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Faridabad: 9-12 तक के विद्यार्थी आ सकते हैं विद्यालय लेकिन इन सब शर्तों का करना होगा पालन, पढ़ें

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फरीदाबाद, 19 सितम्बर। उपायुक्त यशपाल के दिशा-निर्देशानुसार कोविड-19 के कोऑर्डिनेटर डॉ. एम.पी. सिंह ने एमएचए (मिनिस्ट्री ऑफ होम अफेयर्स) द्वारा जारी की गई एसओपी (स्टैंड ओपरेटिंग पोसिजर) के बारे में राजकीय बालिका वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय एनआईटी फरीदाबाद में जागरूकता के लिए एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया। 

इस सेमीनार में उन्होंने कहा कि नौवीं से बारहवीं तक के विद्यार्थी वॉयलेएंट्री बेसिस पर अपने माता-पिता की अनुमति से अध्यापकों का मार्गदर्शन प्राप्त करने के लिए विद्यालय आ सकते हैं। लेकिन इन्हें दो गज की दूरी बनाकर रखनी होगी तथा मुंह पर मास्क लगाना अनिवार्य होगा। साबुन से हाथों को धोने का प्रावधान विद्यालय में होगा तथा गेट पर सैनिटाईजर, डिस्पेंसर होगा ताकि सभी विद्यार्थी और अध्यापक अपने हाथों को सैनिटाईज करने के बाद ही अपने कक्षा में जा सके इसके साथ थर्मल स्क्रीनिंग भी उनकी गेट पर की जाएगी। यदि किसी को छींक आती है या खांसी होती है तो उसके लिए अध्यापकों को सुपरविजन करना होगा तथा अति शीघ्र जिला प्रशासन की हेल्पलाइन 1950 या राज्य की हेल्पलाइन 1075 पर सूचना देनी होगी यदि कोई विद्यार्थी या अध्यापक बीमारी की स्थिति में विद्यालय आते हैं तो उन्हें तुरंत सरकारी अस्पताल को बताना होगा। 

डॉ. एम.पी. सिंह ने कहा कि कंटेनमेंट जोन में रहने वाले विद्यार्थी और अध्यापकों को विद्यालय नहीं आना चाहिए जिन विद्यालयों में क्वारेंटाइन सेंटर बना हुआ है। उनको प्रतिदिन सैनिटाईज करना होगा तथा विद्यालय में 50 फ़ीसदी अध्यापकों को ही मार्गदर्शन देने के लिए बुलाना होगा, बुलाने से पहले उनका कोविड टेस्ट होना अनिवार्य है। किसी भी अध्यापक और विद्यार्थी को सार्वजनिक स्थान पर थूकना बिल्कुल मना है। सभी मोबाइलों में आरोग्य सेतु एप होना अनिवार्य है। 

उन्होंने कहा कि पुस्तकालय प्रयोगशाला व कॉमन यूटिलिटी एरिया को 1%  सोडियम हाइपोक्लोराइड सॉल्यूशन से सैनिटाईज करना होगा बायोमेट्रिक, अटेंडेंस की बजाए किसी अन्य तरीके को हाजिरी के लिए अपनाना होगा,  हाउस कीपर, सेवादार प्रशिक्षित होने चाहिए ताकि वेस्टमैट्रियल और डिस्पोजल को सावधानीपूर्वक उठा सकें और संक्रमण से बच सकें,  टॉयलेट बाथरूम की विशेष साफ-सफाई का ध्यान रखना होगा। 

इसके अलावा उन्होंने कहा कि अपनी सुरक्षा में ही सभी की सुरक्षा है, उन्होंने कहा कि अभिवादन के लिए हमें हाथ नहीं मिलाने चाहिए और गले भी नहीं लगना चाहिए, किसी का भोजन शेयर करके प्यार नहीं जताना चाहिए, पानी की बोतल भी अपनी अलग ही होनी चाहिए, अपनी पुस्तक व कलम अन्य किसी को नहीं देनी चाहिए, किसी दूसरे की कुर्सी का भी प्रयोग नहीं करना चाहिए एक दूसरे के पास तभी जाना चाहिए जब बहुत जरूरी हो अन्यथा एवॉइड करना चाहिए। जागरूकता ही इस कोरोना वायरस का बचाव है। 

मार्गदर्शन करते व पढ़ाते समय विशेष एहतियात बरतने की जरूरत है। पढ़ाई से संबंधित सामग्री जैसे डस्टर, मारकर, चौक अपना अपने पास ही रखें बार-बार किसी के हाथ नहीं लगने चाहिए। इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य संजीव चावला ने डॉ. एम.पी. सिंह का स्वागत किया तथा विद्यालय की वाइस प्रिंसिपल रसायन विज्ञान की प्रवक्ता पूनम ने महत्वपूर्ण जानकारियों व मार्गदर्शन देने के लिए डॉ. एम.पी. सिंह का आभार जता कर उन्हें आश्वस्त किया कि स्कूल प्रबंधन एमएचए (मिनिस्ट्री ऑफ होम अफेयर्स) तथा जिला प्रशासन के द्वारा जारी दिशा-निर्देशों की अनुपालना के साथ ही भविष्य में काम करेंगे।

उपमंडल अधिकारी का शिक्षकों को आदेश, बच्चों को ऑनलाइन ढंग से पढ़ाएं, सब कुछ अच्छे से समझाएं

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फरीदाबाद, 15 सितम्बर। उपमंडल अधिकारी (ना.) फरीदाबाद जितेंद्र कुमार ने कहा कि कोरोना महामारी के बाद हम आपातकाल की स्थिति में है। इस तरह की स्थिति में बच्चों को शिक्षित करना हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। इसी जिम्मेदारी को समझते हुए हमें ऑनलाईन तरीके से प्रत्येक विद्यार्थी तक कक्षा का लाभ पहुंचाना है। उपमंडल अधिकारी (ना.) फरीदाबाद मंगलवार को लघु सचिवालय के छठे तल स्थित कॉन्फ्रेंस हाल में शिक्षा विभाग की सक्षम योजना की समीक्षा कर रहे थे।

उपमंडल अधिकारी (ना.) फरीदाबाद ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह सभी शिक्षकों को निर्देश दें कि वह अपनी कक्षा के बच्चों को ऑनलाईन ढंग से पढ़ाएं। जिन बच्चों के पास स्मार्टफोन नहीं हैं उनके लिए किसी रिश्तेदार के स्मार्टफोन या अन्य सुविधा देने के लिए शिक्षा मित्रों की संख्या भी बढ़ाई जाए। उन्होंने कहा कि यह एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है और हमें इसे गभीरता से निभाना है। उन्होंने कहा कि कुछ बच्चों के परिजनों के पास स्मार्टफोन होता है। ऐसे में हम शाम के समय की कक्षाएं भी आयोजित कर सकते हैं।

मीटिंग में निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि हमें ऑफलाईन व ऑनलाईन कक्षा में कोई भी अंतर नहीं रखना है। इस दौरान शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि फरीदाबाद ब्लॉक सक्षम घोषित हो चुका है। अब अगले चरण में सीसीटी (क्रिएटिव एंड क्रिटिकल थिंकिंग) स्तर की तरफ आगे बढऩा है। इस स्तर में सातवीं, आठवीं व नवीं कक्षा के विद्यार्थियों को लिए हिंदी, विज्ञान व गणित विषय को शामिल किया गया है। इन विषयों को बच्चे बेहतर ढंग से कैसे समझ सकते हैं। शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि अध्यापकों के लिए इस संबंध में उन्मुखीकरण (ओरियंटेशन) कार्यक्रम भी शुरू किया गया है। शिक्षा विभाग द्वारा इस पूरे कार्यक्रम को लेकर एक पावर प्वाइंट प्रोजेंटेशन भी मीटिंग में दी गई।

