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आतंकवाद के शस्त्र IED को लोकतंत्र के शस्त्र वोटर आईडी से दीजिये जवाब, कीजिये वोट: NAMO

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गुजरात: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज अहमदाबाद के रानिप बूथ पर मतदान किया. इस अवसर पर उन्होंने लोगों ने वोटर देकर अपना कर्त्तव्य निभाने की अपील की.

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मुझे वोट देकर गर्व हो रहा है, जो सुकून कुम्भ में स्नान करने से आता है वही सुकून मतदान करने से आता है इसलिए सभी लोग घर से निकलकर मतदान करें, और मतदान किसे करें, यह देश की जनता भली भाँती समझती है क्योंकि जनता को दूध का दूध और पानी का पानी करना आता है.

प्रधानमंत्री मोदी ने आतंकवाद के शस्त्र IED को लोकतंत्र के शस्त्र वोटर आईडी से परस्त करने की अपील की, उन्होंने कहा कि जिस प्रकार आतंकवादियों का शस्त्र IED होता है उसी तरह से लोकतंत्र का शस्त्र वोटर आईडी होता है इसलिए इस शस्त्र का इस्तेमाल करके आतंकवाद को परास्त करें.

बता दें कि गुजरात की सभी 26 सीटों पर आज मतदान हो रहा है, भाजपा ने सभी सीटें जीतने का दावा किया है, पिछली बार भी भाजपा को यहाँ से सभी सीटें मिली थीं.

श्रीलंका में 8 धमाके, 300 की मौत, मोदी सरकार से पहले भारत में भी होते थे ऐसे ही धमाके: NAMO

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कोलम्बो, 21 अप्रैल: भारत के लोग बहुत भुलक्कड़ हैं, अधिकतर लोग भूल गए हैं कि मोदी सरकार के आने से पहले यानी पूर्व कांग्रेस सरकार में दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद, बैंगलोर, कलकत्ता, अयोध्या, फैजाबाद, लखनऊ हर जगह ब्लास्ट होते रहते हैं, आतंकी जब चाहे, जहाँ चाहे वहां बम फोड़ देते थे और सैकड़ों लोगों की जान ले लेते थे, कांग्रेस सरकार ने मुंबई बम ब्लास्ट और 26/11 अटैक के बाद भी कोई ठोस एक्शन नहीं लिया.

आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देशवासियों को 2014 का दहशत भरा समय याद दिलाया, पहले सभी बसों और ट्रेनों की सीट पर लिखा होता था - अपनी सीट के नीचे झाँक लें, कोई बम हो सकता है, यात्री भी डरे रहते थे कि पता नहीं कब धमाका हो जाए. अब देशवासी वो दिन भूल चुके हैं, अब कोई बसों के नीचे और ट्रेनों के नीचे नहीं देखते, अब बिंदास सफ़र करते हैं लेकिन लोग यह नहीं सोचते कि अब बम धमाके क्यों बंद हो गए, अब आतंकी कश्मीर से आगे क्यों नहीं बढ़ पाते.

रविवार को सुबह श्रीलंका में 8 सीरियल बम ब्लास्ट हुए जिसमें अब तक 300 से अधिक लोगन की मौत हो चुकी है जबकि 500 से अधिक लोग घायल हुए हैं.

इन बम धमाकों में सैकड़ों लोगों की हत्या करने वाले आतंकवादियों की पहचान हो चुकी है, इनके नाम जहरान हाशिम और अबू मुहम्मद थे. दोनों ही आत्मघाती आतंकी थे और धामाके के साथ खुद को भी उड़ा लिया. अन्य आत्मघाती हमलावरों की पहचान नहीं हो पायी है, सभी हमलावरों ने बम के साथ खुद को भी उड़ा लिया, इस हमले की सुई ISIS की तरफ घूम रही है. श्रीलंका में आपातकाल लागू कर दिया गया है.

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज श्रीलंका बम धमाकों का जिक्र करते हुए बोले, 2014 से पहले भारत में भी आतंकी जहाँ मर्जी वहां बम धमाका कर देते थे लेकिन अब कश्मीर से आगे बढ़ने की उनकी हिम्मत नहीं होती, अब उन्हें डर लगा रहता है कि अगर मैं बम फोडूंगा तो मोदी पातळ से भी ढूंढ निकालेगा और सजा देगा, यही नहीं मेरे आकाओं को भी ख़त्म कर देगा.

श्रीलंका में 250 लोगों की हत्या करने वाले आतंकियों की हुई पहचान - जहरान हाशिम और अबू मुहम्मद

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कोलम्बो, 21 अप्रैल: रविवार को सुबह श्रीलंका में 8 सीरियल बम ब्लास्ट हुए जिसमें अब तक 250 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 500 से अधिक लोग घायल हुए हैं.

इन बम धमाकों में सैकड़ों लोगों की हत्या करने वाले आतंकवादियों की पहचान हो चुकी है, इनके नाम जहरान हाशिम और अबू मुहम्मद थे. दोनों ही आत्मघाती आतंकी थे और धामाके के साथ खुद को भी उड़ा लिया.

शांगरी ला होटल पर धमाके को आत्मघाती हमलावर जहरान हाशिम ने अंजाम दिया. वहीं अबू मुहम्मद की पहचान बैटलिकलोआ चर्च के आत्मघाती हमलावर के रूप में की गई है. 

रविवार को कुल आठ बम धमाके हुए. इनमें राजधानी कोलंबो के शांगरी-ला होटल और किंग्सबरी होटल में विस्फोट हुआ. वहीं कई धमाके श्रीलंका की राजधानी कोलंबो के कई चर्च में हुए. ये विस्फोट ईस्टर सेवाओं की पूजा के दौरान हुए. कोलंबो के पास देहीवाला शहर में भी बम धमाके हुए.

