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CM साहब ने वायरल वीडियो में देखी लकड़पुर फाटक पर भीड़ तो फुटओवर ब्रिज बनाने का किया ऐलान

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Foot Over Bridge on Lakarpur Fatak Faridabad, Haryana CM Manohar Lal announced.

Faridabad, 23 July: Faridabad Latest News चैनल पर लकड़पुर फाटक का वीडियो वायरल होने के बाद हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने खुद से संज्ञान लिया है, उन्होंने लकड़पुर फाटक पर करीब 15 करोड़ रुपये लागत से फुट ओवर ब्रिज बनाने का ऐलान कर दिया है, देखिये कुछ दिन पहले हमने यह वीडियो पोस्ट किया था जिसमें जनता की परेशानी दिखाई थी.


मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा क़ि फुटओवर ब्रिज बनाने में जो भी लागत आएगी उसमें से आधा राज्य सरकार और आधा रेलवे विभाग वहन करेगा।

फरीदाबाद के लोगों ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल की घोषणा का स्वागत किया है  लेकिन यह भी मांग की जा रही है कि बाइक  वालों के लिए भी ब्रिज से आने जाने का रास्ता होना चाहिए तभी  ब्रिज बनाने का फायदा आम लोग उठा पाएंगे क्योंकि फाटक से अधिकतर बाइक वाले लोग ही आते जाते हैं.

सरकार की बहुत बड़ी उपलब्धि, CM को ट्वीट करने पर बेटी की शादी के दिन MCF ने सुखाया गली का पानी

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Faridabad News 18 July 2021: हरियाणा की भाजपा-जजपा सरकार को बहुत बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है, फरीदाबाद में अधिकतर कॉलोनियों में जलभराव की समस्या है, लोग MCF को कितनी भी शिकायत कर लें लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है.

पर्वतीय कालोनी गली नम्बर 78 हाऊस नम्बर 2085 में भी गली में गंदा पानी जमा था लेकिन MCF ने कोई सुनवाई नहीं की उसके बाद पर्वतीय कालोनी निवासी हरिओम ने अपनी बेटी की शादी के लिए घर के सामने गली में जलभराव होने की समस्या के समाधान के लिए मुख्यमंत्री मनोहर लाल को 16 जुलाई को ट्वीट किया था।

जिस पर तुरंत शनिवार एक्शन लेते हुए नगर निगम आयुक्त डॉ. गरिमा मित्तल ने तुरंत निगम के अधिकारियों को दिशा निर्देश देकर यथासंभव समस्या के समाधान के लिए आदेश दिए। तीन दिन मौके पर नगर निगम की टीम मौजूद रही। फलस्वरूप रविवार को बेटी कुमकुम की शादी धूमधाम से सम्पन्न हुई।

दरअसल, हरिओम निवासी पर्वतीय कालोनी गली नम्बर 78 हाऊस नम्बर 2085 ने मुख्यमंत्री को ट्वीट कर अपनी शादी में 18 जुलाई को बारात आने वाले गली में जलभराव होने की समस्या के समाधान के लिए ट्वीट किया था। इसी पर गौर करते हुए एमसीएफ के अधिकारियों द्वारा तुरंत मौके पर पहुंचकर वहां काम शुरू कर दिया। बाकायदा शादी सम्पन्न होने तक जेई सागर शर्मा की मौके पर मौजूद रहने की ड्यूटी लगाई और जलभराव को तुरंत टैंकर के माध्यम से बाहर निकाल दिया गया। प्रशासन की मुस्तैदी से आज शादी-विवाह सम्पन्न हुआ।

जिसपर हरिओम ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल ट्वीटर पर तुरंत एक्शन ले कर कार्य करवाया है।

यह हरियाणा सरकार की इस वर्ष की बहुत बड़ी उपलब्धि है, यह प्रेस नोट हरियाणा सरकार की तरफ से ही आया है और इसे बहुत बड़ी उपलब्धि मानकर इसका क्रेडिट लिया जा रहा है.

हरियाणा वाले अब भूल जाएं 100, 101, 108, अब मदद के लिए डायल करें सिर्फ 112, फटाफट पहुंचेगी पुलिस

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Dial 112 for Police, Fire and Ambulance help in Haryana, Project launched by Haryana CM Manohar Lal Khattar on 12 July 2021.

Faridabad News 13 July: हरियाणा वालों को पहले पुलिस की मदद के लिए 100, फायर विभाग वालों के लिए 101 और एम्बुलेंस के लिए 108 नंबर डायल करना पड़ता था और कई लोगों को इन नंबरों को लिखकर रखना पड़ता था लेकिन अब हरियाणा सरकार ने डायल 112 नंबर की शुरुआत कर दी है जिसे डायल करने पर पुलिस, दमकल और एम्बुलेंस सिर्फ 20 - 25 मिनट में पहुँच जाएगी। 

माननीय मुख्यमंत्री हरियाणा सरकार ने आज पंचकूला में पूरे राज्य में कहीं भी पुलिस सेवा प्राप्त करने के लिए केन्द्रिकृत हेल्पलाईन नम्बर डॉयल 100 की जगह डॉयल 112 का हरी झंडी दिखाकर शुभारंभ किया है।

किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय पुलिस से संपर्क कर पुलिस की सेवा-सुविधा तथा सहयोग लेने हेतु समेकित रूप से डॉयल 112 को जनता के लिए समर्पित किया गया है।

पुलिस कमिश्नर ओ पी सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि फरीदाबाद पुलिस को डॉयल 112 के तहत 52 गाड़ियाँ मिली हैं। जो 24 घंटे 365 दिन लगातार जनता की सेवा के लिए उपलब्ध रहेगी।

डॉयल 112 को प्रभावी रूप से चलाने के लिए इस पर फरीदाबाद पुलिस के विशेष प्रशिक्षण प्राप्त 360 पुलिसकर्मी दिन-रात तैनात रहेंगें।

अब फरीदाबाद वासियों को पुलिस के लिए 100, फायर के लिए 101 तथा एंबुलेंस सेवा के लिए 108 डॉयल करने के बजाय अब सारी सुविधा केवल एक हेल्पलाईन नंबर डॉयल 112 पर उपलब्ध रहेगी।

सिंह ने बताया कि फरीदाबाद पुलिस को मिली सभी 52 गाड़ियाँ आधुनिक उपकरणों से लैश रहेगी, जिसमें जीपीएस सहित अन्य तकनीकी सुविधा होगी।

