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रिपोर्ट: रूस में अब भारत से भी अधिक लोग रोज मरने लगे

Russia death from Corona Virus Infection increasing and crossed India in daily death numbers.

कोरोना वायरस संक्रमण की वजह से रूस में बुरा हाल है, वहां पर रोजाना मरने वालों की संख्या भारत से भी अधिक हो गयी है, अगर 19 जुलाई को देखें तो भारत में करीब 372 लोगों की मौत कोरोना से हुई है जबकि रूस में 719 लोगों की मौत हुई है.

पिछले तीन चार दिनों से रूस में मृतकों का ट्रेंड बढ़ा है जबकि रूस की आबादी भारत से बहुत कम है, Worldometer वेबसाइट के अनुसार रूस की आबादी 14.6 करोड़ है जबकि भारत की आबादी करीब 139 करोड़ है. मतलब भारत की आबादी रूस की आबादी का करीब 10 गुना है.

अगर रोजाना नए केसों को देखें तो रूस में करीब 25000 नए मामले रोज आ रहे हैं जबकि भारत में रोजाना 40 हजार नए मामले आ रहे हैं. अगर जनसँख्या अनुपात से देखें तो रूस में भारत से करीब 7-8 गुना नए मामले रोज आ रहे हैं.

इसी तरह से USA में भी नए मामलों की संख्या रोजाना बढ़ती जा रही है, पिछले दो तीन दिनों से रोजाना 25000 हजार केस आ रहे हैं जबकि USA की कुल आबादी करीब 33 करोड़ है, यहाँ भी जनसंख्या अनुपात से देखें तो भारत की तुलना में बहुत अधिक मामले हैं.

पृथला में बार बार उखड रहा है नेशनल हाईवे, बार बार लगाई जाती है चेपी

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Faridabad Prithla Village, National Highway damage again and again again, Road repaired many times.

Faridabad News 16 July 2021: पृथला गाँव में NHAI ने फ्लाईओवर तो फटाफट बना दिया लेकिन जल्दबाजी के चक्कर में रोड की क्वालिटी खराब हो गयी, यही वजह है कि फ्लाईओवर से थोड़ा पहले रोड बार बार उखड जाता है और बार बार चेपी लगाकर रोड रिपेयर कर दिया जाता है.

दो दिन पहले बारिश होने के बाद चेपी फिर से उखड गयी है और रोड पर गड्ढा हो गया है. बार बार  रोड टूटने से लोग हैरान हैं क्योंकि राजमार्क विभाग केंद्रीय मंत्री नितिन गड़करी के अंडर आता है और उन्हें बहुत अच्छा मंत्री बताया जाता है.

अगर इसी तरह से रोड टूटते रहे तो नितिन गडकरी की छवि खराब होने में अधिक देरी नहीं लगेगी इसलिए अफसरों को चाहिए कि  रोड अच्छा और मजबूत बनाएं ताकि बार बार चेपी लगाने की जरूरत ना पड़े. घटिया काम करने वाले ठेकेदारों को ठेका ना दिया जाए भले ही वो किसी मंत्री के चहेते हों.

पॉवर कट की समस्या से फरीदाबाद वाले परेशान, अब पॉवर राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर से बढ़ी उम्मीद

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Krishan Pal Gurjar take charge of Minister of State Power on 8 July 2021 in Modi Cabinet.

फरीदाबाद, 8 जुलाई: शहर के लोग बिजली और पानी के लिए परेशान हैं, अमीर लोग तो इन्वर्टर या जनरेटर लगा कर रखते हैं इसलिए उन्हें बिजली जाने की जानकारी नहीं मिल पाती लेकिन गरीबों का बहुत बुरा हाल है, दिन भर मेहनत मजदूरी करने के बाद रात में पॉवर कट की वजह से गरीबों को नींद भी नहीं आती.

लेकिन अब कुछ बदलाव हो सकता है क्योंकि फरीदाबाद के सांसद कृष्णपाल गुर्जर को प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी सरकार में MoS पॉवर बना दिया गया है. उन्होंने कल यूनियन पॉवर मिनिस्टर राज कुमार सिंह के नेतृत्व में ऊर्जा राज्य मंत्री का चार्ज संभाल लिया। कृष्णपाल गुर्जर ने ट्वीट करके भाजपा शीर्ष नेतृत्व के अलावा फरीदाबाद की जनता को भी बधाई दी.

शहर में पॉवर कट के बारे में मंत्री कृष्णपाल गुर्जर को जरूर खबर होगी, अगर शहरवासी अपनी समस्या उनके पास पहुंचाएंगे तो ऊर्जा राज्य मंत्री होने के नाते वह लोगों की समस्याओं का समाधान जरूर खोजेंगे, वैसे तो बिजली विभाग राज्य सरकार के अंतर्गत आता है लेकिन केंद्र में राज्य मंत्री होने के नाते वह जरूर कुछ ना कुछ करने की कोशिश करेंगे।

आपको बता दें कि फरीदाबाद के सांसद और केंद्रीय राज्य मंत्री Krishan Pal Gurjar की पॉवर बढ़ गयी है, उनका मंत्रालय भले ही बदल दिया गया है लेकिन अब उनके हाथ में दो दो मंत्रालय की जिम्मेदारी आ गयी है जिसमें 'पॉवर मंत्रालय' भी है. 

पहले Krishan Pal Gurjar सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री थे लेकिन अब उनका मंत्रालय बदल दिया गया है, अब उन्हें ऊर्जा राज्य मंत्री (Power Ministry) और भारी उद्योग (Heavy Industries) राज्य मंत्री बना दिया गया है. एक तरह से उनकी Power भी बढ़ी है और मंत्रालयों की संख्या भी बढ़ी है.