ईस्टर पर सीरियल बम धमाकों से दहला श्रीलंका

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कोलम्बो: आज ईसाईयों का ईस्टर का त्यौहार है लेकिन श्रीलंका के लिए आज का दिन बहुत खतरनाक साबित हुआ है, कोलम्बो में करीब 6 सीरियल बम धमाकों से श्रीलंका दहल गया है, इन धमाकों में अब तक 10 लोगों के मरने और 100 से अधिक लोगों के घायल होने की खबर है.

खबर के मुताबिक चार चर्चों और दो फाइव स्टार होटल में बम फोड़े गए हैं. घायलों को उपचार के लिए अस्पतालों में भेजा गया है, श्रीलंका में इस वक्त अफरा तहरी का माहौल है. इन बम धमाकों में अधिकतर इसाई धर्म के लोगों को निशाना बनाया गया है.

साजिश और टॉर्चर की शिकार साध्वी प्रज्ञा ट्विटर के मैदान में उतरी, फॉलो करने के लिए देखिये लिंक

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नई दिल्ली: साजिश के तहत बम धमाके के केस में कथित रूप से पूर्व कांग्रेस सरकार द्वारा फंसाई गयी साध्वी प्रज्ञा ठाकुर अब ट्विटर के मैदान में उतर गयीं हैं.

साध्वी प्रज्ञा के नाम से कई फर्जी अकाउंट हैं जिसपर हजारों फॉलोवर भी हैं लेकिन साध्वी ने आज आधिकारिक अकाउंट खोलकर अपने समर्थकों से जुड़ने का फैसला किया है.

साध्वी के ट्विटर अकाउंट की आईडी है - @mesadhvipragya और आधिकारिक नाम है - sadhvi pragya official

फॉलो करने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें -

राहुल गाँधी के पास अब 2 ही विकल्प - या अनपढ़ बनकर रहें या ब्रिटिश नागरिक बनकर कभी चुनाव ना लड़ें

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नई दिल्ली: नई दिल्ली: कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष राहुल गाँधी उर्फ़ राउल विंसी बुरी तरह से फंस गए हैं. उनका अमेठी में नामांकन खतरे में पड़ गया है. अब राहुल गाँधी के सामने सिर्फ दो विकल्प हैं, या तो हलफनामें से अपनी डिग्रियों का विवरण हटा दें और भारत में अनपढ़ बनकर रहें क्योंकि वह भारत में राहुल गाँधी के नाम से रहते हैं जबकि विदेशों में Raul Vinci के नाम से पढ़ाई किये हैं.

अगर राहुल गाँधी अपनी डिग्रियों का मोह नहीं छोड़ते हैं तो उन्हें भारत में Raul Vinci के नाम से रहना होता यानी ब्रिटिश नागरिक बनकर रहना होगा, उन्हें भारत की नागरिकता भी छोडनी होगी, ऐसी हालत में वह कभी चुनाव नहीं लड़ पाएंगे.

राहुल गाँधी ने अमेठी में दाखिल किये नामांकन में अपनी उच्च शिक्षा MPhil बतायी है. उन्होंने MPhil डिग्री ब्रिटेन की कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी से ली है लेकिन उनके सर्टिफिकेट में उनका नाम Raul Vinci लिखा है. देखिये सर्टिफिकेट की कॉपी -

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राहुल गाँधी के इस दस्तावेज पर एक निर्दलीय उम्मीदवार ध्रुव लाल की नजर पड़ गयी. इसके बाद उन्होंने रिटर्निंग ऑफिसर के पास शिकायत की जिसमें उन्होंने सवाल पूछा - राहुल गाँधी अपना नाम राहुल गाँधी लिखते हैं तो उनकी Mphil डिग्री और विदेशों में प्राप्त अन्य डिग्रियों पर अपना नाम Raul Vinci क्यों लिखा है, क्या राहुल गाँधी और Raul Vinci एक ही आदमी हैं या राहुल गाँधी ब्रिटिश नागरिक हैं.

चुनाव आयोग ने भी राहुल गाँधी को नोटिस जारी करते हुए कहा है कि क्या Rahul Gandhi और Raul Vinci एक ही आदमी हैं. अगर एक ही आदमी हैं तो राहुल गाँधी अपना नाम Raul Vinci क्यों नहीं लिखते.

अब राहुल गाँधी को चुनाव आयोग को जवाब देना पड़ेगा. उन्होंने Raul Vinci के नाम से डिग्री क्यों ली. अगर आपकी डिग्री में Raul Vinci लिखा है तो भारत में आप अपना नाम राहुल गाँधी क्यों लिखते हैं.

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अब आप खुद देखिये, राहुल गाँधी ने अगर Raul Vinci के नाम से डिग्री ली है तो वह भारत में अपनी डिग्री कैसे दिखा सकते हैं, क्योंकि भारत में तो उनका नाम राहुल गाँधी है. क्या उन्होंने किसी Raul Vinci नाम के किसी आदमी से डिग्री खरीदी है, अगर हाँ तो भी उनकी डिग्री रद्द हो सकता है, अब चुनाव आयोग के पास दो ही विकल्प हैं - या तो राहुल गाँधी की डिग्री रद्द कर या उनका नामांकन. अगर राहुल गाँधी की डिग्री रद्द की जाएगी तो वह भारत में अनपढ़ कहलाएंगे.

