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शर्मनाक: मुहम्मद इस्लाम की बीमार पत्नी को रिंकू शर्मा ने दिया था खून, फिर भी कर दिया क़त्ल

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नई दिल्ली: दिल्ली के मंगोलपुरी इलाके में रिंकू शर्मा नाम के एक रामभक्त का क़त्ल कर दिया गया, वह बजरंग दाल का कार्यकर्ता था और राम मंदिर निर्माण के लिए धन संग्रह कर रहा था, इसी दौरान उसका स्थानीय मुस्लिमों से विवाद हुआ था जिसके बाद घात लगाकर कल उसके घर पर हमला किया गया और रिंकू शर्मा का चाकुओं से बेरहमी से क़त्ल कर दिया गया.

आरोपियों के नाम - मुहम्मद इस्लाम, दानिश नसीरुद्दीन, दिलशान और दिलशाद इस्लाम हैं और अन्य कई लोग भी हैं, ये लोग मृतक रिंकू शर्मा के घर से कुछ ही दूरी पर रहते हैं.

एक चौंकाने वाली बात सामने आयी है, डेढ़ साल पहले जब मुहम्मद इस्लाम की पत्नी गर्भवती थी और अचानक बीमार हो गयी थी, उसे तत्काल ब्लड की जरूरत थी तो रिंकू शर्मा ने अपना खून देकर उसकी जान बचाई थी लेकिन हत्यारों ने उसका नेक काम भी नहीं देखा और उसकी बेरहमी से ह्त्या की.

रिंकू शर्मा की हत्या से दिल्ली का माहौल गर्म है, भाजपा नेताओं ने हत्यारों की कड़ी सजा की मांग की है. हिन्दू संगठनों ने कल मंगोलपुरी थाने के बाहर प्रदर्शन किया।

काव्या सिंह बनी फरीदाबाद की ब्रांड एंबेसडर, हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद का फैसला

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फरीदाबाद, 31 जनवरी: हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद ने एक महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए फरीदाबाद की 10 वर्षीय प्रतिभाशाली बालिका काव्या सिंह को फरीदाबाद के ब्रांड एंबेसडर घोषित किया है.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद ने हरियाणा के सभी जिलों के ब्रांड एंबेसडर की घोषणा की है जिसकी लिस्ट नीचे दी गई है.
 
आपका जानकारी के लिए बता दें कि हरियाणा में 2020 में हुए ऑनलाइन बाल महोत्सव प्रतियोगिता में करीब पांच लाख बच्चों ने भाग लिया था जिन्हें अलग-अलग प्रतियोगिताओं में इनाम भी मिला इन्हीं 5 लाख बच्चों में से प्रत्येक जिले में ब्रांड मिस्टर की पहचान की गई.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि फरीदाबाद की 10 वर्षीय बालिका काव्या सिंह ने बाल महोत्सव में पर्यावरण को लेकर भाषण प्रतियोगिता में भाग लिया और कई अन्य बच्चों की प्रतियोगिता में भाग लेने में मदद की, उनके इस अच्छे काम की खबर हरियाणा सरकार तक पहुंची दो उन्हें फरीदाबाद का ब्रांड मिस्टर बना कर सम्मानित किया गया.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि काव्य सिंह को हरियाणा गरिमा अवार्ड से भी सम्मानित किया जा चुका है, उन्होंने एक अवॉर्ड फंक्शन में 100 कविताएं लिखकर कीर्तिमान बना दिया और साथ ही कुछ कविताओं को गाकर भी सुनाया.

काव्या सिंह को फरीदाबाद का ब्रांड Ambassador बनाए जाने पर उनके परिवार वाले खुश हैं और हरियाणा सरकार को धन्यवाद कहा है.

मैं अब आत्महत्या करूंगा: राकेश टिकैत

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नई दिल्ली, 28 जनवरी: किसान नेता राकेश टिकैत ने अब आत्महत्या की धमकी दी है, उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने कृषि कानूनों को वापस नहीं लिया तो मैं आत्महत्या कर लूँगा, उन्होंने आंदोलन ख़त्म करने से भी इंकार कर दिया है. उन्होंने भाजपा पर किसान आंदोलन ख़त्म करने की साजिश करने का आरोप लगाया है.

आपको बता दें कि अब तक किसान नेता अपनी मनमानी कर रहे थे और देश के लोग इनका समर्थन कर रहे थे लेकिन रिपब्लिक डे पर किसान नेताओं और उनके समर्थकों ने दंगा-फसाद करके और लाल किले पर झंडा कांड करके अपनी पोल खोल दी.

अब देश के लोग भी इस आंदोलन का समर्थन नहीं कर रहे हैं, करीब आधा दर्जन किसान संगठनों ने आंदोलन ख़त्म कर दिया है, इसके अलावा दिल्ली के निवासी खुद सड़क पर उतारकर रोड खाली कराने की मांग करने लगे हैं इसलिए पुलिस भी जनता की भावनाएं समझकर एक्शन में आ गयी है.

गाजीपुर बॉर्डर पर राकेश टिकैत और उनके समर्थक रोड जाम करके बैठे हैं, आज उन्हें उठाने के लिए पुलिस फ़ोर्स पहुँच गयी है, यूपी पुलिस ने धरना करने वाले नेताओं को नोटिस दिया है और उनसे शान्ति के साथ उठने की अपील कर रहे हैं हालाँकि पुलिस बल आजमाकर भी उन्हें उठाने के लिए तैयार है.

इस बीच राकेश टिकैत के सुर लगाकर बदल रहे हैं, कभी रोने लगते हैं, कभी चिंतित हो जाते हैं, कभी लाठी वालों को आंदोलन से निकलने का आदेश देते हैं, आज उन्हें एक युवक लाठी लिए दिखा तो उन्होंने खुद ही उसे पुलिस से पकड़वा दिया।

पहले इन्हीं राकेश टिकैत का वीडियो वायरल हुआ था जिसमें उन्होंने कहा था कि ट्रेक्टर मार्च में झंडा और लाठी डंडा दोनों साथ लेकर आना है, सरकार ऐसे मानने वाली नहीं है. अब टिकैत के होश ठिकाने आ गए हैं. हालाँकि उन्होंने आंदोलन जारी रखने का फैसला किया है.

