारी हैं और कोर्ट के आदेश को अब भी ठेंगा दिखाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अरावली मामले को लेकर मैंने सुप्रीम कोर्ट में जो याचिका दाखिल की है उसमे मैंने हाल के अवैध निर्माणों के बारे में जानकारी दी है और इन निर्माणों को भी जल्द ध्वस्त करने की मांग करूंगा।

पाराशर ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट सख्त न होता तो अब तक अरावली का नामोनिशान मिट जाता। उन्होंने कहा कि कांत एन्क्लेव मामले में मैंने भी पार्टी बनने की अपील की थी और अब प्रशासन ने जो कार्यवाही की है उससे मैं कुछ हद तक संतुष्ट हूँ। उन्होंने कहा कि अरावली पर अन्य अवैध निर्माण अगर जल्द तोड़ दिए जाएँ तो कोई भी अरावली का चीरहरण करने का प्रयास नहीं करेगा।

LN पाराशर की सरकार से मांग, सबसे बड़े डकैत प्राइवेट स्कूलों की लूट रुकवाओ, इनकी जांच करवाओ

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फरीदाबाद: भारत की जनता अपनी कमाई का अधिकतर हिस्सा शिक्षा खरीदने पर खर्च करती है, प्राइवेट स्कूल वाले एक बार एडमिशन कराने पर हर साल ब्लैकमेल करते हैं और जनता की मजबूरी का फायदा उठाकर कई गुना फीस बढ़ा देते हैं, जिला बार एसोसिएशन के पूर्व प्रधान और समाजसेवी वकील एल एन पाराशर ने अधिकतर प्राइवेट स्कूलों को कलयुग का सबसे बड़ा डकैत बताया है और सरकार से इनके खिलाफ कार्यवाही की मांग की है.

एडवोकेट पाराशर ने कहा  कि प्रदेश सरकार व शिक्षा विभाग की इसी खामोशी के कारण निजी स्कूलों की मनमानी को मूक समर्थन मिल रहा है यही कारण है कि  निजी स्कूल मनमानी से बाज नहीं आ रहे हैं। 

पाराशर के मुताबिक़  जहां इन स्कूलों के द्वारा फीसों में भारी बढ़ोतरी की जा रही है वहीं आई कार्ड के नाम पर भी ठगी की जा रही है। पाराशर ने कहा कि यह खुली लूट है व निजी स्कूलों की शैक्षणिक अराजकता है। इस तरह यह निजी स्कूलों की मनमानी है। पाराशर ने फरीदाबाद की जनता से अपील की है कि इस लूट  किसी भी सूरत में बर्दाश्त न करें और अगर किसी स्कूल में लूट की दुकान खुली देखें तो मेरे पास उसकी तस्वीरें व् वीडियो भेजें मैं उन लुटेरों को कोर्ट में घसीटूंगा। पाराशर ने कहा कि शहर के कई स्कूल ऐसे हैं जो किसी संस्था के नाम पर हैं और इन संस्थाओं के लोगों ने सरकार से बहुत कम कीमत पर जमीन ली और वहां स्कूल चला रहे हैं और जनता को ठग रहे हैं। 

पाराशर के कहा कि आंकड़ा लगाया जाए तो इन दिनों में हर घर से कम से कम 10000 रूपये औसतन इन लुटेरों के पास जायेंगे क्यू कि किसी किसी घर से कई कई बच्चे इन स्कूलों में पढ़ते हैं और बहुत कम छात्र ही सरकारी स्कूल पहुँचते हैं और किसी-किसी निजी स्कूल में एक लाख रूपये से काफी ज्यादा दाखिला चार्ज है। पाराशर ने कहा कि कॉपी, किताब, जूते, जुर्राब, ड्रेस सहित कई अन्य तरीके से ये स्कूल जनता को लूट रहे है। उन्होंने कहा कि हरियाणा की जनसख्या लगभग ढाई करोड़ है और कम से कम 50 लाख छात्र निजी स्कूलों में पढ़ते हैं और दस हजार से आंकड़ा लगाया जाए तो इन्ही दिनों निजी स्कूलों के पास यहाँ की जनता का लगभग 50 अरब रूपये इन स्कूलों वालों के पास जायेगा। पाराशर ने कहा ये एक बहुत बड़ी लूट है और शिक्षा माफिया इस समय देश के सबसे बड़े लुटेरे है। उन्होंने कहा कि सरकार की कमी के कारण सरकारी स्कूलों की हालत ख़राब हो रही है जिसका फायदा निजी स्कूल वाले उठा रहे हैं। 

मॉल के सिनेमाघर कई गुना मंहगा बेचते हैं खाने पीने के सामान, LN पाराशर की टीम करेगी कार्यवाही

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फरीदाबाद: जिले के समाजसेवी और वकील एल एन पाराशर ने मॉल के सिनेमाघरों की लूट के खिलाफ अभियान शुरू किया है. वकील पाराशर की टीम मीडिया के साथ सिनेमाघरों पर छापे मारेगी और लूटने वालों के खिलाफ FIR दर्ज करवाई जाएगी.