कांग्रेस में भी शत्रुघ्न सिन्हा का दोगलापन शुरू, बिहार में कांग्रेस के साथ, यूपी में खिलाफ


फरीदाबाद: शत्रुघ्न सिन्हा जहाँ भी रहते हैं अपना दोगला चरित्र जरूर दिखाते हैं, उनका नाम भले ही शत्रुघ्न हो लेकिन वे अपनी ही पार्टी से शत्रुता निभाते हैं. जब वे भाजपा में थे और भाजपा सरकार ने उन्हें मंत्री नहीं बनाया तो लाल कृष्ण आडवानी की तारीफ और मोदी की बुराई करने लगे, अगर उन्हें मंत्री बना दिया जाता तो सभी नेता अच्छे हो जाते और मोदी भी उनकी नजर में महान हो जाते लेकिन मंत्री ना बनाए जाने से वह पार्टी का विरोध करने लगे और कांग्रेस में शामिल हो गए.

अब वह कांग्रेस पार्टी में शामिल हो गए हैं तो वहां भी दोगला चरित्र दिखा रहे हैं. पटना साहिब से वह कांग्रेस पार्टी से खुद खड़े हुए हैं और वहां पर कांग्रेस पार्टी को जिताने और राहुल गाँधी को प्रधानमंत्री बनाने की अपील कर रहे हैं.

लखनऊ में उनकी पत्नी समाजवादी पार्टी से चुनाव लड़ रही हैं तो शत्रुघ्न सिन्हा सपा को जिताने और कांग्रेस को हराने की अपील कर रहे हैं, मतलब एक ही देश में एक जगह कांग्रेस को जिताने और दूसरी जगह कांग्रेस को हराने की अपील कर रहे हैं. शत्रुघ्न सिन्हा का दोगलापन देखकर लखनऊ में कांग्रेस के उम्मीदवार आचार्य प्रमोद कृष्णन बहुत नाराज हैं, कई अन्य नेता भी नाराज हैं.

जब शत्रुघ्न सिन्हा से इसको लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि मेरे लिए परिवार पहले है और पार्टी बाद में. शत्रुघ्न सिन्हा लखनऊ में घुमते हैं तो अखिलेश यादव को प्रधानमंत्री बनाने की अपील करते हैं लेकिन जब वह पटना में होते हैं तो राहुल गाँधी को प्रधानमंत्री बनाने की अपील करते हैं जबकि लखनऊ में कांग्रेस और सपा एक दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं.

5 साल पहले जो हिन्दुओं को आतंकी साबित करने में लगे थे, आज खुद को हिन्दू साबित करने में लगे हैं

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भोपाल: सच कहते हैं, समय को करवट बदलते देर नहीं लगती, 2004 से 2014 तक केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी, उस समय के दर्जनों कांग्रेसी नेता सिर्फ यह साबित करने में लगे थे कि हिन्दू भी आतंकवादी होते हैं, ये नेता पूरी दुनिया को यही सन्देश देना चाहते थे कि हिन्दू भी आतंकवादी होते हैं.

हिन्दुओं को आतंकवादी साबित करने के लिए कांग्रेसी नेताओं ने मालेगांव ब्लास्ट केस में साध्वी प्रज्ञा, कर्नल पुरोहित सहित कई हिन्दुओं को प्लानिंग के तहत फंसाया और इन्हें आतंकवादी बताते हुए न्यूज़ चैनलों और अखबारों में खूब ख़बरें छपवाई, उस वक्त पूरी दुनिया में सन्देश दिया गया कि हिन्दू भी आतंकवादी होते हैं, दिग्विजय सिंह जैसे नेता अपनी रैलियों में बोलते थे - हिन्दू भी आतंकवादी होते हैं, भगवा आतंकी होते हैं, ये लोग यह भी कहते थे कि श्री राम का कोई अस्तित्व ही नहीं है.

आज समय बदल गया है, अब दिग्विजय सिंह खुद को हिन्दू साबित करने में लगे हैं, हमेशा तिलक लगाए रहते हैं जबकि 2014 से पहले ये तिलकधारियों को आतंकवादी बोलते थे.

साध्वी प्रज्ञा और कर्नल पुरोहित झूठे आरोपों से बरी

दिग्विजय सिंह और कुछ अन्य कांग्रेसी नेताओं ने हिन्दुओं को आतंकवादी साबित करने के लिए मालेगांव केस में साध्वी प्रज्ञा ठाकुर को झूठे फंसा दिया. साध्वी को आतंकियों की तरह ही टार्चर किया गया, उनकी नस नस तोड़ दी गयी लेकिन कांग्रेसी उनकी आत्मा को नहीं तोड़ पाए. कुछ दिन पहले NIA कोर्ट ने साध्वी प्रज्ञा को सभी आरोपों से बरी कर दिया.

17 अप्रैल को साध्वी प्रज्ञा भाजपा में शामिल हो गयीं. उन्हें भोपाल से भाजपा का लोकसभा उम्मीदवार बनाया गया है. दिग्विजय सिंह भी उनकी ताकत को भली भाँती समझते हैं, इसलिए उन्होंने साध्वी प्रज्ञा का स्वागत किया. दिग्विजय सिंह ने ट्वीट किया - मैं साध्वी प्रज्ञा जी का भोपाल में स्वागत करता हूँ। आशा करता हूँ कि इस रमणीय शहर का शांत, शिक्षित और सभ्य वातावरण आपको पसंद आएगा। मैं माँ नर्मदा से साध्वी जी के लिए  प्रार्थना करता हूँ और नर्मदा जी से आशीर्वाद माँगता हूँ कि हम सब सत्य, अहिंसा और धर्म की राह पर चल सकें।
नर्मदे हर!
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि दिग्विजय सिंह मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री रह चुके हैं. जब साध्वी प्रज्ञा को झूठे केस में फंसाकर आतंकवादियों जैसा रखा गया था तो दिग्विजय सिंह और अन्य कांग्रेसी नेता सभी रैलियों में हिन्दुओं को आतंकवादी बोलते थे. लेकिन अब साध्वी प्रज्ञा और कर्नल पुरोहित भी बाइज्जत बरी हो गए हैं. इन लोगों को आतंकी बोलने वाले दिग्विजय सिंह आज इनका स्वागत कर रहे हैं.