आपको बता दें कि Krishan Pal Gurjar  की लोकसभा चुनाव में तीसरे सबसे बड़े अंतर से जीत हुई थी, वह पूर्व सरकार में भी सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री थे और इस सरकार में भी इसी मंत्रालय का जिम्मा था लेकिन अब उनका विभाग बदल दिया गया है, ऊर्जा मंत्रालय बहुत बड़ा मंत्रालय है, Krishan Pal Gurjar इसमें राज्य मंत्री बन गए हैं.

अब Krishan Pal Gurjar के दो बॉस भी हो गए हैं, ऊर्जा मंत्रालय में उनके बॉस यूनियन मिनिस्टर राज कुमार सिंह होंगे जबकि हैवी इंडस्ट्रीज (भारी उद्योग) मंत्रालय में उनके बॉस यूनियन मंत्री डॉ महेंद्र नाथ पांडेय होंगे।

फरीदाबाद के लिए अच्छी बात ये है कि यहाँ पर हैवी इंडस्ट्रीज भी हैं और पॉवर की भी यहाँ पर जरूरत है, शहर को इसका फायदा जरूर मिलेगा क्योंकि देश का ऊर्जा राज्य मंत्री हमारे जिले से होगा।

पेट्रोल में और लगी आग, अब तेजी से बढ़ने लगे दाम, फरीदाबाद में 96 रूपया पार

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Petrol Price in Faridabad crossed 96.13 Rupees per Leter. Modi Sarkar big failier, public upset because of rising inflation.

Faridabad News 26 June 2021: देश में पेट्रोल के दाम बढ़ते जा रहे हैं, हरियाणा और फरीदाबाद में भी इसके दाम लगातार बढ़ते जा रहे हैं जिसकी वजह से जनता की जेब तंग हो गयी है.

Petrol Price in Faridabad

फरीदाबाद में आज सामान्य पेट्रोल का दाम 96.13 रूपया प्रति लीटर है जबकि एक्स्ट्रा प्रीमियम पेट्रोल का दाम 100 रुपये पार पहुंचकर 100.45  रुपये प्रति लीटर हो गया है.

डीजल के दाम भी बढ़ते जा रहे हैं, फरीदाबाद में सामान्य डीजल का दाम 89.52 रुपये प्रति लीटर है जबकि एक्स्ट्रा प्रीमियम डीजल का दाम 92.91 रुपये प्रति लीटर है.

आपको बता दें कि पेट्रोल डीजल के बढ़ते दामों की वजह से अन्य चीजों की भी मंहगाई बढ़ती जा रही है, सरसों का तेल 200 रुपये पार पहुँच गया है जबकि रिफाइंड के दाम भी 160 रुपये पहुँच गया है.

21 जून को 21 लाख बच्चों को वर्चूअल योगाभ्यास कराएगा अखिल भारतीय योग शिक्षक महासंघ

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21 June International Yoga Days will be selebrated and online yoga session will be organised in Faridabad by Akhil Bhartiya Yoga Shikshak Maha Sangh.

Faridabad News 18 June 2021: अंतरराष्ट्रीय योग दिवस  के अवसर पर अखिल भारतीय योग शिक्षक महासंघ योग संस्था अध्यक्ष योग गुरु मंगेश त्रिवेदी जी के निर्देशन में  योग में उच्च शिक्षा प्राप्त 3000  से अधिक योग शिक्षकों द्वारा भारतवर्ष के 26 राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों के 585 से अधिक जनपदों में 21 लाख बच्चों को महामारी की तीसरी सम्भावित लहर से बचाने व उनके उत्तम स्वास्थ्य के लिए वरचुवल योगाभ्यास कराएगा। 

इस कार्यक्रम को ऑनलाइन एवं ऑफलाइन माध्यम से आयोजित कराने के लिए व्यापक स्तर पर योग में उच्च शिक्षा प्राप्त योग शिक्षकों को जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।

फरीदाबाद में योगा टीचर आरती साहू (Mobile 9716245137) फरीदाबाद के बच्चों को वर्चुअल योगा कराएंगी, नीचे Zoom लिंक दिया गया है जिस पर क्लिक करके इस कार्यक्रम से जुड़ा जा सकता है.

Join Zoom Meeting

Meeting ID: 921 875 3697
Passcode: 3DtKYB

अखिल भारतीय योग शिक्षक महासंघ के संस्थापक, अध्यक्ष योग गुरु मंगेश त्रिवेदी ने बताया कि बच्चों के शारीरिक, मानसिक एवं भावनात्मक उन्नति हेतु योग असरदार तो है ही लॉकडाऊन में उनके  स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभाव को दूर करने का बेहतरीन साधन भी है.

योग गुरु त्रिवेदी जी ने बताया कि इसी को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार के आयुष मंत्रालय ने 14 जून को बच्चों के लिए एक योग प्रोटोकॉल की बुकलेट निकाली है जिसका नियमित रूप से अभ्यास करके बच्चे संभावित तीसरी लहर से बच सकें , और महासंघ के योग में उच्च शिक्षा प्राप्त  से अधिक योग शिक्षक / शिक्षिकाएँ उसी योग प्रोटोकाल का वर्चूअल टू वे कम्यूनिकेशन के द्वारा देश के 3000 से अधिक स्कूलो में योगाभ्यास करवाकर बच्चों को शारीरिक एवं मानसिक रूप से फ़िट बनाने में निस्वार्थ रूप से लगे हुए है । 

तीसरी लहर की सम्भावित स्थिति को देख अखिल भारतीय योग शिक्षक महासंघ ने  नए संकल्प के साथ बच्चों की शारीरिक रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाने तथा मानसिक ऊर्जा को बढ़ाने के लिए देश भर के 21 लाख बच्चों को इस योगमय कार्यक्रम का हिस्सा बनाकर योग का अभ्यास कराया जाएगा.

