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दर्जनों JCB, हजारों पुलिस बल, सूरजकुंड खोरी कॉलोनी पर चलने वाला है बुलडोजर

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फरीदाबाद, 14 सितम्बर: सूरजकुंड के पास अवैध तरीके से पर्यटन विभाग की जमीन पर बनी खोरी कॉलोनी में आज तोड़ फोड़ हो सकती है.

सुबह से ही दर्जनों JCB सूरजकुंड पुलिस थाने के बाहर खड़ी हो गयी हैं और हजारों की संख्या में पुलिस बल भी तैनात हैं, सैकड़ों पुलिसकर्मी मधुबन से भी लाये गए हैं जिसे देखकर लग रहा है कि प्रशासन आज पूरी तैयारी करके खोरी कॉलोनी को तोड़ने पहुंची है.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि खोरी कॉलोनी में हजारों लोग कई वर्षों से रह रहे हैं, इन्हें अवैध बताया जा रहा है लेकिन इनके घरों में बिजली पानी के कनेक्शन भी हैं और राशन कार्ड, आधार कार्ड और वोटर आईडी भी हैं. खैर ये सब जुगाड़ से भी बन जाते हैं.

बस सवाल ये है कि लॉक डाउन और कोरोना वायरस की मुसीबत के बीच ये लोग घरों से निकलकर कहाँ जाएंगे और इनकी जिंदगी कैसे बीतेगी।

सूरजकुंड क्षेत्र की तरफ से दिल्ली से फरीदाबाद में घुसे सैकड़ों प्रवासी श्रमिक

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फरीदाबाद, 8 मई: हरियाणा सरकार प्रवासी श्रमिकों को उनके होम स्टेट पहुंचाने के लिए 100 ट्रेन और 5000 बसों की व्यवस्था कर रही है, ऐसा आज हरियाणा सरकार की तरफ से कहा गया है, दिल्ली में हालात सही नहीं है इसलिए दिल्ली के प्रवासी श्रमिक फरीदाबाद के रास्ते अपने होम स्टेट को जाना चाहते हैं.

आज दिल्ली से सैकड़ों प्रवासी श्रमिक सूरजकुंड के रास्ते से फरीदाबाद में घुस आये लेकिन उन्हें मानव रचना कॉलेज के पास एक स्थान पर पुलिस ने रोक दिया और उन्हें वापस जाने को कहा.

सैकड़ों प्रवासी वहीं पर बैठ गए और अपने घर जाने की जिद करते रहे. पुलिस भी उन्हें समझाती रही. फरीदाबाद प्रशासन के नियम के अनुसार इन सभी को शेल्टर होम में रखना चाहिए या वापस भेजना चाहिए। देखते हैं इनके साथ क्या होता है.

प्रवासियों को राधा स्वामी सत्संग ब्यास में ठहराया गया, दोनों टाइम भोजन, चाय, बिस्तर की व्यवस्था

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फरीदाबाद, 31 मार्च। जिला प्रशासन ने बाहर से आए हुए प्रवासियों को राधा स्वामी सत्संग ब्यास  सूरजकुंड में ठहराया गया है। उपायुक्त यशपाल ने बताया  कि कोरोना के संभावित संक्रमण को रोकने के लिए सरकार की ओर से घोषित लॉकडाउन के दौरान जरूरतमंद लोगों को ठहरने व खाने-पीने की सुविधा देने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने  जिला में 21 अस्थाई आश्रय स्थल बनाए हैं। इन सभी आश्रय स्थलों में बिजली, पानी, शौचालय सभी प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध है। 

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उपायुक्त ने बताया कि सभी अस्थाई आश्रय स्थलों पर ठहरने वाले प्रवासी उचित दूरी बनाए रखें। उन्होंने बताया कि लॉकडाउन के दौरान आमजन को कोई परेशानी ना हो इसके लिए प्रशासन विशेष ध्यान रख रहा है आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति के लिए जिले में पूरा प्रशासन सतर्क है, उन्होंने बताया कि जिला में आए प्रवासी श्रमिकों व अन्य जरूरतमंद लोगों को सहयोग प्रशासन की ओर से दिया जा रहा है और इसी के साथ बहुत सारी सामाजिक संस्थाएं भी इसमें भागीदार बन रही हैं।  है। उपायुक्त ने बताया कि हमारा मुख्य उद्देश्य है कि कोई भी आदमी रात को भूखा ना सोए इसके लिए पूरी मॉनिटरिंग की जा रही है। इन शेल्टरो में चिकित्सकों की टीम भी जांच के लिए भेजी जा रही है।

उपायुक्त ने बताया कि  इन जगहों पर  खाने व ठैरने की उचित व्यवस्था के साथ-साथ प्रवासियों के लिए शौचालय ,बिजली व अच्छे बिस्तरों का इंतजाम किया गया है। जिससे वहां पर ठहरने वालों को किसी प्रकार की कोई परेशानी ना हो।

राधा स्वामी सत्संग ब्यास सूरजकुंड सेंटर के संचालक शील चंदीला ने बताया कि जिला प्रशासन की मदद वह हमारे सभी स्वयंसेवकों द्वारा यहां पर लगभग 209 प्रवासी ठहरे हुए हैं और उन सभी परवासियों को दोनो टाइम खाना व दिन में दो बार चाय और नाश्ता दिया जाता है वह सभी का जरूरत पड़ने पर मेडिकल चेकअप भी करवाया जाताहै। काउंसलर द्वारा उनकी काउंसलिंग भी कराई जा रही है।

उज्बेकिस्तानी नागरिक का 5000 डॉलर से भरा पर्श लौटाने वाले बेगराज को 5000 रुपये का ईनाम देंगे CP

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फरीदाबाद, 16 फरवरी: 1 फरवरी से 16 फरवरी तक चलने वाले अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड मेले का आज समापन हो गया, मेले में सब कुछ ठीक रहा लेकिन अंतिम दिन समय 6 बजे दिन में उजबेकी नागरिक Dilshot का पर्स, जिसमें 5000 डालर थे, मेलें में गिर गया था,जो कि यह पर्स SA सूरजकुंड बेगराज को मिला, जिसको Dilshot उपरोक्त के हवाले किया गया। 

SA बेगराज द्वारा किया गया यह कार्य बहुत ही इमानदारी भरा और सराहनीय कार्य था। जिस पर पुलिस आयुक्त श्रीमान केके राव ने उसकी इमानदारी को देखते हुए  5 हजार का इनाम देने की घोषणा की गई है।

पुलिस आयुक्त केके राव के मार्गदर्शन और डीसीपी मेला  डा० अर्पित जैन की नेतृत्व में 2200 पुलिसकर्मी के अलावा सीसीटीवी के द्वारा मेले की निगरानी की गई। कोई अप्रिय घटना नहीं हुई। 16 दिन पुलिस ने बहुत ही  मेहनत और कर्मठता  के साथ मेला ड्यूटी की है। 

सूरजकुंड मेला: 42 वसंत देख चुकी हैं लोक नर्तकी सौयोदा, लेकिन लगती हैं 16-17 साल की

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फरीदाबाद, 6 फरवरी। तजाकिस्तान के उजांद शहर से आई सौयोदा सूरजकुंड मेले के सांस्कृतिक मंचों पर अपने  कमाल और जमाल से दर्शकों के लिए आकर्षण का  केंद्रबिंदु बनी हुई है।