प्रियंका वाड्रा को चोरी में भागीदार भी मानती हैं उमा भारती, पढ़ें क्यों

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नई दिल्ली: केन्द्रीय मंत्री और दिग्गज भाजपा नेता की नजर में रॉबर्ट वाड्रा की चोरी में प्रियंका वाड्रा भी भागीदार हैं क्योंकि जब रॉबर्ट वाड्रा किसानों की जमीन लूटकर बेतहाशा पैसा कमा रहे थे तो प्रियंका वाड्रा भी उनके ही साथ रहती थीं. खैर उमा भारती ने उन्हें चोरी में भागीदार नहीं कहा है लेकिन वह ऐसा कह भी सकती हैं.

उमा भारती ने कहा - जब रॉबर्ट वाड्रा की संपत्ति में बेतहाशा इजाफा हुआ तो क्या उनकी पत्नी इससे अनजान थीं ? आप तो यही बड़ी बात मान लीजिए कि मैंने उनको उस चोरी में भागीदार नहीं कहा।

उमा भारती ने प्रियंका वाड्रा को बताया चोर की पत्नी

केंद्रीय मंत्री और भाजपा की दिग्गज नेता उमा भारती ने कल प्रियंका वाड्रा को चोर की पत्नी बोलकर राजनीतिक तूफ़ान खड़ा कर दिया था, कुछ मीडिया चैनलों ने उनके बयान को विवादित बताया, कुछ ने कहा कि - उमा भारती के बिगड़े बोल.

आज उमा भारती ने ट्विटर के जरिये देश के लोगों को समझाने की कोशिश की है कि उन्होंने किस आधार पर रॉबर्ट वाड्रा को चोर बोला है और किस आधार पर प्रियंका वाड्रा को चोर की पत्नी बोला है, उन्होंने मीडिया वालों को भी समझाया है कि रॉबर्ट वाड्रा उनकी नजर में चोर क्यों हैं.

क्या है उमा भारती का एक्सप्लानेशन

उमा भारती ने कहा - कल से लगातार श्रीमती रॉबर्ट वाड्रा पर मेरी टिप्पणी को कुछ न्यूज चैनल ‘बिगड़े बोल’ कह रहे हैं जबकि मेरा पूरा कथन तथ्यात्मक रूप से सही है, पर चुभने वाला जरूर है।

तथ्य यह है कि रॉबर्ट वाड्रा पर भ्रष्टाचार के आरोप हैं तथा वो जमानत पर हैं। जमानत का मतलब होता है अपराध की अर्धस्वीकृति। जमानत का मतलब क्लीन चिट नहीं होता। ऐसी स्थिति में उनकी पत्नी क्या कहलाएंगी, मैंने वही कहा है।

जब रॉबर्ट वाड्रा की संपत्ति में बेतहाशा इजाफा हुआ तो क्या उनकी पत्नी इससे अनजान थीं ? आप तो यही बड़ी बात मान लीजिए कि मैंने उनको उस चोरी में भागीदार नहीं कहा।

यह सच है कि मेरी इस बात से तकलीफ हो रही होगी, किंतु जब हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी को कांग्रेस के नेताओं ने ‘सूट-बूट वाला चोर’ कहा तथा इन दोनों भाई-बहन ने ‘चौकीदार चोर’ कहा तो हमें कितनी तकलीफ पहुंचती होगी ? तकलीफ और गुस्सा दोनों। दोनों से मन और आत्मा भर जाते हैं।

इस परिवार को यह सबक सीख लेना चाहिए कि वो भगवान के अवतार नहीं हैं और हम भारत के लोग इनकी प्रजा नहीं हैं। वो जैसा बोलेंगे, उन्हें वैसा सुनना पड़ेगा। मैंने ईंट का जवाब पत्थर से नहीं दिया, एक कंकड़ से दिया है जो की सही निशाने पर लगा। इस तरह के इलाज की दोनों भाई-बहन को सख्त जरूरत है.

उमा भारती ने देश के लोगों को समझाया: उन्होंने प्रियंका वाड्रा को क्यों कहा 'चोर की पत्नी', पढ़ें

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नई दिल्ली: केंद्रीय मंत्री और भाजपा की दिग्गज नेता उमा भारती ने कल प्रियंका वाड्रा को चोर की पत्नी बोलकर राजनीतिक तूफ़ान खड़ा कर दिया था, कुछ मीडिया चैनलों ने उनके बयान को विवादित बताया, कुछ ने कहा कि - उमा भारती के बिगड़े बोल.

आज उमा भारती ने ट्विटर के जरिये देश के लोगों को समझाने की कोशिश की है कि उन्होंने किस आधार पर रॉबर्ट वाड्रा को चोर बोला है और किस आधार पर प्रियंका वाड्रा को चोर की पत्नी बोला है, उन्होंने मीडिया वालों को भी समझाया है कि रॉबर्ट वाड्रा उनकी नजर में चोर क्यों हैं.