यह योगाभ्यास कार्यक्रम  28 मई से 28जून तक दैनिक जागरण के तत्वावधान में दैनिक जागरण के फेसबुक पेज पर चलाया जा रहा है जिसमें भारत के प्रत्येक कोने कोने से बच्चे टूवे क्मयूनिकेशन के माध्यम से वरचुवल इंटरेक्टिव ऑनलाइन कक्षाओं का लाभ लगातार उठा रहे हैं।

कार्यक्रम संयोजक एवं राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष मोनिका शर्मा ने बताया कि इस कार्यक्रम के सहप्रभारी उषा दूबे व आर्य प्रहलाद भगत हैं। महासंघ के राष्ट्रीय मीडिया अनिल श्रीवास्तव जी ने कहा इस कार्यक्रम में कोविड-19 नियमों का पालन करते हुए कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। 

 साथ ही जिन स्थानों पर ऑफलाइन कार्यक्रम का आयोजन किया जाना है वहांँ स्थानीय प्रशासन से अनुमति प्राप्त कर कार्यक्रम को आयोजित किया जाएगा।

अखिल भारतीय योग शिक्षक महासंघ  की आरती शाहू ने बताया कि महासंघ द्वारा निर्धारित बच्चों के लिए योग प्रोटोकॉल का अभ्यास  योग में उच्च शिक्षा प्राप्त योग शिक्षकों द्वारा  देश के 6000 से अधिक स्कूलो के बच्चों को  वर्चूअल टू वे कम्यूनिकेशन द्वारा करवाया जाएगा । वहीं आयोजन को करवाने वाले समस्त सामाजिक संगठनों/ संस्थाओं/विद्यालयों/महाविद्यालयों/ क्षेत्रीय/राज्य/ मंडलीय/ जिला एवं ब्लॉक संयोजकों को अखिल भारतीय योग शिक्षक महासंघ की ओर से  ई-प्रशस्ति पत्र तथा प्रतिभागियों को ई-प्रतिभागिता प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा तथा ऑफलाइन कार्यक्रम में स्थानीय प्रशासन से अनुमति प्राप्त कर कार्यक्रम को आयोजित किया जाएगा।

एक साल में बढ़ा दिए 100 रुपये दाम तो पांच साल में तेल-रिफाइंड को कितना ऊपर ले जाएगा अदानी

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Fortune Brand Refind Price of Adani increase more than Rs 100 in a year. Adani become richer daily and food items being increase many times.

Faridabad News 12 June 2021: गौतम अदानी जिस बिजनेस में कूद जाते हैं वहां पर मुनाफ़ा ही मुनाफ़ा कमाते हैं, पहले वह पोर्ट और शिप इंडस्ट्री में थे और जमकर मुनाफ़ा कमाया, उसके बाद पॉवर एंड गैस इंडस्ट्री में कूदे तो वहां भी जमकर मुनाफ़ा कमाया और आज हर तरफ अदानी के ही पेट्रोल पंप और फिलिंग स्टेशन दिखाई देते हैं.

अब अदानी कृषि इंडस्ट्री में पूरी तरह से कूद गए हैं और हर तरफ उनके ही गोदाम बन रहे हैं, जमाखोरी करके खाद्य पदार्थों के दामों में खूब वृद्धि की जा रही है.

अदानी कंपनी का Fortune Brand Refind Price पिछले साल 90 रुपये के आसपास था लेकिन सिर्फ एक साल में वह इसे 190 रुपये में बेच रहे हैं, एक ही साल में 100 रुपये की वृद्धि की गयी है, इसी तरह से सरसों की जमाखोरी करके सरसों का तेल करीब 210 रुपये प्रति किलो में  बेचा जा रहा है.

अदानी से अब लोग डरने लगे हैं, ये जिन बिजनेस में कूदते हैं उन चीजों के दामों में बेतहाशा वृद्धि हो जाती है, सिर्फ के साल में तेल और रिफाइंड के दामों में 100 रुपये से भी अधिक वृद्धि हो गयी तो अगले चार पांच वर्षों में Fortune Brand Refind Price और तेल के दाम कितना ऊपर तक जाएंगे यह सोचकर गरीब आदमी के पैरों तले जमीन खिसक रही है.

ऐसा लगता है कि अदानी के सिर पर किसी ऐसे आदमी का हाथ है जो उसे मनमर्जी मुनाफ़ा खोरी और जमाखोरी करने की छूट दे रहा है, यही वजह है कि अदानी जमकर जमाखोरी कर रहे हैं और मंहगे दामों में खाद्य पदार्थों को बेच रहे हैं, अगर सब कुछ ठीक रहा तो भारत में दूसरे सबसे अमीर आदमी बन चुके अदानी जल्द ही मुकेश अम्बानी को पीछ छोड़कर भारत का सबसे अमीर आदमी बन जाएंगे।

एक महीनें में 5 रुपये बढ़ा दिए पेट्रोल के दाम, जनता को झटके पर झटका दे रही सरकार

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Petrol Diesel Price latest update in Faridabad Haryana. Price being increased daily by Government, but public become unhappy because inflation rising.

Faridabad News 11 June 2021: देश में Petrol Diesel Price में आग लग गयी है, तेल के दाम अब रोजाना बढ़ रहे हैं और एक महीनें में Petrol Diesel Price में करीब 5 रुपये की वृद्धि हो चुकी है.

अगर फरीदाबाद की बात करें तो Petrol Price 93.94 रुपये और Diesel Price 87.61 रुपये है, इसी तरह Extra-Premium Petrol Price 97.20 रुपये और Extra-Premium Diesel Price 90.90 रुपये है और रोजाना दामों में वृद्धि करके जनता को झटके पर झटका दिया जा रहा है.

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आपकी जानकारी के लिए बता दें कि सरकार ने जनता को फ्री इंजेक्शन देने का दावा किया है लेकिन ऐसा लगता है कि सरकार इंजेक्शन खरीदने में लगने वाले खर्चे को जनता से जल्दी से जल्दी वसूलना चाहती है इसीलिए Petrol Diesel Price के दामों में आग लग गयी है और बेतहाशा वृद्धि हो रही है.