इस पर उपमंडल अधिकारी (ना.) फरीदाबाद जितेंद्र कुमार ने कहा कि शिक्षा विभाग के सभी अधिकारी, एआरसी व एबीआरसी सभी अध्यापकों को इस कार्य के लिए जागरूक करें। अध्यापक पोटर्ल पर दिए गए सेलेबस को अवश्य पढ़ें ताकि इसका लाभ विद्यार्थियों को मिल सके। उन्होंने कहा कि बच्चों की प्रत्येक समस्या का समाधान करना हमारा कर्तव्य है और हमें इसे प्रत्येक स्थिति में पूरा करना है। मीटिंग में मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगी रूपाला सक्सेना, खंड शिक्षा अधिकारी फरीदाबाद जोगेंद्र कौर, खंड शिक्षा अधिकारी बल्लभगढ़ अंजू मान, विभिन्न स्कूलों के प्राचार्यों सहित शिक्षा विभाग व डाईट पाली के अध्यापक भी मौजूद थे।

MDU की यूजी-पीजी परीक्षा के मद्देनजर परीक्षा केंद्रों के आस-पास धारा 144 लागू

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फरीदाबाद, 15 सितम्बर। जिला मजिस्ट्रेट यशपाल ने महर्षि दयानंद विश्विद्यालय (एमडीयू) की 15 सितंबर से शुरू होने वाली यूजी व पीजी कक्षाओं की सेमेस्टर व वार्षिक परीक्षा के मद्देनजर धारा 144 के तहत आदेश जारी किए हैं।

अपने आदेशों में जिला मजिस्ट्रेट ने कहा कि एमडीयू की यूजी व पीजी की वार्षिक व सेमेस्टर परीक्षाएं 15 सितंबर 2020 से दो सत्रों में शुरू हो रही हैं। इनमें प्रात:कालीन सत्र सुबह 10:00 बजे से 11:45 बजे तक और सांयकालीन सत्र दोपहर 2:00 बजे से 3:45 बजे तक आयोजित किया जाएगा। 

इस दौरान परीक्षा केंद्रों के आस-पास व्यक्तियों के किसी भी तरह के आवागमन पर पाबंदी रहेगी। इसके अलावा 100 मीटर के दायरे में सभी फोटोस्टेट व फैक्स की सुविधा भी पूरी तरह से बंद रहेगी। यह आदेश 15 सितंबर 2020 से परीक्षा संपन्न होने तक लागू रहेंगे।

कई अभिभावकों ने प्राइवेट स्कूलों से बच्चों के नाम कटवाकर मॉडल सरकारी स्कूलों में करवाया दाखिला

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फरीदाबाद, 13 सितम्बर: लॉकडाउन में प्राइवेट स्कूलों की लूट को देखते हुए अब फरीदाबाद कई अभिभावक प्राइवेट स्कूलों से अपने बच्चों के नाम कटवाकर मॉडल सरकारी स्कूलों में अपने बच्चों का दाखिला शुरू करवा दिया है, लोग समझ गए हैं कि प्राइवेट स्कूलों की लूट से बचने के लिए यही एकमात्र तरीका है. फरीदाबाद NIT 2 के बॉयज एंड गर्ल सरकारी स्कूल भी राजकीय मॉडल संस्कृति प्राथमिक विद्यालय घोषित किये गए हैं जहाँ पर दाखिले अचानक बढ़ गए हैं.

आपको बता दें कि हरियाणा सरकार ने 1000 सरकारी स्कूलों को राजकीय मॉडल संस्कृति प्राथमिक विद्यालय घोषित कर दिया है, इसी महानें सितम्बर 2020 से इन स्कूलों में दाखिला शुरू हो जाएगी। 

सरकार के आदेश के अनुसार इन विद्यालयों में अंग्रेजी मीडियम से पढ़ाई होगी और इनके बच्चों के पढ़ाने के लिए 500 रुपये दाखिला फीस और 200 रुपये मंथली फीस निर्धारित की गयी है.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि हरियाणा सरकार ने राज्य में 1000 राजकीय मॉडल संस्कृति प्राथमिक विद्यालयों की लिस्ट जारी कर दी है, जल्द ही स्कूलों के नाम बदलकर राजकीय मॉडल संस्कृति प्राथमिक विद्यालय रख दिया जाएगा। फरीदाबाद जिले में भी 85 स्कूलों को मॉडल स्कूल बनाया गया है देखिये पूरी लिस्ट - 


आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अब तक अधिकतर लोग यह सोचकर सरकारी स्कूलों में अपने बच्चों का दाखिला नहीं करवाते थे कि वहां पर कोई फीस नहीं है और सिर्फ हिंदी मीडियम से ही पढ़ाई होती है, सरकार ने ऐसे लोगों की सोच में बदलाव करते हुए फीस भी लगा दी है और अंग्रेजीं मीडियम से पढ़ाई शुरू कर दी है, अब शायद लोग निजी स्कूलों में हर महीनें 5 से 15 हजार फीस और लाखों रुपये दाखिला फीस देने के बजाय सरकारी स्कूलों में अपने बच्चों को पढ़ाना पसंद करें।

देखिये सरकारी आर्डर




आपकी जानकारी के लिए बता दें कि लॉक डाउन में अधिकतर लोगों की आर्थिक स्थिति खराब हुई है इसलिए लोग निजी स्कूलों में मंहगी फीस नहीं भर पा रहे हैं और रोजाना कई स्कूलों के बाहर प्रदर्शन हो रहे हैं. ऐसे में सरकारी स्कूल जनता के लिए वरदान साबित हो सकते हैं बसर्ते उनमें भी अच्छी पढ़ाई हो.

ITI में पढ़ने वाले छात्रों के कौशल को और निखारने के लिए बनाया गया प्लान

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फरीदाबाद 11 सितम्बर। आईटीआई में पहले सीटीएस के तहत प्रशिक्षण प्रदान किया जाता रहा है। जिसके कारण उद्योगों की मांग व आईटीआई द्वारा प्रशिक्षित किए जाने वाले प्रशिक्षुओं की स्किल में बड़ा अंतर रहता है।  

यह जानकारी आईटीआई के सम्बंधित अधिकारी ने आज यहाँ देते हुए बताया कि इस अंतर को आधुनिक तकनीक का प्रशिक्षण प्रदान करके दूर करने के लिए विभिन्न उद्योगों  के साथ दोहरी प्रशिक्षण प्रणाली के तहत एम ओ यू किए गए हैं। इस प्रणाली के अंतर्गत औद्योगिक प्रतिष्ठानों की सहभागिता से औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में प्रशिक्षणरत छात्र-छात्राओं को बेहतर व्यवहारिक प्रशिक्षण उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से पाठ्यक्रम के अनुसार प्रैक्टिकल ट्रेनिंग संस्थान में न करवाते हुए इंडस्ट्री परिसर मे करवाई जाती है। 