वकील एल एन पाराशर ने बताया कि हमें सूचना मिली है - मॉल के सिनेमाघर जनता को खाने पीने की चीजें अन्दर नहीं ले जाने देते, जनता को भूखा प्यारा रखकर उन्हें अपने खाने पीने के सामान खरीदने को मजबूर किया जाता है, 10 रुपये की चीज 100 रुपये में बेची जाती है, यह जनता के साथ जबरदस्ती और गैरकानूनी वसूली है.

उन्होंने बताया कि लूट चाहे एक रुपये की हो या एक करोड़ की, वह लूट ही होती है, हमने तीन रुपये के लिए टोल वालों पर FIR दर्ज करवा दी थी, अब हम मल्टीप्लेक्स के सिनेमाघरों की लूट के खिलाफ अभियान चलाएंगे, यह भी चेक करेंगे कि कहीं MRP से अधिक रेट तो नहीं वसूला जाएगा, इसकी भी जांच की जाएगी कि खाने पीने का सामान कहाँ और किस कंपनी से लाया जा रहा है, फ़ूड विभाग से भी हम छापेमारी करने की मांग करेंगे ताकि खाने पीने के सामानों की गुणवत्ता चेक की जा सके, इसके अलावा इनकम टैक्स से भी कार्यवाही करने की मांग की जाएगी.

वकील एल एन पाराशर ने बताया कि हम सिनेमाघरों को सुधरने और लूट रोकने की सलाह दे रहे हैं, तय MRP पर ही खाने पीने की चीजें बेचें, अगर हमने किसी को भी गैर-कानूनी कार्य करते पकड़ लिया तो उसके खिलाफ FIR दर्ज करवाकर कानूनी कार्यवाही की जाएगी, बेहतर यही है कि जनता के साथ की जा रही लूट बंद की जाय.

फरीदाबाद विधानसभा, सेक्टर-19 में रोड किनारे लगा कूड़े का ढेर, MCF और नेताओं पर भड़के LN पाराशर

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फरीदाबाद: शहर में अब भी जगह जगह गंदगी और कूड़े का ढेर लगा है। सफाई व्यवस्था का बुरा हाल है जबकि कम से कम त्योहारों पर तो नगर निगम को शहर से कूड़े वगैरा उठा लेना चाहिए लेकिन निगम कामचोर है जिस कारण जगह जगह गंदगी से लोगों का जीना मुहाल है। ये कहना है बार एसोशिएशन के पूर्व प्रधान एवं न्यायिक सुधार संघर्ष समिति के अध्यक्ष एडवोकेट एल एन पाराशर का जिन्होंने आज होली के दिन शहर में सफाई व्यवस्था का जायजा लिया और कहा कि अगर निगम अब भी नहीं सुधरा और त्यौहार मे पर भी लोग नरकीय जीवन जीने पर मजबूर हैं।

वकील पाराशर ने कहा कि मैंने बायपास रोड पर कई किलोमीटर तक कूड़े के कई ढेर देखे। सेक्टर 19 के पास कूड़े का अम्बार लगा हुआ है। उन्होंने कहा कि फरीदाबाद नगर निगम के अधिकारी सबसे लापरवाह हैं और शहर को सड़ा रहे हैं।

सुबह अचानक फरीदाबाद तहसील पहुंचे वकील LN पाराशर, मची अफरा-तफरी, VIDEO देखें

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फरीदाबाद: शहर की तहसीलों में अब भी सब कुछ गलत हो रहा है जहाँ गरीब धक्के ख़ा रहे हैं और मोटी रिश्वत देने वालों की रजिस्ट्रियां फ़टाफ़ट हो जाती हैं। ये कहना है बार एसोशिएशन के पूर्व प्रधान एवं न्यायिक सुधार संघर्ष समिति के अध्यक्ष एडवोकेट एल एन पाराशर का जिन्होंने सोमवार फिर फरीदाबाद की तहसील का दौरा किया। वकील पाराशर ने बताया कि तहसील में दलालों का बोलबाला है। उन्होंने कहा कि तहसील में मुझे उत्तर प्रदेश के लखनऊ से आये कुछ लोगों ने बताया कि वो पिछले तीन वर्किंग डे से यहाँ रजिस्ट्री के लिए धक्के खा रहे हैं जबकि यहाँ के दलाल फ़टाफ़ट रजिस्ट्रियां करवा रहे हैं।