सरकार बहुत चालाकी दिखा रही है और जनता को फ्री इंजेक्शन देने का वादा करके Petrol Diesel Price के दाम बढ़ाकर दूसरे हाथ जनता की जेब से खर्चा भी निकाल रही है.

सरकार बहुत चालाकी दिखा रही है और जनता को फ्री इंजेक्शन देने का वादा करके Petrol Diesel Price के दाम बढ़ाकर दूसरे हाथ जनता की जेब से खर्चा भी निकाल रही है.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि लॉकडाउन की वजह से कई लोगों की नौकरी चली गयी है, कई लोगों की कमाई घट गयी है और कई लोग आर्थिक रूप से पूरी तरह से बर्बाद हो चुके हैं उसके बावजूद भी मंहगाई लगातार बढ़ती जा रही है, सरसों और रिफाइंड के दाम भी डबल हो चुके हैं, अब Petrol Diesel Price बढ़ते दामों की वजह से जनता आर्थिक रूप से और तंग हो गयी है.

सरकार को चाहिए कि Petrol Diesel Price के दामों पर कण्ट्रोल करे और मंहगाई पर भी लगाम लगाए ताकि जनता पर लॉकडाउन का असर ख़त्म हो लेकिन ऐसा लगता है कि सरकार Petrol Diesel Price बढ़ाकर अपनी कमाई बढ़ाना चाहती है.

प्राइवेट टीवी चैनलों को सरकार का निर्देश, इन चार हेल्पलाइन नंबरों को जनता तक पहुंचाएं

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फरीदाबाद, 30 मई: केंद्र सरकार ने प्राइवेट टीवी चैनलों को निर्देश दिया है कि चार हेल्पलाइन नंबरों के बारे में जनता को अधिक से अधिक जागरूक करें। ये नंबर स्टिकर के रूप में कुछ अंतराल पर चलाए जाने चाहिए, खासकर प्राइम टाइम में.

1075: National Helpline no. of Health & Family Welfare Ministry

1098: Child Helpline no. of Women & Child Development  Ministry

14567: Senior Citizens Helpline of Ministry of Social Justice & Empowerment (Delhi, Karnataka, MP, Rajasthan, TN, Telangana, UP & Uttarakhand)

08046110007: Helpline number of National Institute of Mental Health and Neurosciences (NIMHANS) for psychological support

फाइजर चाहता है Indemnity Against Liability (दायित्व से मुक्ति), जुलाई तक टीका: केंद्र सरकार

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नई दिल्ली, 28 अप्रैल: भारत सरकार सभी भारतीयों को कोरोना का टीका लगवाना चाहती है लेकिन भारत में टीके की कमी पड रही है इसलिए विदेशी कंपनियों से भी टीके को लेकर बातचीत की जा रही है.

अमेरिकी कंपनी फाइजर से भी टीके को लेकर बातचीत की जा रही है लेकिन फाइजर ने भारत सरकार के सामने एक मांग रख दी है, मांग यह है कि उसे Indemnity Against Liability दी जाय, मतलब टीके से किसी को नुकसान या मौत होने पर  कोई मुआवजा ना देना पड़े, कोई केस ना हो, हर तरह से पचड़े से उसे दूर रखा जाय.

भारत सरकार के सामने फाइजर कंपनी ने अपनी एप्लीकेशन भेजी है, सरकार एप्लीकेशन पर विचार कर रही है हालाँकि अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया गया है.

नीति आयोग के सदस्य डॉ वीके पॉल ने इसकी जानकारी देते हुए बताया फाइजर ने हमें बताया है कि टीके का स्टॉक जुलाई में उपलब्ध होगा लेकिन हमें Indemnity Against Liability चाहिए। हम एप्लीकेशन पर विचार कर रहे हैं, अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया गया है, देखिये ट्वीट - 

बाबा रामदेव और IMA की जंग का दूसरा पार्ट शुरू, मोदी से की गयी देशद्रोह का केस दर्ज करने की मांग

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नई दिल्ली, 26 मई: इंडियन मेडिकल एसोसिएशन और बाबा रामदेव के बीच जंग का दूसरा पार्ट शुरू हो चुका है, इस बार IMA ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर बाबा रामदेव के खिलाफ देशद्रोह का केस दर्ज करके उन्हें तुरंत अरेस्ट करने की मांग की है.

आपको बता दें कि बाबा रामदेव ने हाल ही में एक वीडियो में कहा था कि 10 हजार डॉक्टर टीके की दोनों डोज लेकर मर गए, हालाँकि बाबा रामदेव ने वीडियो में यह नहीं कहा है कि 10 हजार डॉक्टर पूरी दुनिया में मरे हैं या वह सिर्फ भारत के बारे में बोल रहे हैं, इससे पहले उन्होंने भारत के बारे में बोलते हुए कहा था कि 1000 डॉक्टर वैक्सीन की दोनों डोज लेकर मर गए, ये अपना इलाज नहीं कर पाए तो मरीजों का इलाज क्या करेंगे।

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने इसी बयान को आधार बनाकर बाबा रामदेव के खिलाफ देशद्रोह का केस दर्ज करने की मांग की है. IMA का कहना है कि मोदीजी आप खुद ही टीके का प्रचार कर रहे हैं जबकि बाबा रामदेव टीके पर भ्रम फैला रहे हैं, IMA के डॉक्टर केंद्र सरकार के प्रोटोकॉल का पालन करते हुए मरीजों का इलाज कर रहे हैं जबकि बाबा रामदेव हमें गलत बताकर केंद्र सरकार के प्रोटोकॉल को चैलेंज कर रहे हैं इसलिए उनपर देशद्रोह का केस दर्ज करके उन्हें तुरंत अरेस्ट किया जाना चाहिए।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इससे पहले IMA ने स्वास्थय मंत्री को पत्र लिखकर बाबा रामदेव के खिलाफ कार्यवाही की मांग की थी जिसके बाद बाबा रामदेव ने अपना बयान वापस ले लिया था, इस बार प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखकर बाबा रामदेव के खिलाफ कार्यवाही की मांग की है, देखिये पत्र की कॉपी - 



अब देखते हैं कि IMA और बाबा रामदेव के खिलाफ शुरू हुई जंग कहा जाकर रुकती है, आज ही IMA ने बाबा रामदेव के खिलाफ 1000 रुपये की मानहानी का केस किया है.