उन्होंने बताया कि इस प्रकार दोहरी प्रशिक्षण प्रणाली मे पाठ्यक्रम अनुसार केवल थ्योरी भाग का अध्ययन ही संस्थान स्तर पर करवाया जाता है प्रैक्टिकल ट्रेनिंग इंडस्ट्रीज प्रीमिसिज में होने के कारण प्रशिक्षण रत छात्र छात्राओं को अपनी प्रशिक्षण अवधि के दौरान ही उद्योगों एवं आधुनिक मशीनरी पर कार्य करने का अनुभव प्राप्त हो जाता है। जो उन्हें भविष्य में रोजगार के अधिक से अधिक अवसर प्रदान करवाने में सहायक सिद्ध होता है, और उद्योगों को भी जरूरत के मुताबिक प्रशिक्षित मैनपावर मिल जाती है। इस स्कीम के तहत सत्र 2018 19 में फरीदाबाद जिले में इकलौता एमओयू जेबीएम ऑटो लिमिटेड के साथ वेल्डर व्यवसाय के लिए किया गया था। जिसकी सफलता के परिणाम स्वरूप सत्र 2019 20 में 8 व्यवसायों की 13 यूनिट का एमओयू 7 उद्योगों के साथ किया गया जिसके तहत प्रशिक्षण पूरा कर चुके छात्र छात्राओं को 100% प्लेसमेंट ऑफर संबंधित उद्योगों द्वारा प्रदान कर दिया गया है। 

उन्होंने बताया कि इसके अतिरिक्त सत्र 2020 21 में भी 22 यूनिटों का एमओयू विभिन्न उद्योगों के साथ किया गया है। जिस की सूची दाखिला पोर्टल पर उपलब्ध है, साथ ही कौशल विकास एवं औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग हरियाणा सरकार द्वारा आईटीआई में दाखिला लेने के इच्छुक छात्रों की सुविधा हेतु स्टार रेटिंग पोर्टल शुरू किया गया है। जिसके माध्यम से छात्र-छात्राएं दाखिला लेने से पूर्व यह सुनिश्चित कर सकता है की किस संस्थान की कितनी स्टार रेटिंग है व उसे किस संस्थान में उन्नत किस्म का प्रशिक्षण प्राप्त हो सकता है व साथ ही प्रशिक्षण उपरांत उसे कहां से अच्छा जोब ऑफर प्राप्त हो सकता है।

उन्होंने बताया कि  इस संबंध में जिला मुख्यालय पर तैनात सुशासन सहयोगी रुपाला सक्सेना द्वारा भी जिले में चल रहे सभी सरकारी आईटीआई यों के प्रिंसिपल के साथ बैठक का आयोजन किया गया जिसमें सभी प्रिंसिपल को अपनी-अपनी आईटीआई यों के अंदर चल रहे व्यवसायओं का डीएसटी एमओयू कराने के निर्देश दिए गए साथ ही दाखिले  का प्रचार प्रसार करने के निर्देश पारित किए।

Rs 500 दाखिला, Rs 200 फीस, अब प्राइवेट के बजाय सरकारी स्कूलों में बच्चों को पढ़ा सकते हैं लोग

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फरीदाबाद, 9 सितम्बर: हरियाणा सरकार ने 100 सरकारी स्कूलों को राजकीय मॉडल संस्कृति प्राथमिक विद्यालय घोषित कर दिया है, इसी महानें सितम्बर 2020 से इन स्कूलों में दाखिला शुरू हो जाएगी। 

सरकार के आदेश के अनुसार इन विद्यालयों में अंग्रेजी मीडियम से पढ़ाई होगी और इनके बच्चों के पढ़ाने के लिए 500 रुपये दाखिला फीस और 200 रुपये मंथली फीस निर्धारित की गयी है.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि हरियाणा सरकार ने राज्य में 1000 राजकीय मॉडल संस्कृति प्राथमिक विद्यालयों की लिस्ट जारी कर दी है, जल्द ही स्कूलों के नाम बदलकर राजकीय मॉडल संस्कृति प्राथमिक विद्यालय रख दिया जाएगा। फरीदाबाद जिले में भी 85 स्कूलों को मॉडल स्कूल बनाया गया है देखिये पूरी लिस्ट - 


आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अब तक अधिकतर लोग यह सोचकर सरकारी स्कूलों में अपने बच्चों का दाखिला नहीं करवाते थे कि वहां पर कोई फीस नहीं है और सिर्फ हिंदी मीडियम से ही पढ़ाई होती है, सरकार ने ऐसे लोगों की सोच में बदलाव करते हुए फीस भी लगा दी है और अंग्रेजीं मीडियम से पढ़ाई शुरू कर दी है, अब शायद लोग निजी स्कूलों में हर महीनें 5 से 15 हजार फीस और लाखों रुपये दाखिला फीस देने के बजाय सरकारी स्कूलों में अपने बच्चों को पढ़ाना पसंद करें।

देखिये सरकारी आर्डर




आपकी जानकारी के लिए बता दें कि लॉक डाउन में अधिकतर लोगों की आर्थिक स्थिति खराब हुई है इसलिए लोग निजी स्कूलों में मंहगी फीस नहीं भर पा रहे हैं और रोजाना कई स्कूलों के बाहर प्रदर्शन हो रहे हैं. ऐसे में सरकारी स्कूल जनता के लिए वरदान साबित हो सकते हैं बसर्ते उनमें भी अच्छी पढ़ाई हो.

अब सरकारी स्कूलों में भी होगी प्राइवेट स्कूलों जैसी पढ़ाई, दाखिला फीस + मंथली फीस भी लगेगी, पढ़ें

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फरीदाबाद, 7 सितम्बर: हरियाणा के सरकारी स्कूलों में भी अब प्राइवेट स्कूलों की तरह अंग्रेजी मीडियम से पढ़ाई होगी और दाखिला फीस (500 Rs) के अलावा मंथली फीस (200 Rs) भी ली जाएगी हालाँकि गरीब लोगों को फीस में कुछ रियायत मिलेगी। यह व्यवस्था फिलहाल राज्य के 1000 स्कूलों में शुरू होगी और बाद में धीरे धीरे सभी स्कूलों में यह व्यवस्था लागू हो जाएगी।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि हरियाणा सरकार ने राज्य में 1000 राजकीय मॉडल संस्कृति प्राथमिक विद्यालयों की लिस्ट जारी कर दी है, जल्द ही स्कूलों के नाम बदल दिए जाएंगे। फरीदाबाद जिले में भी 85 स्कूलों को मॉडल स्कूल बनाया गया है देखिये पूरी लिस्ट - 


हरियाणा सरकार ने इन विद्यालयों को लेकर आज दिशानिर्देश जारी किये हैं जिसे राज्य के हर नागरिक को पढ़ना चाहिए और इसका फायदा भी जरूर उठाना चाहिए। नीचे फोटो में पूरी जानकारी दी गयी है.







