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सूरजकुंड मेले में बम डिस्पोजल टीम ने विस्फोटक ढूंढकर सफलतापूर्वक किया डिफ्यूज - मोकड्रिल सफल


फरीदाबाद: सूरजकुंड मेला आज शकुशल संपन्न हो गया, फरीदाबाद पुलिस ने मेला को शकुशल संपन्न कराने में अपनी पूरी ताकत लगा दी, मेले के दौरान पुलिस सभी मुसीबतों से लड़ने को तैयार थी. आज मोक-ड्रिल करके पुलिस ने अपनी तैयारियों को डेमो भी पेश किया.

मेले में आज विस्फोटक को ढूंढकर डिफ्यूज करने के डेमो पेश किया गया, कृत्रिम विस्फोटक पदार्थ को एक जगह पर रखकर उसको चिन्हित किया गया और उसकी भी घेरा बंद कर ली गई लोगों को तुरंत वहां से हटाया गया और बम डिस्पोजल टीम ने मौके पर जाकर उस जगह का मुआयना किया एवं विस्फोटक पदार्थ को ढूंढ निकाला और सुरक्षित तरीके से उसको निष्क्रिय किया गया। 

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इन दोनों ही कार्यों को मुख्य मेला सुरक्षाअधिकारी नीतिका गहलोत की देखरेख में बड़ी ही सफलता पूर्वक अंजाम दिया गया और समय रहते हुए सभी कार्य प्रणाली को सुचारु रुप से अंजाम दिया गया घायलों को नजदीकी  चिकित्सा केंद्र भेजा गया , सभी कार्य बड़ी सफलता पूर्वक बिना किसी रोक-टोक के समय से पहले सफल हुए। 

इस कार्यप्रणाली में कोई भी नुकसान एवं जन हानि नहीं हुई। 

डीसीपी मेला अधिकारी नितिका ने इस कार्य को सफलतापूर्वक अंजाम देने के लिए इसमें हिस्सा लेने वाली टीमों को द्वारा किए गए सराहनीय कार्य की प्रशंसा की।

मेला डिजास्टर रिसांपोस टीम के अधिकारी वरुण सिगंला एएसपी की दोनों टीम फायर बिग्रेड व बम्ब डिस्पोजल टीम को प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया गया।

इस मौके पर मेला पुलिस अधिकारी नीतिका गहलोत, के आलावा चंद्र मोहन आईपीएस, शशांक आईपीएस, वरुण सिंगला आईपीएस एएसपी, एसीपी रविंदर कुंडू, एसीपी पूजा डाबला, एसीपी भगत सिंह , रमेश कुमार, वह सभी गेटों के पुलिस  इंचार्ज इत्यादि मौजूद थे।

स्वास्थ्य विभाग फरीदाबाद की तरफ से गुलशन अरोड़ा, डॉ विशाल, सर्वोदय हॉस्पिटल की तरफ से डॉ राज मिश्रा, अनिल भारद्वाज, पंकज मिश्रा, साहिल एवं शिवा मौजूद थे।

फायर ब्रिगेड की तरफ से हरि सिंह सैनी सूरजकुंड मेला नोडल ऑफिसर, राजेंद्र दहिया डिस्ट्रिक्ट फरीदाबाद फायर ऑफिसर इत्यादि मौजूद थे।

इस मोकड्रिल का मकसद अचानक कहीं पर होने वाली आगजनी, प्राकृतिक आपदा एवं आतंकवादी घटनाओं से निपटना था।

पुलिस प्रवक्ता सूबे सिंह ने बताया कि मॉक ड्रिल का अभ्यास सफल रहा। मॉक ड्रिल में ज्यादा से ज्यादा इस बात का ध्यान रखा गया है कि आगजनी या अन्य किसी भी प्रकार की होने वाली आपदा में जान व माल को बचाया जा सके।

हर मुसीबत से लड़ने को तैयार थी फरीदाबाद पुलिस, सूरजकुंड मेला को शकुशल कराया संपन्न

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फरीदाबाद: सूरजकुंड मेला आज शकुशल संपन्न हो गया, फरीदाबाद पुलिस ने मेला को शकुशल संपन्न कराने में अपनी पूरी ताकत लगा दी, मेले के दौरान पुलिस सभी मुसीबतों से लड़ने को तैयार थी. आज मोक-ड्रिल करके पुलिस ने अपनी तैयारियों को डेमो भी पेश किया.

सूरजकुंड मेले में आज डीसीपी मुख्यालय मेला सुरक्षाधिकारी नीतिका गहलोत की देखरेख में मेले की सुरक्षा को चाक चौबंद करने के लिए एक मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया।

यह मोक ड्रिल दोनों तरह प्राकृतिक/ कृत्रिम आपदा  आगजनी के वक्त होने वाली कार्यविधि को परखने के लिए की गई थी, जिसमें निम्नलिखित कार्यवाही हुई।  

किसी भी सार्वजनिक स्थान पर आग लगने की स्थिती से कैसे निपटा जाये इसके लिये कृत्रिम रुप से ऐसी परिस्थितियां पैदा की गई,  और पब्लिक द्वारा मेले में हुई आगजनी की सूचना कंट्रोल रूम को दी गई। 

उन्होंने इसकी सूचना तुरंत डीसीपी मुख्यालय एवं मुख्य मेला सुरक्षाधिकारी को दी।

उन्होंने तुरंत संज्ञान लेते हुये यह सूचना सभी जोनल एसीपी एवं गेट इंचार्ज और मेला डिजास्टर रिस्पांस टीम हेड आइ पी एस वरुण सिंगला के साथ साथ फायर ब्रिगेड और स्वास्थय विभाग एवं सर्वोदय हास्पिटल को दी।

सभी टीमें मेला अधिकारी के निर्देशानुसार फोन घटनास्थल पर पहुंचे। घटनास्थल पहुंचते ही घटनास्थल की घेरा बंद कर ली गई और तुरंत ही एमरजेंसी गेट खोल दिए गए। 

और भीड़ को घटनास्थल से दूर ले जाते हुए और निकाल दिया गया। फायर ब्रिगेड ने आग पर काबू पाया और घायलों को तुरंत चिकित्सा केंद्र पर पहुंचाया गया। 

इसी प्रकार एक कृत्रिम विस्फोटक पदार्थ को एक जगह पर रखकर उसको चिन्हित किया गया और उसकी भी घेरा बंद कर ली गई लोगों को तुरंत वहां से हटाया गया और बम डिस्पोजल टीम ने मौके पर जाकर उस जगह का मुआयना किया एवं विस्फोटक पदार्थ को ढूंढ निकाला और सुरक्षित तरीके से उसको निष्क्रिय किया गया। 

इन दोनों ही कार्यों को मुख्य मेला सुरक्षाअधिकारी नीतिका गहलोत की देखरेख में बड़ी ही सफलता पूर्वक अंजाम दिया गया और समय रहते हुए सभी कार्य प्रणाली को सुचारु रुप से अंजाम दिया गया घायलों को नजदीकी  चिकित्सा केंद्र भेजा गया , सभी कार्य बड़ी सफलता पूर्वक बिना किसी रोक-टोक के समय से पहले सफल हुए। 

इस कार्यप्रणाली में कोई भी नुकसान एवं जन हानि नहीं हुई। 

डीसीपी मेला अधिकारी नितिका ने इस कार्य को सफलतापूर्वक अंजाम देने के लिए इसमें हिस्सा लेने वाली टीमों को द्वारा किए गए सराहनीय कार्य की प्रशंसा की।

मेला डिजास्टर रिसांपोस टीम के अधिकारी श्री वरुण सिगंला एएसपी की दोनों टीम फायर बिग्रेड व बम्ब डिस्पोजल टीम को प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया गया।

इस मौके पर मेला पुलिस अधिकारी नीतिका गहलोत, के आलावा चंद्र मोहन आईपीएस, शशांक आईपीएस, वरुण सिंगला आईपीएस एएसपी, एसीपी रविंदर कुंडू, एसीपी पूजा डाबला, एसीपी भगत सिंह , रमेश कुमार, वह सभी गेटों के पुलिस  इंचार्ज इत्यादि मौजूद थे।

स्वास्थ्य विभाग फरीदाबाद की तरफ से गुलशन अरोड़ा, डॉ विशाल, सर्वोदय हॉस्पिटल की तरफ से डॉ राज मिश्रा, अनिल भारद्वाज, पंकज मिश्रा, साहिल एवं शिवा मौजूद थे।