लहर 2: कोरोना से IMA डॉक्टरों के मरने की संख्या बढ़कर हुई 513, अन्य डॉक्टरों का रिकॉर्ड नहीं

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नई दिल्ली, 26 मई: इंडियन मेडिकल एसोसिएशन में करीब 3 लाख डॉक्टर हैं, अन्य डॉक्टरों का कोई रिकॉर्ड सार्वजनिक नहीं किया गया है.

IMA संस्था डॉक्टरों का रिकॉर्ड दर्ज कर रही है, दूसरी लहर में अप्रैल 2021 से अब तक यानी दो महीनें के अंदर ही 513 डॉक्टरों की मौत हो चुकी है. पिछले एक हप्ते से रोजाना 40 - 50 डॉक्टरों की मौत हो रही है और कोरोना ही मौत की वजह बतायी जा रही है.

ये आंकड़े सिर्फ IMA सस्था के हैं, अन्य डॉक्टर्स, डेंटिस्ट, फार्मासिस्ट, नर्सों और अन्य पैरामेडिकल स्टाफ का कोई रिकॉर्ड नहीं है.

मृतक डॉक्टरों में सबसे अधिक दिल्ली के हैं जहाँ 103 डॉक्टरों की मौत हुई है, दूसरे नंबर पर बिहार है जहाँ पर 96 डॉक्टरों की मौत हुई है.



जानिये! कौन से राज्य के मुख्यमंत्री ने जनता को मुफ्त कफन बांटने का किया ऐलान

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रांची: ऐसा लगता है कि एक राज्य को पता है कि कोरोना या दवाओं के साइड-इफ़ेक्ट से बन रही नयी बीमारी से कई लोगों की मौत होने वाली है इसलिए उस राज्य के मुख्यमंत्री ने जनता को मुफ्त कफ़न बांटने का ऐलान किया है, यह  राज्य है झारखंड और मुख्यमंत्री का नाम है हेमंत सोरेन।

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने ऐलान किया है कि राज्य के सभी लोगों को कफ़न मुफ्त में दिया जाएगा, सोरेन के इस बयान के बाद बवाल मच गया है, झारखण्ड भाजपा अध्यक्ष दीपक प्रकाश ने कहा, अजीब विडंबना है कि जहां एक ओर केंद्र सरकार देशवासियों की जान बचाने के लिए युद्ध स्तर पर काम कर रही है. वहीं दूसरी ओर झारखण्ड की कांग्रेस-सोरेन गठबंधन की सरकार जनता को फ्री में कफ़न बांटने में जोर लगा रही है.

कोविड -19 को लेकर कैबिनेट की हुई एक बैठक की अध्यक्षता करते हुए सीएम हेमंत सोरेन ने कहा, राज्य में सभी को कफ़न मुफ्त में दिए जायेंगे। क्योंकि ऐसी खबरें थीं कि राज्य में लाॅकडाउन जैसी पाबंदियों के कारण उन्हें कफ़न खरीदने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा झारखंड अध्यक्ष और सांसद दीपक प्रकाश ने कहा कि विडंबना यह है कि जब केंद्र नागरिकों के जीवन को बचाने के लिए युद्धस्तर पर काम कर रहा है, तो झारखंड की झामुमो के नेतृत्व वाली सरकार कफन के मुफ्त वितरण पर जोर दे रही है।

हेमंत सोरेन सरकार की मुफ्त कफ़न घोषणा को “दुर्भाग्यपूर्ण” और “शर्मनाक” बताते हुए, भाजपा के प्रवक्ता कुणाल सारंगी ने कहा कि प्रशासन को मुफ्त राशन और दवा का वितरण सुनिश्चित करना चाहिए था

किसानों ने जो कहा था कर दिखाया, किसान आंदोलन के 6 महीनें पूरे, कल मनाया जाएगा काला दिवस

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नई दिल्ली, 25 मई: पहले ऐसा लग रहा था कि कोरोना वायरस किसानों को डरा देगा और धरना ख़त्म हो जाएगा लेकिन ऐसा लगता नहीं है क्योंकि कल किसान फिर से दिल्ली में इकठ्ठा होकर किसान आंदोलन के 6 महीनें पूरे होने पर काला दिवस मनाएंगे और केंद्र सरकार से नए कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग करेंगे।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि 26 नवंबर 2020 से किसान आंदोलन शुरू हुआ था जो कल 6 महीनें पूरे हो जाएंगे, पहले जब किसानों ने आंदोलन की शुरुआत की थी तो कहा था कि उनके पास 6 महीनें का राशन है और आंदोलन वापस नहीं होगा तब कुछ लोगों ने उनकी हंसी उड़ाई थी लेकिन किसानों ने अपने दावे को पूरा किया और 6 महीनें पूरे हो गए.