एक स्कूल के बच्चों ने बनाया सामाजिक दूरी का अलर्ट देने वाला E डिवाइस, पढ़ें कैसे करता है काम

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फरीदाबाद, 3 सितंबर: मॉडर्न बी.पी. पब्लिक स्कूल संजय कॉलोनी, सेक्टर 23 फरीदाबाद के छात्रों ने सोशल डिस्टेंस की चेतावनी देने वाला इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस/कार्ड बनाया है, बच्चों ने पुलिस कमिश्नर से मुलाकात कर ई- कार्ड के बारे में जानकारी दी।

मॉडर्न बी.पी. पब्लिक स्कूल के छात्र एवं छात्राओं ने सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखने के लिए एक ऐसा इलेक्ट्रॉनिक कार्ड इजाद किया है जोकि सामाजिक दूरी बनाए रखने में सक्षम है।

यह कार्ड 1 मीटर से कम दूरी होने पर किसी भी दूसरे इंसान के नजदीक आने पर अलर्ट कर देता है कि सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखें साथ ही इसमें एलईडी लाइट जलती है जो हमें चेतावनी भी देती है।

इसमें एक विशेषता यह भी है यदि कोई कोरोना संक्रमित व्यक्ति हमारे आस पास आता है, जिसने अपने आप को आरोग्य सेतु एप द्वारा अपडेट किया हुआ है तो इस पर लगी एक एलईडी लाईट अपने आप जलने लगती है, जो हमें अलर्ट कर देती है और इसमें एक स्पीकर लगाया गया है, जो वॉइस मैसेज द्वारा चेतावनी देता है।

वायरस से बचाव के लिए डिवाइस को लेकर विद्यार्थी आज पुलिस आयुक्त कार्यालय सेक्टर 21 सी पहुंचकर पुलिस कमिश्नर ओपी सिंह से मुलाकात की और उनको पुलिस कर्मियों की सहायता के लिए डिवाइस के बारे में बताया।

बच्चों ने बताया कि पुलिसकर्मी फील्ड में नौकरी करते हैं जो कि प्रतिदिन भिन्न-भिन्न लोगों से मिलते हैं तो उनमें कोरोनावायरस होने का खतरा ज्यादा बना रहता है इसको लेकर उन्होंने यह डिवाइस डिवेलप किया है।

पुलिस कमिश्नर श्री ओपी सिंह ने बच्चों को उनके द्वारा बनाए गए डिवाइस के लिए प्रोत्साहित किया और भविष्य में इसी तरह मेहनत और लगन से काम करते रहने के लिए प्रेरित किया।

इस यंत्र को बनाने में स्कूल के चेयरमैन श्री ओपी परमार एवं प्रधानाचार्य श्री जितेंद्र परमार और भौतिकी विज्ञान के अध्यापक नवीन जोशी का योगदान रहा है, इसको तैयार करवाने में विज्ञान की अध्यापिका दीपिका नागपाल ने भी अपना सहयोग दिया है, इस यूनिक कार्ड को स्कूल के कुछ छात्र एवं छात्राओं मानसी, राघव, रितिका सिंह, कृतिका पंडित और दुष्यंत सिंह ने मिलकर बनाया है । बच्चों द्वारा किए गए इस कार्य के लिए पुलिस कमिश्नर ने उनको उनकी हौसला अफजाई कर उनको शुभकामनाएं दी।

लॉकडाउन में छात्रों को ना देनी पड़े कोई फीस, छात्र संघ एबीवीपी ने की सरकार से मांग

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फरीदाबाद 31 अगस्त: अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद फरीदाबाद ने सतबीर सिंह मान अतिरिक्त जिला उपायुक्त को 11 सूत्रीय मांगों को लेकर ज्ञापन सौंप कर शिक्षा से जुड़े विभिन्न प्रयोग पर अपने सुझाव दिए हैं। 

एबीवीपी राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य माधव रावत ने कहा कि एबीवीपी विश्व का सबसे बड़ा छात्र संगठन है जो समय-समय पर विद्यार्थियों को आ रही समस्याओं को उजागर ही नहीं करता अपितु उनके समाधान हेतु सुझाव भी देता है। आज इस महामारी की स्थिति में एबीवीपी ने विभिन्न क्षेत्रों में अग्रिम भूमिका निभाई है। 

एबीवीपी हरियाणा के शिक्षण संस्थानों में हरियाणा के छात्रों के साथ-साथ पूरे देश भर के विद्यार्थी यहां पड़ते है उन सब विद्यार्थियों की चिंताएं दिन प्रतिदिन बढ़ रही हैं। 

अभाविप हरियाणा सरकार से अपील करती है कि वे NEET, JEE और विश्वविद्यालयों की परीक्षा देने वाले छात्रों का हित ध्यान में रखते हुए उनके लिए परिवहन व्यवस्था और आवास सुविधाओं के बारे में उचित निर्णय लें। जिन संस्थानों द्वारा इस वापिस नहीं की गई है उन्हें निर्देश देकर फीस वापिस कराई जाए। तथा अभिभावकों को फीस किस्तों में जमा करने की सुविधा दी जाए। समेत अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर ज्ञापन दिया है एबीवीपी विद्यार्थियों की समस्याओं एवं उनके मनोभाव को अच्छी तरह से समझती है एवं उनकी समस्याओं के समाधान के लिए सदैव तत्पर है। हम आशा करते हैं कि छात्रों के सुझाव पर एबीवीपी द्वारा बनाए गए ज्ञापन के बिंदुओं पर विचार करेंगे तथा शीघ्र छात्रों के हितों में निर्णय लिया जाएगा।

इस अवसर पर कंचन डागर, प्रीति नागर, दीपाली कटारिया, हेमंत राघव रहे मौजूद।

DPS द्वारा ट्रांसपोर्टेशन और एनुअल चार्ज वसूले जाने का विरोध करते हुए पेरेंट्स ने किया प्रदर्शन

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 फरीदाबाद 22 अगस्त: दिल्ली पब्लिक स्कूल सेक्टर 19 में पढ़ने वाले बच्चों के पेरेंट्स ने आज मथुरा रोड पर स्कूल द्वारा ट्रांसपोर्टेशन चार्ज और एनुअल चार्ज वसूले जाने का विरोध करते हुए प्रदर्शन किया.

पेरेंट्स ने मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि कोरोना वायरस और लॉक डाउन की वजह से उन्हें आर्थिक नुकसान हो रहा है इसके बावजूद उनसे ट्रांसपोर्टेशन चार्जेस और एनुअल चार्ज वसूला जा रहा है जबकि लॉकडाउन के बाद ना तो बस में चल रही है और ना ही हमारे बच्चे स्कूल आ रहे हैं.

 पैरंट्स ने कहा कि हम स्कूल को ट्यूशन फीस देने को तैयार है लेकिन जब हमारे बच्चे स्कूल नहीं आ रहे हैं और बसें नहीं चल रही है तो हम ट्रांसपोर्टेशन चार्ज नहीं देंगे और ना ही एनुअल चार्ज देंगे.

पेरेंट्स ने कहा कि स्कूल मैनेजमेंट और प्रिंसिपल ने अभी तक हम से कोई बातचीत नहीं की है और ना ही हमारी मांगों को मानने का भरोसा दिया है इसलिए हम लोग स्कूल प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन करने को मजबूर हैं.

ABVP ने YMCA यूनिवर्सिटी से कॉलेजों को जोड़ने को लेकर शिक्षा मंत्री को सौंपा ज्ञापन

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फरीदाबाद, 17 अगस्त: अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद फरीदाबाद की इकाई ने फरीदाबाद पलवल और मेवात के कॉलेजों को जेसी बोस यूनिवर्सिटी वाईएमसीए से जोड़ने की मांग की. राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य माधव रावत के नेतृत्व में हरियाणा के शिक्षा मंत्री माननीय कंवर पाल गुर्जर को ज्ञापन सौंपा।

माधव रावत ने बताया कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने विगत 5-6 वर्षों से सभी सरकारी तथा गैर सरकारी महाविद्यालय जेसी बॉस यूनिवर्सिटी वाईएमसीए से जोड़ने की मांग करता रहा है। विद्यार्थी परिषद ने वर्ष 2018 में हरियाणा के तत्कालीन  शिक्षा मंत्री माननीय रामविलास शर्मा जी ने सभी कॉलेजों को वाईएमसीए से जोड़ने की घोषणा की थी उसके बाद गैरसरकारी महाविद्यालय को जेसी बॉस यूनिवर्सिटी वाईएमसीए से जोड़ा गया, लेकिन बाद में किसी कारण बस इस प्रक्रिया को रोक दिया गया। जिसको लेकर विद्यार्थी परिषद लगातार संघर्ष कर रही है। 