फायर ब्रिगेड की तरफ से हरि सिंह सैनी सूरजकुंड मेला नोडल ऑफिसर, राजेंद्र दहिया डिस्ट्रिक्ट फरीदाबाद फायर ऑफिसर इत्यादि मौजूद थे।

इस मोकड्रिल का मकसद अचानक कहीं पर होने वाली आगजनी, प्राकृतिक आपदा एवं आतंकवादी घटनाओं से निपटना था।

पुलिस प्रवक्ता सूबे सिंह ने बताया कि मॉक ड्रिल का अभ्यास सफल रहा। मॉक ड्रिल में ज्यादा से ज्यादा इस बात का ध्यान रखा गया है कि आगजनी या अन्य किसी भी प्रकार की होने वाली आपदा में जान व माल को बचाया जा सके।

Teddy Day और Sunday की जोड़ी ने मिलकर नहीं छोड़ी सूरजकुंड मेले में पैर रखने की जगह

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सूरजकुंड (फरीदाबाद), 10 फरवरी। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के समीप हरियाणा के फरीदाबाद में चल रहा 33वां अंतर्राष्ट्रीय सूरजकुण्ड शिल्प मेला में रविवार को पहुंचे पर्यटकों की संख्या करीब एक लाख के आस-पास रही। मेला के दूसरे वीकेंड पर मिले पब्लिक के रिस्पांस से मेला के आयोजन से जुड़े अधिकारियों तथा स्टाल लगाने वाले शिल्पकारों के चेहरों पर खासी चमक नजर आई। इतना ही सोशल मीडिया पर भी संडे को सूरजकुण्ड मेला में आए लोगों की पोस्ट दिन भर चलती रहीं। इसके अलावा Teddy Day ने भी मेले में दर्शकों की भीड़ इकठ्ठी की, Valentine Week में सूरजकुंड मेले में बहार 

रविवार को मेला आरंभ होने के पहले दो घण्टे के भीतर ही परिसर के आस-पास की सभी पार्किंग भर चुकी थी। मेला परिसर के आगे से गुजरने वाली प्रमुख सडक़ पर शाम तक ट्रैफिक रेंगकर चला। जिसके चलते पुलिसकर्मियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। मेला परिसर के भीतर की मुख्य सडक़ पर सबसे अधिक भीड़ नजर आई। मुख्य सडक़ के साथ-साथ छोटी-बड़ी चौपाल पर दिन भर चलने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों के दौरान दर्शक दीर्घाएं भरी नजर आई। 

मेला परिसर में बनारसी कपड़ों की वैरायटी लेकर आए नौशाद ने बताया कि मेला में इस बार शनिवार और रविवार को सबसे अधिक रौनक रही हैं। फूड कोर्ट के आस-पास भी संडे को दिन भर पूरी रौनक रहीं। विदेशी स्टालों पर संडे को पर्यटकों का खूब मजमा लगा रहा। सोशल मीडिया की बात करें तो रविवार सुपर संडे साबित हुआ। दिन भर पर्यटकों ने सेल्फी पोस्ट की। सपरिवार मेला घूमने आए पर्यटकों ने खरीददारी के साथ खाने-पीने व झूलों का आनंद लिया। 

पहली से 17 फरवरी तक चलने वाले सूरजकुण्ड मेला का दसवां दिन रविवार को देखे गए दर्शकों के उत्साह का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मेला परिसर में दोपहर तक तो पैर धरने की जगह भी नहीं बची। मेला में भीड़-भाड़ को देखते हुए मेला प्रशासन ने विशेष इंतजाम किए गए थे। जिसके चलते भारी भीड़ के बावजूद किसी प्रकार की अव्यवस्था देखने को नहीं मिली।

जयपुर राजघराने की कथक नृत्यांगना अनु सिन्हा ने सूरजकुंड मेले में जमाया रंग

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सूरजकुंड (फरीदाबाद), 10 फरवरी। 33वें अंतर्राष्ट्रीय  सूरजकुंड क्राफ्ट मेले में रविवार की शाम कथक नृत्यांगना अनु सिन्हा के नाम रही। विश्व स्तरीय ख्याती प्राप्त देश की अग्रिम पंक्ति की कथक नृत्यांगना जयपुर राजघराने से संबंध रखतीं है। 

कथक नृत्यांगना अनु सिन्हा ने रविवार को प्रमुख चौपाल में संगीत के नए प्रयोगों तथा कल्पनाओं के माध्यम से ठुमरी और भजन गायन की रचनाएं प्रस्तुत की। उन्होंने कविताओं-गीतों को कलात्मक व विलक्षण ढंग़ से नृत्य के माध्यम से प्रस्तुत किया। देश व विदेश में अनेक कार्यक्रम कर चुकी अनु सिन्हा संगीत, नृत्य समारोह, खजुराहो संगीत समारोह, बुद्धा महोत्सव, पावस महोत्सव, ताज महोत्सव, इंडियन डांस फैस्टिवल जैसे प्रतिष्ठिïत कार्यक्रमों में नृत्य के माध्यम से अपनी विशेष पहचान बनाई हैं। 

अनु सिन्हा ने तमिलनाडू, मुंबई, दिल्ली, आगरा, छत्तीसगढ, पूणे, बिहार तथा भोपाल के विशेष एवं महत्वपूर्ण आयोजनों व कार्यक्रमों में कथक नृत्य प्रस्तुत करके अपनी अनूठी पहचान बनाई है। उन्होंने कथक नृत्य का प्रचार एवं प्रसार करने के लिए एक प्रशिक्षण केंद्र भी खोल रखा है। इस प्रशिक्षण केंद्र में लगभग आठ सौ से अधिक अलग-अलग आयु वर्ग के लोग कथक नृत्य का विधिवत प्रशिक्षण ले रहे हैं।

वैलेंटाइन वीक में मची सूरजकुंड मेले में धूम, रविवार को 1 लाख दर्शकों के जुटने की सम्भावना

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सूरजकुंड (फरीदाबाद), 09 फरवरी। वीकेंड, वैलेंटाइन वीक और सूरजकुण्ड मेला... जी हां, इस गजब संयोग का असर शनिवार को देखने को मिला। जब फरीदाबाद में चल रहे 33वें अंतर्राष्ट्रीय सूरजकुण्ड मेला परिसर में युवाओं की बड़ी भीड़ नजर आई। एक अनुमान के मुताबिक शनिवार को सूरजकुण्ड मेला परिसर में 70 हजार से भी अधिक पर्यटक पहुंचे। शनिवार की भीड़ को देखते हुए संडे को एक लाख से अधिक लोगों के मेला में पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है।  

सूरजकुण्ड मेला परिसर के भीतर की मुख्य सडक़ पर दिनभर पर्यटकों की भीड़-भाड़ से जाम की स्थिति नजर आई। दूसरे वीकेंड पर उमड़ी भीड़ से फूड कोर्ट, शिल्पकारों की स्टाल, छोटी-बड़ी चौपाल व एम्यूजमेंट पार्क एरिया में खूब चहल-पहल दिखी। मुख्य सडक़ पर देसी-विदेशी सांस्कृतिक मंडलियों की प्रस्तुतियों ने पर्ययकों का खूब मनोरंजन किया। सपरिवार बच्चों के साथ पहुंचे पर्यटकों की सबसे अधिक भीड़ एम्यूजमेंट पार्क एरिया में रहीं। 

मेला परिसर में सेल्फी के लिए बनाए गए विशेष प्वाइंट्स का आकर्षण भी शनिवार को खूब नजर आया। मेला में आने वाला हर पर्यटक बड़ी चौपाल के पीछे मुख्य सडक़ पर इंडियन क्लासिकल डांसर की विभिन्न मुद्राओं में लगाई गई कलाकृतियों के साथ फोटो खिंचवाने की महिलाओं में खूब होड़ लगी रही। वहीं महाराष्ट्र के रायगढ़ किले की प्रतिकृति पर भी दिन भर भीड़ लगी रही। 

वैलेंटाइन वीक में चाकलेट डे होने के कारण बड़ी संख्या में युवक-युवतियों ने मेला का लुत्फ उठाया। बड़ी संख्या में दिल्ली यूनिवर्सिटी व आस-पास के एजुकेशनल इंस्टीट्यूट से पहुंचे युवा पर्यटकों ने सांस्कृतिक मंडलियों विशेषकर बंचारी की नगाड़ा पार्टियों के साथ नाच गाकर अपने दिन को सेलिब्रेशन में बदल दिया।