कल शम्भू बॉर्डर पर पूरे देश के किसान इकठ्ठा होंगे और केंद्र सरकार ने नए कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग करेंगे और विरोध स्वरुप काला दिवस मनाएंगे। शम्भू बॉर्डर से ही किसान आंदोलन की शुरुआत होगी।

दूसरी तरफ किसानों को कोरोना स्प्रेडर बताकर उनका मनोबल तोड़ने का प्रयास किया जा रहा है लेकिन किसानों को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता, वे किसानों के भविष्य को बचाने के लिए और देश का पेट भरने के लिए कोई भी आरोप झेलने को तैयार हैं।

Black, White, Yellow Fungus आ गया, अब न्यूज़ चैनल वाले Red, Blue, Green, Violet Fungus भी लाएंगे

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फरीदाबाद, 24 मई: भारत में फंगस का बहुत तेजी से रंग बदल रहा है, न्यूज़ चैनल वाले पता नहीं क्या करना चाहते हैं, ये जनता को इतना डरा देना चाहते हैं कि छोटी सी परेशानी होने पर जनता डर जाए और दवा कंपनियों की मंहगी मंहगी दवाएं और इंजेक्शन खरीदकर उन्हें  मालामाल कर दे.

पहले ब्लैक फंगस का किसी ने नाम भी नहीं सूना था लेकिन टीवी न्यूज चैनलों ने ऐसा डर फैलाया कि ब्लैक फंगस के नाम से लोग कांपने लगे और उसमें इस्तेमाल होने वाला इंजेक्शन ब्लैक में कई हजार रुपये  में बिकने लगा.
 पिछले दो दिनों से टीवी न्यूज चैनलों पर वाइट और येलो फंगस का डर फैलाया जाने लगा है.

अब धीरे धीरे फंगस का रंग बदलता जाएगा और टीवी चैनल वाले कुछ दिनों में अन्य रंगों के फंगस Red, Blue, Green, Violet आदि की खबर दिखाकर इसके लिए इस्तेमाल दवा और इंजेक्शन का नाम भी बताएंगे और जनता में डर और दहशत फैलाकर उन्हें ये मंहगी दवाएं और इंजेक्शन खरीदने के लिए मजबूर कर देंगे।

इससे पहले टीवी न्यूज चैनलों ने कोरोना का इतना डर फैला दिया कि अस्पतालों में बेड की कमीं पड़ गयी और जनता बेमौत मरने लगी लेकिन अब माहौल ठीक हुआ है तो Black, White, Yellow Fungus का डर फैलाया जा रहा है. 

अगर टीवी मीडिया चैनल अपने मकसद में कामयाब हो गए तो अगले कुछ दिनों में पैनिक  फैल जाएगा और फिर से अस्पतालों में बेड की कमीं हो जाएगी और पहले से तैयार दवा कम्पनियाँ खूब मुनाफ़ा कमाएंगी और जनता का बचा खुचा पैसा भी खर्च हो जाएगा।

“डर से बड़ा कोई वायरस नहीं, हिम्मत से बड़ी कोई वैक्सीन नहीं है” जय श्री राम: अरुण गोविल

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फरीदाबाद, 24 मई: महामारी के मुश्किल वक्त में कई संसाधन और व्यक्ति सिर्फ डर, पैनिक और दहशत फैलाने का काम कर रहे हैं, जनता को अधिक से अधिक डराकर  दवा कंपनियों के प्रोडक्ट खरीदने के लिए मजबूर किया जा रहा है तो ऐसे मुश्किल वक्त में टेलीविज़न के श्री राम कहे जाने वाले अरुण गोविल सकारात्मक सोच को आगे बढ़ा रहे हैं.

अरुण गोविल ने आज ट्विटर पर लिखा - “डर से बड़ा कोई वायरस नहीं, हिम्मत से बड़ी कोई वैक्सीन नहीं है” जय श्री राम.

अरुण गोविल इस सन्देश के माध्यम से जनता से कहना चाहते हैं कि इस दुनिया में डर से बड़ा कोई वायरस नहीं है क्योंकि डरकर लोग अपना आत्मविश्वास खो देते हैं और बिना बीमारी के ही मर जाते हैं, अगर आत्मविश्वास मजबूत रहता है तो कोई भी बीमारी आपका कुछ नहीं बिगाड़ सकती। वह हिम्मत को ही सबसे बड़ी वैक्सीन बता रहे हैं क्योंकि हिम्मती व्यक्ति बड़े से बड़े संकट का मजबूती से सामना करते हैं और अंतिम समय तक हार नहीं मानते। 

विश्वविख्यात नोबेल प्राइज विनर वैज्ञानिक Luc Montagnier ने टीकाकरण को ही बताया समस्या की वजह

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फरीदाबाद, 22 मई: यह खबर कई न्यूज़ पोर्टल में छप चुकी है, पूरी दुनिया में नोबेल प्राइज विनर वैज्ञानिक Luc Montagnier के इंटरव्यू पर चर्चा छिड़ी हुई है. राष्ट्रीय न्यूज़ पोर्टल ZEE NEWS में भी यह खबर छप चुकी है जिसका लिंक नीचे दिया जा रहा है - 


आपको बता दें क़ि विश्वविख्यात नोबेल प्राइज विनर वैज्ञानिक Luc Montagnier फ़्रांस के महान वैज्ञानिक हैं. इन्होने ही कोरोना वायरस के चीन के वुहान लैब में पैदा किये जाने का दावा किया था जिसे भारत, अमेरिका सहित विश्व के कई देशों ने माना था. यह भी बता दें कि नोबेल प्राइज विनर वैज्ञानिक हवा में बातें नहीं करते बल्कि प्रैक्टिकल करने के बाद और निष्कर्षों के बाद ही कुछ बोलते हैं इसीलिए Luc Montagnier के दावे का अभी तक किसी भी संस्था या किसी भी व्यक्ति ने खंडन नही किया है.
 