गाजीपुर बॉर्डर खाली कराने पहुंची पुलिस फोर्स, राकेश टिकैत बोले, लाठी ना उठाए मेरा कोई साथी

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नई दिल्ली, 28 जनवरी: अब तक किसान नेता अपनी मनमानी कर रहे थे और देश के लोग इनका समर्थन कर रहे थे लेकिन रिपब्लिक डे पर किसान नेताओं और उनके समर्थकों ने दंगा-फसाद करके और लाल किले पर झंडा कांड करके अपनी पोल खोल दी.

अब देश के लोग भी इस आंदोलन का समर्थन नहीं कर रहे हैं, करीब आधा दर्जन किसान संगठनों ने आंदोलन ख़त्म कर दिया है, इसके अलावा दिल्ली के निवासी खुद सड़क पर उतारकर रोड खाली कराने की मांग करने लगे हैं इसलिए पुलिस भी जनता की भावनाएं समझकर एक्शन में आ गयी है.

गाजीपुर बॉर्डर पर राकेश टिकैत और उनके समर्थक रोड जाम करके बैठे हैं, आज उन्हें उठाने के लिए पुलिस फ़ोर्स पहुँच गयी है, यूपी पुलिस ने धरना करने वाले नेताओं को नोटिस दिया है और उनसे शान्ति के साथ उठने की अपील कर रहे हैं हालाँकि पुलिस बल आजमाकर भी उन्हें उठाने के लिए तैयार है.

इस बीच राकेश टिकैत के सुर लगाकर बदल रहे हैं, कभी रोने लगते हैं, कभी चिंतित हो जाते हैं, कभी लाठी वालों को आंदोलन से निकलने का आदेश देते हैं, आज उन्हें एक युवक लाठी लिए दिखा तो उन्होंने खुद ही उसे पुलिस से पकड़वा दिया।

पहले इन्हीं राकेश टिकैत का वीडियो वायरल हुआ था जिसमें उन्होंने कहा था कि ट्रेक्टर मार्च में झंडा और लाठी डंडा दोनों साथ लेकर आना है, सरकार ऐसे मानने वाली नहीं है. अब टिकैत के होश ठिकाने आ गए हैं. हालाँकि उन्होंने आंदोलन जारी रखने का फैसला किया है.

लाठी डंडे लेकर आना, पुलिसवालों की बक्कल उतार देंगे कहने वाले राकेश टिकैत आज खूब रोते दिखे

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नई दिल्ली: 27 जनवरी, 2021: किसान नेता राकेश टिकैत की मुसीबत बढ़ गयी है, पुलिस उन्हें कभी भी गिरफ्तार करके जेल में डाल सकती है. उनपर दंगा भड़काने और अन्य संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज है जिसमें 307 भी शामिल है. आज राकेश टिकैत फूट फूट कर रोते दिखे हालाँकि इससे पहले वह दंगों में लाठी डंडा लाने और पुलिस वालों की बक्कल उतारने की धमके देते थे और हमेशा कड़क भाषा में बात करते थे. आज यूपी पुलिस गाजीपुर बॉर्डर को खाली भी करा सकती है.

आपको बता दें कि दिल्ली में दंगा फसाद के बाद किसान नेता राकेश टिकैत के खिलाफ गाजीपुर थाने में FIR दर्ज हुई है और उनपर धारा 307 और अन्य सेक्शन में मामला दर्ज हुआ है.

राकेश टिकैत ने अब अनशन शुरू कर दिया है, उन्होंने कहा कि अगर कृषि कानून वापस नही हुए तो मैं आत्महत्या कर लूँगा, मैं पानी नहीं पियूँगा, गाँव से ट्रेक्टर से पानी आएगा तभी पियूँगा, सरकार ने धोखा दिया है, आंदोलन ख़त्म नहीं होगा, हालाँकि राकेश टिकैत के इस स्टंट को सिर्फ ड्रामा बताया जा रहा है.

बता दें क़ि राकेश टिकैत के कई वीडियो वायरल हुए हैं, एक वीडियो में वह अपने समर्थक दंगाइयों को लाठी-डंडा आदि लेकर आने का आदेश दे रहे हैं, झंडे में लाठी बाँधने का गुरुमंत्र दे रहे हैं. देखिये वीडियो -  


अब ऐसा कहा जा रहा है क़ि दंगों की प्लानिंग काफी पहले से की गयी थी, दंगाई किसान नेताओं ने अपने समर्थकों को लाठी डंडों आदि के साथ आने का आदेश दिया था और उनके दिमाग में पुलिस-प्रशासन और सरकार के प्रति जहर भर दिया गया था, जो बाद में दंगे के रूप में वो जहर निकला।

इस दंगे में करीब पौने 400 पुलिसकर्मियों को चोटें आयी हैं, कई गंभीर हैं, दंगाइयों ने पुलिसकर्मियों पर तलवारों और नुकीले हथियारों से भी हमला किया। पुलिस ने दंगाइयों के खिलाफ कार्यवाही शुरू कर दी है, करीब 200 दंगाइयों को गिरफ्तार किया गया है, दो दर्जन से अधिक FIR दर्ज की गयी है.

खूब तारीफ हो रही है पुलिसकर्मियों की, दीवार से कूदकर पैर तुड़वा लिए, देश को बदनाम नहीं होने दिया


नई दिल्ली, 28 जनवरी: लाल किले पर अगर दिल्ली पुलिस कर कर्मचारी चाहते तो अपनी जान बचाने के लिए दंगाइयों पर गोली चला सकते थे लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। दंगाई लोग पुलिसकर्मियों की जान लेने पर तुले थे ताकि पुलिसवाले गोली चलाएं और उसके बाद दंगाई और साजिशकर्ता मिलकर देश को दुनिया में बदनाम कर दें.