आपातकालीन स्थिति के लिए अब से नागरिकों को 112 नंबर डायल करना होगा। यह नई हेल्पलाइन 100 (पुलिस), 101 (फायर), और 108 (एम्बुलेंस) जैसी सभी प्रकार की आपातकालीन सेवाओं के लिए काम करेगी। यह एकीकृत प्रणाली चौबीसों घंटे कार्य करेगी और 13 जुलाई, 2021 को सुबह 8:00 बजे से चालू हो जाएगी।

फरीदाबाद पुलिस केवल एक कॉल की दूरी पर होगी। कल से किसी भी व्यक्ति को संकट की स्थिति में केवल 112 नंबर पर कॉल करने की आवश्यकता होगी और 15 से 20 मिनट में उस व्यक्ति तक तुरंत पुलिस की मदद पहुंचेगी। उन्होंने कहा कि नई आपातकालीन प्रतिक्रिया सहायता प्रणाली (ईआरएसएस) हरियाणा के नागरिकों को चौबीसों घंटे पुलिस सहायता से सशक्त बनाने की दिशा में उठाया गया एक ऐतिहासिक कदम है।

ईआरएसएस हरियाणा के इतिहास में युग का बदलाव

श्री ओपी सिहं ने जानकारी देते हुए बताया की प्रत्येक नागरिक की सुरक्षा सुनिश्चित करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसी उद्देश्य से डायल 112 शुरू किया गया है।

देश भर में सभी आपातकालीन सेवाओं के लिए एक ही आपातकालीन नंबर प्रदान करने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा डायल-112 परियोजना शुरू की गई थी।  इसके अंतर्गत ही राज्य सरकार द्वारा अपने नागरिकों को तत्काल आपातकालीन सहायता प्रदान करने की प्रतिबद्धता के तहत एक मजबूत प्रणाली विकसित करने की परिकल्पना की गई ।  इस अत्याधुनिक प्रणाली से समग्र सुरक्षा परिदृश्य में और सुधार होगा और राज्य भर में अपराध की रोकथाम में भी मदद मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंचकूला से मोबाइल डाटा टर्मिनलों से लैस 630 इमरजेंसी रिस्पांस व्हीकल्स को झंडी दिखाकर रवाना करने के बाद 300 और ऐसे वाहन जोड़े जाएंगे, ताकि हर विधानसभा क्षेत्र में 10 वाहन तैनात करने का लक्ष्य हासिल किया जा सके। उन्होंने कहा कि वर्तमान में 300 पीसीआर वाहन हैं, जिन्हें आने वाले समय में आधुनिक तकनीक से युक्त किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि यह तीन साल पहले की बात है जब उन्होंने इजराइल के जेरूसलम का दौरा करने के दौरान एक त्वरित प्रतिक्रिया आपातकालीन प्रणाली देखी थी, जिसमें केवल 90 सेकंड के समय में हर जरूरतमंद को मदद सुनिश्चित की जा रही थी।

इजराइल के जेरूसलम का उदाहरण देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वहां 5000 से ज्यादा लोग एंबुबाइक सर्विस से जुड़े हैं। ये सभी 24×7 आपातकालीन सेवाएं प्रदान करने के लिए हमेशा तैयार रहते हैं।  जैसे ही उनके मोबाइल में अलार्म बजता है, वे घायलों को तत्काल सहायता प्रदान करने के लिए तुरंत अपनी एंबुबाइक के साथ दुर्घटनास्थल पर पहुंच जाते हैं। प्राथमिक उपचार देने से लेकर घायलों को अस्पताल ले जाने तक ये वॉलंटियर्स हर घायल व्यक्ति की मदद के लिए चौबीसों घंटे काम करते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि  इजराइल की इस हाईटेक प्रणाली को देखकर ही हरियाणा के लोगों को भी इस तरह का प्लेटफार्म उपलब्ध कराने की जरूरत महसूस हुई।

हरियाणा 112 से आपातकालीन सेवा प्रदाताओं के बीच जवाबदेही सुनिश्चित होगी

इस अवसर पर बोलते हुए गृह मंत्री श्री अनिल विज ने कहा कि हरियाणा 112 परियोजना पारदर्शिता लाएगी और विभिन्न आपातकालीन सेवा मुहैया करवाने वालों की जवाबदेही सुनिश्चित करेगी जिससे हरियाणा के निवासियों को त्वरित आपातकालीन सेवाएं प्रदान की जा सकेंगी।

अनिल विज ने कहा कि इस हाई-टेक प्रणाली के आने से हरियाणा के नागरिक 112 डायल कर तुरंत पुलिस सहायता प्राप्त कर सकेंगे।

उन्होंने कहा कि यह प्रणाली आपातकालीन स्थितियों में पुलिस की तत्काल उपलब्धता और पहुंच सुनिश्चित करने के लिए डिज़ाइन की गई है। पुलिस के रिस्पॉन्स टाइम को कम करने की दिशा में यह नई व्यवस्था एक महत्वपूर्ण कदम है।

हरियाणा 112 (ईआरएसएस) परियोजना


पुलिस महानिदेशक मनोज यादव ने कहा कि आईटी और संचार पहल को मिलाकर हरियाणा पुलिस चरणबद्ध तरीके से जनता को विभिन्न प्रकार की सहायता और सुविधाएं प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। एक बार कॉल करने के बाद, पुलिस 15-20 मिनट के औसत प्रतिक्रिया समय के भीतर तुरंत सहायता प्रदान करेगी।

इस महत्वाकांक्षी परियोजना को दुनिया भर में उन्नत तकनीकों और सर्वोत्तम प्रथाओं का लाभ उठाते हुए नागरिकों की सुरक्षा के लिए जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इसका उद्देश्य राज्य के लगभग 28 मिलियन निवासियों को 24 घंटे लगातार तत्काल आपातकालीन सेवाएं प्रदान करते हुए सुरक्षा मुहैया करवाना है।

इस प्रणाली का संचालन लगभग 5,000 प्रशिक्षित कर्मियों, स्पाॅट पर आवश्यक कार्रवाई करने के लिए प्राथमिक चिकित्सा-बॉक्स, स्ट्रेचर, अपराध निवारण किट आदि सहित 23 इन-फ्लीट आइटम से लैस 630 नए चार पहिया वाहनों और परियोजना सलाहकारों द्वारा किया जाएगा जिसमें सी-डैक टोटल सर्विस प्रोवाइडर के रूप में कार्य करेगा। हरियाणा 112 एक एकीकृत आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली है, जिसे समस्त हरियाणा राज्य में किसी भी समय और कहीं भी संकटग्रस्त व्यक्तियों को इमरजेंसी सेवाएं प्रदान करने के लिए स्थापित किया गया है।