मेले में आयोजित हुआ कवि सम्मलेन, खूब हुआ दर्शकों का मनोरंजन

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सूरजकुंड (फरीदाबाद), 09 फरवरी: 33वें अंतर्राष्ट्रीय सूरजकुंड क्राफ्ट मेले में शनिवार सायं कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस कवि सम्मेलन में पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय बार एसोसिएशन चंडीगढ के अध्यक्ष डा. अनमोल रतन सिंधू मुख्य अतिथि के तौर पर मौजूद थे।

कवि सम्मेलन में पधारे सुरेंद्र शर्मा, डा. सुरेंद्र दूबे, सरदार मनजीत सिंह, गजेंद्र सोलंकी, महेंद्र अजनबी और बुद्धि प्रकाश ने सरस्वती वंदना के साथ कवि सम्मेलन का शुभारंभ किया। कार्यक्रम का मंच संचालन कवि सरदार मनजीत सिंह ने किया। मनजीत सिंह ने काव्य पाठ के दौरान कहा कि हनुमान जी तो इतने बुद्धिमान और बलशाली थे, उन्होंने कभी भी तिल को नहीं बनने दिया ताड़, जब उन्हें संजीवनी बूटी नहीं दिखाई दी तो उठा लाए पूरा पहाड़। पुलिस वाले भी तो यही तरकीब काम में लाते हैं जब उन्हें अपराधी नहीं मिलता ना पूरा परिवार ही उठा लाते हैं। 

महेंद्र अजनबी ने हास्य व्यंग की रचनाओं से श्रोताओं को गुदगुदाया। प्रसिद्ध हास्य कवि सुरेंद्र शर्मा ने भी भारतीय संस्कृति और रिश्तों के महत्व पर बेहतरीन कविताएं सुनाई। बुजुर्गों की शान में सुरेंद्र शर्मा ने जहां रचनाएं सुनाईं वहीं नेताओं पर भी व्यंग कसे। इस देश में राजा कौरव हो या पांडव जनता तो बेचारी सीता है। ऐसी रचनाओं से भी सुरेंद्र शर्मा ने चिंतन को विवश किया। गजेंद्र सोलंकी ने देशभक्ति से परिपूर्ण कविताएं प्रस्तुत की:- भारत के परिंदों की जग में पहचान तो जिंदा है। 

हास्य कवि बुद्धि प्रकाश ने चाय पर आधारित और टाइम की कीमत विषय पर अपनी रचनाएं प्रस्तुत की। सरदार मनजीत सिंह ने पूर्व प्रधानमंत्री डा. मनमोहन सिंह की खामोशी पर भी चुटकियां लीं। कवि सुरेंद्र दूबे ने वर्तमान समय में संस्कारों, नैतिक मूल्यों में आ रही गिरावट को लेकर अपनी रचनाएं प्रस्तुत की। इस अवसर पर मुख्य चौपाल में बड़ी संख्या में दर्शकगण मौजूद थे। 

युगांडा के कलाकारों ने पेश किया रंगा-रंग कार्यक्रम, बिना पलक झपकाए देखते रहे दर्शक


सूरजकुंड(फरीदाबाद)।  33वें अंतर्राष्ट्रीय सूरजकुंड हैंडीक्राफ्ट मेले की बुधवार को बड़ी चौपाल में रंगारंग कार्यक्रमों के साथ  शुरुआत की गई । बड़ी चौपाल के रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम में युगांडा के कलाकारों द्वारा उनकी भाषा में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की की प्रस्तुति दी गई।

सांस्कृतिक कार्यक्रम में दर्शकों  को  यदि  संगीत की भाषा समझ में ना आए तो भी भाव दर्शक अवश्य समझ सकता है। इसके उपरांत राजस्थानी घूमर संगीत अंतर्राष्ट्रीय सूरजकुंड मेले के सास्कृति कार्यक्रम लोगों का आकर्षक सोंग रहा। थीम स्टेट महाराष्ट्र के कलाकारों ने गोंडा आदिवासी संस्कृति की प्रस्तुति दी। इस नृत्य के माध्यम से चैत्र माह में नई फसल आने पर तथा शादी ब्याह के शुभारंभ करने पर भगवान का धन्यवाद किया जाता है। इसके अलावा महाराष्ट्र के कलाकारों द्वारा प्रोतराज नृत्य की भी प्रस्तुति की गई। महाराष्ट्र तथा तेलांगना के बॉर्डर पर दीपावली के त्यौहार पर खुशी के साथ 15 दिनों तक यह नृत्य मनाया जाता है।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों के तहत छोटी चौपाल पर पंजाब के कलाकारों द्वारा पंजाबी गीत, शिर्डी साईं बाबा पब्लिक स्कूल के बच्चों द्वारा सांस्कृतिक डांस, इन्टर लॉ आफ रिसर्च गांव बैसाना के विद्यार्थियों द्वारा नुक्कड़ नाटक, महाराष्ट्र के कलाकारों द्वारा वीर छत्रपति शिवाजी महाराज की रणनीति पर डांस, सत्यम शिवम पब्लिक स्कूल के छात्रों द्वारा पंजाबी गीद्धा की प्रस्तुति दी गई।


ब्यूवंडी देश के कलाकारों द्वारा ड्रम मैजिक डांस, इथोपिया देश के कलाकारों द्वारा उनकी ही भाषा में डांस तथा सूडान देश के  कलाकारो द्वारा उनके राष्ट्रीय डांस की प्रस्तुति ने दर्शकों के मन को मोह लिया। दर्शकों ने भी जी भर कर तालियां बजाकर कलाकारों हौसला बधाइयां दी।


सूरजकुंड के पहले मेले में गोबर लीपती थी भंवरी, अब उसका परिवार स्टाल लगाकर मचा रहा है धूम

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फरीदाबाद: इस बार सूरजकुंड मेले में भंवरी के काफी चर्चे हो रहे हैं. भंवरी को पहले सूरजकुंड मेले में गोबर लीपने के लिए बुलाया गया था. 

भंवरी दवी की मृत्यु 2015 में हुई, उन्हें 1990 में कलाश्री और बाद मेंं शिल्प सम्मान भी मिला.

आपको बता दें कि अंतर्राष्ट्रीय ख्याती प्राप्त कर चुका फरीदाबाद का सूरजकुंड क्राफ्ट मेला आज बेशक हर साल करोड़ों लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बन चुका है लेकिन इस मेले को सजाने और यहां तक लाने के लिए बुनियाद को कई लोगों ने मजबूत किया है। इन्हीं में एक नाम शामिल है भंवरी देवी का। 

हस्तशिल्प को प्रोत्साहन देने व दिल्ली के आस-पास लोगों को एक बेहतरीन मनोरंजन देने के लिए 1987 में जब मेले की तैयारी शुरू की गई तो इसके स्वरूप को लेकर कई तैयारियां की गई। चूंकि मेला अरावली की पहाडिय़ों की मनोरम छटा के बीच था इसलिए इसे स्थाई निर्माणों के बगैर पारंपरिक लुक देने का निर्णय लिया गया। इसी में इसकी दीवारों को गोबर से लीपाई करने का निर्णय लिया गया। हरियाणा व राजस्थान की महिलाएं अपने घरों को गोबर की लीपाई कर उन्हें सजाती थी। ऐसे में मेले को पारंपरिक लुक देने के लिए कुछ महिला श्रमिकों को गोबर लीपाई के लिए बुलाया गया था।  इन्हीं महिला श्रमिकों में एक थी राजस्थान के नागौर की रहने वाली भंवरी देवी। 