लोक नर्तकी सौयोदा को देखकर लगता नहीं है कि वह जीवन  के 42 वसंत देख चुकी  हैं। अभी भी उनके डांस में ऐसी ताजगी है, जैसे 16-17 साल की कोई युवती मंच पर नाच रही हो। सौयोदा के डांस की यह विशेषता है कि वह अपने नृत्य मेेें तजाकिस्तान के पूर्व-पश्चिम एवं उत्तर-दक्षिण चारों दिशाओं के क्षेत्रों की संस्कृति को समाहित करके दिखाती हैं। इनमें सुगदय, माफरीगी, शोदोयाना, कॉशोख शामिल  हैं। एक गोल दायरे में ही रक्स करने को सौयोदा ने बताया कि इसे दोयोरा राक्सी कहा जाता है। सौयोदा ने बताया कि उसने पंद्रह साल की उम्र में डांस सीखना शुरू किया था। अब वह 26 सालों की कड़ी मेहनत करने के बाद कुशल नृत्यांगना बन पाई है। सौयोदा ने बताया कि वह दुंशाबे नामक स्थान पर कोरियोग्राफी स्कूल में डांस सिखाती है और फिलहाल वह एक सरकारी नृत्य प्रशिक्षक है।

सौयोदा ने बताया कि उसके पति ईसा ख्वाजा तजाकिस्तान की आर्मी में है। उसके तीन बेटे हैं, जिनकी आयु 22 साल, 15 साल और 11 साल है। उसके डांस ग्रुप फलक में सुराइयो फाइजीवा, ओगेलोई खुदाईविदीव नामक युवा  नृत्यांगना सहित पांच सदस्य है। सौयोदा ने  बताया कि सूरजकुंड में आकर उसे  काफी प्रसन्नता महसूस हो  रही है। भारत के लोगों ने उसके डांस को काफी पसंद किया है।

सात समुंदर पार.. संदली संदली नैना विच तेरा, आकांक्षा सैनी ने दिखाया सूरजकुंड मेले में जलवा

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फरीदाबाद, 5 फरवरी। बिन तेरे सनम, मर मिटेंगे हम आ मेरी  जिंदगी...सात समुंदर पार मैं तेरे पीछे-पीछे आ गई..संदली संदली नैना विच तेरा नाम जैसे मधुर गीतों से सूरजकुंड की चौपाल ने पर्यटकों का भरपूर मनोरंजन किया। शमां था हर रोज होने वाले शाम के कल्चर प्रोग्राम का और मंच पर माइक थामे थी खूबसूरत गायिका आकांक्षा सैनी।

आकांक्षा ने अपनी मीठी आवाज में हिंदी फिल्मी गीतों की झड़ी लगाई तो श्रोता साज और आवाज पर झूम उठे। शाम की शुभ शुरूआत की हरियाणा पर्यटन निगम के महानिदेशक राजीव रंजन ने। उन्होंने पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायधीश बी.बी. प्रसून व वरिष्ठï अधिवक्ता बलदेव ङ्क्षसह डांडीवाल के साथ दीप प्रज्जवलित किया। उसके बाद मंच जैसे ही आकांक्षा सैनी ने संभाला तो चौपाल को श्रोताओंं से भरने में पांच मिनट भी नहीं लगे। डूबी-डूबी बांबा रा..मुंह को घुमा के बोल सीटी बजा के बोल ओ बाबू आल इज वैल..तुम से अच्छा कौन है दिल जिगर है जान लो आदि नए-पुराने गीतों पर श्रोताओं के पांव भी ताल के साथ ताल दे रहे थे। 

देर शाम को आठ बजे तक आकांक्षा ने चौपाल में बैठे सैंकड़ों श्रोताओं को अपनी आवाज से गीत-संगीत की दुनिया में डुबाए रखा। इस अवसर पर पर्यटन विभाग के वरिष्ठï अधिकारी राजेश जून, विवेक भारद्वाज, उद्घोषक जैनेंद्र ङ्क्षसह, अनिल सचदेवा इत्यादि उपस्थित रहे।

सूरजकुंड मेले में जनगणना निदेशालय के स्टॉल पर जनगणना से सम्बंधित सवालों का मिलेगा जवाब

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फरीदाबाद, 2 फरवरी। 34वें सूरजकुंड अंतर्राष्ट्रीय हस्तशिल्प मेले में रविवार को भारत के महा-रजिस्ट्रार एवं जनगणना आयुक्त विवेक जोशी ने मेले में जनगणना निदेशालय हरियाणा की स्टॉल का शुभारंभ किया। इस अवसर पर जनगणना कार्य निदेशालय हरियाणा की निदेशक प्रेरणा पुरी भी उपस्थित रही।

भारत के महा-रजिस्ट्रार एवं जनगणना आयुक्त विवेक जोशी ने बताया कि  इस स्टॉल का विशेष आकर्षण ‘जनगणना व्हील‘ है जिस पर जनगणना के संबंध में प्रश्न अंकित है और उसमें भागीदारी के लिए सभी को निश्चित पुरस्कार भी दिया जा रहा है । इसमें जनगणना के आंकड़ों का प्रदर्शन भी आमजन की जानकारी के लिए किया गया, जिसमें देश के विभिन्न हिस्सों से उपस्थित छात्रों ने आंकड़ों के संकलन में अत्यधिक रूचि प्रदर्शित की। जनगणना स्टाल पर जनगणना संबंधी आंकड़े, प्रकाशन, पुस्तकें इत्यादि 70 प्रतिशत  तक छूट पर उपलब्ध है । इसके अतिरिक्त जनगणना स्टाल पर फोटो बूथ लोगों को पसन्द आ रहा है, जहां खड़े होकर पर्यटक फोटो खिंचवा रहे हैं । विभाग द्वारा मेले में जनगणना विषय पर प्रश्नोत्तरी, चित्रकला, स्लोगन लेखन, निबंध लेखन जैसी प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा।  इन प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कृत किया जाएगा।

जनगणना कार्य विभाग की निदेशक प्रेरणा पुरी ने बताया कि जनगणना-ऐप के बारे में जनगणना विभाग प्रदेश की जनता को जानकारी व जागरूकता के लिए सतत् प्रयास जारी रखे हुए है। हरियाणा में डिजिटल मोड जनगणना 2021 के प्रथम चरण-मकान सूचीकरण का कार्य आगामी एक मई, से 15 जून, 2020 के बीच किया जाएगा। राज्य में आयोजित सूरजकुण्ड अन्तर्राष्टï्रीय मेले में जनगणना विभाग की ओर से स्टाल लगाए जाने से जनगणना का प्रचार व प्रसार व्यापक स्तर पर होगा। पहली बार डिजिटल मोड पर प्रदेश में जनगणना का कार्य किया जाएगा। प्रगणकों द्वारा विशेष रूप से डिजाईन किए गए मोबाईल एप्प पर आंकड़े एकत्रित किए जाएंगे। जिससे जनगणना आंकड़े समय पर जारी हो सके। जनगणना के दौरान होने वाली हर गतिविधि से अधिकारी व कर्मचारियों को अवगत करवाया जाएगा। हरियाणा राज्य में जनगणना-2021 की सभी गतिविधियों का अनुवीक्षण समयानुसार सीएमएमएस पोर्टल पर होगा जोकि इस कार्य के लिए डिजाईन किया गया है।

इस मौके पर विवेक जोशी ने जनगणना-2021 के प्रचार-प्रसार को प्रभावशाली ढंग से प्रचारित करने के दृष्टिïगत अंबाला के जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी धर्मवीर ङ्क्षसह द्वारा रचित जागरूकता रागिनी सीडी का विमोचन किया और डीआईपीआरओ धर्मवीर सिंह को शाल भेट करके सम्मानित किया। इस मौके पर निदेशक प्रेरणा पुरी भी मौजूद रहीं।

हरियाणा की इस प्रसिद्घ रागिनी के गायक जनसंपर्क विभाग के ही कलाकार सुमेरपाल है। डीआईपीआरओ धर्मवीर सिंह ने बताया कि यह ऑडियो सीडी सूचना जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के कलाकारों के माध्यम से प्रचार के दृष्टिïगत अन्य जिलों को भी भेजी जाएगी ताकि जनगणना बारे लोगों को सहयोग के लिए जागरूक किया जा सके। इसके माध्यम से जन-जन को जनगणना के महत्व व उसकी प्रक्रिया के संबंध में अवगत करवाया गया है। इस अवसर पर पूर्व एचसीएस अधिकारी पी.के. शर्मा, जिला सांख्यिकी अधिकारी जे एस मलिक व अन्य अधिकारी भी साथ थे।