क्या कहा Virologist वैज्ञानिक Luc Montagnier ने

फ्रांस (France) के नोबेल पुरस्कार विजेता (Nobel Prize Winner) प्रोफेसर ल्यूक मॉन्टैग्नियर (Luc Montagnier) ने एक चौंकाने वाला दावा किया है. मॉन्टैग्नियर का कहना है कि कोरोना का टीका वायरस को रोकने के बजाए उसे और मजबूत कर रहा है. उन्होंने यह भी कहा कि कोरोना के नए-नए वैरिएंट उत्पन्न होने का कारण टीकाकरण ही है. उन्होंने WHO के ग्राफ का जिक्र करते हुए कहा कि पूरे विश्व में जितनी तेजी से टीकाकरण बढ़ रहा है उसी तेजी से मरने वालों की संख्या भी बढ़ रही है.

ज्यादा घातक हैं नए Variants

एक इंटरव्यू में ल्यूक मॉन्टैग्नियर (Luc Montagnier) ने कहा कि महामारी विज्ञानियों को वैक्सीन से जुड़े तथ्यों के बारे में पता है लेकिन फिर भी वे खामोश हैं. इस इंटरव्यू (Interview) का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. एक सवाल के जवाब में नोबेल पुरस्कार विजेता प्रोफेसर ने कहा, ‘टीके वायरस को नहीं रोकते, बल्कि वह इसके विपरीत काम करते हैं यानी वायरस को ताकतवर बनाते हैं. टीकाकरण की वजह से कोरोना के नए वैरिएंट मूल वैरिएंट की तुलना में अधिक नुकसान पहुंचा सकते हैं’. 

इंटरव्यू में जब उनसे  पूछा गया कि पूरी दुनिया में जो बहुत बड़े स्तर पर टीकाकरण हो रहा है उसके बारे में आप का क्या कहना है तो उन्होंने कहा कि यह ऐसी वैज्ञानिक और मेडिकल गलती है तो इतिहास के पन्नों में लिखी जाएगी। ऊपर ट्वीट के लिंक में उनके इंटरव्यू की वीडियो भी यह. यह खबर ज़ी न्यूज़ और वीडियो इंटरव्यू के आधार पर लिखी गयी है.

1200 एलोपैथिक डॉक्टरों की मौत, IMA ने बाबा रामदेव के खिलाफ की कार्यवाही की मांग, जानिये क्यों

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फरीदाबाद, 22 मई: इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने योगगुरु बाबा रामदेव के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की मांग की है. इस बार आरपार का मन बना लिया है, IMA का कहना है कि अब बहुत हो चुका, अब बाबा रामदेव के खिलाफ कार्यवाही करनी ही पड़ेगी या स्वास्थय मंत्रालय को बाबा रामदेव की बातों पर यकीन करके मॉडर्न मेडिसिन के इंफ्रास्ट्रक्चर को ख़त्म करके बाबा रामदेव की बातों पर ही भरोसा करना चाहिए।

IMA ने स्वास्थय मंत्री डॉ हर्षवर्धन को एक पत्र लिखा है जिसमें कहा है कि इस महामारी में हमारे 1200 मॉडर्न मेडिसन एलोपैथिक डॉक्टर्स की मौत हो गयी है. उन्होंने कोरोना बुलेट का वार अपनी छाती पर सहा है.

IMA ने बाबा रामदेव पर आरोप लगाया है कि वह एलोपैथिक दवाइयों को स्टुपिड बताते हैं, एलोपैथिक डॉक्टर्स को मर्डरर बताते हैं और उन्होंने ऐसा खुद अपनी दवाई के लांचिंग के मौके पर स्वास्थय मंत्री के सामने कहा है. 

आरोप लगाया गया है कि बाबा रामदेव यह सब जनता को मिसलीड करने के लिए और अपनी गैरकानूनी और गैर-अधिकृत दवाइयाँ बेचने के लिए करते हैं.

IMA ने लिखा है कि बाबा रामदेव ने हाल में Fabiflue, Remdesivir आदि दवाइयों का जिक्र करते हुए कहा कि यह सब फ़ैल हो गयी हैं और इनकी वजह से लाखों लोगों की मौत हो गयी है जबकि इन सभी दवाइयों का ऍप्रूवल DGCI ने दिया है.

पत्र में बाबा रामदेव के खिलाफ महामारी अधिनियम 1987, U/s के तहत कार्यवाही की मांग की गयी है और उनकी वजह से लाखों लोगों की जान का खतरा बताया गया है. कार्यवाही ना किये जाने पर IMA ने दूसरे कदम उठाये जाने की चेतावनी दी है. पूरा पत्र आप नीचे पढ़ सकते हैं.



आपकी जानकारी के लिए बता दें कि बाबा रामदेव भी लाखों कोरोना मरीजों को योगा और अपनी दवाई से ठीक करने का दावा करते हैं और रोजाना  वीडियो के जरिये अपडेट देते रहते हैं। अब देखते हैं कि बाबा रामदेव के खिलाफ सरकार क्या कार्यवाही करती है.

दो दिन में कोरोना से 63 डॉक्टरों की मौत, दूसरी लहर में अप्रैल से अब तक 329 डॉक्टर्स की गयी जान

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फरीदाबाद, 20 मई: कोरोना वायरस के संक्रमण की वजह से डॉक्टरों की काफी मौत हो रही है, सिर्फ दो दिन में 63 डॉक्टर्स की मौत हो चुकी और दूसरी लहर में अब तक 329 डॉक्टर्स की मौत हो चुकी है. अप्रैल महीनें से दूसरी लहर के आकड़े रिकॉर्ड किये जा रहे हैं. 

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि यह आंकड़े सिर्फ इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के डॉक्टरों के हैं जिनकी संख्या करीब 305,458 है. जो इस संस्था के  बाहर के डॉक्टर हैं उनका कोई भी रिकॉर्ड नहीं है.