हरियाणा 112 परियोजना लोगों, प्रक्रियाओं और उन्नत प्रौद्योगिकियों के स्तंभों पर मजबूत है। यह स्पष्ट है कि बड़ी आपात स्थितियों में, पुलिस को तुरंत घटना स्थल पर पहुंचने की आवश्यकता होती है। इसलिए पुलिस विभाग इस परियोजना को विकसित करने में नोडल एजेंसी रहा है।

पंचकूला में बनाया गया स्टेट एमरजेंसी रिस्पांस सेंटर

डायल-112 प्रोजेक्ट के लिए पंचकूला के सेक्टर 3 में स्टेट एमरजेंसी रिस्पांस सेंटर (एसईआरसी) के रूप में एक अत्याधुनिक भवन का निर्माण किया गया है। इस सेंटर को जिला स्तर पर पुलिस नियंत्रण कक्ष और फील्ड में तैनात इमरजेंसी रिस्पांस व्हीकल्स (ईआरवी) से डिजिटल रूप से जोड़ा गया है। मुख्य रूप से सभी आपातकालीन सेवाओं को पूरा करने के लिए इस भवन को उन्नत बुनियादी ढांचे के साथ मजबूत किया गया है। एसईआरसी पर अतिरिक्त कॉल लोड को संभालने और एसईआरसी में किसी भी तकनीकी खराबी के मामले में स्विच ऑपरेशन के लिए, गुरुग्राम में 20 प्रतिशत क्षमता वाला एक मिरर इमरजेंसी रिस्पांस सेंटर (एमईआरसी) स्थापित किया गया है। ये केंद्र फोन कॉल, एसएमएस, ई-मेल, 112 मोबाइल ऐप आदि सहित संचार के कई साधनों का जवाब देने में सक्षम हैं।

डायल 112 परियोजना के लिए 11 अधिकारियों को सम्मानित किया गया

समारोह के दौरान डायल 112 परियोजना को सफल बनाने के लिए समर्पित रूप से काम करने के लिए मुख्यमंत्री, गृह मंत्री और विधानसभा अध्यक्ष ने आठ पुलिस अधिकारियों और सीडैक के तीन अधिकारियों को पदक प्रदान कर सम्मानित किया।

पुलिस अधिकारियों में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, दूरसंचार-आईटी और हरियाणा-112 प्रोजेक्ट के नोडल अधिकारी श्री ए.एस. चावला, पुलिस अधीक्षक (एसपी) श्री उदय सिंह मीणा, एसपी श्री. राजेश फोगाट, डीएसपी सुश्री नूपुर बिश्नोई, डीएसपी श्री हिशाम सिंह, सब इंस्पेक्टर श्री श्याम सिंह, हेड कांस्टेबल श्री नवनीत कुमार और मुकेश कुमार शामिल हैं। सीडैक के अधिकारियों में श्री दीपू राज, श्री राजेश और ज्योति शामिल हैं।

कार्यक्रम के दौरान मुख्य सचिव विजय वर्धन, मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव डी. एस. ढेसी,  गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजीव अरोड़ा, वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव टी. वी. एस. एन. प्रसाद, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव तथा सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के महानिदेशक डॉ. अमित अग्रवाल, डीजीपी विजिलेंस पी के अग्रवाल, डीजीपी क्राइम मोहम्मद अकील, हरियाणा पुलिस हाउसिंग कॉरपोरेशन के एमडी आरसी मिश्रा, डीजीपी जेल शत्रुजीत कपूर, एडीजीपी सीआईडी आलोक मित्तल, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, दूरसंचार-आईटी एवं हरियाणा 112 के नोडल अधिकारी ए. एस. चावला, एडीजीपी लॉ एंड ऑर्डर नवदीप विर्क, एडीजीपी सीएडब्ल्यू कला रामचंद्रन सहित प्रशासनिक और पुलिस विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

21 जून को 21 लाख बच्चों को वर्चूअल योगाभ्यास कराएगा अखिल भारतीय योग शिक्षक महासंघ

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21 June International Yoga Days will be selebrated and online yoga session will be organised in Faridabad by Akhil Bhartiya Yoga Shikshak Maha Sangh.

Faridabad News 18 June 2021: अंतरराष्ट्रीय योग दिवस  के अवसर पर अखिल भारतीय योग शिक्षक महासंघ योग संस्था अध्यक्ष योग गुरु मंगेश त्रिवेदी जी के निर्देशन में  योग में उच्च शिक्षा प्राप्त 3000  से अधिक योग शिक्षकों द्वारा भारतवर्ष के 26 राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों के 585 से अधिक जनपदों में 21 लाख बच्चों को महामारी की तीसरी सम्भावित लहर से बचाने व उनके उत्तम स्वास्थ्य के लिए वरचुवल योगाभ्यास कराएगा। 

इस कार्यक्रम को ऑनलाइन एवं ऑफलाइन माध्यम से आयोजित कराने के लिए व्यापक स्तर पर योग में उच्च शिक्षा प्राप्त योग शिक्षकों को जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।

फरीदाबाद में योगा टीचर आरती साहू (Mobile 9716245137) फरीदाबाद के बच्चों को वर्चुअल योगा कराएंगी, नीचे Zoom लिंक दिया गया है जिस पर क्लिक करके इस कार्यक्रम से जुड़ा जा सकता है.

Join Zoom Meeting

Meeting ID: 921 875 3697
Passcode: 3DtKYB

अखिल भारतीय योग शिक्षक महासंघ के संस्थापक, अध्यक्ष योग गुरु मंगेश त्रिवेदी ने बताया कि बच्चों के शारीरिक, मानसिक एवं भावनात्मक उन्नति हेतु योग असरदार तो है ही लॉकडाऊन में उनके  स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभाव को दूर करने का बेहतरीन साधन भी है.

योग गुरु त्रिवेदी जी ने बताया कि इसी को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार के आयुष मंत्रालय ने 14 जून को बच्चों के लिए एक योग प्रोटोकॉल की बुकलेट निकाली है जिसका नियमित रूप से अभ्यास करके बच्चे संभावित तीसरी लहर से बच सकें , और महासंघ के योग में उच्च शिक्षा प्राप्त  से अधिक योग शिक्षक / शिक्षिकाएँ उसी योग प्रोटोकाल का वर्चूअल टू वे कम्यूनिकेशन के द्वारा देश के 3000 से अधिक स्कूलो में योगाभ्यास करवाकर बच्चों को शारीरिक एवं मानसिक रूप से फ़िट बनाने में निस्वार्थ रूप से लगे हुए है । 

तीसरी लहर की सम्भावित स्थिति को देख अखिल भारतीय योग शिक्षक महासंघ ने  नए संकल्प के साथ बच्चों की शारीरिक रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाने तथा मानसिक ऊर्जा को बढ़ाने के लिए देश भर के 21 लाख बच्चों को इस योगमय कार्यक्रम का हिस्सा बनाकर योग का अभ्यास कराया जाएगा.