क्या है उमा भारती का एक्सप्लानेशन

उमा भारती ने कहा - कल से लगातार श्रीमती रॉबर्ट वाड्रा पर मेरी टिप्पणी को कुछ न्यूज चैनल ‘बिगड़े बोल’ कह रहे हैं जबकि मेरा पूरा कथन तथ्यात्मक रूप से सही है, पर चुभने वाला जरूर है।

तथ्य यह है कि रॉबर्ट वाड्रा पर भ्रष्टाचार के आरोप हैं तथा वो जमानत पर हैं। जमानत का मतलब होता है अपराध की अर्धस्वीकृति। जमानत का मतलब क्लीन चिट नहीं होता। ऐसी स्थिति में उनकी पत्नी क्या कहलाएंगी, मैंने वही कहा है।

जब रॉबर्ट वाड्रा की संपत्ति में बेतहाशा इजाफा हुआ तो क्या उनकी पत्नी इससे अनजान थीं ? आप तो यही बड़ी बात मान लीजिए कि मैंने उनको उस चोरी में भागीदार नहीं कहा।

यह सच है कि मेरी इस बात से तकलीफ हो रही होगी, किंतु जब हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी को कांग्रेस के नेताओं ने ‘सूट-बूट वाला चोर’ कहा तथा इन दोनों भाई-बहन ने ‘चौकीदार चोर’ कहा तो हमें कितनी तकलीफ पहुंचती होगी ? तकलीफ और गुस्सा दोनों। दोनों से मन और आत्मा भर जाते हैं।

इस परिवार को यह सबक सीख लेना चाहिए कि वो भगवान के अवतार नहीं हैं और हम भारत के लोग इनकी प्रजा नहीं हैं। वो जैसा बोलेंगे, उन्हें वैसा सुनना पड़ेगा। मैंने ईंट का जवाब पत्थर से नहीं दिया, एक कंकड़ से दिया है जो की सही निशाने पर लगा। इस तरह के इलाज की दोनों भाई-बहन को सख्त जरूरत है.

समय समय की बात है, कभी दिग्गी राजा कहते थे हिन्दू आतंकवादी, आज किया प्रज्ञा ठाकुर का स्वागत

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नई दिल्ली: दिग्विजय सिंह और कुछ अन्य कांग्रेसी नेताओं ने हिन्दुओं को आतंकवादी साबित करने के लिए मालेगांव केस में साध्वी प्रज्ञा ठाकुर को झूठे फंसा दिया. साध्वी को आतंकियों की तरह ही टार्चर किया गया, उनकी नस नस तोड़ दी गयी लेकिन कांग्रेसी उनकी आत्मा को नहीं तोड़ पाए. कुछ दिन पहले NIA कोर्ट ने साध्वी प्रज्ञा को सभी आरोपों से बरी कर दिया.

आज साध्वी प्रज्ञा भाजपा में शामिल हो गयीं. उन्हें भोपाल से भाजपा का लोकसभा उम्मीदवार बनाया गया है. दिग्विजय सिंह भी उनकी ताकत को भली भाँती समझते हैं, इसलिए उन्होंने साध्वी प्रज्ञा का स्वागत किया. दिग्विजय सिंह ने ट्वीट किया - मैं साध्वी प्रज्ञा जी का भोपाल में स्वागत करता हूँ। आशा करता हूँ कि इस रमणीय शहर का शांत, शिक्षित और सभ्य वातावरण आपको पसंद आएगा। मैं माँ नर्मदा से साध्वी जी के लिए  प्रार्थना करता हूँ और नर्मदा जी से आशीर्वाद माँगता हूँ कि हम सब सत्य, अहिंसा और धर्म की राह पर चल सकें।
नर्मदे हर!
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि दिग्विजय सिंह मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री रह चुके हैं. जब साध्वी प्रज्ञा को झूठे केस में फंसाकर आतंकवादियों जैसा रखा गया था तो दिग्विजय सिंह और अन्य कांग्रेसी नेता सभी रैलियों में हिन्दुओं को आतंकवादी बोलते थे. लेकिन अब साध्वी प्रज्ञा और कर्नल पुरोहित भी बाइज्जत बरी हो गए हैं. इन लोगों को आतंकी बोलने वाले दिग्विजय सिंह आज इनका स्वागत कर रहे हैं.

प्रियंका चतुर्वेदी गुस्से से लाल, कांग्रेसियों ने उन्हें छेड़ा लेकिन पार्टी ने नही की कार्यवाही

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नई दिल्ली: कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी अपनी ही पार्टी से नाराज हो गयी हैं. हुआ यूं, मथुरा में एक प्रेस वार्ता के दौरान कई कांग्रेसी नेताओं ने उनके साथ छेड़छाड़ की. प्रियंका चतुर्वेदी ने उनके खिलाफ पार्टी की अनुशासन समिति को शिकायत की, छेड़छाड़ करने वालों को सस्पेंड कर दिया गया. प्रियंका चतुर्वेदी को थोडा तसल्ली हो गयी लेकिन अचानक दोषियों को फिर से पार्टी में बहाल कर दिया गया. देखिये ये पत्र -

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जैसे ही प्रियंका चतुर्वेदी ने यह खबर सूनी वह गुस्से से लाल हो गयीं, उन्होंने कहा - मैं बहुत दुखी हूँ, कांग्रेस पार्टी में गुंडों को वरीयता दी जाती है, मुझे मीटिंग में गालियाँ दी गयीं, छेड़छाड़ और अमर्यादित व्यवहार किया गया लेकिन पार्टी ने उनके खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं की, यह दुर्भाग्यपूर्ण है.