प्रदेश उपाध्यक्ष डॉक्टर आजाद वीर सिंह ने कहा विद्यार्थी परिषद की मांग है कि फरीदाबाद पलवल मेवात और नूंह के सभी सरकारी तथा गैर सरकारी कॉलेजों को वाईएमसीए से जोड़ा जाए। एमडीयू का रीजनल सेंटर स्थापित किया जाए, ताकि इसका लाभ सभी छात्रों को मिल सके, खेड़ी गुजरान कॉलेज में पीजी कोर्स चालू करने को लेकर भी मांग की गई है पीजी कोर्स ना होने के कारण छात्राएं उच्च शिक्षा ग्रहण करने से वंचित न रह सके। 

राहुल राणा ने कहा कि हमारी मांगों को जल्द से जल्द पूरा किया जाए। इस अवसर पर जिला सह संयोजक सागर चौधरी उपस्थित रहे।

घोटाला ना हुआ तो चमकेंगे फरीदाबाद के कई सरकारी स्कूल, 9 करोड़ रुपये के कई प्रोजेक्ट का शिलान्याश

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फरीदाबाद, 14 अगस्त। हरियाणा सरकार अब सरकारी स्कूलों पर ध्यान दे रही है, नयी शिक्षा नीति के बाद सरकारी स्कूलों में दाखिले बढ़ रहे हैं इसलिए हरियाणा सरकार ने सरकारी स्कूलों की इमारतों को और बेहतर बनाना शुरू कर दिया है, इसी मुहीम के तहत फरीदाबाद में कई स्कूलों में नए भवन का शिलान्याश किया गया जिसपर 9 करोड़ रुपये खर्च किये जाएंगे, अगर ये पूरे पैसे प्रोजेक्ट पर खर्च किये गए और अच्छी इमारतें बनायी गयीं तो सरकारी स्कूल चमक जाएंगे लेकिन अगर घोटाला हुआ और कमीशनखोरी की गयी तो घटिया मैटेरियल लगाकर स्कूलों का सत्यानाश कर दिया जाएगा। जनता और सरकार दोनों को इसपर ध्यान देना पड़ेगा।

हरियाणा के शिक्षा मंत्री कंवरपाल ने कहा कि गुणवत्तापरक शिक्षा के बल पर ही देश-प्रदेश की संस्कृति को संरक्षित रखा जा सकता है, इसलिए प्रदेश सरकार का प्रयास है कि स्कूलों में बच्चों को गुणवतापरक शिक्षा दी जाए। 

शिक्षा मंत्री ने यह विचार शुक्रवार को करीब नौ करोड़ रूपए की लागत से विभिन्न स्कूलों में बनने वाले नए भवनों के निर्माण कार्य की शुरूआत करने के दौरान व्यक्त किए। इस अवसर पर उनके साथ सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर भी उपस्थित थे। 

उन्होंने कहा कि समाज  के नवनिर्माण मे शिक्षा का अपना अलग महत्व होता है। प्रदेश सरकार ने गुणवत्तापरक शिक्षा को प्रभावी रूप देने के लिये अनेक शिक्षा योजनाएं शुरू की है, जिसके परिणामस्वरूप आज सरकारी स्कूलों में पहले से ज्यादा दाखिले हुए हैं। 

मॉडर्न संस्कृति स्कूल, 3 वर्ष तक के बच्चो के लिये प्ले स्कूल, स्कुलों मे पौष्टिक भोजन का वितरण जैसी योजनाओ के शामिल होने से भी निश्चित तौर पर जनाकांक्षाओं के अनुरूप सारगर्भित परिणाम सामने आयेंगे। नई शिक्षा प्रणाली की आमजन के बीच हो रही प्रशंसा भी इसी कड़ी का हिस्सा है। 

शिक्षा मंत्री ने आज गांव अनंगपुर के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में चार मंजिला भवन के निर्माण कार्य की आधारशिला रखी। इसमें 35 कमरे बनाए जाएंगे, जिसमें दिव्यांग बच्चों के लिए 4 मंजिल तक रैम्प की सुविधा भी होगी, यह भवन 18 महीने में बनकर तैयार होगा। इस पर 4 करोड 60 लाख रुपये की लागत आएगी। 

इसके साथ ही उन्होंने 65 लाख की लागत से गांव गोछी स्थित स्कूल में 10 कमरों के दो मंजिला भवन तथा गांव फरीदपुर स्कूल में 3 करोड़ 43 लाख की लागत से बनने वाले 30 कमरों के भवन व सेक्टर-7 स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सिही मेंएक करोड़ की लागत से बनने वाले गल्र्स हॉस्टल का उद्घाटन किया, इसमें 100 छात्राओं के रहने की सुविधा, वार्डन रूम, डोरमैटरी, डाइनिंग हॉल, लाइब्रेरी शामिल है। 

इस अवसर पर उन्होंने पौधारोपण भी किया और आमजन का आह्वान करते हुए कहा कि पर्यावरण के दृष्टिगत अधिक से अधिक पेड़-पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण में सभी को अपनी भूमिका का निर्वहन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में विकास के आयाम स्थापित किए जा रहे हैं। इसमें शिक्षा सुधार के साथ गुणवत्तापरक शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि शिक्षा ग्रहण करने वाले बच्चों के उज्ज्वल भविष्य को सुनिश्चित किया जा है। 

केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर ने कहा कि गुणवत्तापरक शिक्षा समाज की पहली प्राथमिकता है। केंद्र एवं प्रदेश सरकार के कुशल मार्गदर्शन में करवाए जा रहे विकास कार्यो ने आज प्रत्येक क्षेत्र से जुडे़ लोगों में नई ऊर्जा का संचार किया है, जिसकी चारों ओर सराहना हो रही है। इस अवसर पर बड़खल की विधायिका सीमा त्रिखा, विधायक राजेश नागर, विधायक नरेंद्र गुप्ता ने शिक्षा मंत्री कंवरपाल गुर्जर, केन्द्रीय सामाजिक न्यायिक अधिकारिता राज्य मंत्री का उनसे संबंधित विधानसभा मे पहुंचने पर हार्दिक स्वागत व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश व केन्द्र सरकार की सफल योजनाओं के परिणाम स्वरूप आज हर वर्ग का व्यक्ति खुशहाल जीवन व्यतीत कर रहा है। 

इस अवसर पर संबंधित क्षेत्रों के उपमंडल अधिकारी (ना) अपराजिता, पंकज सेतिया, जितेंद्र कुमार व जिला शिक्षा अधिकारी सतिंद्र वर्मा, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी शशि अहलावत, जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान पाली गौतम कुमार,  जिला परियोजना समन्वयक डॉ अब्दुल रहमान, उप जिला शिक्षा अधिकारी मनीष चैधरी, अनीता शर्मा, खण्ड शिक्षा अधिकारी इंदु गुप्ता, जिला सहायक समन्वयक जय सिंह, डॉ रुद्रदत्त, उपमंडल अभियंता दत्रारते, प्रिंसिपल राजेश कुमार, रंजना निर्मला, रमेश कुमार, निर्मला, युवा भाजपा नेता प्रेमकृष्ण आर्य, अमित आहूजा, एनके गर्ग, वजीर डागर, अनिल जैलदार, सचीन शर्मा, मंडल अध्यक्ष हरीश खटाना, सत्येंद्र पांडे, कर्मवीर बैसला, हरेंद्र भड़ाना व्यक्ति उपस्थित थे।