यह योगाभ्यास कार्यक्रम  28 मई से 28जून तक दैनिक जागरण के तत्वावधान में दैनिक जागरण के फेसबुक पेज पर चलाया जा रहा है जिसमें भारत के प्रत्येक कोने कोने से बच्चे टूवे क्मयूनिकेशन के माध्यम से वरचुवल इंटरेक्टिव ऑनलाइन कक्षाओं का लाभ लगातार उठा रहे हैं।

कार्यक्रम संयोजक एवं राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष मोनिका शर्मा ने बताया कि इस कार्यक्रम के सहप्रभारी उषा दूबे व आर्य प्रहलाद भगत हैं। महासंघ के राष्ट्रीय मीडिया अनिल श्रीवास्तव जी ने कहा इस कार्यक्रम में कोविड-19 नियमों का पालन करते हुए कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। 

 साथ ही जिन स्थानों पर ऑफलाइन कार्यक्रम का आयोजन किया जाना है वहांँ स्थानीय प्रशासन से अनुमति प्राप्त कर कार्यक्रम को आयोजित किया जाएगा।

अखिल भारतीय योग शिक्षक महासंघ  की आरती शाहू ने बताया कि महासंघ द्वारा निर्धारित बच्चों के लिए योग प्रोटोकॉल का अभ्यास  योग में उच्च शिक्षा प्राप्त योग शिक्षकों द्वारा  देश के 6000 से अधिक स्कूलो के बच्चों को  वर्चूअल टू वे कम्यूनिकेशन द्वारा करवाया जाएगा । वहीं आयोजन को करवाने वाले समस्त सामाजिक संगठनों/ संस्थाओं/विद्यालयों/महाविद्यालयों/ क्षेत्रीय/राज्य/ मंडलीय/ जिला एवं ब्लॉक संयोजकों को अखिल भारतीय योग शिक्षक महासंघ की ओर से  ई-प्रशस्ति पत्र तथा प्रतिभागियों को ई-प्रतिभागिता प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा तथा ऑफलाइन कार्यक्रम में स्थानीय प्रशासन से अनुमति प्राप्त कर कार्यक्रम को आयोजित किया जाएगा।

किठवाड़ी पुल पुलिस चौकी में अंधा कानून, जिन्हें घर में घुसकर पीटा गया उन्हें ही कर रहे परेशान

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Police Chowki Kithwadi Pull Palwal harassing victims who beaten in their homes in Islamabad Village Palwal on 1 June 2021 in night.

Palwal News 18 June 2021: एक गाना काफी मशहूर है 'ये अंधा कानून है', कुछ पुलिसकर्मी आज भी इस गाने को सही साबित हैं और जनता का पुलिस पर से भरोसा उठ जाता है.

पलवल पुलिस के एसपी दीपक गहलावत बहुत ईमानदार और जनप्रिय पुलिस अफसर कहे जाते हैं लेकिन Police Chowki Kithwadi Pull Palwal के पुलिसकर्मियों ने अंधेरगर्दी मचा रखी है, एसपी साहब को यहाँ पर ध्यान देने की जरूरत है.

1 जून 2021 को पलवल जिले के Police Chowki Kithwadi Pull Palwal क्षेत्र के इस्लामाबाद गाँव में एक परिवार वालों को उनकी ही बहू और उसके मायकेवाले और अन्य गुंडों ने रात में अचानक घर में घुसकर हमला किया और परिवार के 6-7 सदस्यों को लाठी डंडों से जमकर पीटा, किसी को फोन ना कर सकें, इसलिए आरोपियों ने एक मोबाइल भी छीन लिया और उसे अपने साथ ले गए, कुछ फोटो देखिये, जिसे देखकर आपको अंदाजा हो जाएगा कि इन्हें कितनी बुरी तरह से पीटा गया है - 







नीचे आप एक वीडियो भी देख सकते हैं जिसमें घायलों का बयान है और उनकी चोटें दिखाई गयी हैं - 


इस वारदात के बाद घायलों ने पुलिस को फोन किया लेकिन उनकी कोई मदद नहीं हुई, समय पर मुकदमा भी दर्ज नहीं किया गया, पुलिसकर्मियों ने आरोपी पक्ष के साथ सेटिंग करके पीड़ितों को ही परेशान करना शुरू दिया और उनपर समझौता करने का दबाव बनाने लगे और ना मानने पर मुकदमा दर्ज करने की धमकी देने लगे, जिसे बाद में पूरा भी किया।

पीड़ितों ने Police Chowki Kithwadi Pull Palwal में न्याय ना मिलता देख हमारे चैनल से संपर्क किया, हमनें उच्च अधिकारियों से संपर्क किया तो उनके निर्देश पर वारदात के 10 दिन बाद 10 जून को IPC 148, 149, 323, 452 के तहत मुकदमा नंबर 432 (पलवल कैम्प थाना) दर्ज कर दिया और इसकी जांच किठवाड़ी पुल पुलिस चौकी को ही दी गयी जिनकी आरोपियों से पहले ही सेटिंग हो चुकी थी. गौर करने वाली बात ये थी कि आरोपी पीड़ितों का एक मोबाइल फोन भी छीनकर ले गए थे लेकिन यह सेक्शन नहीं जोड़ी गयी. मोबाइल का लोकेशन ट्रेस करके इसकी जांच की जा सकती थी लेकिन ऐसा नहीं किया गया क्योंकि सेटिंग हो चुकी थी.

मुकदमा दर्ज होने के बाद Police Chowki Kithwadi Pull Palwal को आरोपियों के खिलाफ कार्यवाही करनी चाहिए थी लेकिन उन्होंने ऐसा कुछ नहीं किया, उल्टा 14 जून को पीड़ितों के खिलाफ ही मुकदमा दर्ज करके इसे क्रॉस केस बना दिया गया ताकि पीड़ितों को जेल भेजने का डर दिखाकर समझौता कराया जा सके. यह FIR 445 IPC 148, 149, 323, 506 के तहत दर्ज की गयी और मारपीट का आरोप लगाया गया. इस मुक़दमे में रामु और लक्ष्मण का नाम भी डाल दिया गया जो उस दिन दिल्ली में थे और उनके पास CCTV फुटेज भी है.