मोदी बोले, तो इसलिए मैदान से 9-2-11 हो गए शरद पवार

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माधे: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज माधे महाराष्ट्र में एक चुनावी रैली को संबोधित किया. लाखों की भीड़ देखकर प्रधानमंत्री खुश हो गए. उन्होंने कहा कि हर तरफ केसरिया रंग दिख रहा है, शायद इस लहर को शरद पवार समझ गए थे इसलिए पहले ही मैदान से 9-2-11 हो गए.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि शरद पवार इस बार लोकसभा चुनाव नहीं लड़ रहे हैं. मोदी ने कहा कि शरद पवार भी मोदी लहर को देख रहे हैं. वह हारकर अपना अपमान नहीं करवाना चाहते थे, इसके अलावा वह अपने परिवार पर भी हार का दाग नहीं लगवाना चाहते थे इसलिए चुनाव नहीं लड़ रहे हैं.

मोदी ने कहा कि इस बार के चुनाव में देश के बच्चे, बूढ़े और महिलाएं अपने आप घर घर जाकर मोदी के लिए वोट मांग रहे हैं क्योंकि लोग जानते हैं कि हमारी सरकार में देश सुरक्षित है, हमारी सरकारी में सबका ख्याल रखा जाता है और सबका एक समान विकास होता है.

पिटने से बचे कन्हैया कुमार, लोग बोले, तुम्हें चाहिए आजादी, करते हो देश से गद्दारी

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बेगूसराय: आजादी गैंग के नेता और CPI पार्टी से बिहार के बेगूसराय से लोकसभा चुनाव लड़ रहे कन्हैया कुमार आज पिटने से बचे हैं.

बेगूसराय में कन्हैया कुमार रोड शो निकाल रहे थे, एक स्थान पर कुछ लोगों ने उन्हें घेर लिया और जमकर डांट फटकार लगाई.

कुछ युवाओं ने कहा कि तुम आजादी आजादी के नारे लगाते हो और देश से गद्दारी करते हो, तुम सवर्णों को दिए गए 10 फ़ीसदी आरक्षण का भी विरोध करते हो, यहाँ किस लिए आये हो.

लोगों ने कहा कि हम मोदी सरकार में सुरक्षित हैं. हम तुम्हें वोट नहीं देंगे इसलिए तुरंत यहाँ से निकल जाओ, माहौल को देखकर कन्हैया भी वहां से तुरंत भाग गए वरना आज पिटने की नौबत आ गयी थी.

मुस्लिम वोट मांगकर सिद्धू ने कर दिया ध्रुवीकरण, अब हिन्दू एकजुट होकर कर सकते हैं मोदी को वोट

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नई दिल्ली: कांग्रेस के कद्दावर नेता नवजोत सिंह सिद्धू ने कांग्रेस के लिए मुस्लिमों का वोट मांगकर एक तरह से हिन्दू-मुस्लिम वोटों का बंटवारा करने का प्रयास किया है, उन्होंने वोटों का ध्रुवीकरण करने के साथ साथ हिन्दुओं को छुपा हुआ सन्देश भी दिया है. वह शायद चाहते हैं कि हिन्दू एकजुट होकर मोदी को वोट करें.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कांग्रेसी नेता नवजोत सिंह सिद्धू ने बिहार के कटिहार में एक चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए मुसलामानों से कहा कि मोदी के खिलाफ सब कोई एकजुट होकर वोट करो और भाजपा को दोबारा सत्ता में मत आने दो.

सिद्धू ने कहा कि मुसलमान भाइयों आप बिहार में 68 फीसदी हो, मैं आपको चेतावनी देने आया हूँ अगर आप लोग एकजुट हो गए तो मोदी को बुरी तरह हरा दोगे, आप लोग हमारी पगड़ी हो. आप लोगों को पंजाब में और प्यार मिलेगा क्योंकि मैं वहां पर मंत्री हूँ. आप लोग भाजपा को उखाड़ फेंको, ये मेरी विनती है.

नवजोत सिद्धू ने अपने भाषण में सीधा सीधा कहा - मुस्लिमों आप लोग यहाँ 68 फ़ीसदी हैं, आप लोग यहाँ पर बहुसंख्यक हैं. अगर आप लोग एकजुट होकर मोदी के खिलाफ वोट करेंगे तो मोदी सुलट जाएगा, छक्का की तरह मोदी बाउंडरी से बाहर चला जाएगा.

नवजोत सिंह सिद्धू इतने नासमझ भी नहीं हैं कि बिना की मकसद के ऐसा बयान दें, उन्होंने हिन्दुओं को भी इशारा कर दिया है कि तुम लोग जहाँ जहाँ बहुसंख्यक हो वहां पर भाजपा को वोट देकर मोदी को बचाओ वरना मुस्लिम लोग एकजुट होकर मोदी के खिलाफ वोट करेंगे और मोदी को आउट कर देंगे.

अब देखते हैं कि हिन्दू समाज के लोग नवजोत सिद्धू का इशारा समझ पाते हैं या नहीं, हिन्दू समाज के लोग एकजुट होकर भाजपा को वोट करते हैं या नहीं. वैसे चुनाव आयोग ने राजनीतिक पार्टियों को धर्म के आधार पर वोट मांगने से मना किया था लेकिन मायावती और सिद्धू ने चुनाव आयोग के आदशों की धज्जियाँ उड़ा दी.