वर्चुअल रैली के जरिये वर्ल्ड स्टूडेंट यूनियन ने UGC के खिलाफ तीसरी बार की आवाज बुलंद

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फरीदाबाद, 29 जुलाई: कोरोना महामारी में अंतिम वर्ष परीक्षा को लेकर यूजीसी द्वारा जारी दिशानिर्देशों के विरोध में विद्यार्थियों का विरोध जारी है। इसी कड़ी में मंगलवार शाम छात्र संगठन वर्ल्ड स्टूडेंट यूनियन द्वारा वर्चुअल रैली का आयोजन किया गया जिसमें हरियाणा, दिल्ली, उत्तरप्रदेश और राजस्थान से सैकड़ों छात्रों ने हिस्सा लिया। इस वर्चुअल रैली को संगठन अध्यक्ष आशीष राजपूत ने सम्बोधित किया साथ ही लखनऊ विश्वविद्यालय, दिल्ली, भिवानी से कई छात्र नेताओं ने अपनी बात रखी।

वर्ल्ड स्टूडेंट यूनियन द्वारा वर्चुअल रैली के तीन सेशन आयोजित हो चुके हैं जिसमें चार हजार से अधिक छात्रों ने शिरकत की है। उपाध्यक्ष विकास शर्मा ने बताया कि अंतिम वर्ष परीक्षा के विरोध में सड़क से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक हमारा संघर्ष जारी है। बातचीत से लेकर वर्चुअल रैली तक सभी विकल्पों को इस्तेमाल करके छात्र यूजीसी का विरोध कर रहे हैं।

वर्चुअल मीट में डिग्री कोर्स के साथ ही डिप्लोमा व बीएड कोर्स के विद्यार्थियों ने भी अपनी समस्या साझा की। आशीष राजपूत ने कहा कि हमने सरकार के समक्ष ऑफ़लाइन एग्जाम नही कराने की स्पष्ट मांग रखी है। सरकार रिपोर्ट मेकिंग, असाइनमेंट, ओपन बुक के माध्यम से ऑनलाइन परीक्षा आयोजित करे या फिर सभी को जनरल प्रमोशन दे। छात्रों की समस्या को लेकर वर्ल्ड स्टूडेंट यूनियन द्वारा सभी जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन भेजा गया है। इसके साथ ही अन्य प्रदेशों के छात्रों के लिए भी वर्चुअल रैली का आयोजन किया जायेगा जिसमे दस हजार छात्रों को जोड़ा जायेगा।

परीक्षा विरोध: वर्ल्ड स्टूडेंट यूनियन ने वर्चुअल रैली के जरिये यूजीसी के खिलाफ खोला मौर्चा

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फरीदाबाद, 28 जुलाई: कोरोना महामारी में अंतिम वर्ष परीक्षा को अनिवार्य रूप से कराने के यूजीसी के फैसले के खिलाफ छात्रों का विरोध प्रदर्शन जारी है। इसी क्रम में सोमवार को छात्र संगठन वर्ल्ड स्टूडेंट यूनियन द्वारा वर्चुअल रैली का आयोजन किया गया।  इस वर्चुअल रैली में सैकड़ों छात्रों को संगठन छात्र नेताओं ने सम्बोधित किया और यूजीसी व केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय के खिलाफ अपना विरोध जाहिर किया। 

संगठन अध्यक्ष छात्र नेता आशीष राजपूत ने कहा कि महामारी में ऑफ़लाइन एग्जाम किसी भी प्रकार से मंजूर नही है। परिस्थिति अनुकूल मास प्रमोशन का फैसला ही छात्र हित में है। छात्र इस देश का भविष्य हैं और उनकी जान को खतरे में डालना इस राष्ट्र को बर्बादी की तरफ ले जाना है। संगठन प्रोफेशनल कोर्स के लिए ऑनलाइन एग्जाम जिसमे रिपोर्ट मेकिंग, असाइनमेंट, ओपन बुक के रूप में परीक्षाओं का समर्थन करता आया है लेकिन ऑफ़लाइन एग्जाम का विरोध है। इसके साथ ही छात्र नेता सचिन कौशिक, प्रवीण ने भी छात्रों को सम्बोधित किया।

कोरोना महामारी से बदली परिस्थितियों में छात्रों ने भी वर्चुअल तरीके से प्रदर्शन का तरीका अपनाया है। वर्ल्ड स्टूडेंट यूनियन की प्रिया ने बताया कि अलग अलग सेशन के जरिये दो से तीन हजार छात्रों को साथ लाने का कार्य किया जा रहा है। इस वर्चुअल मीट में पवन मुदगल , निधिश , दिनेश, ज्योति, आरती ने अहम भूमिका निभाई। संगठन के अनुसार हरियाणा के चरखी दादरी, भिवानी, हिसार, फरीदाबाद, यमुनानगर, पानीपत समेत लगभग सभी जिलों के छात्र जुड़े और आगे होने वाले सेशन में भी जुड़ेंगे।

गौरतलब है कि हरियाणा सरकार द्वारा प्रोमोशन का फैसला करने के बाद यूजीसी ने अनिवार्य परीक्षा का निर्णय लिया है। रोजाना हजारों केस सामने आने के बाबजूद सरकार परीक्षा पर अड़ी है और इसीलिए छात्र भी प्रदर्शन और वर्चुअल रैली के तरीके अपनाकर परीक्षा के विरोध में अड़े हुए हैं।”

CM मनोहर का आदेश, हरियाणा बोर्ड से 10वीं पास छात्र बिना फीस व्हाट्सअप से ले सकेंगे एडमिशन

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फरीदाबाद, 13 जुलाई: हरियाणा सरकार ने विद्यार्थियों को बड़ी राहत दी है, मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने आदेश दिया है कि हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड, भिवानी की 10 वीं कक्षा में पास होने वाले जो विद्यार्थी प्रदेश के सरकारी स्कूलों में 11वीं कक्षा में दाखिला लेना चाहते हैं, वे संबंधित स्कूल के प्रिंसिपल को व्हाट्सएप पर अपना परीक्षा परिणाम और आवश्यक डाक्यूमेंट्स भेज देंगे तो उनको दाखिला मिल जाएगा।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि विद्यार्थियों को फिलहाल उस सरकारी स्कूल में फीस जमा करवाने की भी आवश्यकता नहीं है।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि हरियाणा बोर्ड का 10 वीं का रिजल्ट पिछले सप्ताह घोषित किया गया था, इस वर्ष 59 फीसदी छात्र पास हुए हैं. अब इन छात्रों को 11वीं में एडमिशन के लिए भाग दौड़ नहीं करनी पड़ेगी।

क्या प्रिंसिपल मानेंगे मुख्यमंत्री का आदेश

मुख्यमंत्री मनोहर ने आदेश तो दे दिया है लेकिन सवाल ये है कि प्रिंसिपल लोग उनका आदेश मानेंगे या नहीं, अधिकतर सरकारी स्कूलों और कॉलेज के टीचर और प्रिंसिपल टेक्नोलॉजी से दूर भागते हैं, लेकिन कोरोना की वजह से लॉक डाउन के बाद व्हाट्सअप से ही पढ़ाई चल रही है इसलिए प्रिंसिपल लोगों को भी टेक्नोलॉजी को अपनाना पड़ेगा, अगर वे ऐसा नहीं कर सकेंगे तो सरकारी स्कूलों को बर्बाद होने से कोई नहीं रोक सकता।

DC Yashpal Yadav का कमाल, हरियाणा बोर्ड के 10वीं परीक्षा में पास हुए 33% अधिक विद्यार्थी

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फरीदाबाद, 11 जुलाई: उपायुक्त यशपाल के कुशल प्रशासनिक मार्ग दर्शन से जिला में  हरियाणा विद्यालय बोर्ड की कक्षा 10वीं की उत्तीर्ण प्रतिशत  में 33% की वृद्धि हुई है.
   