भवंरी देवी ने लिपाई का काम खत्म होने के बाद मेला अधिकारियों से आग्रह किया कि एक कोने में वह भी अपना कुछ समान बेच सकती हैं क्या? मेला अधिकारियों ने तुरंत उसके आग्रह को स्वीकार कर लिया और उसे एक जगह बैठकर सामान बेचने की अनुमति दे दी गई। पहले मेले में मात्र 10 से 12 शिल्पकार ही आए थे। भंवरी ने घर के रद्दी सामान से सजावटी सामान तैयार किया और बेचना शुरू कर दिया। पहला मेला था और समय कम इसलिए वह रात को सामान तैयार करती और दिन में उसे बेच देती। मेले में आने वाले लोगों को दिखाने के लिए वह घर से हाथ की आटा चक्की भी ले आई। 
इसके बाद वह हर साल कई महीने पहले से ही मेले की तैयारी करने लगी। अपने बेटे मदन लाल को उसने सहयोग के लिए साथ मिलाया और फिर मेले में आने वाले वाले लोगों के लिए भंवरी का सामान अब पहचान बन चुका था। यही नहीं भंवरी ने हर साल मेले की दीवारों को विभिन्न शैलियों में गोबर लिपाई कर कच्चे-पक्के रंगों से सजाने में भी कोई कसर नहीं रखी। यही वजह थी कि 1990 में भंवरी देवी को कलाश्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यही नहीं बाद में उसे शिल्प सम्मान से भी नवाजा गया। हरियाणा के तत्कालीन राज्यपाल महावीर प्रसाद जब 1994 में मेला देखने आए तो उनकी कला से इतने प्रभावित हुए कि उन्हें पांच हजार रुपये इनाम भी दिया। 

वर्ष 2015 में भंवरी देवी की मृत्यु हो गई तो परिवार ने उसकी परंपरा को निभाए रखा। आज उनकी पुत्रवधु गुलाब देवी उनकी परंपरा को निभा रही है। बड़ी चौपाल के अपना घर के सामने ही स्टाल लगाने वाली गुलाब देवी बताती हैं कि कसीदाकारी और गोटे का काम उन्होंने अपनी सास से ही सीखा है। इसमें वह सूई धागे और कतरनों का प्रयोग करती हैं। वह इस कला के माध्यम से बंदनवार, लड़ी, झूमर, हाथ से तैयार राजस्थानी गुडिया, गोटा एंब्रायडरी की चोरी, कठपुतली और राजस्थानी साफा भी तैयार करते हैं। उनके पुत्र मदनलाल मेघवाल का कहना है कि यह मेला अब उनकी परिवार की परंपरा से जुड़ा है। वह यहां कमाई नहीं बल्कि अपनी मां की विरासत को आगे बढ़ान के लिए पहुंचते हैं।

श्रीलंका के कलाकारों ने सूरजकुंड मेले में पेश किया शानदार नृत्य, दर्शक हुए मंत्रमुग्ध

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सूरजकुंड (फरीदाबाद), 6 फरवरी। 33वें अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड हस्तशिल्प मेले की बड़ी चौपाल में बुधवार की शाम श्रीलंका देश के लोक कलाकारों ने नृत्य व मन लुभावन गीतों की प्रस्तुतियां देते हुए समां बांध दिया। श्रीलंका के कलाकारों के शानदार लोकनृत्य व गीतों से दर्शक भी मंत्रमुग्ध दिखाई दिए। 

सांस्कृतिक संध्या कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रही श्रीलंका हाई कमिश्रर की मिनिस्टर ऑफ कामर्शियल उपेखा सम्रातुंगा नें इस अवसर पर कहा कि वे स्वयं को सौभाग्यशाली व गौरवान्वित महसूस कर रही हैं कि उनको भारतीय संस्कृति के सभी छूए अनछूए पहलूओं से रूबरू होने का एक अवसर मिला है। उन्होंने इस मौके पर श्रीलंका से आए सभी कलाकारों को उनकी संस्कृति का बखान करने के लिए शुभकामनाएं भी दी। 

सांस्कृतिक सांध्य में श्रीलंका का मंगुल बेरा, पूजा डांस, रबान डांस, नागा गुरूलू, मयूर डांस, गीनी शिशिला डांस, टी डांस, थेलमे डांस सहित करीब एक दर्जन श्रीलंकाई संस्कृति से जुड़े लोक गीतों की प्रस्तुति देकर लोगों का खूब मन लुभाया। रंगीली शाम की शुरूआत दीप प्रव्वजलित करके की गई। 

इस अवसर पर श्रीलंका की हाई कमिश्रर क्लचरल निर्मला, कॉडिनर वमंदा, सूरजकुंड मेला प्राधिकरण के नोडल अधिकारी राजेश जून सहित सांस्कृतिक सांध्य कार्यक्रम से जुडे अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।

सूरजकुंड मेले में राजस्थान के लोक-लुभावन लोक-गीतों की रही धूम

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सूरजकुंड (फरीदाबाद), 05 फरवरी: 33वें अंतर्राष्ट्रीय सूरजकुंड हस्तशिल्प मेले की बड़ी चौपाल में मंगलवार की शााम राजस्थानी लोक नृत्य व मन लुभावन गीतों के नाम रही। राजस्थानी माटी की खुशबू समेटे मनलुभावन लोक गीतों की बहार में पर्यटक इस कदर खोये की समय का ध्यान नदारद हो गया। 

कलाकारों ने भी  'केसरिया बालम आओ नी' गाकर दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। इस रंगीली शाम की शुरूआत राजस्थान पर्यटन विभाग की अतिरिक्त निदेशक गुणजीत कौर ने दीप प्रव्वजलित कर के की । इस अवसर पर हरियाणा पर्यटन विभाग की अतिरिक्त निदेशक अनीता मलिक, राजस्थान पर्यटन विभाग की एडी सुनीता मीणा, एडी छत्रपाल सिंह, एडी आरके सैनी, एटीओ मनोज शर्मा, सूरजकुंड पर्यटन अधिकारी राजेश जून भी मौजूद थे। 

सांस्कृतिक संध्या में राजस्थान की घोड़ी, रंगीला राजस्थान, मेरे रस के कमल, चरी नृत्य, भपंग वादन या दुनिया में हो रही टर ही टर, चरकुला नृत्य, चकरी नृत्य, घूमर नृत्य, राजस्थान का सुप्रसिद्ध कालबेलिया नृत्य तथा अंत में मयूर नृत्य व फूलों की होली मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करके पर्यटकों का मनमोह लिया। 

दिन में मेले की छोटी चौपाल नम्बर-2 पर दिनभर सांस्कृतिक कार्यक्रमों में हरियाणा के अम्बाला जिला के कलाकारों ने पंजाबी गीतों, राजस्थान के कलाकारों ने राजस्थानी चक्री संगीत, कच्ची घोड़ी पंजाब के पटियाला जिला के पुलिस कलाकारों ने पंजाबी गीतों व नृत्य, महाराष्ट्र प्रांत के कलाकारों ने महाराज वीर शिवाजी की गाथाओं को कॉनवाडा संगीत के माध्यम से गीतों की प्रस्तुति देकर दर्शकों को उनके साथ नाचने व गाने पर महबूर कर दिया। 

केएल मेहता पब्लिक स्कूल, सेंट जॉनसन पब्लिक स्कूल सेक्टर-7, एसएमएस कॉनवेक्ट स्कूल चांदपुर बल्लभगढ व साईधाम पब्लिक स्कूल सेक्टर-86 की छात्र-छात्राओं ने हरियाणवी तथा फिल्मी गीतों के माध्यम से दर्शकों का मन मोह लिया।

इसी प्रकार मेले के फूड कोज क्षेत्र में आयोजित चौपाल सांस्कृतिक कार्यक्रम में हरियाणा के करनाल जिला के मायाराम की टीम ने हरियाणवी लोक गीतों तथा रागनियों के माध्यम से दर्शकों को जहन में पंडित लख्मी चंद की यादें ताजा कर दी। उन्होंने मेरी कंठी गढवा दे, मोटे सुनार से मेरे पिया। होगा थानेदार तू तथा राजा वीर विक्रमाजीत के किस्से की रागनियों की प्रस्तुतियां दी।

सूरजकुंड मेले में पुलिस ने किया डिजास्टर मैनेजमेंट व बेसिक लाइव स्पोर्ट वर्कशॉप का आयोजन

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फरीदाबाद: दिनांक 5 फरवरी 2019 को मेला पुलिस अधिकारी नीतिका गहलोत एवं मेला नोडल अधिकारी राजेश जून की अध्यक्षता में कोई भी अप्रिय घटना घटने पर उस स्थिति से निपटने के लिए डिजास्टर मैनेजमेंट फॉर बेसिक लाइफ सपोर्ट वर्कशॉप का आयोजन किया गया।