जनगणना का इतिहास

भारत में प्रति दस वर्ष बाद जनगणना करवाई जाती है। इसकी शुरुआत देश में  1872 से की गई थी। अब की बार 16वीं जनगणना की जाएगी। जनगणना के आधार पर ही देश में सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं व परियोजनाओं का क्रियान्वयन किया जाता है । प्रदेश में स्थायी संरचना वाले परिवारों, अपने स्वामीत्व वाले घरों, एलपीजी का उपयोग, स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति, घरों में शौचालय की व्यवस्था सहित अनुसूचित जाति तथा जनजाति और साक्षारता, सीनियर सिटीजन सहित अन्य योजनाओं का क्रियान्वयन जनगणना के आधार पर किया जाता है।

सूरजकुंड मेला 2020: डीएलएसए के स्टाल पर पहुंचे हाईकोर्ट के न्यायाधीश एम आर शाह

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फरीदाबाद, 02 फरवरी। सर्वोच्च न्यायालय के माननीय न्यायाधीश एम आर शाह एवं हरियाणा एवं पंजाब उच्च न्यायालय के न्यायाधीश एवं हरियाणा विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव  प्रमोद गोयल ने सूरजकुण्ड के 34वें अंतर्राष्ट्रीय क्राफ्ट मेले में फरीदाबाद जिला विधिक प्राधिकरण द्वारा विधिक जागरूकता के दृष्टिगत किए जा रहे प्रयासों की सराहना की और कहा कि मेले में आए लोगो को कानून के प्रति जागरूक करने के लिए डीएलएसए द्वारा किए जा रहे अनुकरणीय और अथक प्रयास उत्कृष्टï व्यवस्था को प्रदर्शित और परिभाषित करते हैं। 

उन्होंने लोगों को डीएलएसए से फरीदाबाद के साथ जोडऩे के लिए जरूरी सुधार सुझाव भी दिए।

उच्च न्यायालय  के माननीय न्यायाधीश एवं  हरियाणा विधिक सेवाएं प्राधिकरण के सचिव प्रमोद गोयल व फरीदाबाद के जिला एवं सत्र न्यायाधीश दीपक गुप्ता के दिशा-निर्देश अनुसार  सूरजकुंड मेला परिसर में डीएलएसए फरीदाबाद द्वारा एक भव्य स्टाल नंबर 826, 827 लगाया गया है। इस पर कोई भी पर्यटक, दर्शक आकर अपने कानूनी अधिकार, अपने मुकदमों की जानकारी, अपने मुकदमों को लडऩे के लिए जरूरी सुझाव ले सकता है।

इसके लिए इस स्टाल पर फरीदाबाद के सीजेएम मंगलेश कुमार चौबे, पलवल के सीजेएम पीयूष शर्मा, सीजेएम मेवात नीरू कंबोज, पूनम कंवर के साथ विशेषज्ञ अधिवक्ता नीना शर्मा,  संजय गुप्ता, रविंद्र गुप्ता हर समय स्टाल पर मौजूद रहते हैं। इनसे मेला परिसर में आए दर्शक किसी भी वक्त आ कर परामर्श ले सकते हैं और विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा चलाई जा रही योजनाओं का लाभ उठा सकते हैं।

इसके साथ-साथ  सीधे तौर पर संबंधित न्यायाधीशों से बात कर सकते हैं, सलाह ले सकते हैं और अपने मुकदमों को निपटाने के लिए विचार विमर्श भी कर सकते हैं। स्टाल पर दर्शक कानूनी किताबें भी मुफ्त में प्राप्त कर सकते हैं, जिसके लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं ताकि  लोगों को ज्यादा से ज्यादा आकर्षित करने के लिए इस स्टाल पर विशेष प्रबंध किए गए हैं। स्टाल पर कई प्रकार के कल्चरल प्रोग्राम स्कूली बच्चों द्वारा किए जा रहे हैं। इसके साथ-साथ स्टाल में कई जगह सेल्फी प्वाइंट बनाए गए हैं, जहां पर लोग सेल्फी लेकर प्रचार के साथ-साथ विषय को भी बढावा दे रहे हैं।

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने किया सूरजकुंड अंतर्राष्ट्रीय हस्तशिल्प मेले का शुभारम्भ

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फरीदाबाद: भारत के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने 1 फ़रवरी को फरीदाबाद के अंतर्राष्ट्रीय सूरजकुंड हस्तशिल्प मेले का उद्घाटन किया, उनके साथ हरियाणा के राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य, मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर और हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर भी मौजूद थे.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अंतर्राष्ट्रीय सूरजकुंड हस्तशिल्प मेले में उज़्बेकिस्तान पार्टनर देश है जबकि हिमाचल प्रदेश थीम स्टेट है. इस अवसर पर उज्बेकिस्तान के अधिकारी भी मौजूद थे.

अंतर्राष्ट्रीय सूरजकुंड हस्तशिल्प मेला 1 फ़रवरी से 15 फ़रवरी तक चलेगा। आम जनता के लिए आज 1 बजे से प्रवेश खुल जाएगा। मेले का समय 10.30 से शाम 8 बजे तक है.

राष्ट्रपति और 2 CM की सुरक्षा के लिए जनता को सूरजकुंड मेले में मिलेगा 1 बजे के बाद प्रवेश

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फरीदाबाद, 31 जनवरी। सूरजकुंड मेला ग्राउंड, फरीदाबाद में मध्यस्थों के एक समूह को संबोधित करते हुए भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय के सचिव योगेन्द्र त्रिपाठी ने कहा कि 34वें सूरजकुंड अंतर्राष्ट्रीय हस्तशिल्प मेला-2020 का शुभारंभ एक फरवरी 2020 को भारत के माननीय राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा किया जाएगा।

हरियाणा के महामहिम राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य 1 फरवरी, 2020 को प्रात: 11 बजे उद्घाटन समारोह की अध्यक्षता करेंगे। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, हरियाणा के पर्यटन मंत्री कंवरपाल और उज़्बेकिस्तान दूतावास के राजदूत रहाद आरएिव इस अवसर पर मौजूद रहेंगे।

केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर, हरियाणा के परिवहन मंत्री मूलचंद शर्मा, हरियाणा पर्यटन निगम के अध्यक्ष रणधीर गोलन, विधायक सीमा त्रिखा भी उपस्थित रहेंगे।

34वें अंतर्राष्ट्रीय सूरजकुंड हस्तशिल्प मेला के चेयरमैन एवं भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय के सचिव योगेन्द्र त्रिपाठी ने कहा कि सूरजकुंड मेला की शुरूआत वर्ष 1987 में पहली बार हस्तशिल्प, हथकरघा और भारत की सांस्कृतिक विरासत की समृद्धि और विविधता को प्रदर्शित करने के लिए की गई थी। सूरजकुंड मेला प्राधिकरण और हरियाणा पर्यटन द्वारा केंद्रीय पर्यटन, कपड़ा, संस्कृति, विदेश मंत्रालय और हरियाणा सरकार के सहयोग से संयुक्त रूप से आयोजित किया गया है। यह मेला शिल्प, संस्कृति और भारत के व्यंजन  प्रदर्शन के लिए अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन कैलेंडर पर गर्व और प्रमुखता से स्थान रखता है।