अब सवाल ये है कि अगर आरोपी महिला के साथ मारपीट की गयी थी तो उसने इसकी शिकायत तुरंत पुलिस थाने में क्यों नहीं की, पुलिस ने तुरंत FIR दर्ज क्यों नहीं की, 14 दिन बाद 14 जून को मुकदमा क्यों दर्ज किया गया, आरोपी महिला ने अपने रिश्तेदारों और मायके वाले गुंडों को बुलाकर घर में घुसकर हमला क्यों करवाया।

अब किठवाड़ी पुल पुलिस चौकी के ASI धर्मपाल पीड़ितों को धमका रहे हैं कि चौकी में आकर जमानत करवा लो वरना अच्छा नहीं होगा। मतलब बेचारे अपने घर में पिटे भी और जमानत भी करवाएं वरना जेल जाएं, जिन्होंने घर में घुसकर मारा और मोबाइल फोन छीनकर ले गए उनके खिलाफ कार्यवाही नहीं हो रही है. पीड़ितों में एसपी से न्याय की गुहार लगाई है और इस मामले की जाँच क्राइम ब्रांच से करने की मांग की है, एसपी ने SHO कैम्प के पास शिकायत ट्रांसफर की है, अब देखते हैं कि पीड़ितों के साथ न्याय होता है या उन्हें अंधे कानून कायम रखने के इक्षुक किठवाड़ी पुल पुलिस चौकी के अन्याय का शिकार होना पड़ेगा।


किसी भी जन कल्याणकारी योजना का लाभ लेने के लिए परिवार पहचान पत्र का होना जरूरी: सतबीर मान

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Parivar Pehchan Patra is necessary for taking benefits of Government Schemes sys Faridabad ADC Satbir Man.

फरीदाबाद, 15 जून। अतिरिक्त उपायुक्त सतबीर मान ने कहा कि जिला में आंगनबाड़ी वर्करों द्वारा आगामी 10 दिनों के भीतर Parivar Pehchan Patra के लिए परिवार की आय को प्रमाणित करवाना सुनिश्चित करें। सरकार द्वारा जारी हिदायतों के अनुसार सरकार की किसी भी जन कल्याणकारी योजना का लाभ लेने के लिए Parivar Pehchan Patra का होना जरूरी है। इसलिए परिवारों की आय को निर्धारित समय पर प्रमाणित करवाना जरूरी है।

अतिरिक्त उपायुक्त सतबीर मान ने यह निर्देश जिला महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक में दिए। बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि Parivar Pehchan Patra के माध्यम से सरकार की सभी जन कल्याणकारी योजना और परियोजनाओं को क्रियान्वित किया जा रहा है। इसलिए सरकार की हिदायतो के अनुसार परिवार पहचान पत्र की प्रमाणिकता को जरूरी कर दिया गया है।

उन्होंने कहा कि जिला में सभी आंगनबाड़ी वर्करों द्वारा अपने-अपने इलाकों में जिला के शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में आगामी 10 दिनों के अंदर परिवारों की आय को प्रमाणित करके अपलोड करवाना सुनिश्चित करें। जिला में जितने भी Parivar Pehchan Patra की आय प्रमाणिकता के परिवार बाकी बचे हुए हैं, यथाशीघ्र आंगनबाड़ी वर्करों को निर्देश दें कि वे आगामी 10 दिनों में इस कार्य को पूरा करना सुनिश्चित करें।

बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला परियोजना अधिकारी अनीता शर्मा, सीडीपीओ बल्लभगढ़ शहरी शकुंतला रखेजा, सीडीपीओ फरीदाबाद ग्रामीण डॉ. मंजू श्योरेन, सीडीपीओ फरीदाबाद शहरी मीरा, अनीता गाबा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

साइबर अपराध केस: मृतक जुनैद के रिश्तेदारों ने फूंक डाली पुलिस की जिप्सी, 8 उपद्रवी गिरफ्तार

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Junaid Death Case, Faridabad Police Cyber Crime investigation of online cyber fraud with 200 people, accused relatives Junaid death after investigation causing tension in Nuh Mewat and Punhana Thana Area. Police arrested 8 rioter.

Faridabad News 14 June 2021: बीते रोज पुनहाना में जमालगढ़ निवासी जुनैद की मौत (Junaid Death Case) के बाद हुए बवाल में पुन्हाना पुलिस ने सरकारी काम में बाधा डालने, पुलिस पर हमला करने, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने सहित विभिन्न आरोपों सहित भा.द.स की धारा 147,148, 149, 186, 188, 332, 353, 307, 435 आईपीसी 3 पीडीपी एक्ट के तहत  58 नामजद व लगभग डेढ़ सौ अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर 8 लोगों को गिरफ्तार किया है ।       

पुन्हाना थाना प्रभारी उप-निरीक्षक बिलासा राम ने बतलाया कि पकड़े गए 8 लोगों को अदालत में पेश कर दिया है ।

पुन्हाना थाना प्रभारी ने बताया कि 12 जून को जमालगढ़ निवासी जुनैद की मौत (Junaid Death Case) के बाद कुछ लोगों ने जुनैद के शव को पुन्हाना अनाज मंडी के पास मुख्य मार्ग पर रखकर रोड जाम कर दिया था । इसके बाद इनमें से कुछ लोगों ने पुनहाना सिटी चौकी प्रभारी हरदेव सिंह, पीसीआर ड्राइवर लोकेश पर जानलेवा हमला किया । जिसमें वे दोनों चोटिल हो गए। इसके बाद उक्त लोगों ने पुलिस की सरकारी गाड़ी में आग लगाकर कानून व्यवस्था बिगाड़ने का काम किया । 

थाना प्रभारी के अनुसार उक्त आरोपियों में से शेर मोहम्मद एडवोकेट रूपडाका, इरशाद चेयरमैन रावलकी, समसुद्दीन चेयरमैन पुन्हाना, राहुल पुत्र दाऊद, रसीद पुत्र सार खां सहित 58 लोगों की पहचान हुई है। जिनमें से राहुल निवासी ठेक, आदिल पैमा रोड़, मोहम्मद आसिफ गौधोली, मोहसिन पटाकपुर, फैज सिरौली, मुद्दीन नकनपुर, हासम जमालगढ़, सैकुल बलई, को पुन्हाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। जिन्हें मेडिकल कराने के उपरांत अदालत में पेश कर दिया गया है। अन्य आरोपियों को भी मुकदमा में शीघ्र अति शीघ्र गिरफ्तार किया जाएगा ।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि Faridabad Police Cyber Crime Thana पुलिस करीब 200 से भी अधिक लोगों के साथ हुए साइबर ठगी की जांच कर रही है जिसमें कई आरोपियों में से जुनैद से भी पूछताछ हुई थी जिसके बाद जुनैद को उसके परिजन आजाद के सुपुर्द कर दिया गया, घर पहुँचने पर जुनैद की मौत (Junaid Death Case) हो गयी जिसका आरोप फरीदाबाद पुलिस पर लगा दिया गया हालाँकि पुलिस ने बताया कि जुनैद किडनी का मरीज था इसलिए उससे ज्यादा पूछताछ ना करके उसे वापस भेज दिया गया था और उसकी मौत भी किडनी बीमारी से हुई है. पुलिस पर लगाए गए आरोप निराधार हैं.