इस मौके पर मेला पुलिस अधिकारी नीतिका गहलोत, राजेश जून नोडल अधिकारी सूरजकुंड मेला, अमन यादव पुलिस नोडल अधिकारी सूरजकुंड मेला, अरुण सिंगला आईपीएस, एसीपी आत्माराम, रमेश कुमार, एसीपी पूजा डाबला इत्यादि मौजूद थे।

स्वास्थ्य विभाग फरीदाबाद की तरफ से गुलशन अरोड़ा, डॉ विशाल, सर्वोदय हॉस्पिटल की तरफ से डॉ राज मिश्रा, अनिल भारद्वाज, पंकज मिश्रा, साहिल एवं शिवा मौजूद थे।

फायर ब्रिगेड की तरफ से हरि सिंह सैनी सूरजकुंड मेला नोडल ऑफिसर, राजेंद्र दहिया डिस्ट्रिक्ट फरीदाबाद फायर ऑफिसर इत्यादि मौजूद थे।

उपायुक्त नीतिका गहलोत ने बताया कि यह डिजास्टर मैनेजमेंट वर्कशॉप का आयोजन मेले में किसी भी अप्रिय घटना होने पर कैसे निपटा जाएगा इस बारे में इसमें बताया गया है।

वर्कशॉप में सभी जोन से चार चार पुलिसकर्मियों को बुलाया गया था और इस बारे ट्रेनिंग दी गई है।

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पुलिस प्रवक्ता सुबे सिंह ने बताया कि डिजास्टर वर्कशॉप आयोजन का मुख्य उद्देश था कि डिजास्टर के समय पुलिस, फायर ब्रिगेड, डॉक्टर कैसे अपना अपना काम करेंगे उनको इस बारे में बताया गया है। वर्कशॉप के माध्यम से लोगों को डिजास्टर के दौरान अपने आप को वह दूसरे को कैसे बचाना चाहिए इस बारे में जागरूक करना था। पुलिस व अन्य संबंधित सभी सरकारी संस्थाएं एकजुट होकर कैसे एक दूसरे के साथ काम करें ताकि डिजास्टर से होने वाली जन हानी को रोका जा सके।

फायर ब्रिगेड की तरफ से आई हुई टीम ने बताया कि आग चार प्रकार की होती है और चारों प्रकार की आग को बुझाने के लिए अलग-अलग फायर एक्सटिंग्विश का प्रयोग किया जाता है।

आग को लगने के लिए ऑक्सीजन की बेहद जरूरत होती है अगर हम ऑक्सीजन को रोक देते हैं तो आग अपने आप बुझ जाती है।

नीतिका गहलोत ने बताया कि जब आग लगती है तो सबसे पहले हमें यह देखना चाहिए कि जान और माल को कोई भी नुकसान ना हो।

हमें आग को फैलने से रोकना चाहिए जिस जगह पर आग लगी हुई है वहां की चारों तरफ जो भी और चीज है उनको सबसे पहले दूर हटाना चाहिए ताकि आग वहां तक ना पहुंच पाए।

फायर ब्रिगेड की टीम ने बताया कि सबसे पहले हमें आग को बुझाते समय इस बात का भी विशेष ख्याल रखना चाहिए कि हवा किस तरफ की है।

फायर ब्रिगेड की तरफ से आई हुई टीम ने फायर फॉर्म एक्सटिंग्विशर का प्रयोग कर मौजूद पुलिसकर्मियों को इसके इस्तेमाल का तरीका भी बताया और पुलिसकर्मियों ने वर्कशॉप में चलाकर भी देखा।

उपायुक्त नीतिका गहलोत एवं पूजा डाबला ने भी बताए गए तरीकों का प्रयोग स्वयं करके देखा

सूरजकुंड मेले के फायर ब्रिगेड नोडल ऑफिसर हरि सिंह सैनी ने बताया कि आग लगने पर सबसे पहले हमें घबराना नहीं चाहिए संयम से काम लेना चाहिए उसके बाद बताए गए तरीके से आग पर कंट्रोल पाना चाहिए

स्वास्थ्य विभाग एवं सर्वोदय अस्पताल की तरफ से आई हुई टीम ने बताया कि घायल व्यक्ति को किस तरह से उठाकर उसको एंबुलेंस तक कैसे पहुंचाया जाएगा.

उन्होंने बताया कि हमें एंबुलेंस से हॉस्पिटल के बीच में जाते वक्त यह देखना है कि घायल व्यक्ति की सांस और पल्स चल रही है या नहीं, नहीं चलने पर हमें उसे रास्ते में ही फर्स्ट एड देनी जरूरी है.

फरीदाबाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौजूद पुलिसकर्मियों को सीपीआर देने का तरीका भी समझाया कि किस तरह से सीपीआर देनी चाहिए और उसका सही तरीका क्या होता है.

उपायुक्त नीतिका गहलोत ने स्वास्थ्य विभाग की टीम एवं सर्वोदय हॉस्पिटल की तरफ से आई हुई टीम को धन्यवाद देते हुए कहा कि इस तरह की वर्कशॉप का आयोजन आगे भी होता रहेगा ताकि फरीदाबाद पुलिस किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए हमेशा तैयार रहे.

सांस्कृतिक संध्या कार्यक्रम में छाए थाइलैंड के कलाकार, SC के न्यायाधीश और कई जज रहे मौजूद

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फरीदाबाद, 5 फरवरी: 33वें अंतर्राष्ट्रीय सूरजकुंड हस्तशिल्प मेले की बड़ी चौपाल में चौथे दिन रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम की संध्या पर सहयोगी देश थाईलैंड के कलाकारों ने अपने पारंपरिक लोक संगीत व नृत्य के साथ प्रस्तुति देकर दर्शकों को तालियां बजाने पर मजबूर कर दिया। 

मेहमान कलाकारों ने अपने देश में मेहमानों के स्वागत में गाए जाने वाले लोक गीत तथा शांति के प्रतीक में गाए जाने वाले गीतों से चौपाल में उपस्थित पर्यटकों का खूब मनोरंजन किया। थाईलैंड के कलाकारों ने अपनी दमदार प्रस्तुति से यह साबित किया कि संगीत की कोई भाषा नहीं होती केवल भावना के दम पर ही वो दर्शकों को अपनी ओर आकर्षित करती है। 

बडी चौपाल पर संध्या कार्यक्रम की शुरूआत सर्वोच्च न्यायालय के माननीय न्यायाधीश विनीत सारन ने दीप प्रज्ज्वलित करके की। 

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इस दौरान जिला एवं सत्र न्यायाधीश दीपक गुप्ता, जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण के सचिव एवं न्यायाधीश, प्रमोद गोयल, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी तरूण सिंगल, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी अशोक कुमार सहित माननीय न्यायाधीशों के परिजन भी मौजूद थे।

सूरजकुंड मेले में आदमकद हुक्के की तरफ खिंचे चले आते हैं लोग, पढ़ें क्या है इसमें ख़ास

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फरीदाबाद, 4 फरवरी: 33 वें अंतर्राष्ट्रीय सूरजकुंड मेले में एक स्टाल ऐसा भी है जहां मेले में पहुंचने वाले पर्यटकों को हरियाणा की प्राचीन संस्कृति से रूबरू होने का मौका मिलता है। 

हरियाणा में पंचायत व चौपाल की शान तथा सच्चाई के प्रतीक माने जाने वाले आदमकद हुक्के को देखने के लिए देसी विदेशी पर्यटकों में खासा उत्साह नजर आ रहा है। 

इस हुक्के को पर्यटक न केवल निहार रहे हैं, बल्कि दिनभर सेल्फी लेकर अपनी यादों में सहेज कर रख रहे हैं। स्टाल के मुखिया व धरोहर के निदेशक डा. महा सिंह पूनिया ने हुक्के के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी देते हुए बताया कि एक समय था जब पंचायतों में हुक्के की शपथ लेकर बड़े बड़े फैसले एक पल में निपटा दिए जाते थे। 

हुक्के को हरियाणवी संस्कृति में भाईचारे का प्रतीक भी माना गया है। उन्होंने बताया कि आज भी गांवों में जब बैठकों का दौर चलता है तो वहां हुक्के की मौजूदगी लाजमी है। बैठकों में हुक्का पीते हुए बड़े बुजुर्गों से युवा उनके अनुभव से रूबरू होते हुए राजनैतिक गलियारों तक की चर्चाएं करते हैं।

स्टाल में दशकों को पूर्व खेत जोतने के औजार जैसे हल, जूआ, सांटा, मिट्टी के बर्तन बनाने वाले चाक सहित अनेक ऐसी चीजें देखने को मिल रही है जो अभी लुप्तप्राय है।

सूरजकुंड मेला का पहला दिन, मक्खियाँ मारते दिखे अधिकतर दुकानदार, नहीं आये खरीदार

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फरीदाबाद: सूरजकुंड मेले का आज पहला दिन था लेकिन शुरुआत काफी फीकी रही है, सूरजकुंड मेले में पूरे देश के शिल्पकार एवं व्यापारी लाखों रुपये देकर किराए पर दुकानें लेते हैं, अगर ग्राहक ना आयें तो लाखों रुपये का नुकसान भी होता है. आज अधिकतर दुकानदार मक्खियाँ मारते दिखे, बहुत कम संख्या में ग्राहक आये.