पुलिसकर्मियों ने बहुत ही समझदारी का परिचय दिया, ये चाहते तो आत्मरक्षा के लिए दंगाइयों पर गोली चला सकते थे और संविधान उन्हें इसकी छूट भी देता है लेकिन गोली चलाने के बजाय पुलिसकर्मी अपनी जान बचाने के लिए लाल किले की ऊंची दीवार से खाई में जा गए, कई लोगों के पैर टूट गए हैं, इनका इलाज चल रहा है.

आपको बता दें क़ि देश के दुश्मन चाहते थे कि दंगा और खून खराबा इतना अधिक हो कि पुलिस दंगाइयों पर गोली चलाने को मजबूर हो जाए, जैसे ही दो चार दंगाई मरते, टीवी चैनल तुरंत खबर चलाते कि पुलिस ने किसानों को गोली मार दी, अगर ये सन्देश फ़ैल जाता तो दंगाई और अधिक गुस्सा हो जाते और पूरी दिल्ली में कोहराम मचा देते।

उदाहरण आप नीचे देख लीजिये, एक व्यक्ति पुलिस को कुचलने के लिए ट्रैक्टर तेज गति में चला रहा था, ITO पर उसका ट्रेक्टर पलट गया और उसकी मौत हो गयी. इंडिया टुडे के पत्रकार राजदीप सरदेसाई ने तुरंत ट्वीट कर दिया क़ि किसान नवनीत पुलिस की गोली से मारा गया है, किसानों ने मुझसे कहा कि उसका वलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। यह पूरी तरह से फेक ट्वीट था, यह ट्वीट बहुत बड़ा दंगा करा सकता था लेकिन पुलिस ने  जल्द ही इसकी असलियत बता दी और उसका वीडियो भी वायरल हो गया, वरना राजदीप सरदेसाई का यह ट्वीट कई लोगों की जान का दुश्मन बन सकता था. देखिये - 


दंगाई साजिशकर्ता चाहते थे क़ि पुलिस किसानों पर फायरिंग करे, कई लोगों की जान जाए और उसके बाद मीडिया यह खबर दिखाई क़ि मोदी सरकार ने किसानों को मरवा दिया, किसानों को मोदी सरकार में गोली मारी जा रही है. पूरी दुनिया में भारत की छवि खराब करने की बहुत बड़ी प्लानिंग की गयी थी लेकिन पुलिस ने सहनशक्ति दिखाकर दंगाइयों का प्लान फेल कर दिया हालाँकि पुलिस ने दंगाइयों की लाठियां खाई, कई लोगों पर तलवार से हमला हुआ, देखिये ये फोटो - 


एक फोटो और देखिये, ये लाल किले की है, इसमें देखिये दंगाइयों ने पुलिसकर्मियों पर तलवारों और लाठी डंडों से किस प्रकार हमला किया।


एक फोटो और देखिये, जब पुलिसकर्मी अपनी जान बचाने के लिए दीवार से नीचे कूद गए तो एक दंगाई भी उनके पीछे नीचे कूद गया और पुलिसकर्मी पर हमला कर दिया।


यह सब फोटो देखकर आप समझ सकते हैं कि पुलिसकर्मियों को भड़काकर फायरिंग करवाने की कितनी बड़ी प्लानिंग की गयी थी, दंगों के आरोपी राकेश टिकैत ने तो आज बोल भी दिया कि लाल किले के दंगाइयों पर पुलिस ने गोली क्यों नहीं चलाई। कांग्रेस भी यही कह रही है कि पुलिस ने कड़ा एक्शन क्यों नहीं लिया, लेकिन अगर पुलिस कड़ा एक्शन ले लिया होता तो यह लोग कुछ और बोल रहे होते।

सिंघू बॉर्डर पहुंचे दिल्ली वाले, आंदोलनकारियों से बोले, रोड खाली करो, हम परेशान हो चुके हैं

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नई दिल्ली, 27 जनवरी: अब तक लोग आंदोलनकारियों को किसान समझकर समर्थन कर रहे थे लेकिन दिल्ली में लाल किले पर झंडा कांड और तिरंगे का अपमान देखकर लोगों के सब्र का बांध टूट रहा है, आज सैकड़ों लोग सिंघु बॉर्डर पहुंचे और आंदोलनकारियों से रोड खाली करने की अपील की.

इस दौरान दिल्ली वालों और आंदोलनकारियों के बीच बहस भी हुई लेकिन पुलिस ने हालात संभाल लिया, दिल्ली वालों ने अपने हाथों तिरंगा भी ले रखा था कर पोस्टर में लिखा था,  तिरंगे का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि गणतंत्र दिवस पर दिल्ली में कई जगह आंदोलनकारियों ने जमकर हिंसा की, सरकारी संपत्ति को नुक्सान पहुंचाया और पुलिसकर्मियों पर हमला किया जिसमें पौने 400 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं, इस सम्बन्ध में दो दर्जन से अधिक FIR दर्ज है और सैकड़ों लोगों को अरेस्ट किया गया है, पुलिस ने किसान नेताओं को हिंसा का जिम्मेदार बताया और और उनके खिलाफ कानूनी कार्यवाही भी शुरू कर दी है.

अब पुलिस रोड जाम करके बैठे आंदोलनकारियों को उठाने की कोशिश कर रही है जिसमें दिल्ली की जनता भी साथ दे रही है, पहले दिल्ली वालों को लग रहा था कि किसान अपनी परेशानी की वजह से रोड जाम करके बैठे हैं लेकिन लाल किले पर धर्म विशेष का झंडा फहराकर आंदोलनकारियों ने किसानों के प्रति जनता की सहानुभूति ख़त्म कर दी इसलिए अब जनता भी इन्हें रोड से उठाने के लिए आगे आ रही है.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि दिल्ली पुलिस ने आज गाजीपुर बॉर्डर की तरफ कई किलोमीटर में फ्लैग मार्च निकाला और दिल्ली की जनता का विश्वास फिर से जीतने की कोशिश की, दिल्ली में हिंसा और उत्पात से जनता के मन भी ड़र बैठ गया है इसलिए पुलिस भी जनता के डर को ख़त्म करने का प्रयास कर रही है.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पुलिस ने दंगे के दौरान काफी सहनशक्ति दिखाई, खुद पर हमला झेल लिया लेकिन दंगाइयों पर गोली नहीं चलाई। पुलिस की सहनशक्ति और विवेक की तारीफ की जा रही है.