योगेन्द्र त्रिपाठी ने कहा कि यह शिल्प मेला पूरे भारत के हजारों शिल्पकारों को अपनी कला और उत्पादों को व्यापक दर्शकों को दिखाने में मदद करता है। इस प्रकार, मेला ने भारत के विरासत शिल्प को पुनर्जीवित करने में भी मदद की है। समय के साथ तालमेल बनाए रखते हुए, ऑनलाइन टिकट बुक माय शो डॉट कॉम जैसे पोर्टल के माध्यम से उपलब्ध कराए जाते हैं, जिससे आगंतुकों को आसानी से लंबी कतार में खडे हुए बिना मेला परिसर में प्रवेश करने में मदद मिलती है। आस-पास के क्षेत्रों से आगंतुकों को मेला स्थल तक ले जाने के लिए विभिन्न स्थानों से विशेष बसें चलेंगी।

सूरजकुंड शिल्प मेला ने 2013 में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपग्रेड होने के साथ नए बेंचमार्क सेट किए। इसमें वर्ष 2019 को यूरोप, अफ्रीका और एशिया के 30 से अधिक देशों ने मेले में भाग लिया था।

त्रिपाठी ने कहा कि इस वर्ष सूरजकुंड मेला प्राधिकरण और ब्रिटिश काउंसिल के बीच एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए और सूरजकुंड मेला पहली बार इंग्लैंड के कलाकारों और शिल्पकारों की मेजबानी करेगा। इसके अलावा करीब 40 देश मेले का हिस्सा होंगे, जिसमें पार्टनर नेशन-उज्बेकिस्तान शामिल हैं। 

अफगानिस्तान, आर्मेनिया, बांग्लादेश, भूटान, मिस्र, इथियोपिया, घाना, कजाकिस्तान, मलावी, नामीबिया, नेपाल, रूस, दक्षिण अफ्रीका, श्रीलंका, सूडान, स्वाज़ीलैंड, सीरिया, ताजिकिस्तान, थाईलैंड, ट्यूनीशिया, तुर्की, युगांडा, यूनाइटेड किंगडम, वियतनाम और जिम्बाब्वे से उत्साही भागीदारी होगी।

उन्होंने बताया कि हिमाचल प्रदेश 34वें सूरजकुंड अंतर्राष्ट्रीय हस्तशिल्प मेला 2020 का थीम राज्य है, जो राज्य से विभिन्न शिल्प और हस्तशिल्प के माध्यम से अपनी अनूठी संस्कृति और समृद्ध विरासत को प्रदर्शित कर रहा है। हिमाचल प्रदेश के सैकड़ों कलाकार विभिन्न लोक कलाओं और नृत्यों का प्रदर्शन करेंगे। पारंपरिक नृत्यों और कला रूपों से लेकर व्यंजनों तक, दर्शकों को लुभाने के लिए हिमाचल प्रदेश से विरासत और संस्कृति का एक गुलदस्ता है। साथ ही भीमा काली मंदिर और पहले से मौजूद महेश्वर देव मंदिर की प्रतिकृति भी इस साल के मेले का मुख्य आकर्षण होगी। विभिन्न प्रकार के प्रदर्शनकर्ता बीन पार्टी, नगाड़ा पार्टी, रागिनी, हरियाणा के बागपाइपर समूह, राजस्थान के कच्छी घोरी, पंजाब के नाचार समूह, कठपुतली शो, मैजिक शो, हाथ की चक्की के लाइव प्रदर्शन आगंतुक बहुत पसंद करेंगे। प्रसिद्ध बेहरुपीये, अपनी मोहक प्रतिभा और कौशल से दर्शकों का मनोरंजन करते रहेंगे।

मेला पखवाडे के दौरान सांस्कृतिक संध्याओं का शानदार प्रदर्शन दर्शकों को मनोरंजन के लिए आकर्षित करेगा। प्रसिद्ध कवियों द्वारा हसी कवि सम्मेलन का आनंद लें, कव्वालियों की गूंज, नृत्य प्रदर्शन, पंजाबी गायकों की भावपूर्ण सूफी प्रदर्शन, विभिन्न कलाकारों द्वारा मधुर बोलिवुड नंबरों के अलावा,  हिमाचल प्रदेश पार्टनर नेशन और अन्य अंतर्राष्ट्रीय शो के नृत्य और गीत शो, दर्शकों का मनोरंजन करते रहेंगे।

मेला प्राधिकरण के वाइस चेयरमैन एवं पर्यटन विभाग हरियाणा के अतिरिक्त मुख्य सचिव विजय वर्धन ने कहा कि सूरजकुंड मेला मैदान 40 एकड भूमि में फैला है और इसमें शिल्पकारों के लिए एक हजार से अधिक कार्य स्थल हैं। इस वर्ष, आगंतुक हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, प्रामाणिक मुगलई, दक्षिण के व्यंजनों और भारतीय स्ट्रीट फूड के साथ चीन के स्वादों का फूड कोर्ट में आनंद ले सकते हैं। इसके अलावा, फरीदाबाद और पानीपत के होटल के प्रबंधन के इंस्टिट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट विभिन्न व्यंजनों का प्रबंध करेंगे। उन्होंने कहा कि सूरजकुंड मेला विदेशों में अपार लोकप्रियता वाला एक पर्यटन कार्यक्रम बन गया है। इंग्लैंड के इस संस्करण में भाग लेने के साथ, अब हम दुनिया के दूर-दराज के देशों से अधिक से अधिक भागीदारी देखेंगे।

हरियाणा का एक परिवार राज्य की प्रामाणिक जीवन शैली का प्रदर्शन करने के लिए विशेष रूप से निर्मित ‘अपना घर‘ में रहने वाला है। अपना घर ’आगंतुकों को राज्य के लोगों की जीवन शैली का अनुभव करने का मौका देता है और उन्हें अपनी संस्कृति के बारे में बातचीत करने और सीखने का मौका भी देता है। अपना घर पारंपरिक मिट्टी के बर्तन, बर्तन आदि दिखाएगा और शिल्पकार इन पारंपरिक शिल्पों का लाइव प्रदर्शन करेंगे।

दोनों चैपालों (एम्फीथिएटर्स) को एक लोक रंगमंच रूप दिया गया है। जातीय, पारंपरिक और टिकाऊ सामग्री को गेट्स और पोल लाइट्स के लिए बांस जैसे तत्वों को डिजाइन करने के लिए उपयोग में लाया गया है। यह मेला 1 से 16 फरवरी 2020 तक रोजाना प्रात: 10:30 से रात 8:30 बजे तक खुला रहता है।

हरियाणा पर्यटन विभाग के प्रबंध निदेशक विकास यादव ने सभी का स्वागत किया। सूरजकुंड मेला की सलाहकार ऋतु बेरी ने भी मेले के आयोजन के संबंध में अपने विचार रखे।

34वें सूरजकुंड अंतर्राष्ट्रीय शिल्प मेला-2020 के प्रमुख आकर्षण

- सूरजकुंड मेला प्राधिकरण और ब्रिटिश काउंसिल द्वारा एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर के माध्यम से इंग्लैंड पहली बार सूरजकुंड अंतर्राष्ट्रीय हस्तशिल्प मेला में भाग लेगा।

- सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) प्रगति के साथ तालमेल रखते हुए, मेला प्रवेश टिकट www.bookmyshow.com पर ऑनलाइन बुक किए जा सकते हैं

- सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों की छात्राओं को हरियाणा सरकार के  बेटी बचाओ बेटी पढाओ’ अभियान के एक भाग के रूप में सप्ताह के दिनों में मेले में मुफ्त प्रवेश दिया जाएगा। सरकारी स्कूली बच्चों को उनके शिक्षक के साथ स्कूल यूनिफॉर्म में नि:शुल्क प्रवेश दिया जाएगा। साथ ही युद्ध विधवाओं और स्वतंत्रता सेनानियों को वैध आईडी प्रमाण के साथ मुफ्त प्रवेश दिया जाएगा।

- एक कॉर्पोरेट सामाजिक जिम्मेदारी पहल के रूप में, सूरजकुंड मेला प्राधिकरण अलग-अलग व्यक्तियों, वरिष्ठ नागरिकों और सेवारत रक्षा कर्मियों और पूर्व सैनिकों को प्रवेश टिकट पर 50 प्रतिशत छूट प्रदान करता है।