इस मेले में महाराष्ट्र को थीम स्टेट बनाया गया है, आज महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडनवीस मेले का उद्घाटन करने मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के साथ आये थे, दोनों को देखने हजारों लोग आये थे लेकिन मेला देखने और खरीदारी का क्रेज नहीं दिखा जिसकी वजह से दुकानदारों को नुकसान हुआ.

अगले दो दिनों में सरकारी दफ्तरों में छुट्टियाँ रहेंगी, अब देखते हैं कि लोग खरीदारी करने आते हैं या आज की तरह दुकान्राओं को मक्खियाँ मारनी पड़ेगी. आज कुछ भीड़ सिर्फ दोनों मुख्यमंत्रियों को देखने के लिए जुटी थी, कल ये लोग नहीं आयेंगे इसलिए मेले में दर्शकों की संख्या घट सकती है.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस बार सूरजकुंड मेले में देश विदेश के 1600 शिल्पकारों के स्टॉल लगाएं गए हैं.

निगमायुक्त सहित 6 अफसरों की नौकरी पर खतरा, नहीं मान रहे अवैध निर्माण तोड़ने का NGT का आदेश


फरीदाबाद: अरावली के जंगलों में कई अवैध निर्माण हुए हैं, कई लोगों ने बड़े बड़े बंगले बना लिए है, सरकार एवं वन विभाग से कोई परमिशन नहीं ली गयी लेकिन सरकारी जमीन को कभी ना कभी छोड़ना ही पड़ता है, कम से में कोर्ट में अवैध निर्माण करने वालों के लिए कोई रियायत नहीं है, इसी तरह के एक अवैध निर्माण को NGT कोर्ट ने तोड़ने और कब्जाई हुई जमीन को फिर से जंगल जैसा बनाने के आदेश दिए हैं लेकिन निगमायुक्त सहित हरियाणा सरकार के 6 अफसर NGT के आदेशों को नजरअंदाज कर रहे हैं. इनके वकील NGT कोर्ट में जाते हैं और इनकी तरफ से पैरवी भी करते हैं लेकिन ये अफसर इन अवैध निर्माणों को तोड़ने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं.

क्या है मामला

सामाजिक कार्यकर्ता और पर्यावरण प्रेमी दिनेश भूटानी ने NGT कोर्ट ने अनंगपुर गाँव में खसरा नंबर 659 एवं 920 पर बने भवन को अवैध बताते हुए कहा है कि ये भवन जंगल की जमीन पर कब्जा करके बनाए गए हैं, इनके लिए कोई परमीशन नहीं ली गयी है.

किसकी है ये जमीन

इस जमीन पर राजकुमार एवं जयवीर का कब्जा है जो अनंगपुर के इसी भवन में रहते हैं. देखिये ये फोटो -

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मुख्यमंत्री को भी भेजी गयी है शिकायत

इस मामले में मुख्यमंत्री हरियाणा को भी एक शिकायत दी गयी है जिसमें कहा गया है कि NGT कोर्ट ने 27 सितम्बर 2018 को वन विभाग में बने अवैध निर्माण को तोड़ने के आदेश दिए थे जो कि खसरा नंबर  659 एवं 920 में गाँव अनंगपुर में अवैध कब्जा करके बनाए गए हैं. कुछ अन्य मकान भी हैं तो कान्त एन्क्लेव से लगते हुए वन विभाग की जमीन पर बनाए गए हैं. ये सभी मकान 1992 के बाद बनाए गए हैं और कुछ तो 2000 के बाद बने हैं, गूगल पर इसे चेक किया जा सकता है. अतः आपसे निवेदन है कि इन अवैध निर्माणों को तोड़ने की कृपा करें एवं NGT कोर्ट के आदेश का पालन करें.

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मुख्यमंत्री को पत्र लिखे जाने के बाद भी इन अवैध निर्माणों के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं हुई जबकि इन्हें 27 सितम्बर 2018 को ही तोड़ने के आदेश दिए गए हैं.

क्या लिखा है NGT के आदेश में 

NGT के आदेश में साफ़ साफ लिखा है कि 1992 के नोटिफिकेशन के अनुसार (कालम 5) खसरा नंबर 659 और 920 वन विभाग की जमीन है, प्रतिवादी ने कहा है कि यह उनकी पैत्रिक संपत्ति है और सिर्फ गेट एवं चारदीवारी के निर्माण के अलावा कोई बड़ा निर्माण नहीं करवाया गया है.

आदेश में सुप्रीम कोर्ट द्वारा कांत एन्क्लेव पर दिए गए आदेश और पंजाब लैंड रिजर्वेशन एक्ट 1990 का जिक्र करते हुए कहा है कि वन विभाग की जमीन PLP एक्ट के अंतर्गत आती है, जमीन पर कोई कब्जा नहीं कर सकता.

आदेश में कहा गया है कि एक तरफ प्रतिवादी के वकील का कहना है कि यह पारिवारिक संपत्ति है, अगर ऐसा है तो उन्हें ऑब्जेक्शन करना चाहिए लेकिन ऐसा करने के बजाय प्रतिवादी के वकील का कहना है कि सिर्फ गेट एवं चारदीवारी का निर्माण किया गया है. यहाँ पर निर्माण या जमीन के मालिकाना हक का सवाल नहीं है, सवाल यह है कि जब ये वन विभाग की जमीन है तो फारेस्ट कंजर्वेशन एक्ट के तहत बिना परमिशन के कोई निर्माण हो ही नहीं सकता.

यहाँ पर साफ़ है कि निर्माण के लिए कोई परमीशन नहीं ली गयी है. याचिकाकर्ता के वकील का कहना है कि जमीन पर पक्का निर्माण किया गया है इसलिए प्रतिवादी के वकील की बातों में हैं कोई मेरिट नजर नहीं आ रहा है.

तोड़ा जाय अवैध निर्माण, फिर से बनाया जाए जंगल: NGT

NGT ने अपने आदेश में साफ़ साफ कहा है कि नोटिफिकेशन और जरूरी कानूनों का पालन किया जाय, अगर वन विभाग की जमीन पर कोई भी निर्माण हुआ है तो उसे हटाया जाय और जमीन को पुरानी अवस्था में लाया जाय.
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इस मामले में इन 7 अफसरों को पार्टी बनाया गया है - 
  1. सचिव, पर्यावरण मंत्रालय, केंद्र सरकार, नई दिल्ली
  2. सचिव, पर्यावरण विभाग, हरियाणा सरकार, चंडीगढ़
  3. मुख्य सचिव, हरियाणा सरकार, चंडीगढ़
  4. प्रिंसिपल चीफ कंजरवेटर ऑफ़ फारेस्ट, वन भवन, पंचकूला
  5. चेयरमैन, हरियाणा स्टेट पॉल्यूशन कण्ट्रोल बोर्ड, पंचकूला
  6. कमिश्नर, नगर निगम फरीदाबाद
  7. एडमिनिस्ट्रेटर, HUDA, फरीदाबाद

इन सातों अफसरों को कोर्ट के आदेश का जिक्र करते हुए 21-12-2018 को लीगल नोटिस भेजा गया उसके बाद भी अवैध निर्माण के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं हुई.

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हरियाणा सरकार, केंद्र सरकार के उपरोक्त विभागों एवं MCF कमिश्नर को बार बार नोटिस भेजने के बाद भी अवैध निर्माण के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं हुई, याचिकाकर्ता का कहना है कि ये अफसर कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन कर रहे हैं, अपनी ड्यूटी जिम्मेदारी से नहीं निभा रहे हैं इसलिए हम अगली सुनवाई में इनको नौकरी से बर्खास्त करने की मांग करेंगे.