धारा 307 की FIR दर्ज, दंगाइयों को लाठी-डंडा लेकर बुलाने वाले राकेश टिकैत भी फावड़ा लिए दिखे

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दिल्ली, 27 जनवरी: कथित किसान नेता राकेश टिकैत के खिलाफ गाजीपुर थाने में FIR दर्ज हुई है और उनपर धारा 307 और अन्य सेक्शन में मामला दर्ज हुआ है.

बता दें क़ि राकेश टिकैत के कई वीडियो वायरल हुए हैं, एक वीडियो में वह अपने समर्थक दंगाइयों को लाठी-डंडा आदि लेकर आने का आदेश दे रहे हैं, झंडे में लाठी बाँधने का गुरुमंत्र दे रहे हैं. देखिये वीडियो -  


अब राकेश टिकैत और उनकी गैंग का एक और वीडियो वायरल हुआ है जिसमें उनकी गैंग के लोग देशभक्तों के भेष में दिख रहे हैं और उनके हाथ में फावड़ा भी हैं, इसके अलावा सभी के हाथों में लाठी-डंडे भी दिख रहे हैं, देखिये वीडियो - 


अब ऐसा कहा जा रहा है क़ि दंगों की प्लानिंग काफी पहले से की गयी थी, दंगाई किसान नेताओं ने अपने समर्थकों को लाठी डंडों आदि के साथ आने का आदेश दिया था और उनके दिमाग में पुलिस-प्रशासन और सरकार के प्रति जहर भर दिया गया था, जो बाद में दंगे के रूप में वो जहर निकला।

इस दंगे में करीब 300 पुलिसकर्मियों को चोटें आयी हैं, कई गंभीर हैं, दंगाइयों ने पुलिसकर्मियों पर तलवारों और नुकीले हथियारों से भी हमला किया। पुलिस ने दंगाइयों के खिलाफ कार्यवाही शुरू कर दी है, करीब 200 दंगाइयों को गिरफ्तार किया गया है, दो दर्जन से अधिक FIR दर्ज की गयी है.

खेती के लिए ट्रैक्टर पर सस्ता लोन देती है सरकार, उसी ट्रेक्टर से पुलिस को कुचल रहे थे दंगाई

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नई दिल्ली, 27 जनवरी: सरकार ने किसानों के लिए कई लाभकारी योजनाएं बना रखी हैं, किसानों को 0 पर्सेंट इंटरेस्ट पर लोन दिया जाता है जिससे वे ट्रेक्टर खरीदकर खेती करते हैं और अपना परिवार पालते हैं लेकिन अब उसी ट्रेक्टर का इस्तेमाल दंगाई लोग पुलिस को कुचलने के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं जो बहुत ही शर्म की बात है.

ये ट्रेक्टर या तो किसान खुद लेकर आये थे या दंगाई लोग उनसे लेकर आये थे, कई लोगों को मजबूर किया गया था ट्रेक्टर देने को, पहले ही दंगाइयों ने किसानों को फरमान सुना दिया था कि या तो ट्रेक्टर देना है या डीजल का पैसा देना है, पंजाब में तो गांव गाँव और घर घर से चंदा और ट्रेक्टर लिया गया था.

सरकार आम लोगों से टैक्स लेकर उसी पैसों को किसानों को देती है, किसानों को 0 पर्सेंट इंटरेस्ट पर लोन दिया जाता है और उसका बोझ टैक्सपेयर्स पर डाला जाता है लेकिन टैक्स पेयर के पैसे से किसानों को जो ट्रेक्टर दिया जा रहा है, उसका इस्तेमाल पुलिस को कुचलने के लिए, देश की दुनिया में बेइज्जती करने के लिए किया जा रहा है, गणतंत्र दिवस पर ट्रेक्टर मार्च निकालकर, हिंसा और दंगा करके भारत को पूरी दुनिया में बदनाम किया गया, यह बात ट्रेक्टर देने वाले किसानों को भी सोचना चाहिए, सरकार को भी सोचना चाहिए और टैक्स पेयर को भी सोचना चाहिए।

दंगाई किसानों का अब लोग नहीं कर रहे समर्थन

अब तक देश के लोग किसानों के आंदोलन का यह सोच कर समर्थन कर रहे थे कि किसान परेशान हैं इसलिए हमें उनका साथ नहीं देना चाहिए, किसी को यह नहीं पता था कि ये लोग तो लाल किले पर, जहाँ पर देश का पवित्र तिरंगा झंडा फहराया जाता है, वहां पर खालिस्तानी झंडा फहराना चाहते हैं. 


रिपब्लिक डे पर इन कथित किसानों ने अपनी इक्षा पूरी भी कर ली और लाल किले पर तिरंगे की जगह खालिस्तानी झंडा फहरा दिया, लाल किले में जमकर तोड़फोड़ की गयी, पुलिस वालों पर भी हमला किया जिसकी वीडियो आप नीचे देख सकते हैं - 

  

पुलिस ने काफी संयम से काम लिया, कई पुलिसकर्मियों ने दंगाई किसानों द्वारा किया गया तलवार का वार भी झेल लिया लेकिन उनके ऊपर गोली नहीं चलाई, अगर पुलिस गोली चलाती तो मीडिया यही खबर दिखाती कि पुलिस ने किसानों पर गोली चला दी, कई लोगों ने तो बिना गोली चलाये ही खबर चला दी कि पुलिस की गोली से किसान की मौत हो गयी है, इंडिया टुडे चैनल में काम करने वाले राजदीप सरदेसाई ने भी यह अफवाह फैलाई, जबकि दंगाई किसानों के हमले में पुलिस अपनी जान बचाती दिखी और करीब 300 पुलिसकर्मी दंगाई किसानों के हमले में घायल हो गए.

अब दंगाइयों की पोल खुल गयी है, पहले ही कहा जा रहा था कि यह खालिस्तानी आंदोलन है, लाल किले पर खालिस्तानी झंडा फहराकर दंगाइयों ने इस बात को खुद ही साबित कर दिया इसलिए अब देश के लोग भी इनका समर्थन नहीं कर रहे हैं.

