Palwal Assembly

Showing posts with label Tourism Places. Show all posts

महीना कोई भी हो, यहाँ पर हजारों लोग रोजाना बन जाते हैं अप्रैल फूल, पढ़ें क्यों

faridabad-badkhal-lake-make-april-fool-to-thousands-people-delhi-ncr

फरीदाबाद: हमारे शहर में एक ऐसा स्थान है जो रोजाना हजारों लोगों को अप्रैल फूल बना देता है, महीना कोई भी चल रहा हो लेकिन यहाँ पर अप्रैल फूल बनना तय है.

बडखल रोड पर जाते ही बडखल झील का बोर्ड दिखाई पड़ता है, बोर्ड में बोटिंग और स्वीमिंग पूल भी लिखा है, लोग सोचते हैं कि यहाँ पर कोई झील होगी, पानी से लबालब भरी होगी, वहां स्वीमिंग की भी सुविधा होगी, मनमोहक नजारा होगा.

यही सोचते हुए हजारों लोग झील के रास्ते पर अपनी गाडी मोड़ देते हैं लेकिन झील परिसर के अन्दर जाते ही अपने सर पर हाथ रख लेते हैं, लोग मन में यही कहते हैं कि यार मैं तो अप्रैल फूल बन गया, यहाँ तो खँडहर है. देखा था झील का ख्वाब लेकिन निकला खँडहर.

badkhal-lake-image

हमारी राय है कि इसका नाम तुरंत बदलकर बडखल खँडहर रख देना चाहिए, बाद में अगर इसमें पानी भरकर इसे झील बनाया जाए तो फिर से इसका नाम बदलकर बडखल झील कर दिया जाए, कम से कम लोग अप्रैल फूल तो नहीं बनेंगे, अगर इसका नाम बडखल खँडहर रख दिया जाएगा तो लोग मन में खँडहर का विचार करके इस स्थान को देखने जाएंगे, अभी तो लोग मन में झील देखने का विचार करके यहाँ आते हैं लेकिन उन्हें मिलता है खँडहर. देखिये बडखल खंडहर का वीडियो ताकि आप अप्रैल फूल ना बनें.


सिद्धडाटा आश्रम पहुंचकर बोले हरियाणा के DGP बलजीत सिंह संधू, आज पूरी हो गयी मेरी मन की मुराद

haryana-gdp-baljeet-singh-sandhu-reached-sidhdata-ashram-news

फरीदाबाद: सूरजकुंड रोड से गुजरते हुए लोगों की नजर श्री सिद्धदाता मंदिर और आश्रम पर जरूर पड़ती है और लोगों का इसे देखने का मन करता है. ऐसा ही हरियाणा के DGP बलजीत सिंह संधू के साथ हुआ, वह भी इस रास्ते से गुजर रहे थे तो उनका आश्रम देखने का मन किया और वह आश्रम के अन्दर पहुँच गए.

हरियाणा के डीजीपी बी एस संधू परसों श्री सिद्धदाता आश्रम पहुंचे और पूर्जा अर्चना की। उन्होंने कहा कि यहां से गुजरते हुए मेरी नजर आश्रम पर पड़ती थी तो यहां आना चाहता था लेकिन आज आकर मेरी मुराद पूरी हुई है। 

DGP संधू ने इसे उनके जीवन में ऐतिहासिक क्षण बताया। उन्होंने कहा कि यहां आकर उन्हें बड़ी शांति मिली है। उन्होंने आश्रम के अधिष्ठाता श्रीमद जगदगुरु रामानुजाचार्य स्वामी श्री पुरुषोत्तमाचार्य जी महाराज से आशीर्वाद लिया और अगली बार परिवार के साथ आने की इच्छा व्यक्त की। 

इस अवसर पर जगदगुरु स्वामी पुरुषोत्तमाचार्य जी महाराज ने कहा कि डीजीपी बीएस संधू जैसे धार्मिक विचारों वाले व्यक्ति समाज में प्रेरणा का कार्य करते हैं। हम चाहते हैं कि लोग श्री संधू से प्रेरणा लेकर समाजहित में कार्य करें। 

इस अवसर पर स्वामी संपूर्णानंद ब्रह्मचारी जी, डीसीपी हेडक्वार्टर विक्रम कपूर जी भी विशिष्ट रूप से मौजूद रहे।