पिछले 3 वर्षों से,फरीदाबाद का पास प्रतिशत लगभग 37 प्रतिशत था। लेकिन इस साल फरीदाबाद जिला ने अपना पास प्रतिशत 37 प्रतिशत  (2017-19) से बढ़ाकर 59.68 प्रतिशत  (बोर्ड्स 2020) कर दिया है। 
  
उपायुक्त यशपाल के कुशल नेतृत्व में शिक्षकों, प्रधानाचार्यों, जिला शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन द्वारा किए गए अथक प्रयासों के कारण यह क्वांटम छलांग संभव हो पाई है। इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए कि केवल 37 प्रतिशत  छात्र अपनी कक्षा 10 की बोर्ड परीक्षा उत्तीर्ण करने में सक्षम थे।

मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगी  अतुल सहगल  द्वारा 'शिक्षित हरियाणा' परियोजना की शुरुआत की गई थी। इस परियोजना में शासन को सुव्यवस्थित करके पास प्रतिशत में सुधार करना, सरकारी स्कूलों से स्टार शिक्षकों का  मान करना और उन्हें सशक्त बनाना, सरकारी स्कूलों में बुनियादी ढांचे और सुविधाओं में सुधार करना था।
  
इस प्रकार सरकारी स्कूलों के शिक्षकों की विषय विशेषज्ञता का उपयोग करके उच्च गुणवत्ता वाले वीडियो पाठ बनाए गए तथा  मुफ्त पहुंच प्रदान करके शैक्षिक असमानता को कम करने वाली प्रक्रियाएं बनाई गई।

उपायुक्त यशपाल ने इस पहल में बहुत योग्यता देखी और इसका समर्थन किया। डीसी फ़रीदाबाद ने 40 उच्च-रैंकिंग अधिकारियों को नियुक्त किया और उनमें से प्रत्येक को 2-2 स्कूल दिए। जिन्होंने इन स्कूलों में लगातार दौरा किया। डीसी यशपाल यादव ने खुद 2 स्कूलों को अपनाया और सामने से नेतृत्व किया।
  
यह शिक्षकों, प्राचार्यों और छात्रों के बीच बहुत आवश्यक प्रेरणा लेकर आया, जिनके लिए पहली बार जिले के शीर्ष नेतृत्व द्वारा इस तरह की पहल की गई थी। ब्लॉक-स्तरीय योजनाएं डिजाइन और कार्यान्वित की गईं। स्कूल वार प्रभारी तैनात किए गए। एक एबीआरसी/ ABRC को उसके क्लस्टर के भीतर स्थित स्कूलों के कक्षा 10  के 200 छात्रों की प्रगति की देखरेख के लिए जिम्मेदार बनाया गया। इसके अलावा  600 से अधिक वीडियो लेक्टर्स के सहारे विज्ञान, गणित, अंग्रेजी और सामाजिक विज्ञान से आसान-तथा-स्कोरिंग विषयों को समझाते हुए रिकॉर्ड किए गए। इन व्याख्यानों का प्रसार ‘शिक्षित हरियाणा’ यूट्यूब प्लेटफॉर्म, एडुसेट, व्हाट्सएप के माध्यम से किया गया और फ़रीदाबाद के 54 स्मार्ट-क्लास सक्षम स्कूलों में भी इसका उपयोग किया गया।

एनटीपीसी/NTPC फ़रीदाबाद ने फ़रीदाबाद के सभी 94 वरिष्ठ माध्यमिक सरकारी स्कूलों में ‘शिक्षित हरियाणा’ परियोजना का समर्थन किया। इस समर्थन ने 600+ एनिमेटेड वीडियो लेक्चर के निर्माण में, 40 स्मार्ट क्लासरूम का निर्माण और वंचित वर्गों के योग्य छात्रों को डीसी छात्रवृत्ति प्रदान करने की जिम्मेदारी ली। जिला प्रशासन, फरीदाबाद, डीईओ श्रीमती सतिंदर कौर, डीईईओ शशि अहलावत और सीएमजीजीए अतुल सहगल ने न केवल 37 प्रतिशत  (2017-19) से 59.68 प्रतिशत  (बोर्ड्स 2020) पास प्रतिशत में सुधार किया है, बल्कि भारत के पहले और सबसे बड़े राज्य-के-स्वामित्व वाले एनिमेटेड वीडियो लेक्टर्स के संग्रह के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है| सरकारी स्कूलों के स्टार शिक्षकों के  वीडियो लेक्टर्स ऐसा संसाधन हैं जो की आने वाले वर्षों में भी छात्रों के लिए फ़ायदेमंद साबित होगा।

इस वर्ष के बोर्ड के परिणाम और फ़रीदाबाद का बहतर प्रदर्शन देखते हुए, डीसी फरीदाबाद और उनकी टीम ने अब अगले बोर्ड परीक्षा में 75% + पास प्रतिशत प्राप्त करने का लक्ष्य लिया  है।

सरकारी स्कूलों के बच्चों के लिए ई-कंटेंट तैयार हो रहा, फरीदाबाद के शिक्षक भी दे रहे योगदान

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फरीदाबाद, 25 जून। कोविड-19 की परिस्थितियों के मद्देनजर सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को अब डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ई-लर्निंग शिक्षा दी जा रही है। इसके लिए प्रदेश भर के शिक्षकों द्वारा ई-कंटेंट तैयार किए जा रहे हैं। इस ई-कंटेंट को तैयार करने में फरीदाबाद के शिक्षकों द्वारा भी अहम भूमिका निभाई जा रही है।

जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी शशि अहलावत ने बताया कि उपायुक्त यशपाल के मार्गदर्शन में जिला फरीदाबाद के शिक्षकों द्वारा ई-कंटेट तैयार करने में विशेष रुचि दिखाई जा रही है। इस तैयार ई-कंटेंट को देशभर के विद्यार्थी भी पढ़ सकेंगे। इस ई-कंटेट को सरकार के दीक्षा एप पर भी अपलोड कर दिया गया है। फरीदाबाद के शिक्षकों द्वारा तैयार ई-कंटेंट  व शिक्षकों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलने से शिक्षा विभाग भी खुश है। जिला फरीदाबाद से दीक्षा एप पर कुल पांच कंटेट अपलोड किए जा चुके हैं। यह कंटेट तैयार करने वालों में डाइट में लेक्चरर डॉ. सीमा शर्मा, राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय एनआइटी पांच से अनिवाश शर्मा, महावतपुर स्कूल से जेबीटी अध्यापिका गायत्री और डाइट से लेक्चरर रश्मि शामिल हैं। इनके द्वारा तैयार किए गए कंटेट विभिन्न कक्षाओं के विषयों पर आधारित हैं। इस ई-कंटेंट को पहली से आठवीं तक के विद्यार्थी इनोवेटिव तरीके से पढ़ सकेंगे।