कोरोना महामारी में अनाथ हुए बच्चों के लिए शुरू की गयी मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना : यशपाल

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फरीदाबाद, 1 जून। कोरोना महामारी के कारण अपने माता-पिता को खोने वाले बच्चों को सुरक्षित भविष्य देने के लिए मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत पालन-पोषण और पढ़ाई के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।

उपायुक्त यशपाल ने यह जानकारी देते हुए बताया है कि इस योजना से कोरोना के कारण अनाथ हुए बच्चों के हितों की रक्षा होगी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना का उद्देश्य 18 वर्ष से कम उम्र का बालक, जो कोविड महामारी के कारण अपने माता या पिता अथवा माता-पिता दोनों या कानूनी अभिभावकों को खो चुका है, उसकी सहायता करना है। 

इस घोषणा के अनुसार माता-पिता की मृत्यु के बाद बच्चों की देखभाल कर रहे परिवार के अन्य सदस्यो को उनके पालन पोषण के लिए 18 वर्ष तक 2500 रुपये प्रति माह दिए जाएंगे। इतना ही नहीं 18 वर्ष तक की आयु होने तक, जब तक बच्चा पढ़ाई करेगा, तब तक 12 हजार रुपए प्रति वर्ष अन्य खर्चों के लिए भी दिए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि संस्थागत देखभाल के लिए भी बच्चों को वित्तीय सहायता प्रदान की  जाएगी। जिन बच्चों की देखभाल करने के लिए परिवार का कोई सदस्य नहीं है, उनकी परवरिश बाल संरक्षण संस्थान करेंगे। ऐसे बच्चों के लिए बाल संरक्षण संस्थान को आर्थिक सहायता के रूप में 1500 रुपए प्रति माह दिए जाएंगे। यह राशि आवर्ती जमा के रूप में बैंक खाते में डाल दी जाएगी और 21 वर्ष की आयु होने पर बच्चे को मैच्योरिटी राशि दे दी जाएगी। अन्य पूरा खर्चा बाल देखभाल संस्थान द्वारा वहन किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा किशोरियों के लिए संस्थागत देखभाल और शिक्षा के लिए भी आवश्यक कदम उठाए है। जिन लड़कियों ने किशोरावस्था में अपने माता-पिता को खोया है, उन्हें कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में आवासीय शिक्षा मुफ्त दी जाएगी। मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना के तहत 51 हजार रुपए भी इन बालिकाओं के बैंक खाते में डाल दिए जाएंगे और विवाह के समय उन्हें ब्याज सहित पूरी राशि दी जाएगी। इसके साथ-साथ सरकार द्वारा कक्षा 8वीं से 12वीं व व्यवसायिक पाठ्यक्रम में पढऩे वाले बच्चों को शिक्षा में सहायता के लिए एक-एक टैबलेट प्रदान किया जाएगा।  

Faridabad: बंगाल हिंसा पर हरियाणा के संगठनों एवं बुद्धिजीवियों ने राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन

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चंडीगढ़,31मई। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव परिणाम के पश्चात घटित व्यापक हिंसाके विरोध में हरियाणा के नामचीन प्रबुधजनों ने महामहिम राष्ट्रपति के नाम राज्यपाल महोदय श्री सत्यदेव नारायण आर्य को आज दोपहर में ज्ञापन सौंपा। जिसमें हरियाणा के पूज्य सन्त, वरिष्ठ  सेवानिवृत प्रशासनिक-न्यायिक-सेना व पुलिस अधिकारी, अनुसूचित जाति, घुमन्तु जनजाति समाज व संस्थाओं के प्रतिनिधि, पद्मश्री से सम्मानित, पदक विजेता खिलाड़ी व शिक्षाविद सहित सामाजिक जीवन के महत्वपूर्ण स्थानों से अनुभव प्राप्त हस्तियों ने बंगाल की राजनीति प्रेरित हिंसक त्रासदी को स्वस्थ लोकतंत्र विरोधी और असंवैधानिक घटना बताया।

संवैधानिक व सामाजिक संकट मानते हुए स्वतः स्फूर्त होकर सामान्य जन की सुरक्षा को लेकर चिंतित होते हुए संवेदनशील मन के साथ हरियाणा भारत सेवा प्रतिष्ठान के चेयरमैन श्रीकृष्ण सिंघल, सुप्रसिद्ध उद्योग पति एवं  माधव जन सेवा न्यास अध्यक्ष पवन जिंदल, सेवानिवृत ब्रिगेडियर बेअंत सिंह परमार कोविड-19 के मध्य नज़र बंगाल हिंसा से पीड़ित नागरिकों के साथ कष्ट की इस घड़ी में खड़े होने व उनको न्याय दिलाने के लिए राज्यपाल के माध्यम से राष्ट्रपति जी को हरियाणा के लगभग सभी ज़िलों से प्रतिनिधिक अग्रणीजनों के हस्ताक्षर प्राप्त कर ज्ञापन भेजा। ज्ञापन पर 17 धार्मिक नेतृत्व  पूज्य संत, 11 प्रशासनिक, 2 न्यायिक, 14 शिक्षाविद, 8 सामाजिक संगठन,10 सेना  व 10 पदक विजेता ख्यातिप्राप्त खिलाड़ी व्      और 13 उधोगपति चिकित्सक एवं कलाकारों ने हस्ताक्षर किए है। जिनमे अनेक पद्मश्री अवार्डी व्यक्तित्व भी शामिल हैं। 

ज्ञापन के माध्यम से पश्चिम बंगाल में हुई हिंसा पर गम्भीरतापूर्वक ध्यान आकृष्ट करते हुए कहा है कि पश्चिम बंगाल में हिंसा के कारण न केवल लोकतंत्र के आधारभूत सिद्धांत ‘स्वतंत्र चुनाव’ को गहरी चोट पहुंची है, वरन वहां ‘नागरिकों के जीवन, संपत्ति व अधिकारों की रक्षा करने के पवित्र दायित्व’ से राज्य शासन विमुख हो रहा है।ज्ञापन के माध्यम से राष्ट्रपति महोदय से हस्तक्षेप करने की अपील करते हुए संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार निम्नलिखित  विषय में शीघ्र कदम उठाने की मांग की है । जिसमें तत्काल हिंसा रोकी जाए। हिंसा के जिम्मेदार लोगों को दंडित किया जाए।  हिंसा पीड़ितों को पर्याप्त सुरक्षा देने के साथ ही उन्हें उचित मुआवजा दिया जाए। स्थानीय पुलिस एवं प्रशासन की असफलता को देखते हुए उन पर कठोर कार्यवाही की जाए। पीड़ितों के सुरक्षित पुनर्वास एवं सुरक्षित भविष्य को सुनिश्चित किया जाए।