सूरजकुंड मेले का आज अंतिम दिन, दुकानदारों ने सस्ते किये सामान

faridabad-surajkund-mela-ending-day-today-18-february-2018

फरीदाबाद: 32वें अंतर्राष्ट्रीय सूरजकुंड मेले का आज अंतिम दिन है. यह मेला 2 फ़रवरी से 18 फ़रवरी तक है, आज अंतिम दिन होने की वजह से दुकानदारों ने सामान सस्ते कर दिए हैं, जो सामान 500 रुपये के थे आज सिर्फ 200-300 रुपये में हैं और जो सामान 5000 में थे आज सिर्फ 2000 के आस पास हैं, कोई भी दुकानदार अपना सामान वापस लेकर नहीं जाना चाहते इसलिए औने पौने दाम में सामान बेचकर निकल रहे हैं.

आपको बता दें कि मेलें में आये शिल्पकारों ने कल से ही लोगों को लुभाने के लिए आकर्षक ऑफर निकाले हैं,  मेले में आज विभिन्न स्कूलों व कालेजों के विद्यार्थियों ने भी शिरकत की।

आज रविवार होने की वजह से मेला में अपार भीड़ आने की संभावना है इसलिए दुकानदारों ने सामान के दाम कम कर दिए हैं ताकि आज लोग खरीदने में कंजूसी ना करें.

कई केंद्रीय मंत्रियों, सांसदों और विधायकों की पत्नियों ने की सूरजकुंड मेले की सैर

many-ministers-wife-visit-surajkund-international-crafts-mela-photo

फरीदाबाद: 32 सूरजकुंड अंतराष्ट्रीय क्राफ्ट मेलें में आज केंद्र सरकार के कई मंत्रियों की पत्नियों ने जमकर सैर सपाटा किया. इन खास मेहमानों के अतिथि सत्कार की भूमिका उद्योग मंत्री विपुल गोयल ने निभाई। 

आपको बता दें कि केंद्रीय मंत्री चौधरी वीरेंद्र सिंह की पत्नी प्रेमलता, संजीव बालियान की पत्नी, जेपी नड्डा की पत्नी डॉ मलिका नड्डा, धर्मेंद्र प्रधान की पत्नी मृदुला प्रधान, प्रकाश जावडेकर की पत्नी प्राची जावडेकर, जितेंद्र सिंह की पत्नी मंजू सिंह, जनरल वीके सिंह की पत्नी भारती सिंह ,विजय गोयल की पत्नी प्रीति गोयल और संजीव बालियान की पत्नी सुनीता बालियान सहित कई सांसदों की पत्नियों ने भी सूरजकूंड मेले की सैर की।

इन सभी का उद्योग मंत्री विपुल गोयल ने स्वागत किया और हरियाणा रसोई में लंच भी करवाया। सभी ने हरियाणवी खाने की जमकर तारीफ की। साथ ही सभी ने बनारस घाट, यूपी के पंडाल और बनारस घाट का भी दौरा किया। 

इस मौके पर पगडी बांधकर मंत्रियों की पत्नी का स्वागत किया गया, साथ ही चौपाल पर सभी मेहमानों ने कजाकिस्तान के पारंपरिक नृत्य का भी आनंद लिया। इस मौके पर उचाना से विधायक प्रेमलता ने कहा कि राजनीतिक कार्यों के बीच इस तरह का सैर सपाटा एक नई स्फूर्ति प्रदान करता है। वहीं संजीव बालियान की पत्नी सुनीता बालियान ने कहा कि देशों में देश हरियाणा जित दूध दही का खाना, उन्होने कहा कि हरियाणा उनका मायका है और सूरजकूंड मेले से हरियाणा की देश में ही नही विदेशों में भी पहचान है। वहीं उद्योग मंत्री विपुल गोयल ने सभी मंत्रियों की पत्नियों का तोहफे देकर भी सम्मान किया। इस मौके पर मेले के मुख्य प्रबंधक समीरपाल सरों भी मौजूद रहे।      

Valentine Day पर सूरजकुंड मेले में बढ़ी प्यार के तोहफे खरीदने वालों की भीड़

valentine-day-gift-demand-increased-in-surajkund-crafts-mela-news

फरीदाबाद: कल वेलेंटाइन-डे है जिसकी वजह से 32वें इंटरनेशनल सूरजकुंड क्राफ्ट मेले में प्यार के तोहफों की मांग बढ़ गयी है और इन्हें खरीदने वाली की भीड़ लगनी शुरू हो गयी है. आज से ही युवाओं ने VALENTINE DAY को खास बनाने के लिए जमकर गिफ्ट्स खरीदना शुरू कर दिया है.