पाराशर ने कहा कि मैंने दौरा किया तो देखा कि तहसील में तहसीलदार सहित कोई स्टाफ नहीं था जिसकी शिकायत मैंने जब एसडीएम से की तो कुछ देर बाद तहसीलदार और तहसील के स्टाफ के लोग तहसील में पहुंचे। उन्होंने कहा कि उस समय तहसील में कई दर्जन लोग खिड़की के बाहर खड़े थे लेकिन तहसील में स्टाफ न होने से वो परेशान थे। वकील पाराशर का कहना है कि फरीदाबाद की तहसील तो दिखावे के लिए है यहाँ का स्टाफ बाहर बैठकर रजिस्ट्री का काम करता है। उन्होंने कहा कि तहसीलदार अपने दफ्तर में कम गुप्त दफ्तर में ज्यादा बैठते हैं जहाँ दलाल उन्हें चढ़ावा चढ़ाते हैं और वहीं से बैठकर वो रजिस्ट्री पर हस्ताक्षर करते हैं।

वकील पाराशर ने कहा कि फरीदाबाद की तहसीलों में बिना रिश्वत दिए कोई काम नहीं होता। उन्होंने कहा कि पैसे वाले यहां एक एक स्टैम्प से दो-दो बार रजिस्ट्रियां करवा लेते हैं, उस पर लाखों रूपये का लोन भी ले लेते हैं जिसका खुलासा मैं पिछले माह सबूत सहित कर चुका हूँ लेकिन अब तक किसी भ्रष्ट अधिकारी पर की कार्यवाही नहीं की गई जिस कारण तहसील में अब भी भ्रष्टाचार का बोलबाला है।

पाराशर ने कहा कि यहाँ फर्जी रजिस्ट्री, फर्जी जीपीए से रजिस्ट्री, फर्जी स्टाम्प पेपर से रजिस्ट्री सब जारी है। उन्होंने कहा कि लगता है ऊपर से नीचे तक के अधिकारी भ्रष्ट हैं इसलिए भ्रष्टों पर कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है। पराशर ने कहा कि फरीदाबाद की तहसीलों में हर रोज कई कई लाख रूपये की रिश्वत ली जा रही है। उन्होंने कहा कि गरीब आदमी 50 गज के प्लाट की रजिस्ट्री के लिए यहाँ धक्के खाता रहता है और दो नंबर के लोग तुरंत रजिस्ट्री करवा लेते हैं।

भू माफियाओं से मिले हुए हैं अधिकारी, वरना ये अरावली पर एक ईट भी ना लगा पाते: LN पाराशर

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फरीदाबाद: शहर में न को प्रशासन नाम की चीज है और न ही विपक्ष जिस कारण शहर पर कई तरह के माफिया राज कर रहे हैं और फरीदाबाद में हर तरह का गलत काम जारी है। कहीं हूडा के अधिकारी बड़ा गड़बड़झाला कर रहे हैं तो कहीं नगर निगम के, कहीं वन विभाग के अधिकारी तो कहीं खनन विभाग के अधिकारी अपना उल्लू सीधा करने में जुटे हैं। ये कहना है बार एसोशिएशन के पूर्व अध्यक्ष एवं न्यायिक सुधार संघर्ष समिति के अध्यक्ष एडवोकेट एल एन पराशर का जिन्होंने दावा किया है कि फरीदाबाद को सत्ताधारी नेता, विपक्षी नेता, कई विभागों के अधिकारी और माफिया मिलकर लूट रहे हैं।

पाराशर ने कहा कि शहर में कई पार्टियों के नेता हैं, अरावली दो दशकों से अब तक लुट रही है किसी पार्टी के नेता ने आवाज नहीं उठाई जिससे लगता है कि ये सब माफियाओं से मिले हुए हैं। उन्होंने कहा कि वे लगभग एक साल से अरावली के माफियाओं के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं, कई तरह के सबूत दिखा रहे हैं। कई माफियाओं पर एफआईआर तक दर्ज हो चुकी है लेकिन फरीदाबाद के विपक्ष ने कभी किसी गलत काम के खिलाफ आवाज नहीं उठाई जिसका खामियाजा फरीदाबाद के लगभग 25 लाख लोग झेल रहे है। शहर को सबसे प्रदूषित शहर का ख़िताब कई बार मिल चुका है और इस प्रदूषण के जिम्मेदार सत्ता और विपक्ष के नेता हैं।

पराशर ने कहा कि विपक्ष का काम होता है कि सत्तापक्ष के हर उस गलत काम के खिलाफ आवाज उठाना जिससे जनता को किसी तरह की समस्या आती हो लेकिन फरीदाबाद का विपक्ष अपनी राह से भटक गया है। उन्होंने कहा अगर विपक्ष अपना काम ईमानदारी से करता तो सत्तापक्ष के लोग शहर में कोई गलत काम न करवा पाते। उन्होंने कहा कि शहर की कुछ समाजसेवी संस्थाएं समय-समय पर आवाज उठाती रहती हैं लेकिन उन्हें जनता का साथ बहुत कम मिल पाता है और उनकी आवाज दब जाती है। पाराशर ने कहा कि शहर के माफियाओं के खिलाफ मेरी जंग जारी रहेगी।