दीक्षा एप पर पहली से आठवीं कक्षा तक के सभी विषयों के पाठ्यक्रम देखे जा सकते हैं। छात्र पाठ्यपुस्तकों के अलावा इनोवेटिव और मनोरंजक वीडियो की मदद से पाठों को आसानी से समझ सकेंगे। जिला फरीदाबाद से जो कंटेट तैयार कर अपलोड किए गए, उन्हे एनीमेशन, म्यूजिक और रोचक साउंड के साथ तैयार किया गया है।  
हरियाणा के जिलों से बेहतरीन कंटेट मुहैया कराने के लिए राज्य स्तर पर टीम का गठन किया गया है। जिसमें हर जिले से कंटेंट क्रिएटर, जिला कोऑर्डिनेटर, बुक क्रिएटर और रिव्यूयर शामिल हैं। कंटेंट क्रिएटर दीक्षा पोर्टल पर बनी आइडी से कंटेंट अपलोड करते हैं। रिव्यूयर के पास मेल से नोटिफिकेशन जाने पर इन्हें परखा जाता है।

संशोधन की जरूरत होने पर उसे वापस क्रिएटर को भेजा जाता है और कंटेंट ठीक होने पर उसे आगे फॉरर्वड करते हैं। बुक क्रिएटर, क्यूआर कोड से कंटेंट लिक करते हैं। डिजिटल मंच पर छात्रों को बेहतरीन कंटेंट मुहैया कराने की हर संभव कोशिश जारी है। इस बार एससीईआरटी ने सभी जिलों से कंटेंट मांगे थे। जिला से अब तक पांच कंटेंट दीक्षा पोर्टल पर जगह बना चुके हैं।

Carmel Convent Schhol में कम हुई फीस, अब 9420 के बजाय 2617 रुपये ट्यूशन फीस, अन्य शुल्क समाप्त

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फरीदाबाद, 6 मई: फरीदाबाद सेक्टर 7-D स्थित Carmel Convent Schhol में आज फीस बढ़ने और अन्य शुल्क लेने की हमने खबर दी थी जो हमें स्कूल के ही एक अभिभावक ने बतायी थी, अब स्कूल ने ट्यूशन फीस भी कम कर दी है और अन्य शुल्क भी हटा दिए हैं. 9420 रुपये ट्यूशन फीस के बजाय अब सिर्फ 2617 रुपये लिए जाएंगे। तीन महीनें की फीस एक ही बार 7851 ली जा रही है जबकि हरियाणा सरकार ने सिर्फ मंथली फीस लेने के आर्डर जारी किये थे.

हमारे पास जो रिपोर्ट आयी थी उसके अनुसार 9420 रुपये ट्यूशन फीस के अलावा 6500 रुपये Annual Changes हैं और 500 रुपये Digi Class Fees ली जा रही थी लेकिन अब Annual Changes और Digi Class Fees को हटा लिया गया है.


तीनों चार्जेज जोड़कर अप्रैल महींने में 16370 रुपये लिए जा रहे है जबकि सरकार ने सिर्फ ट्यूशन फीस लेने की अनुमति दी है. खबर के बाद अभिभावक ने हमें बताया कि फीस कम कर ली गयी है और अन्य शुल्क भी हटा लिए गए हैं. अभिभावक ने बताया कि हमने 16370 फीस भी जमा कर दी थी जो अब आगे एडजस्ट कर दी जाएगी।


आप नीचे 23 अप्रैल 2020 का हरियाणा सरकार का आदेश भी पढ़ सकते हैं जिसमें सिर्फ ट्यूशन फीस लेने की अनुमति दी गयी थी और आदेश का पालन ना करने पर स्कूलों को कड़ी कार्यवाही की चेतावनी भी दी गयी थी.



अब किताबों के नाम पर लूटने लगे निजी स्कूल, 4173 रुपये में 3rd Class की किताब, अभिभावक परेशान

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फरीदाबाद, 3 मई: कोरोना वायरस से फैली महामारी की वजह से दुनिया ठहर गयी है, इस महामारी ने सबकी जेब पर डाका डाल दिया है, लोगों के काम धंधे बंद हो गए हैं, कई लोगों को तो दो वक्त का भोजन भी मिलना मुश्किल हो रहा है लेकिन निजी स्कूल ना तो फीस कम कर रहे हैं और ना ही लूटने की आदत छोड़ रहे हैं. 

सरकार ने स्कूलों को सिर्फ ट्यूशन फीस लेने की अनुमत दी है लेकिन कुछ स्कूल वाले ट्यूशन फीस बढ़ाकर अभिभावकों को लूट रहे हैं, इसके अलावा किताबों के दाम कई गुना बढाकर अभिभावकों को लूटने का प्रयास किया जा रहा है.

एक अभिभावक ने बताया कि उसके बच्चे के स्कूल वाले किताब खरीदने के लिए प्रेशर डाल रहे हैं, किताब की दूकान खतरे वाले जोन सेक्टर-29 में है, इसके अलावा तीसरी क्लास की किताबों का दाम 4173 रुपये बताया जा रहा है.

किताबों में कैसे लूटते हैं निजी स्कूल

निजी स्कूल अपने मनपसंद पब्लिशर से किताबें छपवाते हैं और उसपर मनचाही MRP लिख देते हैं, 50 रुपये कीमत वाली किताब पर 500 रुपये लिखवा देते हैं और किताबों का कलेक्शन खुद लाकर किसी दूकान पर रखवा देते हैं और अभिभावकों को बोलते हैं कि फलां दूकान पर जाकर किताब ले लो, बदले में किताब की दूकान को भी कुछ कमीशन दिया जाता है. यह एक काली कमाई है जिसपर सरकार का ध्यान नहीं है.

लॉकडाउन के बाद ट्यूशन फीस के अलावा अन्य फीस भी लेना चाहता था सेक्टर-14 DAV स्कूल, हुई शिकायत

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फरीदाबाद, 1 मई: हरियाणा सरकार ने प्राइवेट स्कूलों को साफ़ साफ़ आदेश दिए हैं कि लॉक डाउन के दौरान सिर्फ ट्यूशन फीस ली जाय और उसमें भी पिछले साल की तुलना में कोई वृद्धि ना की जाए लेकिन सेक्टर 14 के DAV Publicस्कूल ने सरकारी आदेशों की परवाह ना करते हुए पेरेंट्स को एक नोटिस भेजा जिसमें कहा कि सरकारी आदेश के अनुसार अभी सिर्फ ट्यूशन फीस पे करनी है लेकिन अन्य चार्जेस माफ़ नहीं हैं, अन्य चार्जेस को बाद में जब लॉक डाउन ख़त्म हो जाएगा तब लिया जाएगा।

किसी पेरेंट्स ने फरीदाबाद शिक्षा अधिकारी से इसकी शिकायत की जिसके बाद शिक्षा अधिकारी ने DAV Public स्कूल सेक्टर 14 को एक नोटिस जारी करके सफाई मांगी है और अगर लिखित उत्तर ना दिया तो कड़ी कार्यवाही की चेतावनी दी गयी है.

नोटिस में साफ़ साफ़ कहा गया है कि आपके मैनेजमेंट ने 23 अप्रैल 2020 को जारी सरकारी आदेशों का उल्लंघन किया है. देखिये नोटिस की कॉपी - 

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अब हम आपको दिखा रहे हैं कि DAV Public स्कूल ने पेरेंट्स को फीस के लिए 28 अप्रैल को क्या लेटर भेजा था, इसे आप भी पढ़ सकते हैं, इसमें कहा गया है कि Invoice में ट्रांसपोर्ट चार्जेस, डेवलपमेंट चार्जेस और एनुअल चार्जेस भी जोड़े गए हैं, नीचे लिखा गया है कि अन्य चार्जेज देने में एक दो महीनें देरी की जा सकती है लेकिन इसे माफ़ नहीं किया जाएगा, सिर्फ आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए सरकारी आर्डर मान्य है.

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