याचिकाकर्ता ने बताया कि 11 फ़रवरी को इस मामले की अगली सुनवाई है, पिछले आदेश में कोर्ट ने उपरोक्त अफसरों को फटकार लगाते हुए कहा था कि अवैध निर्माण तोड़कर फाइनल रिपोर्ट दें लेकिन अब तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है. अब मैं इन अफसरों के खिलाफ भी कार्यवाही की मांग करूँगा क्योंकि इनकी वजह से ही अरावली पर अवैध निर्माण हुए हैं.

बाप बड़ा ना भैया, सबसे बड़ा रुपैया, सूरजकुंड मेले के लिए मोदी सरकार का बजट इग्नोर करेंगे खट्टर

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फरीदाबाद: पैसा सबसे बड़ी चीज होती है, पैसे के लिए नेता लोग कुछ भी करने को तैयार रहते हैं, सूरजकुंड मेले में टिकट और दुकानों के किराए से हरियाणा सरकार की अंधाधुंध कमाई होती है, 1 फ़रवरी से 15 फ़रवरी तक यह मेला होता है, पिछली बार मोदी सरकार के बजट के चलते खट्टर सरकार ने यह मेला एक दिन के लिए लेट किया था लेकिन अबकी बार सरकार को पैसे से इतना ज्यादा मोह हो गया है कि हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर मोदी सरकार के बजट को भी इग्नोर कर रहे हैं, एक तरफ मोदी सरकार बजट पेश करेगी तो दूसरी तरफ मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर सूरजकुंड मेले का उद्घाटन कर रहे होंगे, दो तीन घंटे आने जाने में लगेंगे इसलिए मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर बजट से विल्कुल बेखबर रहेंगे. उनके साथ महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडनवीस भी होंगे.

मतलब संसद में 11 बजे वित्त मंत्री पियूष गोयल बजट पेश करेंगे तो दूसरी तरफ मुख्यमंत्री खट्टर, मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडनवीस एवं फरीदाबाद के नेता लोग 11 बजे मेले का उद्घाटन कर रहे होंगे.

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आप देखते होंगे कि आज के दिन सभी भाजपा नेता केंद्र सरकार के बजट को देखते हैं, उन्हें अच्छी तरह से समझते हैं और बजट का सन्देश मीडिया के जरिये जनता तक पहुंचाने की कोशिश करते हैं, विपक्षी पार्टियों के नेता भी आज बजट को बारीकी से देखेंगे और उसमें जो भी कमियां होंगी उसे पहचान कर केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला जाएगा, जनता को भर्मित करने का प्रयास किया जाएगा क्योंकि विपक्षियों का काम ही है सरकार के सभी कामों के कमी निकालना. 

मुख्यमंत्री खट्टर को अगर अपनी पार्टी की चिंता होती तो वह पिछले साल की तरह एक दिन मेला आगे बढ़ा देते और बजट को अच्छी तरह से देख और समझकर विपक्षियों के वार का जवाब देते, लेकिन उन्होंने ऐसा कुछ भी नहीं किया क्योंकि सूरजकुंड मेले की कमाई से उन्हें अधिक प्रेम है. पैसा इतना बड़ा हो गया कि मुख्यमंत्री मोदी सरकार के बजट को भी इग्नोर कर रहे हैं.

घोर अंधेर, शहर की प्रथम नागरिक मेयर सुमन बाला का नाम सूरजकुंड मेला इनविटेशन लेटर में गायब

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फरीदाबाद: जिस प्रकार से राष्ट्रपति देश के प्रथम नागरिक, राज्यपाल राज्य के प्रथम नागरिक होते हैं उसी तरह से मेयर को शहर का प्रथम नागरिक माना जाता है और उनका पद विधायकों से भी ऊपर होता है लेकिन फरीदाबाद में घोर अंधेर चल रही है, सूरजकुंड मेले का कल उद्घाटन है, इनविटेशन लेटर में सांसद एवं विधायकों के नाम तो हैं लेकिन मेयर सुमन बाला का नाम गायब है.

कल महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडनवीस और हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर सूरजकुंड मेले का उद्घाटन करेंगे. इसके लिए सभी को इनविटेशन लेटर भेजा गया है. इनविटेशन लेटर में केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर, राज्य के उद्योग मंत्री विपुल गोयल का नाम है, दोनों के नाम के बाद मेयर का नाम आना चाहिए था लेकिन मेयर का नाम ही गायब है.

उसके नीचे विधायक सीमा त्रिखा, मूलचंद शर्मा, टेकचंद शर्मा और हरियाणा टूरिस्म कारपोरेशन के चेयरमैन जगदीश चोपड़ा का नाम लिखा है. यहाँ भी मेयर का नाम लिखने की याद नहीं आयी. मतलब मेयर साहिबा को मेले के आयोजक भूल ही गए. मतलब कल के प्रोग्राम में मेयर साहिबा को न्योता ही नहीं दिया गया है. अब देखते हैं कल अधिकारी अपनी भूल सुधारकर मेयर साहिबा को बुलाते हैं या नहीं.

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सूरजकुंड मेले की सुरक्षा की फाइनल रिहर्सल करने पहुंचे पुलिस आयुक्त एवं मेला अधिकारी

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फरीदाबाद: पुलिस आयुक्त संजय कुमार एवं पुलिस मेला अधिकारी DCP निकिता गहलोत ने आज सूरजकुंड मेले की सुरक्षा की दृष्टि से फाइनल रिहर्सल किया.

आज दिनांक 31 जनवरी 2019 को मेला अधिकारी नीतिका गहलोत,  मेला के नोडल अधिकारी अमन यादव एवं  टूरिज्म अधिकारियों ने मेले की सुरक्षा को अंतिम रूप दिया.

नीतिका गहलोत ने बताया कि आज मेले में लगी सभी ड्यूटीओं का निरीक्षण किया गया था, सभी जोनों के नोडल अधिकारियों को ड्यूटी के बारे में उचित दिशा निर्देश दिए गए हैं. सुरक्षा के मद्देनजर ड्यूटी पर तैनात सभी पुलिस कर्मचारियों की मीटिंग ली गई है

पुलिस प्रवक्ता सूबे सिंह ने बताया कि आज नीतिका गहलोत मेला पुलिस अधिकारी ने सभी नोडल अधिकारी एवं पुलिस कर्मचारियों की मीटिंग लेकर उनको मेले से सुरक्षा संबंधी सभी उचित दिशा निर्देश दिए हैं

कल दिनांक 1 फरवरी 2019 से शुरू होने वाले अंतरराष्ट्रीय क्राफ्ट मेला की सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं

पुलिस आयुक्त ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि लोग बेफिक्र होकर मेले में घूम सकते हैं, सुरक्षा से संबंधित उन्हें किसी भी तरह की चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है, फरीदाबाद पुलिस पूरी तरह से मुस्तैद है.

सूरजकुंड मेला: सुरक्षा में लगेगी बुलेट प्रुफ जिप्सी, डाॅग स्कवाड टीम, M-जैमर, ड्रोन, एस-कमाॅडों

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फरीदाबाद: सूरजकुंड मेले में अबकी बार खास सुरक्षा व्यवस्था देखने को मिलेगी. पुलिस आयुक्त ने आज सूरजकुंड मेला परिसर का दौरा किया और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर आवश्यक दिशा निर्देश। उन्होंने बतया कि इस बार मेले में आये लोगों की सुरक्षा में बुलेट प्रुफ जिप्सी, डाॅग स्कवाड टीम, मोबाईल जैमर, स्वेट कमाॅडों की तैनाती की जाएगी. 

यह भी कहा गया कि 200 से अधिक कैमरे निगरानी में लगाए जाएंगे और सुरक्षा के मद्देनजर सीआईडी टीम का बम निरोधक दस्ता, एंटी स्बोटेज टीम, भी तैनात होगी। ऑटोमेटिक गन सहित हरियाणा पुलिस के स्पेशल कमांडो होंगे तैनात।

उन्होंने बताया कि आसमान से भी सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखी जाएगी, ड्रोन द्वारा शरारती तत्वों पर पैनी नजर रखी जाएगी.