दिल्ली पुलिस भी इस बात को समझ गयी है इसलिए अब दंगाइयों पर कड़ी कार्यवाही शुरू हो गयी यही, करीब 250 दंगाइयों को गिरफ्तार कर लिया गया है, 22 FIR दर्ज कर ली गयी है जिसमें साजिश करना, डकैती करना, जानलेवा हमले करना, सार्वजनिक सम्पत्तियों को नुकसान पहुंचाना आदि की धाराएं जोड़ी गयी है

किसान की सोच के पुलिस वालों ने झेल लिया तलवारों का भी वार, लेकिन अब हद हो गयी पार, दर्ज हुई FIR

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नई दिल्ली, 27 जनवरी: अब तक देश के लोग किसानों के आंदोलन का यह सोच कर समर्थन कर रहे थे कि किसान परेशान हैं इसलिए हमें उनका साथ नहीं देना चाहिए, किसी को यह नहीं पता था कि ये लोग तो लाल किले पर, जहाँ पर देश का पवित्र तिरंगा झंडा फहराया जाता है, वहां पर खालिस्तानी झंडा फहराना चाहते हैं. 

रिपब्लिक डे पर इन कथित किसानों ने अपनी इक्षा पूरी भी कर ली और लाल किले पर तिरंगे की जगह खालिस्तानी झंडा फहरा दिया, लाल किले में जमकर तोड़फोड़ की गयी, पुलिस वालों पर भी हमला किया जिसकी वीडियो आप नीचे देख सकते हैं - 

  

पुलिस ने काफी संयम से काम लिया, कई पुलिसकर्मियों ने दंगाई किसानों द्वारा किया गया तलवार का वार भी झेल लिया लेकिन उनके ऊपर गोली नहीं चलाई, अगर पुलिस गोली चलाती तो मीडिया यही खबर दिखाती कि पुलिस ने किसानों पर गोली चला दी, कई लोगों ने तो बिना गोली चलाये ही खबर चला दी कि पुलिस की गोली से किसान की मौत हो गयी है, इंडिया टुडे चैनल में काम करने वाले राजदीप सरदेसाई ने भी यह अफवाह फैलाई, जबकि दंगाई किसानों के हमले में पुलिस अपनी जान बचाती दिखी और करीब 300 पुलिसकर्मी दंगाई किसानों के हमले में घायल हो गए.

अब दंगाइयों की पोल खुल गयी है, पहले ही कहा जा रहा था कि यह खालिस्तानी आंदोलन है, लाल किले पर खालिस्तानी झंडा फहराकर दंगाइयों ने इस बात को खुद ही साबित कर दिया इसलिए अब देश के लोग भी इनका समर्थन नहीं कर रहे हैं.

दिल्ली पुलिस भी इस बात को समझ गयी है इसलिए अब दंगाइयों पर कड़ी कार्यवाही शुरू हो गयी यही, करीब 250 दंगाइयों को गिरफ्तार कर लिया गया है, 22 FIR दर्ज कर ली गयी है जिसमें साजिश करना, डकैती करना, जानलेवा हमले करना, सार्वजनिक सम्पत्तियों को नुकसान पहुंचाना आदि की धाराएं जोड़ी गयी है

क्राइम ब्रांच 17 ने अवैध गांजा तस्कर को किया गिरफ्तार

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फरीदाबाद 20 जनवरी 2021: क्राइम ब्रांच सेक्टर 17 प्रभारी इंस्पेक्टर संदीप मोर व उनकी टीम ने अवैध गांजा तस्कर अशोक को गुप्त सूत्रों की सूचना के आधार पर सेक्टर 58  से गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।

आरोपी के कब्जे से 575 ग्राम गांजा बरामद किया गया।

आरोपी के खिलाफ थाना सेक्टर 58 में एनडीपीएस की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह बल्लभगढ़ से किसी अनजान व्यक्ति से यह गांजा लेकर आया था।

आरोपी परचून की दुकान चलाता है और अपनी दुकान पर ही लोगों को गांजा बेचता है।

आरोपी अशोक पुत्र विजय सेक्टर 58 का निवासी है जिसे अदालत में पेश करके जेल भेज दिया गया है।

Phone Pay App यूज करने वाले उत्तम कुमार पंडित बने 1 लाख रुपये के फ्रॉड के शिकार, पढ़ें कैसे

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New Delhi News, 8 Jan 2021: टेक्नोलॉजी के जमाने में अगर वे लोग भी टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करते हैं जो टेक्नोलॉजी में एक्सपर्ट नहीं होते तो उन्हें फ्रॉड लोग आसानी से जाल में फंसाकर उन्हें अपना  शिकार बना लेते हैं. ऑनलाइन फ्रॉड की घटनाएं बहुत बढ़ गयी हैं.


दिल्ली में साउथ एक्सटेंशन में रहने वाले उत्तम कुमार पंडित भी एक फ्रॉड का शिकायत हो गए और उन्हें 1 लाख रुपये लूट लिए गए.

उत्तम कुमार पंडित Phone Pay App का इस्तेमाल करते थे, उन्होंने सोचा कि Phone Pay App से मोबाइल आसानी से रिचार्ज हो जाएगा, घर पर आसानी से पैसे भेजे जा सकेंगे, अन्य काम भी आसान हो जाएंगे। उन्होंने अपने मोबाइल में Phone Pay App Install कर दिया और अपने बैंक अकाउंट को Phone Pay App से लिंक कर दिया।

किसी फ्रॉड को खबर लग गयी कि उत्तम कुमार पंडित Phone Pay App का इस्तेमाल करते हैं और उनके अकाउंट में लाखों रुपये पड़े हैं.

इसके बाद फ्रॉड आदमी ने उत्तम कुमार पंडित को उनका दोस्त देवेंद्र बताकर मोबाइल नंबर 9548085812 से दिनांक 17/05/2020 को फोन किया और कहा - मेरे 15-20 हजार रुपये कहीं फंसे हुए हैं, आप अपना Pay नंबर बताइये ताकि मैं आपने आकउंट में पैसे डलवा सकूं और बाद में आप मुझे दे देना।

उत्तम कुमार पंडित अपने दफ्तर में देवेंद्र  नाम के युवक से मिलते थे, उन्होंने सोचा वही देवेंद्र बोल रहा है, उन्होंने अपना Pay नंबर 9958769636 देवेंद्र को बता दिया, उसके बाद Pay नंबर 7509803277 से उन्हें व्हाट्सअप पर एक बार कॉड भेजा गया.