- युवाओं की भागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए, वैध आईडी कार्ड के उत्पादन पर कार्यदिवसों में कॉलेज के छात्रों को प्रवेश टिकट पर 50 प्रतिशत  की छूट दी जा रही है।

- स्कूली छात्रों के लिए कई प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा।

- एक्सपोर्टर्स और बायर्स मीट का आयोजन मेले के दौरान किया जाता है जो शिल्पकारों को निर्यात बाजार तक पहुंचने और टैप करने के लिए एक तैयार समर्थन प्रणाली प्रदान करता है।

- किसी भी अप्रिय घटना या हादसे की घटना को रोकने के लिए नाइट विजन कैमरों के साथ मेला मैदान में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। सुरक्षा व्यवस्था के मेला लिए परिसर में महिला सुरक्षाकर्मियों सहित बडी संख्या में सुरक्षाकर्मी तैनात हैं।

- फायर ब्रिगेड टीम और चिकित्सा दल पूरे मेले में किसी भी आपात स्थिति के लिए उपलब्ध रहेंगे।

- आपदा प्रबंधन योजना व निकासी योजना सभी महत्वपूर्ण बिंदुओं पर अत्याधुनिक चिकित्सा, अग्नि और आपदा प्रबंधन सुविधाओं के साथ है।

- बैंक, औषधालय, मेला पुलिस नियंत्रण कक्ष और सीसीटीवी नियंत्रण कक्ष एक केंद्रीकृत स्थान पर स्थित हैं ताकि आगंतुकों और प्रतिभागियों को इन आवश्यक सेवाओं तक आसानी से पहुंचा जा सके।

- मेला परिसर के भीतर प्लास्टिक व पॉलिथीन बैग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है।

हिमाचल प्रदेश का लकड़ी से बना अपना घर सूरजकुंड मेले में आकर्षण का मुख्य केंद्र

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फरीदाबाद 31 जनवरी:  फरीदाबाद के सूरजकुंड अंतर्राष्ट्रीय हस्तशिल्प मेले की कल से शुरुआत होने वाली है. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद इस मेले का उद्घाटन करेंगे.

इस बार हिमाचल प्रदेश को थीम स्टेट बनाया गया है. अपने हाथों से बना लकड़ी का घर मेले में आकर्षण का खास केंद्र है जिसमें एक साथ 15 लोग प्रवेश कर सकते हैं.

 उज्बेकिस्तान को इस बार पार्टनर कंट्री बनाया गया है आज प्रेस वार्ता में मेले के बारे में जानकारी दी गई. 

सूरजकुंड रोड को अतिक्रमण मुक्त करा सकता है नगर निगम, ठेलेवालों की वजह से लगने लगा जाम

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फरीदाबाद: वैसे तो शहर में हजारों जगह रोड किनारे अतिक्रमण किया गया है जिसकी वजह से जाम लगता है, कई जगह ठेले वालों के अतिक्रमण की वजह से दुर्घटना भी हो जाती है, खाने पीने या अन्य सामान लेने वाले रोड पर ही अपनी गाड़ियाँ पार्क कर देते हैं जिसकी वजह से जाम लगता है.

सूरजकुंड में भी कुछ लोगों ने अपना परिवार का गुजारा करने के लिए ग्रीन बेल्ट पर अतिक्रमण कर रखा है जिनके खिलाफ नगर निगम में शिकायत दी गयी है.

सूरजकुंड रोड को जाम मुक्त करने की अपील की गयी है, पुलिस थाने में भी कुछ लोगों ने फोन करके शिकायत दी है.

हमारी जानकारी के अनुसार सूरजकुंड पुलिस इस मामले में खुद से एक्शन नहीं ले सकती लेकिन नगर निगम के जरिये कार्यवाही करने की अपील की जाएगी. कई बार फेरीवालों को देखकर कुछ लोग अचानक ही अपनी गाड़ियाँ रोक देते हैं जिसकी वजह से पीछे चल रहे लोगों की दुर्घटना का खतरा बना रहता है. देखते हैं नगर निगम इसपर कब एक्शन लेता है.

सूरजकुंड मेले में बम डिस्पोजल टीम ने विस्फोटक ढूंढकर सफलतापूर्वक किया डिफ्यूज - मोकड्रिल सफल


फरीदाबाद: सूरजकुंड मेला आज शकुशल संपन्न हो गया, फरीदाबाद पुलिस ने मेला को शकुशल संपन्न कराने में अपनी पूरी ताकत लगा दी, मेले के दौरान पुलिस सभी मुसीबतों से लड़ने को तैयार थी. आज मोक-ड्रिल करके पुलिस ने अपनी तैयारियों को डेमो भी पेश किया.

मेले में आज विस्फोटक को ढूंढकर डिफ्यूज करने के डेमो पेश किया गया, कृत्रिम विस्फोटक पदार्थ को एक जगह पर रखकर उसको चिन्हित किया गया और उसकी भी घेरा बंद कर ली गई लोगों को तुरंत वहां से हटाया गया और बम डिस्पोजल टीम ने मौके पर जाकर उस जगह का मुआयना किया एवं विस्फोटक पदार्थ को ढूंढ निकाला और सुरक्षित तरीके से उसको निष्क्रिय किया गया। 

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इन दोनों ही कार्यों को मुख्य मेला सुरक्षाअधिकारी नीतिका गहलोत की देखरेख में बड़ी ही सफलता पूर्वक अंजाम दिया गया और समय रहते हुए सभी कार्य प्रणाली को सुचारु रुप से अंजाम दिया गया घायलों को नजदीकी  चिकित्सा केंद्र भेजा गया , सभी कार्य बड़ी सफलता पूर्वक बिना किसी रोक-टोक के समय से पहले सफल हुए। 

इस कार्यप्रणाली में कोई भी नुकसान एवं जन हानि नहीं हुई। 

डीसीपी मेला अधिकारी नितिका ने इस कार्य को सफलतापूर्वक अंजाम देने के लिए इसमें हिस्सा लेने वाली टीमों को द्वारा किए गए सराहनीय कार्य की प्रशंसा की।

मेला डिजास्टर रिसांपोस टीम के अधिकारी वरुण सिगंला एएसपी की दोनों टीम फायर बिग्रेड व बम्ब डिस्पोजल टीम को प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया गया।

इस मौके पर मेला पुलिस अधिकारी नीतिका गहलोत, के आलावा चंद्र मोहन आईपीएस, शशांक आईपीएस, वरुण सिंगला आईपीएस एएसपी, एसीपी रविंदर कुंडू, एसीपी पूजा डाबला, एसीपी भगत सिंह , रमेश कुमार, वह सभी गेटों के पुलिस  इंचार्ज इत्यादि मौजूद थे।

स्वास्थ्य विभाग फरीदाबाद की तरफ से गुलशन अरोड़ा, डॉ विशाल, सर्वोदय हॉस्पिटल की तरफ से डॉ राज मिश्रा, अनिल भारद्वाज, पंकज मिश्रा, साहिल एवं शिवा मौजूद थे।

फायर ब्रिगेड की तरफ से हरि सिंह सैनी सूरजकुंड मेला नोडल ऑफिसर, राजेंद्र दहिया डिस्ट्रिक्ट फरीदाबाद फायर ऑफिसर इत्यादि मौजूद थे।

इस मोकड्रिल का मकसद अचानक कहीं पर होने वाली आगजनी, प्राकृतिक आपदा एवं आतंकवादी घटनाओं से निपटना था।

पुलिस प्रवक्ता सूबे सिंह ने बताया कि मॉक ड्रिल का अभ्यास सफल रहा। मॉक ड्रिल में ज्यादा से ज्यादा इस बात का ध्यान रखा गया है कि आगजनी या अन्य किसी भी प्रकार की होने वाली आपदा में जान व माल को बचाया जा सके।

हर मुसीबत से लड़ने को तैयार थी फरीदाबाद पुलिस, सूरजकुंड मेला को शकुशल कराया संपन्न

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फरीदाबाद: सूरजकुंड मेला आज शकुशल संपन्न हो गया, फरीदाबाद पुलिस ने मेला को शकुशल संपन्न कराने में अपनी पूरी ताकत लगा दी, मेले के दौरान पुलिस सभी मुसीबतों से लड़ने को तैयार थी. आज मोक-ड्रिल करके पुलिस ने अपनी तैयारियों को डेमो भी पेश किया.