बंगाल में चुनावोपरांत सुनियोजित हिंसा के संबंध में  महामहिम राज्यपाल हरियाणा को राष्ट्रपति महोदय के लिए हरियाणा के प्रमुख लोगों व संस्थाओं के प्रतिनिधि ज्ञापन देने के समय उपस्थित। इस अवसर पर भारत सेवा प्रतिष्ठान के चेयरमैन श्रीमान श्रीकृष्ण सिंघल, प्रसिद्ध उद्योगपति एवं  माधव जन सेवा न्यास अध्यक्ष पवन जिंदल जी, सेवानिवृत ब्रिगेडियर बेअंत सिंह परमार,राष्ट्र रक्षा मंच के श्रीमान गंगा शंकर मिश्र जी, भारत सेवा प्रतिष्ठान के अध्यक्ष दीपक अग्रवाल जी उपस्थित रहे।

मेवाती मेडिकल कॉलेज में खराब वेंटीलेटर की वजह से माँ को खोने वाले युवक ने की कार्यवाही की मांग

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हथीन: एक युवक हेमंत कुमार पुत्र श्री बिहारी लाल, निवासी वार्ड-2, मोहल्ला-बासजटवाड़ा, हथीन, जिला पलवल,हरियाणा मोबाइल नम्बर-9896911736  ने अपनी पीड़ा सुनायी है और सरकार ने कार्यवाही की मांग की है, मेवाती मेडिकल कॉलेज में एक वेंटीलेटर पर उसकी माँ की मौत हो गयी, इससे पहले भी उस वेंटीलेटर पर कई मरीजों की मौत हो चुकी है इसलिए युवक ने वेंटिलेटर को ठीक करने की मांग की है.

युवक ने बताया मेरी माता श्रीमती माया देवी पत्नी बिहारी लाल,आयु-59 साल, निवासी वार्ड नंबर 2, मोहल्ला जटवाड़ा, हथीन जिला पलवल को पोस्ट कोविड सांस की समस्या के चलते दिनांक 22 मई को दोपहर बाद नूंह के नलहड़ स्थित शहीद हसन खां मेवाती मेडिकल कॉलेज के एमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया था। शाम को माता जी को आईसीयू-1 (प्रथम तल) के बेड नंबर 13 पर शिफ्ट किया गया। रात करीब 11:15 बजे के लगभग तक आईसीयू वन में मैं (हेमंत कुमार) अस्पताल प्रशासन के निर्देशानुसार पीपीई किट पहनकर माँ की देखरेख के लिए मौजूद रहा। तत्पश्चात मेरा भाई दिनेश कुमार पीपीई किट पहनकर माँ की देखरेख में आईसीयू में गया। 22-23 मई की देर रात करीब 12:00 बजे मेरा भाई ग्लब्स लेने के लिए वार्ड के अंदर ही बने नर्सिंग स्टेशन की तरफ गया। जब लगभग दो मिनट बाद माँ के पास गया तो पाया कि माँ के शरीर में कोई क्रिया प्रतिक्रिया (हलचल) नहीं हो रही थी। दिनेश ने तुरंत नर्सिंग स्टाफ को पुकारा और वेंटिलेटर/बायपेप अर्थात साँस देने वाली मशीन की तरफ देखा तो वह बंद पड़ी हुई थी। उन्होंने सीपीआर इत्यादि किया किंतु हमारी माता को नहीं बचाया जा सका। 

यह वेंटिलेटर/बायपेप अर्थात साँस देने वाली मशीन तब भी बन्द हुई थी जब मेरे भाई दिनेश की उपस्थिति में माता जी(मम्मी) को आईसीयू में शिफ्ट किया गया था। भाई दिनेश ने तब भी इस विषय पर डॉक्टरों से कहा था कि इस मशीन में खराबी लग रही है, और भी बेड खाली पड़े हुए हैं कृपया माताजी को सही मशीन वाले बेड पर शिफ्ट कर देवें, खराब मशीन वाले बेड पर ना रखें लेकिन, डॉक्टरों ने उसे यह कर चुप करा दिया और डांटते हुए कहा कि तू डॉक्टर है या हम। कुछ देर बाद में माता जी बड़ी मुश्किल से नार्मल हो पाई थी।

श्रीमान जी माँ के दोनों हाथ भी नर्सिंग स्टाफ ने बांध हुए थे।हमने जब इसके बारे में नर्सिंग स्टाफ से कहा तो बोले कि ये हमारा अपना ही तरीका है।

श्रीमान जी माँ को मशीन के साथ ऑक्सीजन देने के लिए एयरटाइट मास्क लगाया गया था, रात को अचानक मशीन बंद होने से ऑक्सीजन आपूर्ति बंद हो गई, एयरटाइट मास्क में से बाहर से नॉर्मल सांस भी मेरी माँ नहीं ले पाई, चिल्लाने की आवाज भी बाहर नहीं आ पाई, दोनों हाथ बंधे होने के कारण मास्क भी नहीं हटा पाई जिसके चलते मेरी माँ का दम घुट गया, अस्पताल प्रशासन व अस्पताल के कारिंदों की जानबूझकर की गयी इस घोर लापरवाही के चलते अंततः मेरी माँ की मृत्यु हो गयी। 

जब अंदर से दिनेश ने हमें फोन कर घटना की सूचना दी तो हम दौड़कर अंदर पहुंचे तो पाया कि नर्सिंग स्टाफ सीपीआर कर रहा था, तथा अमुक मशीन बंद पड़ी थी।

फिर हमें बाहर निकाल दिया गया तो हम दुखी होकर रोने लगे तो अन्य मरीजों के तीमारदार हमारे पास आए, व एक तीमारदार ने पूछा कि ये किस बेड़ की घटना है तो हमने बताया कि तेरह नंबर बेड की है तो अमुक तीमारदार ने बोला कि सप्ताह भर में ही इसी बेड पर यह आठवीं-दसवीं मौत है, सबसे ज्यादा मौतें इसी बेड पर हुई हैं, क्योंकि इस पर जो ऑक्सीजन देने वाली मशीन है वह कभी भी ठप्प हो जाती होगी तथा अस्पताल प्रशासन व इंचार्ज अस्पताल को यह भली भांति पता है कि इस बेड पर किसी भी मरीज को रखना उसकी जान जोखिम में डालना है। 