वसीम रिजवी बोले, मुसलमानों को मोदी का दुश्मन बनाकर एक और पाकिस्तान बनाना चाहती है कांग्रेस

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नई दिल्ली: वसीम रिजवी ने कांग्रेसी नेता नवजोत सिंह सिद्धू के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी भारत के मुसलमानों को मोदी का दुश्मन बनाकर भारत में एक और पाकिस्तान बनाना चाहती है, यही नहीं मोदी को दुश्मन बनाकर कांग्रेस मुसलमानों का भी दुश्मन बनाना चाहती है.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कांग्रेसी नवजोत सिंह सिद्धू ने बिहार के कटिहार में एक चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए मुसलामानों से कहा कि मोदी के खिलाफ सब कोई एकजुट होकर वोट करो और भाजपा को दोबारा सत्ता में मत आने दो.

सिद्धू ने कहा कि मुसलमान भाइयों आप बिहार में 68 फीसदी हो, मैं आपको चेतावनी देने आया हूँ अगर आप लोग एकजुट हो गए तो मोदी को बुरी तरह हरा दोगे, आप लोग हमारी पगड़ी हो. आप लोगों को पंजाब में और प्यार मिलेगा क्योंकि मैं वहां पर मंत्री हूँ. आप लोग भाजपा को उखाड़ फेंको, ये मेरी विनती है.

बता दें कि एक पक्ष से वोट मांगकर नवजोत सिंह सिद्धू ने सीधा-सीधा चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन किया है, इसी चक्कर में मायावती 48 घंटे का बैन झेल रही हैं, इन पर भी चुनाव आयोग बड़ी कार्यवाही कर सकता है.

मोदी को दोबारा सत्ता में मत आने दो मुसलमानों, एकजुट होकर करो कांग्रेस को वोट: नवजोत सिद्धू

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कटिहार, 16 अप्रैल: मोदी लहर के आगे कांग्रेस पार्टी पूरी तरह बौखला गयी है और मोदी सरकार को उखाड़ फेंकने के लिए समुदाय विशेष से हाथ जोड़कर मोदी के खिलाफ वोट मांग रही है, कांग्रेस पार्टी के स्टार प्रचारक नवजोत सिंह सिद्धू ने आज इसी प्रकार बिहार में वोट माँगा.

कांग्रेसी नवजोत सिंह सिद्धू ने बिहार के कटिहार में एक चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए मुसलमानों से कहा कि मोदी के खिलाफ सब कोई एकजुट होकर वोट करो और भाजपा को दोबारा सत्ता में मत आने दो.

सिद्धू ने कहा कि मुसलमान भाइयों आप बिहार में 68 फीसदी हो, मैं आपको चेतावनी देने आया हूँ अगर आप लोग एकजुट हो गए तो मोदी को बुरी तरह हरा दोगे, आप लोग हमारी पगड़ी हो. आप लोगों को पंजाब में और प्यार मिलेगा क्योंकि मैं वहां पर मंत्री हूँ. आप लोग भाजपा को उखाड़ फेंको, ये मेरी विनती है.

बता दें कि एक पक्ष से वोट मांगकर नवजोत सिंह सिद्धू ने सीधा-सीधा चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन किया है, इसी चक्कर में मायावती 48 घंटे का बैन झेल रही हैं, इन पर भी चुनाव आयोग बड़ी कार्यवाही कर सकता है.

जब IAS अधिकारियों से जूते साफ़ करवाएंगे आजम खान तो जनता के साथ क्या सुलूक होगा? औरंगरेब युग

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नई दिल्ली: अजाम खान छोटे मोटे नेता नहीं हैं, वह उत्तर प्रदेश के गृह मंत्री रह चुके हैं. सपा में दूसरे नंबर के नेता हैं. कई बार मंत्री रह चुके हैं. इतना अनुभव होने के बाद भी उन्होंने कल बयान दिया कि हम IAS अधिकारियों से मायावती के जूते साफ करवाएंगे, बस वक्त हमारा आने दो.

अब आप सोचिये, जब आजम खान देश में सबसे अधिक पढ़े लिखे IAS अधिकारियों से जूते साफ़ करवाएंगे तो जनता के साथ क्या सुलूक किया जाएगा. IAS अधिकारियों के हाथ में प्रशासन होता है. आजम खान के आगे प्रशासन की एक नहीं चलेगी तो जनता का क्या होगा, उसकी तो कहीं सुनवाई नहीं होगी. जनता मदद के लिए किसके पास जाएगी. क्या आजम खान ने औरंगजेब युग लाने के संकेत दिए हैं.

आजम खान ने ऐसा बयान देकर अपने खतरनाक इरादे जाहिर कर दिए हैं. उनके बयान पर वहां उपस्थित कट्टरपंथियों ने तालियाँ भी बनायीं जबकि यह शर्मनाक बयान था. एक तरह से आजम खान ने अपने समर्थकों को प्रशासन के खिलाफ भड़काया है और उनपर कड़ी कार्यवाही भी हो सकती है.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि आजम खान एक से बढ़कर एक विवादित बयान दे रहे हैं, इससे पहले उन्होंने भाजपा उम्मीदवार जयाप्रदा के खिलाफ अमर्यादित बयान दिया था जिसके खिलाफ उनपर FIR भी दर्ज हुई है.

महिला आयोग ने भी उनपर कड़ी कर्यवाही मांग करते हुए महिलाओं से अपील की है कि अजाम खान जैसे लोगों और उनका समर्थन करने वाली राजनीतिक पार्टियों को वोट ना दें.

हनुमान भक्तों से वोट मांगने वाले योगी आदित्यनाथ की सजा शुरू, अपने अंदाज में भुगत रहे हैं सजा

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लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सजा शुरू हो गयी है. हनुमान भक्तों से वोट मांगने पर उन्हें चुनाव आयोग ने तीन दिनों तक प्रचार ना करने की सजा सुनायी गयी है. 