पुलिस आयुक्त संजय कुमार आई.पी.एस ने आज दिनांक 30.01.19 को 01 फरवरी 2019 से सूरजकुंड (फरीदाबाद) में शुरू होने वाले 33वे अन्र्तराष्ट्रीय हस्तशिल्प मेला का दौरा कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेकर तैनात पुलिस अधिकारियों/कर्मचारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए है।

इस मौके पर उनके साथ सूरजकुंड मेले की अधिकारी नितिका गहलोत, पुलिस उपायुक्त मुख्यालय, मेले के नोडल आफिसर अमन यादव, के अलावा शाकिर हुैसन ए.सी.पी मुख्यालय, आत्मा राम ए.सी.पी सैन्ट्रल, राधे-श्याम ए.सी.पी मुजेसर, पूजा डाबला, ए.सी.पी महिला, रविंद्र कुंडू ए.सी.पी यातायात, देवेन्द्र यादव एसीपी, व अन्य पुलिस अधिकारी/कर्मचारी मौजूद थे।

पुलिस प्रवक्ता सुबे सिंह ने बताया कि पुलिस आयुक्त ने सुरक्षा के मध्यनजर दौरा किया है. सूरजकुंड मेले की बाउंड्री, वीआईपी पंडाल, वीआईपी गेट के अलावा अन्य सभी गेट व सभी जोन व पार्किग स्थल को चैक किया गया है। 

पुलिस आयुक्त ने मेले में मौजूद सभी पुलिस अधिकारियों को सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ बनाने के लिए आवश्यक दिशा निर्देश दिए है। मेले की सुरक्षा व्यवस्था के मध्यनजर 7 जोन/सेक्टर में बांटा गया है।

पुलिस आयुक्त ने बताया कि मेले की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए पुलिस कर्मियों की शिफ्ट वाईज डयूटी लगाई गई है, ताकि डयूटी दुरस्त तरीके से की जा सके। सभी गेटो पर मेटल डिटेक्टर व डीएफएमडी होंगे, मेले की सुरक्षा व्यवस्था को सुनिश्चित करने व अपराधिक गतिविधियों पर नजर रखने के लिए ड्रोन कैमरे से भी निगरानी की जाएगी। 

सुरक्षा के मध्यनजर अपराधिक तत्वों व मनचलों पर नजर रखने के लिए महिला रैपिड एक्शन पुलिस, स्वेट कमांडो व सिविल कपडो में पुलिस कर्मी तैनात किए गए है। इसके अलावा दूरबीन से भी मनचलों पर नजर रखी जाएगी। पुलिस कर्मी मेले के चारो ओर उंची-उंची पहाडियों पर भी असलहे के साथ तैनात होंगें।

उन्होने बताया कि बुलेट प्रूफ जिप्सी, डाॅग स्कवाड टीम, मोबाईल जैमर, स्वेट कमाॅडों एवं सुरक्षा के मध्यनजर सीआईडी टीम का बम निरोधक दस्ता, एंटी स्बोटेज टीम, भी तैनात होगी।

मेले की सुरक्षा को चाक-चौबंद करने के लिए हरियाणा पुलिस के स्पेशल कमांडो बुलेट प्रूफ जैकेट एवं ऑटोमेटिक गन सहित तैनात किए जाएंगे।

टिकट काउंटर, वीआईपी पार्किंग, मचान इत्यादि पर भी हथियार सहित पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे।

पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने बताया कि मेला की सुरक्षा के मध्यनजर करीब 2000 से अधिक पुलिस कर्मी की डयूटी लगाई गई है जिसमें फरीदाबाद पुलिस के अधिकारी एवं कर्मचारियों के अलावा अन्य जिलों से भी पुलिस बल तैनात किया गया है। अन्य जिलों से 2 एस.पी, 5 डीएसपी, एवं लगभग 1000 पुलिस कर्मी जिसमें 500 होम गार्ड शामिल को तैनात किया जाएगा।

इसके अलावा ट्रैफिक को सुचारू रूप से चलाने के लिए 400  के करीब ट्रैफिक पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं जोकि मेले के अंदर  एवं बाहर तैनात होंगे ताकि मेले में आने वाले लोगों को ट्रैफिक से संबंधित किसी भी तरह की परेशानी का सामना ना करना पड़े।

पुलिस आयुक्त ने बताया कि मेला परिसर की सुरक्षा व्यवस्था के मुद्देनजर कुल 22 नाके  लगाए गए हैं जिसमें 5 नाके मेला परिसर के अंदर और 17 नाके मेला परिसर के चारों तरफ लगाये गए है।

मेला परिसर के सभी गेट, सभी जोन, फूड कोर्ट, वीआईपी पंडाल, और सभी पार्किग स्थल एवं अन्य जगह पर करीब 200 से अधिक कैमरे लगए गए है जिनको सूरजकुंड स्थित कंट्रोल रूम से जोेडा गया है। लोस्ट एंड फाउंड अनाउंसिग काउंटर भी बनाया गया है, इसके अलावा जो बच्चे अपने परिजनों से बिछड जाते है उनके लिए एक अलग से जगह बनाई गई है।

उन्होने बताया कि मेले की लोकप्रियता को देखते हुए वाहनों की बढती सख्या के मध्यनजर मीडिया पार्किंग सहित 8 वीआईपी पार्किंग के अलावा 12 अन्य पार्किग स्थल बनाए गए है।

मेले में आने वाले लोगों को स्वास्थ्य से संबंधित किसी भी तरह की परेशानी का सामना ना करना पड़े उसके लिए डॉक्टर भी मौजूद होंगे इसके अलावा 8 एंबुलेंस की व्यवस्था भी की गई है।

मेला पुलिस अधिकारी श्रीमती नितिका गहलोत ने सुरक्षा की दुष्टि से सभी मेला दर्शीयो से अनुरोध किया है कि अपने साथ माचिस, बीडी, सिगरेट व अन्य जवलनशील पदार्थ को साथ ना लाए वरना उनको एंट्री नही दी जाएगी। गाडियों को निधारित स्थान पर ही खडी करें रोड पर पार्क ना करें। मेले के दौरान सुरक्षा व कानून व्यवस्था बनाए रखने में फरीदाबाद पुलिस की मदद करें।

पुलिस प्रवक्ता सूबे सिंह ने बताया कि सूरजकुंड रोड पर 1 फरवरी 2019 से 17 फरवरी 2019 तक भारी वाहनों की नो एंट्री रहेगी। 

अनख़ीर अनंगपुर चौक सूरजकुंड शूटिंग रेंज के रास्ते दिल्ली जाने वाले हल्के वाहन चालक कार -जीप इत्यादि जो रोज इस रास्ते से दिल्ली ड्यूटी  जाते हैं , विशेषकर पीक हवर्स  के समय,, असुविधा से बचने के लिए बाईपास रोड एवं एनएच 2 मथुरा रोड का इस्तेमाल करें।

कार चालकों से भी अपील की है की जो कार चालक दिल्ली शूटिंग रेंज रोड से होते हुए फरीदाबाद आते हैं एवं सूरजकुंड रोड शूटिंग रेंज होते हुए दिल्ली जाते हैं वह भी सूरजकुंड मेले के दौरान इस रूट का कम से कम इस्तेमाल करें ताकि उन्हें आगे जाने में किसी भी तरह के परेशानी का सामना ना करना पड़े।

सूरजकुंड में रोड पर सैर के लिए निकली थी महिला, कार ने टक्कर मारकर उतरा मौत के घाट

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फरीदाबाद, 31 अक्टूबर: सूरजकुंड क्षेत्र में एक कर दुर्घटना की खबर आयी है, 52 वर्षीय माया मिश्रा सूरजकुंड-फरीदाबाद रोड पर सोमवार सुबह सैर के लिए निकली थीं लेकिन पेट्रोल पम्प के पास उन्हें किसी अज्ञात वाहन ने टक्कर मारकर मौत के घाट उतार दिया.

लकड़पुर निवासी माया मिश्रा सुबह सैर पर निकली थीं, पेट्रोल पम्प के पास कार ड्राईवर ने उन्हें टक्कर मारी और मौके से फरार हो गया, माया शर्मा को तुरंत उपचार के लिए एशियन हॉस्पिटल लाया गया लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मंगलवार को मृत घोषित कर दिया.

सूरजकुंड पुलिस ने अज्ञात वाहन चालाक के खिलाफ मामला दर्ज करके जांच शुरू कर दी है.