उत्तम कुमार पंडित को अहसास भी नहीं हुआ कि वह फ्रॉड के शिकार हो रहे हैं, उन्होंने अपने मोबाइल में Pay App खोलकर उस बार कोड को Scan कर लिया, इसके बाद फ्रॉड ने कहा अभी आपके अकाउंट में पैसे नहीं गए हैं एक और बार कोड भेज रहा हूँ, इसको भी स्कैन करो, उत्तम कुमार ने फिर से Scan कर लिया, इसी तरह से फ्रॉड व्यक्ति ने पांच बार बार कोड भेजा, उत्तम कुमार ने पांच बार Scan किया और पाँचों बार उनके अकाउंट से 20000-20000 रुपये निकलते गये.

इस तरह से उत्तम कुमार के 1 लाख रुपये लूट लिए गए, बाद में उन्हें Debit से मैसज मिलने पर बता चला कि उनके पैसे निकाल लिए गए हैं.  उसके बाद उन्होंने दौड़ भाग लगाई, KP Pur थाना में उन्होंने शिकायत दी जिसपर पुलिस ने दिनांक 12/06/2020 को IPC 420 के तहत मुकदमा नंबर 227 दर्ज किया।

इस मुक़दमे को दर्ज हुए 7 महीनें हो चुके हैं लेकिन पुलिस अभी तक आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर पायी है, दरअसल ऐसे अपराधियों को पकड़ना बहुत मुश्किल होता है क्योंकि ये लोग फर्जी आईडी से सिम लेते हैं, फर्जी आईडी से बैंक खाता खुलवाते है और फर्जी SIM से ही फोन पर बातचीत करते हैं और फ्रॉड करने के बाद SIM को बंद कर देते हैं. पुलिस कुछ दिनों तक दौड़ भाग करती है और उसके बाद शांत होकर बैठ जाती है.

उत्तम कुमार ने बताया क़ि बैंक अकाउंट स्टेटमेंट से उन्हें पता चला है कि उनके अकाउंट से पैसे जयपुर के किसी केनरा  बैंक के अकाउंट से निकाले गए हैं, पुलिस को वहां जाकर अकाउंट होल्डर की  पूरी डिटेल निकलवानी चाहिए क्योंकि बैंक वालों के पास खाताधारकों की हर डिटेल होती है.

इन मोटरसाइकिल चोरों को पहचाने तो तुरंत 100 नंबर पर फोन करें, पुलिस इनाम भी देगी

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फरीदाबाद 27 दिसंबर: फरीदाबाद पुलिस ने कुछ चोरों की तस्वीर जारी की है जिसे जनता से पहचानने पर 100 नंबर पर फोन करने की अपील की है.

 फरीदाबाद पुलिस का कहना है कि इन चोरों को देखते इस नंबर पर फोन करें और इनाम भी पाएं.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि फरीदाबाद में मोटरसाइकिल चोरी की वारदातें बढ़ गई हैं सेक्टर 55, 56 और बल्लभगढ़ में पिछले एक हफ्ते में कई मोटरसाइकिल चोरी हो चुकी हैंं.

सिंघु बॉर्डर पर रोड जाम करके बैठे आंदोलनकारियों तक युथ कांग्रेस ने पहुँचाया जरूरत का सामान

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फरीदाबाद, 26 दिसंबर: दिल्ली में रोड जाम करके बैठे आंदोलनकारी किसानों को कांग्रेस पार्टी पूरी ताकत से मदद पहुंचा रही है. युथ कांग्रेस ने आज जरूरत का सामान भेजा।

युथ कांग्रेस ने खुद ट्वीट करके इसकी जानकारी दी, ट्विटर पर - लिखा - देर रात सिंघु बॉर्डर पर देश बचाने की लडाई लड़ रहे अन्नदाताओं को IYC अध्यक्ष @srinivasiyc एवं युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने रोजमर्रा की ज़रूरतों से संबंधित समान वितरित किया,

कांग्रेस का एक-एक कार्यकर्ता हिंदुस्तान के किसानों के साथ खड़ा है ।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि दिल्ली सिंघु बॉर्डर पर रोड जाम करके बैठे आंदोलनकारी किसानों को 31 दिन हो चुके हैं लेकिन किसान आंदोलन ख़त्म करने के लिए तैयार नहीं हैं, अधिकतर किसान पंजाब से आये हैं और 6 - 7 महीनों का राशन लेकर आये हैं. 

राहुल गांधी का ऐलान, जब तक कृषि कानून वापस नहीं होंगे, रोड से नहीं उठेंगे किसान

नई दिल्ली, 24 दिसंबर: कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने आज किसान आंदोलन के मुद्दे पर भारत के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मुलाकात की.

महामहिम राष्ट्रपति से मुलाकात करने के बाद राहुल गांधी ने मीडिया को संबोधित करते हुए ऐलान किया कि जब तक तीनों कृषि कानून वापस नहीं होंगे दिल्ली रोड जाम कर के बैठे आंदोलनकारी किसान नहीं उठेंगे.

राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी सोच रहे होंगे कुछ दिनों बाद किसान उठकर अपने घर चले जाएंगे जबकि ऐसा नहीं होगा, यह किसान तब तक रोड पर बैठे रहेंगे जब तक तीनों  कृषि बिल वापस नहीं होंगे.

राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा किसानों के साथ है और रहेगी, हमने राष्ट्रपति से मिलकर तीनों कृषि कानूनों को रद्द करने की अपील की है.