सूरजकुंड मेले में आज डीसीपी मुख्यालय मेला सुरक्षाधिकारी नीतिका गहलोत की देखरेख में मेले की सुरक्षा को चाक चौबंद करने के लिए एक मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया।

यह मोक ड्रिल दोनों तरह प्राकृतिक/ कृत्रिम आपदा  आगजनी के वक्त होने वाली कार्यविधि को परखने के लिए की गई थी, जिसमें निम्नलिखित कार्यवाही हुई।  

किसी भी सार्वजनिक स्थान पर आग लगने की स्थिती से कैसे निपटा जाये इसके लिये कृत्रिम रुप से ऐसी परिस्थितियां पैदा की गई,  और पब्लिक द्वारा मेले में हुई आगजनी की सूचना कंट्रोल रूम को दी गई। 

उन्होंने इसकी सूचना तुरंत डीसीपी मुख्यालय एवं मुख्य मेला सुरक्षाधिकारी को दी।

उन्होंने तुरंत संज्ञान लेते हुये यह सूचना सभी जोनल एसीपी एवं गेट इंचार्ज और मेला डिजास्टर रिस्पांस टीम हेड आइ पी एस वरुण सिंगला के साथ साथ फायर ब्रिगेड और स्वास्थय विभाग एवं सर्वोदय हास्पिटल को दी।

सभी टीमें मेला अधिकारी के निर्देशानुसार फोन घटनास्थल पर पहुंचे। घटनास्थल पहुंचते ही घटनास्थल की घेरा बंद कर ली गई और तुरंत ही एमरजेंसी गेट खोल दिए गए। 

और भीड़ को घटनास्थल से दूर ले जाते हुए और निकाल दिया गया। फायर ब्रिगेड ने आग पर काबू पाया और घायलों को तुरंत चिकित्सा केंद्र पर पहुंचाया गया। 

इसी प्रकार एक कृत्रिम विस्फोटक पदार्थ को एक जगह पर रखकर उसको चिन्हित किया गया और उसकी भी घेरा बंद कर ली गई लोगों को तुरंत वहां से हटाया गया और बम डिस्पोजल टीम ने मौके पर जाकर उस जगह का मुआयना किया एवं विस्फोटक पदार्थ को ढूंढ निकाला और सुरक्षित तरीके से उसको निष्क्रिय किया गया। 

इन दोनों ही कार्यों को मुख्य मेला सुरक्षाअधिकारी नीतिका गहलोत की देखरेख में बड़ी ही सफलता पूर्वक अंजाम दिया गया और समय रहते हुए सभी कार्य प्रणाली को सुचारु रुप से अंजाम दिया गया घायलों को नजदीकी  चिकित्सा केंद्र भेजा गया , सभी कार्य बड़ी सफलता पूर्वक बिना किसी रोक-टोक के समय से पहले सफल हुए। 

इस कार्यप्रणाली में कोई भी नुकसान एवं जन हानि नहीं हुई। 

डीसीपी मेला अधिकारी नितिका ने इस कार्य को सफलतापूर्वक अंजाम देने के लिए इसमें हिस्सा लेने वाली टीमों को द्वारा किए गए सराहनीय कार्य की प्रशंसा की।

मेला डिजास्टर रिसांपोस टीम के अधिकारी श्री वरुण सिगंला एएसपी की दोनों टीम फायर बिग्रेड व बम्ब डिस्पोजल टीम को प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया गया।

इस मौके पर मेला पुलिस अधिकारी नीतिका गहलोत, के आलावा चंद्र मोहन आईपीएस, शशांक आईपीएस, वरुण सिंगला आईपीएस एएसपी, एसीपी रविंदर कुंडू, एसीपी पूजा डाबला, एसीपी भगत सिंह , रमेश कुमार, वह सभी गेटों के पुलिस  इंचार्ज इत्यादि मौजूद थे।

स्वास्थ्य विभाग फरीदाबाद की तरफ से गुलशन अरोड़ा, डॉ विशाल, सर्वोदय हॉस्पिटल की तरफ से डॉ राज मिश्रा, अनिल भारद्वाज, पंकज मिश्रा, साहिल एवं शिवा मौजूद थे।

फायर ब्रिगेड की तरफ से हरि सिंह सैनी सूरजकुंड मेला नोडल ऑफिसर, राजेंद्र दहिया डिस्ट्रिक्ट फरीदाबाद फायर ऑफिसर इत्यादि मौजूद थे।

इस मोकड्रिल का मकसद अचानक कहीं पर होने वाली आगजनी, प्राकृतिक आपदा एवं आतंकवादी घटनाओं से निपटना था।

पुलिस प्रवक्ता सूबे सिंह ने बताया कि मॉक ड्रिल का अभ्यास सफल रहा। मॉक ड्रिल में ज्यादा से ज्यादा इस बात का ध्यान रखा गया है कि आगजनी या अन्य किसी भी प्रकार की होने वाली आपदा में जान व माल को बचाया जा सके।

Teddy Day और Sunday की जोड़ी ने मिलकर नहीं छोड़ी सूरजकुंड मेले में पैर रखने की जगह

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सूरजकुंड (फरीदाबाद), 10 फरवरी। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के समीप हरियाणा के फरीदाबाद में चल रहा 33वां अंतर्राष्ट्रीय सूरजकुण्ड शिल्प मेला में रविवार को पहुंचे पर्यटकों की संख्या करीब एक लाख के आस-पास रही। मेला के दूसरे वीकेंड पर मिले पब्लिक के रिस्पांस से मेला के आयोजन से जुड़े अधिकारियों तथा स्टाल लगाने वाले शिल्पकारों के चेहरों पर खासी चमक नजर आई। इतना ही सोशल मीडिया पर भी संडे को सूरजकुण्ड मेला में आए लोगों की पोस्ट दिन भर चलती रहीं। इसके अलावा Teddy Day ने भी मेले में दर्शकों की भीड़ इकठ्ठी की, Valentine Week में सूरजकुंड मेले में बहार 

रविवार को मेला आरंभ होने के पहले दो घण्टे के भीतर ही परिसर के आस-पास की सभी पार्किंग भर चुकी थी। मेला परिसर के आगे से गुजरने वाली प्रमुख सडक़ पर शाम तक ट्रैफिक रेंगकर चला। जिसके चलते पुलिसकर्मियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। मेला परिसर के भीतर की मुख्य सडक़ पर सबसे अधिक भीड़ नजर आई। मुख्य सडक़ के साथ-साथ छोटी-बड़ी चौपाल पर दिन भर चलने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों के दौरान दर्शक दीर्घाएं भरी नजर आई। 

मेला परिसर में बनारसी कपड़ों की वैरायटी लेकर आए नौशाद ने बताया कि मेला में इस बार शनिवार और रविवार को सबसे अधिक रौनक रही हैं। फूड कोर्ट के आस-पास भी संडे को दिन भर पूरी रौनक रहीं। विदेशी स्टालों पर संडे को पर्यटकों का खूब मजमा लगा रहा। सोशल मीडिया की बात करें तो रविवार सुपर संडे साबित हुआ। दिन भर पर्यटकों ने सेल्फी पोस्ट की। सपरिवार मेला घूमने आए पर्यटकों ने खरीददारी के साथ खाने-पीने व झूलों का आनंद लिया। 