VALENTINE DAY के अवसर पर सूरजकुंड मेला भी रंग-बिरंगे फूलों व गिफ्टस आइटम से सज गया है. शिल्पकारों ने वेलेंटाइन डे को लेकर अपनी दुकानों को बढ़िया तरीके से सजाया हुआ है. जो लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रही हैं. बदलते ट्रेंड के चलते सूरजकुंड मेला में वेलेंटाइन गिफ्ट्स की अलग-अलग वैरायटी भी दिखाई दे रही हैं. वेलेंटाइन डे के मद्देनजर सूरजकुंड मेला परिसर में सजी दुकानों पर ग्राहकों की भारी भीड दिखाई दी.

जिन युवा-युवतियों की नई-नई शादी हुई है उन्होंने वेलेंटाइन डे को लेकर मेला में खूब खरीददारी की. उनका कहना है वह शादी के बाद पहले वेलेंटाइन को यादगार बनाना चहते हैं। हिमांशु-दिव्या ने बताया कि उनकी शादी इसी महीने में हुई है. शादी से पहले वेलेंटाइन डे मनाए लेकिन शादी के बाद पहला वेलेंटाइन है, बहुत अच्छा लग रहा है।

सूरजकुंड मेले में राजू श्रीवास्तव ने दिखाया अपनी कॉमेडी का जलवा, हँसते-हँसते लोट-पोट हुए दर्शक

comedian-raju-shrivastava-in-surajkund-international-crafts-mela

फरीदाबाद: 32 वें सूरजकुंड अंतर्राष्ट्रीय मेलें में कुछ न कुछ प्रोग्राम लगातार हो रहा है. कल शाम को माने जाने कामेडियन स्टार राजू श्रीवास्तव ने सूरजकुंड मेलें में खूब हास्य के रंग बिखेरकर दर्शकों को लोटपोट कर दिया

राजू श्रीवास्तव ने इस समय देश में जोरशोर से चल रही पकौड़ा पोलिटिक्स पर भी कॉमेडी करके लोगों का खूब मनोरंजन कराया, सूरजकुंड में जगमगाती रौशनी के बीच खूबसूरत माहौल में नोटबंदी को भी कॉमेडी का विषय बनाया.

अभिनेता दिलीप कुमार और राजकुमार के अंदाज में आवाज निकालकर भी राजू ने खूबसूरत प्रस्तुति दी। हरियाणवी अंदाज से भी राजू श्रीवास्तव ने दर्शकों को देर तक कार्यक्रम के साथ जोड़े रखा, होली शिवरात्रि वैलेंटाइन डे की चर्चा भी कामेडी का केंद्र रही. मोदी जी की शख्सियत भी कार्यक्रम में चर्चा की विषय रही.

बता दें अपनी कॉमेडी से अन्तराष्ट्रीय सूरजकुंड क्राफ्ट मेलें में रंग बिखेरने वाले राजू श्रीवास्तव ने कहा कि हास्य योग से बड़ा कोई योग नहीं है जो आज की भाग-दौड़ भरी जिंदगी में आपको तन और मन से खुश रखता है, हास्य से एक ओर जहां आपका मानसिक स्वास्थ्य ठीक रहता है वहीं दूसरी ओर आप स्वयं को सकारात्मक सोच के साथ सदैव उर्जावान महसूस करते हैं।

आग लगाकर बनारस का पान खिला रहे हैं सूरजकुंड मेले में आये विवेक पाण्डेय, लगी लम्बी लाइन

fire-pan-in-surajkund-international-crafts-mela-rajesh-pandey-banaras

फरीदाबाद: पान तो आपने बहुत खाया होगा। लेकिन फायर पान शायद ही आपने कभी खाया होगा, आमतौर पर पान को अधिकतर लोग शौक के लिए खाते हैं. इस शौक में इजाफा करते हुए सूरजकुंड मेले में आये विवेक पाण्डेय आग लगाकर बनारस का पान खिला रहे हैं.

फरीदाबाद के 32वें सूरजकुंड अंतर्राष्ट्रीय क्राफ्ट मेले में आग लगाकर पाने खाने वालों की लाइन लगी है. यहां फूड कोर्ट में पांडेय पान पैलेस का फायर पान का स्वाद युवाओं को खूब भा रहा है।

फायर पान लगाने वाले विवेक पाण्डेय उत्तर प्रदेश के बनारस से हैं. विवेक अपने खानदानी काम को आगे बढ़ रहे हैं. विवेक पण्डेय ने बताया की वो देश भर के बड़े -बड़े मेलें में अपने फायर पान की दूकान लेकर सिरकत करते हैं.