पौधे के अंडे में जबरदस्त स्वाद, IIT दिल्ली को मिला अंतर्राष्ट्रीय अवार्ड, मीट-मछली भी तैयार

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फरीदाबाद, 21 दिसंबर: कुछ लोग मीट-मुर्गा खाने से परहेज करते हैं, कई लोग तो मुर्गी के अंडे भी नहीं खाते, कुछ लोग इसे खाना तो चाहते हैं लेकिन जानवरों का सोचकर नहीं खाते लेकिन अब ऐसे लोगों की समस्या का IIT दिल्ली से समाधान कर दिया है.

IIT दिल्ली ने पौधे से मीट, मछली और अंडा बना दिया है. अंडे में इतना जबरदस्त स्वाद है कि UNDP ने IIT दिल्ली को अंतर्राष्ट्रीय अवार्ड भी दिया है.

IIT दिल्ली की प्रो. काव्या को यूनाइटेड नेशंस डवलपमेंट प्रोग्राम (UNDP) की ओर से मॉक एग के इनोवेशन के लिए पुरस्कार भी मिल चुका है। इस प्रोडक्ट के लिए UN की टीम ने IIT दिल्ली में विजिट की थी और इस वेजिटेरियन अंडे को पका कर भी देखा गया।

काव्या कहती हैं कि बेशक मीट प्रोटीन दालों के प्रोटीन से बेहतर है लेकिन इसमें भी अब प्रोडक्शन के लिए हार्मोन आदि का उपयोग हो रहा है और ये सुरक्षित नहीं रह गया। लगातार स्टडी में पाया कि कुछ अनाजों का प्रोटीन बिल्कुल मीट प्रोटीन के बराबर ही है। एनिमल प्रोटीन में बाइट साइज और माउथ फील अच्छा रहता है।

बंगाली भी नहीं पहचान पाए कि यह असली मछली नहीं है

अपने इस प्लांट बेस्ड मीट और मछली के ट्रायल के लिए प्रोफेसर काव्या ने बंगाल और पूर्वांचल के लोगों को बुलाया था, जिनके रोज के खाने का ये हिस्सा है।

ये ब्लाइंड टेस्टिंग थी। उन्होंने इसे मछली ही बताया और सभी लोगों ने इसे चाव से खाया कोई नहीं पहचान पाया कि ये मछली नहीं है। खास बात है कि इस मॉक मछली से ओमेगा थ्री की जरूरत भी पूरी हो जाएगी।

चिकन के लिए उन्होंने बर्गर, बन और काठी रोल में भी इसको ट्राई किया। अब टीम इंडस्ट्री के मानक के हिसाब से इसे तैयार करने का प्रयास कर रही है।

रोड जाम करके बैठे आंदोलनकारी किसानों के लिए की गयी पिकनिक टेंट की व्यवस्था, ठंड से मिलेगी राहत

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दिल्ली, 16 दिसंबर: कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली में जगह जगह रोड जाम करके खुले आसमान के नीचे बैठे आंदोलनकारी किसानों के लिए राहत की खबर है, अब तक कुछ आंदोलनकारी  खुले आसमान के नीचे बैठकर रोड जाम कर रहे थे लेकिन अब उनके लिए पिकनिक टेंट की व्यवस्था की गयी है. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि ऐसे टेंट को पिकनिक टेंट इसलिए कहा जाता है क्योंकि जब लोग पिकनिक बनाने या बाहर घूमने जाते हैं तो पहले से ऐसे टेंट की व्यवस्था करके जाते हैं ताकि खुले आसमान में नीचे बैठने या लेटने पर इसका इस्तेमाल कर सकें, लेकिन अब किसान भी इस टेंट का इस्तेमाल कर रहे हैं क्योंकि मजबूरीवश ये लोग भी कई दिनों से खुले आसमान के नीचे बैठे हैं.

इस व्यवस्था ने आंदोलनकारी किसानों को कड़कती ठंड से राहत मिलेगी, बिस्तर और कम्बल का इंतजाम पहले से ही था लेकिन टेंट के इंतजाम से अब धरना देने में मुश्किल नहीं आएगी, भोजन पानी की व्यवस्था 6 महींने के लिए पहले ही की गयी है इसलिए आंदोलनकारी किसानों को भूखा भी नहीं रहना पड़ेगा।

इससे पहले ठण्ड और महामारी की वजह से करीब 15 आंदोलनकारी किसानों की जान गयी है, पहले किसी को पता नहीं था क़ि आंदोलन लंबा खींचेगा लेकिन अब ऐसा लग रहा है कि एक दो महीनें रोड पर बैठना पड़ सकता है इसलिए सभी तरह के इंतजाम किये जा रहे हैं.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि आंदोलनकारी किसानों ने दिल्ली के पांच मुख्य रास्तों को जाम करने की चेतावनी दी थी, अब तक शिंभू बॉर्डर, टिकरी बॉर्डर, चिल्ला बॉर्डर, गाजियाबाद बॉर्डर को जाम किया जा चुका है, सिर्फ फरीदाबाद बॉर्डर खुला हुआ है. 

किसानों का प्लान दिल्ली को पूरी तरह से बंधक बनाने की है, अगर पाँचों रास्ते जाम हो जाएंगे तो दिल्ली वालों का दाना पानी बंद हो जाएगा और आर्थिक हालत खस्ता हो जाएगी, किसान सोच रहे हैं कि दिल्ली को बंधक बनाने के बाद केंद्र सरकार कृषि कानूनों को वापस लेने के लिए मजबूर हो जाएगी।
 

देश की अर्थव्यवस्था तबाह करने में सफल हो रहे आंदोलनकारी किसान, अबतक 70 हजार करोड़ का नुकसान

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नई दिल्ली: कृषि कानून के विरोध में आंदोलनकारी किसान करीब 20 दिन से धरना दे रहे हैं और कई रोड जाम करके बैठे हैं, इन किसानों ने प्लान बनाया है कि रोड जाम करके देश की अर्थव्यवस्था को इतना तबाह कर देंगे कि सरकार कृषि कानूनों को वापस लेने के लिए मजबूर हो जाएगी।

आंदोलनकारी किसानों का प्लान काफी कामयाब भी होता दिख रहा है, ASSOCIAM की रिपोर्ट के मुताबिक़ किसान आंदोलन से रोजाना 3500 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है, इस हिसाब से अब तक करीब 70 हजार करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है.