पहली से 17 फरवरी तक चलने वाले सूरजकुण्ड मेला का दसवां दिन रविवार को देखे गए दर्शकों के उत्साह का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मेला परिसर में दोपहर तक तो पैर धरने की जगह भी नहीं बची। मेला में भीड़-भाड़ को देखते हुए मेला प्रशासन ने विशेष इंतजाम किए गए थे। जिसके चलते भारी भीड़ के बावजूद किसी प्रकार की अव्यवस्था देखने को नहीं मिली।

जयपुर राजघराने की कथक नृत्यांगना अनु सिन्हा ने सूरजकुंड मेले में जमाया रंग

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सूरजकुंड (फरीदाबाद), 10 फरवरी। 33वें अंतर्राष्ट्रीय  सूरजकुंड क्राफ्ट मेले में रविवार की शाम कथक नृत्यांगना अनु सिन्हा के नाम रही। विश्व स्तरीय ख्याती प्राप्त देश की अग्रिम पंक्ति की कथक नृत्यांगना जयपुर राजघराने से संबंध रखतीं है। 

कथक नृत्यांगना अनु सिन्हा ने रविवार को प्रमुख चौपाल में संगीत के नए प्रयोगों तथा कल्पनाओं के माध्यम से ठुमरी और भजन गायन की रचनाएं प्रस्तुत की। उन्होंने कविताओं-गीतों को कलात्मक व विलक्षण ढंग़ से नृत्य के माध्यम से प्रस्तुत किया। देश व विदेश में अनेक कार्यक्रम कर चुकी अनु सिन्हा संगीत, नृत्य समारोह, खजुराहो संगीत समारोह, बुद्धा महोत्सव, पावस महोत्सव, ताज महोत्सव, इंडियन डांस फैस्टिवल जैसे प्रतिष्ठिïत कार्यक्रमों में नृत्य के माध्यम से अपनी विशेष पहचान बनाई हैं। 

अनु सिन्हा ने तमिलनाडू, मुंबई, दिल्ली, आगरा, छत्तीसगढ, पूणे, बिहार तथा भोपाल के विशेष एवं महत्वपूर्ण आयोजनों व कार्यक्रमों में कथक नृत्य प्रस्तुत करके अपनी अनूठी पहचान बनाई है। उन्होंने कथक नृत्य का प्रचार एवं प्रसार करने के लिए एक प्रशिक्षण केंद्र भी खोल रखा है। इस प्रशिक्षण केंद्र में लगभग आठ सौ से अधिक अलग-अलग आयु वर्ग के लोग कथक नृत्य का विधिवत प्रशिक्षण ले रहे हैं।

वैलेंटाइन वीक में मची सूरजकुंड मेले में धूम, रविवार को 1 लाख दर्शकों के जुटने की सम्भावना

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सूरजकुंड (फरीदाबाद), 09 फरवरी। वीकेंड, वैलेंटाइन वीक और सूरजकुण्ड मेला... जी हां, इस गजब संयोग का असर शनिवार को देखने को मिला। जब फरीदाबाद में चल रहे 33वें अंतर्राष्ट्रीय सूरजकुण्ड मेला परिसर में युवाओं की बड़ी भीड़ नजर आई। एक अनुमान के मुताबिक शनिवार को सूरजकुण्ड मेला परिसर में 70 हजार से भी अधिक पर्यटक पहुंचे। शनिवार की भीड़ को देखते हुए संडे को एक लाख से अधिक लोगों के मेला में पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है।  

सूरजकुण्ड मेला परिसर के भीतर की मुख्य सडक़ पर दिनभर पर्यटकों की भीड़-भाड़ से जाम की स्थिति नजर आई। दूसरे वीकेंड पर उमड़ी भीड़ से फूड कोर्ट, शिल्पकारों की स्टाल, छोटी-बड़ी चौपाल व एम्यूजमेंट पार्क एरिया में खूब चहल-पहल दिखी। मुख्य सडक़ पर देसी-विदेशी सांस्कृतिक मंडलियों की प्रस्तुतियों ने पर्ययकों का खूब मनोरंजन किया। सपरिवार बच्चों के साथ पहुंचे पर्यटकों की सबसे अधिक भीड़ एम्यूजमेंट पार्क एरिया में रहीं। 

मेला परिसर में सेल्फी के लिए बनाए गए विशेष प्वाइंट्स का आकर्षण भी शनिवार को खूब नजर आया। मेला में आने वाला हर पर्यटक बड़ी चौपाल के पीछे मुख्य सडक़ पर इंडियन क्लासिकल डांसर की विभिन्न मुद्राओं में लगाई गई कलाकृतियों के साथ फोटो खिंचवाने की महिलाओं में खूब होड़ लगी रही। वहीं महाराष्ट्र के रायगढ़ किले की प्रतिकृति पर भी दिन भर भीड़ लगी रही। 

वैलेंटाइन वीक में चाकलेट डे होने के कारण बड़ी संख्या में युवक-युवतियों ने मेला का लुत्फ उठाया। बड़ी संख्या में दिल्ली यूनिवर्सिटी व आस-पास के एजुकेशनल इंस्टीट्यूट से पहुंचे युवा पर्यटकों ने सांस्कृतिक मंडलियों विशेषकर बंचारी की नगाड़ा पार्टियों के साथ नाच गाकर अपने दिन को सेलिब्रेशन में बदल दिया।

मेले में आयोजित हुआ कवि सम्मलेन, खूब हुआ दर्शकों का मनोरंजन

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सूरजकुंड (फरीदाबाद), 09 फरवरी: 33वें अंतर्राष्ट्रीय सूरजकुंड क्राफ्ट मेले में शनिवार सायं कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस कवि सम्मेलन में पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय बार एसोसिएशन चंडीगढ के अध्यक्ष डा. अनमोल रतन सिंधू मुख्य अतिथि के तौर पर मौजूद थे।

कवि सम्मेलन में पधारे सुरेंद्र शर्मा, डा. सुरेंद्र दूबे, सरदार मनजीत सिंह, गजेंद्र सोलंकी, महेंद्र अजनबी और बुद्धि प्रकाश ने सरस्वती वंदना के साथ कवि सम्मेलन का शुभारंभ किया। कार्यक्रम का मंच संचालन कवि सरदार मनजीत सिंह ने किया। मनजीत सिंह ने काव्य पाठ के दौरान कहा कि हनुमान जी तो इतने बुद्धिमान और बलशाली थे, उन्होंने कभी भी तिल को नहीं बनने दिया ताड़, जब उन्हें संजीवनी बूटी नहीं दिखाई दी तो उठा लाए पूरा पहाड़। पुलिस वाले भी तो यही तरकीब काम में लाते हैं जब उन्हें अपराधी नहीं मिलता ना पूरा परिवार ही उठा लाते हैं। 

महेंद्र अजनबी ने हास्य व्यंग की रचनाओं से श्रोताओं को गुदगुदाया। प्रसिद्ध हास्य कवि सुरेंद्र शर्मा ने भी भारतीय संस्कृति और रिश्तों के महत्व पर बेहतरीन कविताएं सुनाई। बुजुर्गों की शान में सुरेंद्र शर्मा ने जहां रचनाएं सुनाईं वहीं नेताओं पर भी व्यंग कसे। इस देश में राजा कौरव हो या पांडव जनता तो बेचारी सीता है। ऐसी रचनाओं से भी सुरेंद्र शर्मा ने चिंतन को विवश किया। गजेंद्र सोलंकी ने देशभक्ति से परिपूर्ण कविताएं प्रस्तुत की:- भारत के परिंदों की जग में पहचान तो जिंदा है। 