इससे पहले 18 मई को 266 डॉक्टर्स की मौत की रिपोर्ट दी गयी थी जो बढ़कर आज 329 हो गयी. 18 मई को इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ JA Jayalal ने दूसरी लहर के शिकार डॉक्टरों की रिपोर्ट जारी की थी. 
नीचे टेबल में आप कोरोना के शिकार डॉक्टरों का राज्य-वाइज आंकड़ा देख सकते हैं, सबसे अधिक 78 डॉक्टरों की मौत बिहार में हुई है. दिल्ली में 28 और यूपी में 37 डॉक्टरों की मौत हुई है. अन्य सभी राज्यों के आंकड़े आप नीचे देख सकते हैं. यह लिस्ट दो दिन पहले ही है जिसमें दो दिन में मरे 63 डॉक्टर्स का आकड़ा नहीं जोड़ा गया है.

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गजब हो रहा: Covishield वैक्सीन निर्माता SII CEO अदार पूनावाला का पूरा परिवार हो गया लन्दन शिफ्ट

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नई दिल्ली: भारत में अधिकतर लोगों को Covishield वैक्सीन लगी है, अधिकतर लोगों को दूसरी डोज लगनी बाकी है, वैक्सीन की शॉर्टेज है इसलिए 42 दिन का गैप बढ़ाकर 80 - 100 दिन का कर दिया गया है.

ऐसे में हैरानी इस बात को लेकर है कि भारत में Covishield वैक्सीन का उत्पादन कर रही सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ़ इंडिया के CEO अदार पूनावाला जो बड़ी बड़ी बातें करते थे, पिछले एक महीनें से पत्नी और बच्चों सहित लन्दन शिफ्ट हो गए हैं.

अब एक और हैरानी की खबर आयी है, उनके पिता सायरस पूनावाला ही भारत में बचे थे, अब वह भी अदार पूनावाला के पास लन्दन पहुँच चुके हैं.

जब कुछ मीडिया चैनल ने इस समबन्ध में सायरस पूनावाला से पूछताछ की तो वह बोले कि मैं हर साल गर्मी की छुट्टियां बिताने के लिए लन्दन आता हूँ, इस बात भी गर्मी की छुट्टियां बिताने लन्दन आया हूँ. वे लोग इस बात को ख़ारिज कर रहे हैं कि वह नीरव मोदी और विजय माल्या की तरह देश छोड़कर भाग गए हैं.

अदार पूनावाला के सपरिवार लन्दन शिफ्ट होने से कई सवाल उठ रहे हैं. अब पता नहीं Covishield वैक्सीन का आगे उत्पादन होगा या नहीं, जिन्हें पहली डोज लग चुकी हैं उन्हें दूसरी डोज लगेगी या नहीं, पहले डोज के गैप में 42 दिन का अंतर बढाकर 80 - 100 दिन कर दिया गया है, इसका मतलब है कि सरकार चाहती है कि पहली डोज लगवा चुके लोग अब दो तीन महीने वैक्सीन की दूसरी डोज के लिए कोई आवाज ना उठाएं।

अब देखते हैं कि पहली डोज लगवाने वालों को दूसरी डोज कब  मिलती है, मिलती भी है या गैप को पहले की तरह बढ़ा दिया जाएगा, अगर पहली डोज लगवाने वालों को वादे के अनुसार दूसरी डोज नहीं  मिली तो करोड़ों लोगों के साथ धोखा होगा। वैसे लन्दन शिफ्ट होने वालों पर भारत सरकार कोई कार्यवाही नहीं कर पाती है, नीरव मोदी और विजय माल्या के केस में यह देखा जा चुका है.

अगले दो महीनें में कोरोना वैक्सीन की खूब डोज उपलब्ध होंगी, विदेश से भी वैक्सीन आएंगी: AIIMS चीफ

Dr Randeep Guleria
 

फरीदाबाद, 15 मई: कोरोना से फ़ैली महामारी से लोग डरे हुए हैं इसलिए जल्दी से जल्दी वैक्सीन लगवाकर खुद को सुरक्षित करना चाहते हैं हालाँकि वैक्सीन लगवाने से पहले कई चीजों का ख्याल भी रखना पड़ता है लेकिन जल्दबाजी में लोग सावधानी नहीं बरत रहे हैं. लोग सैकड़ों की संख्या में Vaccination Center पर पहुंचकर लाइन लगा लेते हैं जिसकी वजह से उन्हें कोरोना संक्रमण का भी डर बना रहता है.

लोगों की जल्दबाजी की वजह से वैक्सीन की शॉर्टेज हो गयी है. AIIMS चीफ रणदीप गुलेरिया ने आज एक महत्वपूर्ण जानकारी दी है.

उन्होंने कहा कि अगले 2 महीनें में वैक्सीन की भारी मात्रा में डोज उपलब्ध हो जाएंगी क्योंकि कई कम्पनियाँ भारत में मैन्युफैक्चरिंग प्लांट शुरू कर रही हैं, इसलिए कई वैक्सीन उपलब्ध होंगी और बाहर से भी वैक्सीन आएंगी।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि रूस की सबसे असरदार कोरोना वैक्सीन Sputnic V भी भारत में बनेगी, दो तीन दिनों में डॉ रेड्डी लैब इसका उत्पादन शुरू कर देगी, करीब डेढ़ लाख वैक्सीन डोज़ रूस से भारत पहुँच चुकी है, इसे रूसी भारतीय वैक्सीन का नाम दिया गया है. इसपर मेड इन इंडिया का लेबल भी लग जाएगा और यह वैक्सीन सिर्फ एक डोज में कोरोना वायरस से रक्षा करती है जबकि कोवीसील्ड और कोवैक्सीन 2 डोज में भी सिर्फ 68 फ़ीसदी या उसे थोड़ा अधिक असरदार है. 

अगर AIIMS चीफ का इशारा समझें तो वह कहना चाहते हैं कि वैक्सीन लगवाने के लिए जल्दबाजी ना दिखाएं बल्कि एक दो महीनें रुक जाएं तो जनता को कई वैक्सीनों का विकल्प मिलेगा और अधिक डोज भी उपलब्ध होंगी।