अगर किसानों ने इसी तरह से रोड जाम किये रखा तो जल्द ही नुकसान का आंकड़ा लाखों करोड़ के पास पहुँच जाएगा और आंदोलनकारी किसान देश की अर्थव्यवस्था तबाह करने के अपने मकसद में कामयाब हो जाएंगे, हालाँकि आंदोलनकारी किसान भी अपनी जिद से मजबूर हैं, उन्हें पहले ऐसा लग रहा था कि उनके विरोध के चलते केंद्र सरकार कृषि कानूनों को वापस लेने के लिए बिवश हो जाएगी लेकिन केंद्र सरकार भी अपनी जिद छोड़ने को तैयार नहीं है.

केंद्र सरकार सोच रही है कि ये आंदोलनकारी किसान दो चार दिन धरना देकर टाइम पास करके चले जाएंगे लेकिन ऐसा कुछ नहीं हो रहा है, आंदोलनकारी किसान कह रहे हैं कि हमारे पास 6 महीनें का पूरा राशन है इसलिए हमें कोई दिक्कत नहीं है, हम  जरूरत पड़ेगी तो 6 महीनें तक भी रोड पर बैठने को तैयार हैं.

ASSOCIAM का कहना है कि इस आंदोलन का जल्द ही समाधान ना निकाला गया तो देश की अर्थव्यवस्था को बहुत नुकसान हो जाएगा और देश के लिए यह ठीक नहीं होगा। अब देखते हैं कि इस समस्या का समाधान कब तक निकल पाता है.

दिल्ली की जनता को हो गया है AAP से प्यार, UP वाले भी चाहते हैं हम वहां बनाएं सरकार: केजरीवाल

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नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी ने दिल्ली में तीन बार सरकार बनायी है, पिछले आठ वर्षों से अरविन्द केजरीवाल वहां के मुख्यमंत्री हैं. केजरीवाल का कहना है कि अब दिल्ली की जनता को आम आदमी पार्टी से इतना प्यार हो गया है कि किसी और पार्टी की तरफ देखना भी नहीं चाहती और सिर्फ आम आदमी पार्टी को वोट देना चाहती है.

आम आदमी पार्टी के मुखिया और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने मंगलवार ( 15 दिसंबर, 2020 ) को प्रेस-कॉन्फ्रेंस करके उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव लड़ने का ऐलान किया, केजरीवाल ने कहा कि जैसे दिल्ली को नंबर-1 बनाया है, वैसे ही उत्तर प्रदेश को भी नंबर-1 बनाऊंगा।

अरविन्द केजरीवाल ने कहा कि जैसे दिल्ली में मोहल्ला क्लिनिक खोला हूँ, वैसे यूपी में भी मोहल्ला क्लिनिक खोलूंगा, जैसे दिल्ली में अच्छे अस्पताल बनाया हूँ, वैसे यूपी में भी अच्छे अस्पताल बनाऊंगा, जैसे दिल्ली में फ्री बिजली दिया हूँ, वैसे यूपी में भी फ्री बिजली दूंगा। जैसे दिल्ली में अच्छे स्कूल बनाया हूँ, वैसे यूपी में भी अच्छे स्कूल बनाऊंगा। केजरीवाल ने कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता ने सभी पार्टियों को सरकार बनानें का मौक़ा दिया लेकिन विकास किसी ने नहीं किया, सिर्फ भ्रस्टाचार किया।

केजरीवाल ने आगे कहा कि जैसे दिल्ली बदलकर दिखाया हूँ। वैसे ही उत्तर प्रदेश को बदलकर दिखाऊंगा, दिल्ली में हमने यह साबित कर दिया कि सरकारों में पैसे ही कमी नहीं होती बल्कि नियत की कमी होती है। केजरीवाल ने कहा की आज हर यूपीवासी एक ईमानदार सरकार चाहता है, यूपी वालों का सपना पूरा करेगी आम आदमी पार्टी।

केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली वालों ने सिर्फ एक बार आम आदमी पार्टी को मौक़ा दिया, उसके बाद उन्हें इतना अच्छा विकास मिला कि बाकी सभी पार्टियों को भूल गए, यही वजह है कि दिल्ली में लगातार तीसरी बार आम आदमी पार्टी की सरकार बनी। केजरीवाल ने उत्तर प्रदेश के लोगों से अपील करते हुए कहा कि आप भी एक बार आम आदमी पार्टी को मौक़ा देकर देखिये, मैं वादा करता हूँ। इसके बाद आपको इतना विकास मिलेगा कि बाकी सारी पार्टियों को भूल जाओगे।

आम आदमी पार्टी 2022 में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव तो लड़ेगी, केजरीवाल ने इसका एलान किया, हालाँकि अकेले लड़ेगी या किसी से गठबंधन करेगी, केजरीवाल ने ये स्पष्ट नहीं किया।

कई राज्यों के किसान संगठन पहुंचे दिल्ली, कृषि मंत्री से मिलकर बोले, रद्द ना करें कृषि कानून

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नई दिल्ली, 14 दिसंबर: कृषि कानून को लेकर केंद्र सरकार को किसानों का समर्थन बढ़ता ही जा रहा है, कल भी उत्तराखंड के किसान संगठनों ने कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर से मिलकर नए कृषि कानून के जरिये किसानों का जीवन बदलने के लिए धन्यवाद दिया था.

आज किसानों का समर्थन और बढ़ गया, करीब 10 राज्यों के किसान संघटनों ने कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर से मुलाक़ात की और कृषि कानून के लिए उनका आभार जताया, किसान नेताओं ने यह भी कहा कि दबाव में यह कानून रद्द करने की भूल ना करें क्योंकि यह कानून किसानों की जिंदगी में बदलाव करेगा। इस कानून से किसानों को कई विकल्प मिलेंगे और उनकी कमाई में इजाफा होगा।

कृषि मंत्री से मिलने वाले किसानों में उत्तर प्रदेश, केरला, तमिलनाडु, तेलंगाना, बिहार और हरियाणा के किसान संगठन शामिल थे, इसकी अगुवाई आल इंडिया किसान कोआर्डिनेशन कमेटी ने की.