आपको बता दें की फायर पान में स्पेशल गुलकंद, फ्लेवर चटनी, जवाहर चटनी, ड्राइफ्रूट, ब्रास माउथफ्रेशर डालने के बाद उसमें आग लगा दी जाती है, लेकिन खाने से पहले आग बुझ जाती है, जिससे पान खाने वालों को कोई नुकसान नहीं होता. फायर पान खाने में युवा ज्यादा दिलचस्पी दिखा रहे हैं. कुछ युवाओं ने बताया की शुरू में डर तो लगा पर जब दूसरों को देखा तो हिम्मत बढ़ गई.

अपने हौसले की परीक्षा लेनी है तो रेंजर झूले में जरूर बैठें, कमजोर दिल वाले ना बैठें, VIDEO

ranger-jhula-video-in-surajkund-international-craft-mela-faridabad

फरीदाबाद: सूरजकुंड मेले ने इस बार ज्यादा ही धूम बचा रखी है, रोजाना लाखों लोग इस मेले में आ रहे हैं और फुल एन्जॉय कर रहे हैं. मेले में कई झूले हैं लेकिन रेंजर झूले का रोमांच ही अलग है, लोग अपने हिम्मत, साहस और जिगर की परीक्षा लेने के लिए इस झूले में बैठते हैं और शकुशल बाहर निकलने पर चैन की सांस लेते हैं.

इस झूले में मानसिक रोगी और कमजोर दिल वालों की जान को खतरा है इसलिए ऐसे लोग ना बैठें, 8 साल से कम उम्र के बच्चों को भी झूले में बैठने पर रोक है. अगर पहले कभी अन्य झूले में बैठे हैं तभी बैठें वरना साँसें अटक सकती हैं.

surajkund-ranger-jhula-photo

नीचे हम रेंजर झूले की वीडियो दे रहे हैं जिसे देखकर आप विचार कर सकते हैं कि आपको झूले में बैठना चाहिए या नहीं. हमने खुद इस झूले में बैठकर इसका रोमांच लिया है, आप भी सूरजकुंड जाकर इस झूले का रोमांच ले सकते हैं और अपने हिम्मत और साहस की परीक्षा भी ले सकते हैं.

Surajkund Faridabad, Best Tourist Place at the Corner of Delhi

surajkund faridabad

Surajkund Lake Faridabad:

Surajkund (literal meaning is 'Lake of the Sun') is an artificial Kund (‘Kund’ means lake or reservoir) built in the backdrop of the Aravalli hills with an amphitheatre-shaped embankment constructed in semicircular form. It is said to have been built by the Tomar king Suraj Pal of Tomar dynasty in the 10th century. Tomar was a sun worshipper and he had therefore built a Sun temple on its western bank.

Surajkund is an ideal picnic spot, as it is situated only 8 kms. away from South Delhi. Substantiating this belief, there are ruins of a Sun Temple around the sunpool. The complex includes a beautifully done-up garden and a pool - Siddha Kund.

More importantly, Surajkund has earned fame for hosting the world acclaimed Surajkund International Crafts Mela organised here every year. Celebrated during 1st to 15th February, this is a fair that showcases the Indian handicrafts, handlooms and folk traditions. Set amidst a rich rural backdrop, the fair offers a lot of fun, frolic, entertainment and exclusive shopping opportunities. The fair comes alive with truly exotic, exquisite and exclusive ethnic items that range from delicately embroidered fabrics, hand woven furnishings, terracotta artefacts, jewellery, metal and cane-ware. Not to miss, a variety of mouth-watering Indian cuisines at the Food Court.

Moreover, the Chaupal and Natyashala pulsate with, folk dances and musical evenings that add riot of colours and euphoria of rhythm to the entire experience.

Every year national and state awardee crafts persons from all the corners of India participate in the Fair. The year 2013 witnessed the 27th Surajkund International Crafts Mela.

The Mela is an annual event that highlights some of the finest handloom and handicraft traditions of the country.

The first fortnight of February sees the rural India bask in the warmth of admiration at Surajkund Mela village that lies about 8 kms. from South Delhi. The Mela also celebrates the heritage, culture and art forms. A different theme State is chosen every year that puts its best foot forward.

Surajkund Ticket

surajkund ticket price

Surajkund Information


Live View: Video