हास्य कवि बुद्धि प्रकाश ने चाय पर आधारित और टाइम की कीमत विषय पर अपनी रचनाएं प्रस्तुत की। सरदार मनजीत सिंह ने पूर्व प्रधानमंत्री डा. मनमोहन सिंह की खामोशी पर भी चुटकियां लीं। कवि सुरेंद्र दूबे ने वर्तमान समय में संस्कारों, नैतिक मूल्यों में आ रही गिरावट को लेकर अपनी रचनाएं प्रस्तुत की। इस अवसर पर मुख्य चौपाल में बड़ी संख्या में दर्शकगण मौजूद थे। 

युगांडा के कलाकारों ने पेश किया रंगा-रंग कार्यक्रम, बिना पलक झपकाए देखते रहे दर्शक


सूरजकुंड(फरीदाबाद)।  33वें अंतर्राष्ट्रीय सूरजकुंड हैंडीक्राफ्ट मेले की बुधवार को बड़ी चौपाल में रंगारंग कार्यक्रमों के साथ  शुरुआत की गई । बड़ी चौपाल के रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम में युगांडा के कलाकारों द्वारा उनकी भाषा में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की की प्रस्तुति दी गई।

सांस्कृतिक कार्यक्रम में दर्शकों  को  यदि  संगीत की भाषा समझ में ना आए तो भी भाव दर्शक अवश्य समझ सकता है। इसके उपरांत राजस्थानी घूमर संगीत अंतर्राष्ट्रीय सूरजकुंड मेले के सास्कृति कार्यक्रम लोगों का आकर्षक सोंग रहा। थीम स्टेट महाराष्ट्र के कलाकारों ने गोंडा आदिवासी संस्कृति की प्रस्तुति दी। इस नृत्य के माध्यम से चैत्र माह में नई फसल आने पर तथा शादी ब्याह के शुभारंभ करने पर भगवान का धन्यवाद किया जाता है। इसके अलावा महाराष्ट्र के कलाकारों द्वारा प्रोतराज नृत्य की भी प्रस्तुति की गई। महाराष्ट्र तथा तेलांगना के बॉर्डर पर दीपावली के त्यौहार पर खुशी के साथ 15 दिनों तक यह नृत्य मनाया जाता है।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों के तहत छोटी चौपाल पर पंजाब के कलाकारों द्वारा पंजाबी गीत, शिर्डी साईं बाबा पब्लिक स्कूल के बच्चों द्वारा सांस्कृतिक डांस, इन्टर लॉ आफ रिसर्च गांव बैसाना के विद्यार्थियों द्वारा नुक्कड़ नाटक, महाराष्ट्र के कलाकारों द्वारा वीर छत्रपति शिवाजी महाराज की रणनीति पर डांस, सत्यम शिवम पब्लिक स्कूल के छात्रों द्वारा पंजाबी गीद्धा की प्रस्तुति दी गई।


ब्यूवंडी देश के कलाकारों द्वारा ड्रम मैजिक डांस, इथोपिया देश के कलाकारों द्वारा उनकी ही भाषा में डांस तथा सूडान देश के  कलाकारो द्वारा उनके राष्ट्रीय डांस की प्रस्तुति ने दर्शकों के मन को मोह लिया। दर्शकों ने भी जी भर कर तालियां बजाकर कलाकारों हौसला बधाइयां दी।


सूरजकुंड के पहले मेले में गोबर लीपती थी भंवरी, अब उसका परिवार स्टाल लगाकर मचा रहा है धूम

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फरीदाबाद: इस बार सूरजकुंड मेले में भंवरी के काफी चर्चे हो रहे हैं. भंवरी को पहले सूरजकुंड मेले में गोबर लीपने के लिए बुलाया गया था. 

भंवरी दवी की मृत्यु 2015 में हुई, उन्हें 1990 में कलाश्री और बाद मेंं शिल्प सम्मान भी मिला.

आपको बता दें कि अंतर्राष्ट्रीय ख्याती प्राप्त कर चुका फरीदाबाद का सूरजकुंड क्राफ्ट मेला आज बेशक हर साल करोड़ों लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बन चुका है लेकिन इस मेले को सजाने और यहां तक लाने के लिए बुनियाद को कई लोगों ने मजबूत किया है। इन्हीं में एक नाम शामिल है भंवरी देवी का। 

हस्तशिल्प को प्रोत्साहन देने व दिल्ली के आस-पास लोगों को एक बेहतरीन मनोरंजन देने के लिए 1987 में जब मेले की तैयारी शुरू की गई तो इसके स्वरूप को लेकर कई तैयारियां की गई। चूंकि मेला अरावली की पहाडिय़ों की मनोरम छटा के बीच था इसलिए इसे स्थाई निर्माणों के बगैर पारंपरिक लुक देने का निर्णय लिया गया। इसी में इसकी दीवारों को गोबर से लीपाई करने का निर्णय लिया गया। हरियाणा व राजस्थान की महिलाएं अपने घरों को गोबर की लीपाई कर उन्हें सजाती थी। ऐसे में मेले को पारंपरिक लुक देने के लिए कुछ महिला श्रमिकों को गोबर लीपाई के लिए बुलाया गया था।  इन्हीं महिला श्रमिकों में एक थी राजस्थान के नागौर की रहने वाली भंवरी देवी। 

भवंरी देवी ने लिपाई का काम खत्म होने के बाद मेला अधिकारियों से आग्रह किया कि एक कोने में वह भी अपना कुछ समान बेच सकती हैं क्या? मेला अधिकारियों ने तुरंत उसके आग्रह को स्वीकार कर लिया और उसे एक जगह बैठकर सामान बेचने की अनुमति दे दी गई। पहले मेले में मात्र 10 से 12 शिल्पकार ही आए थे। भंवरी ने घर के रद्दी सामान से सजावटी सामान तैयार किया और बेचना शुरू कर दिया। पहला मेला था और समय कम इसलिए वह रात को सामान तैयार करती और दिन में उसे बेच देती। मेले में आने वाले लोगों को दिखाने के लिए वह घर से हाथ की आटा चक्की भी ले आई। 
इसके बाद वह हर साल कई महीने पहले से ही मेले की तैयारी करने लगी। अपने बेटे मदन लाल को उसने सहयोग के लिए साथ मिलाया और फिर मेले में आने वाले वाले लोगों के लिए भंवरी का सामान अब पहचान बन चुका था। यही नहीं भंवरी ने हर साल मेले की दीवारों को विभिन्न शैलियों में गोबर लिपाई कर कच्चे-पक्के रंगों से सजाने में भी कोई कसर नहीं रखी। यही वजह थी कि 1990 में भंवरी देवी को कलाश्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यही नहीं बाद में उसे शिल्प सम्मान से भी नवाजा गया। हरियाणा के तत्कालीन राज्यपाल महावीर प्रसाद जब 1994 में मेला देखने आए तो उनकी कला से इतने प्रभावित हुए कि उन्हें पांच हजार रुपये इनाम भी दिया। 

वर्ष 2015 में भंवरी देवी की मृत्यु हो गई तो परिवार ने उसकी परंपरा को निभाए रखा। आज उनकी पुत्रवधु गुलाब देवी उनकी परंपरा को निभा रही है। बड़ी चौपाल के अपना घर के सामने ही स्टाल लगाने वाली गुलाब देवी बताती हैं कि कसीदाकारी और गोटे का काम उन्होंने अपनी सास से ही सीखा है। इसमें वह सूई धागे और कतरनों का प्रयोग करती हैं। वह इस कला के माध्यम से बंदनवार, लड़ी, झूमर, हाथ से तैयार राजस्थानी गुडिया, गोटा एंब्रायडरी की चोरी, कठपुतली और राजस्थानी साफा भी तैयार करते हैं। उनके पुत्र मदनलाल मेघवाल का कहना है कि यह मेला अब उनकी परिवार की परंपरा से जुड़ा है। वह यहां कमाई नहीं बल्कि अपनी मां की विरासत को आगे बढ़ान के लिए पहुंचते हैं।