आपको बता दें कि बसपा प्रमुख मायावती ने सभी मुस्लिमों से अपील करते हुए कहा था कि आप लोगों का वोट बंटना नहीं चाहिए, भाजपा को हराने के लिए आप लोग एकजुट होकर हमें वोट दें.

मायावती के बयान के जवाब में योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि अगर मायावती को अली पर ज्यादा भरोसा है तो हमें बजरंग बली पर भरोसा है, बजरंग बली को मानने वाले लोग हमें वोट दें.

चुनाव आयोग ने मायावती और योगी आदित्यनाथ दोनों को सजा सुनायी है. मायावती दो तीनों तक प्रचार नहीं कर पाएंगी तो योगी आदित्यनाथ तीन दिनों तक प्रचार नहीं कर पाएंगे.

योगी आदित्यनाथ की सजा आज सुबह से शुरू हो गयी. वह लखनऊ के बड़ा हनुमान मंदिर पहुँच गए हैं. यह हनुमान जी का सबसे बड़ा मंदिर है. योगी आदित्यनाथ ने वहां पहुंचकर पूजा अर्चना शुरू की है. योगी आदित्यनाथ अन्य मंदिरों के भी दौरे कर सकते हैं क्योंकि तीन दिनों तक वह रैलियां नहीं कर पाएंगे.

सिर्फ कांग्रेसी ही मोदी से क्यों मांगते हैं 15 लाख, भाजपाई और ईमानदार नागरिक क्यों नहीं? पढ़ें

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फरीदाबाद: इस चुनाव में कांग्रेस पार्टी ने 15 लाख को सबसे बड़ा चुनावी मुद्दा बनाया है. राहुल गाँधी अपनी हर रैलियों में कह रहे हैं कि मोदीजी ने हर हिन्दुस्तानी को 15 लाख देने का वादा किया था लेकिन उन्होंने एक को भी 15 नहीं दिए.

वैसे चुनाव में आरोप-प्रत्यारोप चलते रहते हैं लेकिन आप देखते होंगे कि कोई भाजपाई या ईमानदार नागरिक मोदी से 15 लाख रुपये नहीं मांगता, वहीं हर कांग्रेसी मोदी से 15 लाख रुपये मांगता है. सोशल मीडिया पर भी कांग्रेसी 15 लाख रुपये मांगते रहते हैं.

हम रोजाना सैकड़ों लोगों से मिलते हैं लेकिन कांग्रेसियों और अन्य विपक्षी दलों के नेताओं और उनके कट्टर समर्थकों के अलावा मोदी से कोई भी 15 लाख रुपये नहीं मांगता.

दरअसल 15 लाख रुपये किसी को दिए ही नहीं जा सकते. ईमानदार लोग यह समझते हैं. ईमानदार लोग यह भी जानते हैं कि मोदी ने 15 लाख रुपये बैंक अकाउंट में डालने का वादा नहीं किया था, उन्होंने कहा था - विदेशों में इतना कालाधन है कि अगर भारत में आ जाए तो हर एक के बैंक खाते में 15 लाख रुपये आ सकते हैं. मोदी ने सिर्फ अनुमान बताया था लेकिन कांग्रेसियों ने इसे सच मान लिया.

वैसे कांग्रेसी भी जानते हैं कि मोदी ने 15 लाख रुपये देने का वादा नहीं किया था लेकिन उनके पास कोई मुद्दा नहीं है इसलिए देशवासियों को 15 लाख की बात बोलकर उन्हें मोदी के खिलाफ भड़काते हैं, वैसे चुनाव के समय सभी राजनीतिक पार्टियाँ कोई ना कोई मुद्दा उठाती हैं, चाहे सच हो या झूठ, जनता उनके बहकावे में जरूर आ जाती है, कुछ लोग कांग्रेस के बहकावे में भी आ जाएंगे लेकिन ईमानदार लोग कांग्रेस के बहकावे में कभी नहीं आयेंगे क्योंकि वह जानते हैं कि ना तो 15 लाख रुपये दिए जा सकते हैं और ना ही मोदी ने 15 लाख रुपये देने का वादा किया था, उन्होंने सिर्फ अनुमान बताया था जिसे राहुल गाँधी ने दूसरा रूप दे दिया.

हैरानी की बात यह भी है कि सभी मीडिया चैनल भी इस बात को जानते हैं कि मोदी ने किसी को भी 15 लाख बैंक खाते में डालने का वादा नहीं किया था लेकिन मीडिया चैनल भी सच नहीं बताते, ऐसा इसलिए क्योंकि मीडिया चैनलों और अखबारों को भी मसाला चाहिए. अगर झूठे आरोप नहीं लगाए जाएंगे, मुद्दे नहीं बनाए जाएंगे तो मीडिया वाले खबर क्या दिखाएंगे. मीडिया वालों को तो सिर्फ मसाला चाहिए.

एक बात और गौर करने लायक है, भाजपा नेता भी कांग्रेस को जवाब नहीं दे पाते, 15 लाख की बात आने पर भाजपा नेता बेशर्मों की तरह देखते रहते हैं. अगर वे जनता को इसकी सच्चाई बताएं तो कांग्रेस का मुंह अपने आप बंद हो जाएगा लेकिन भाजपा नेता चुप्पी साध लेते हैं. वैसे कांग्रेस को इस झूठ का लाभ जरूर मिलेगा, गरीब लोग उनकी बातों में जरूर आ जाएंगे क्योंकि कांग्रेस ने भी गरीबों को हर साल 72 हजार रुपये देने का वादा किया है, वैसे यह भी संभव नहीं है क्योंकि इससे खजाने को भारी बोझ पड़ेगा और अर्थव्यवस्था चरमरा जाएगी.