नर्सिंग स्टाफ, डॉक्टर द्वारा भाई दिनेश कुमार के सामने तेरह नम्बर बेड पर माताजी को शिफ्ट करते समय भी अमुक ऑक्सीजन/वेंटिलेटर  मशीन में खराबी आ चुकी थी, और उन्हें पता था कि इस बेड पर ऑक्सीजन मशीन कभी भी बंद हो सकती है, मेरे भाई दिनेश ने खाली पड़े अन्य बेड पर शिफ्ट करने के लिए भी गुहार लगाई थी, फिर भी मेरी माता जी को फिर भी जोखिम भरी स्थिति में हाथ बांध कर अमानवीय तरीके से  रखा गया। रात के समय जब ऑक्सीजन मशीन बन्द होने से ऑक्सीजन की आपूर्ति ठप्प हुई तो उस समय अस्पताल का कोई भी कर्मचारी या डॉक्टर ने ध्यान नहीं दिया था। अस्पताल के कारिन्दों व अस्पताल इंचार्ज और डॉक्टरों की जानबूझकर की गई गलती के कारण मेरी माँ को मृत्यु हो गई। जो अमानवीय कृत्य द्वारा मानवीय हत्या है। 

श्रीमान जी आप से न्याय की अपेक्षा करता हूं और आशा करता हु की इस मानवीय हत्या को करने वाले अस्पताल प्रशासन व नर्सिंग स्टाफ व सभी दोषी लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्यवाही की जाए व उच्च स्तरीय जाँच कराई जाए और हमें इंसाफ दिलाया जाए।

BPL परिवारों की कोरोना से मौत पर 2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दे रही सरकार, जानिये प्रोसेस

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फरीदाबाद,26 मई। अतिरिक्त उपायुक्त कम् कोविड-19 मेडिसिन और आक्सीजन नोडल अधिकारी सतबीर मान ने बताया कि जिला में बीपीएल परिवारों के लिए कोविड-19 संक्रमण कोरोना से ग्रस्त होने या कोरोना संक्रमण के कारण मौत हो जाने पर हरियाणा सरकार द्वारा जारी कोविड-19 सहायता स्कीम के तहत आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। बीपीएल परिवारों को यह आर्थिक सहायता कोरोना वायरस से मौत हो जाने पर दो लाख रुपये की धनराशि और कोरोना पोजिटिव होने पर उपचार के लिए 5 हजार रुपये की धनराशि प्रति दिन 7 दिनों तक कुल 35 हजार रुपये की धनराशि तथा होम आईसोलेशन होने पर एक हजार प्रतिदिन के हिसाब से 5  दिनों तक 5 हजार रुपये की धनराशि आर्थिक सहायता के तौर पर प्रदान की जा रही है। 

 अतिरिक्त उपायुक्त सतबीर मान ने बताया कि इसके बाद बीपीएल परिवारों के वे लोग जिनके किसी परिजन की कोरोना के संक्रमण से मौत हो गई है और वे लोग जिन्होंने कोराना का ईलाज अस्पताल में करवाया है या होम आईसोलेशन में रहे हैं। वे लोग हरियाणा सरकार की कोविड सहायता स्कीम के तहत आर्थिक सहायता ले सकते हैं। इसके लिए हरियाणा प्रदेश के लाभार्थियों/ बीपीएल नागरिकों को वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए एक योजना पर काम किया जा रहा है, जो सकारात्मक परीक्षण कर चुके हैं या किसी नागरिक के परिवार के सदस्यों को, जिनकी दुर्भाग्य से कोरोना के परिणामस्वरूप मृत्यु हो गई है। उनका डेटा सत्यापन सीआरआईडी (बीपीएल स्थिति के लिए) और स्वास्थ्य विभाग (मृत्यु या सकारात्मक स्थिति के लिए) द्वारा संयुक्त रूप से किया जाता है। प्रारंभिक डेटा स्वास्थ्य विभाग द्वारा सीआरआईडी/ CRID को उपलब्ध कराया जाता है। सीआरआईडी और स्वास्थ्य विभाग के द्वारा सत्यापन के बाद वित्त विभाग द्वारा इस धनराशि का भुगतान किया जाता है। यह योजना पहले से ही क्रियान्वित की जा रही है और कुछ प्रारंभिक लाभार्थियों को भुगतान पहले ही शुरू हो चुका है।

सरकारी सहायता प्राप्त करने के लिए दिवंगत व्यक्ति का आधार नंबर या परिवार पहचान ID निम्न फॉर्मेट में 7419865000 पर SMS करें| COV<space><आधार नंबर या परिवार पहचान ID>  शामिल है।

 अतिरिक्त उपायुक्त ने बताया कि नागरिकों का पीपीपी आईडी पर डेटा वापस प्राप्त कर सकें ताकि उनकी सही पहचान हो सके और उन्हें यह लाभ की धनराशि वितरित किया जा सके। हम सब मिलकर पहल की अधिकतम प्रभावोत्पादकता प्राप्त कर सकते हैं। सही लाभार्थी को लाभ प्रदान करने के लिए हमें नागरिकों के पीपीपी आईडी/आधार संख्या के साथ व्यक्ति को प्रमाणित करने की आवश्यकता है। हालाँकि, यह जानकारी स्वास्थ्य विभाग से CRID द्वारा प्राप्त प्रारंभिक डेटा में उपलब्ध नहीं है और इसलिए इसे नागरिकों को कॉल सेंटर आधारित टेलीफोन कॉल के माध्यम से या दो तरह से संदेश प्रणाली के माध्यम से अलग से एकत्र किया जा रहा है। दो तरह से मैसेजिंग सिस्टम में, CRID से एक पंजीकृत और DOT क्लियर किए गए नंबर (और DOT क्लियर की गई सामग्री) के माध्यम से एक संदेश जाता है और नागरिक की प्रतिक्रिया दूसरे नंबर पर प्राप्त होती है। हम पहले ही ऐसे रिटर्न एसएमएस के जरिए कई नागरिकों से डेटा वापस प्राप्त कर चुके हैं। लेकिन कई मामलों में नागरिकों में अज्ञानता/जागरूकता के कारण प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं होती है। 

 एडीसी ने बताया कि कुछ जिलों से यह भी खबर आई है कि कुछ नागरिक इन संदेशों को संभावित धोखाधड़ी वाले संदेशों के रूप में भी देख रहे हैं (इस भ्रम में ट्रू कॉलर भी गलती से योगदान दे रहा है)। जो कि निराधार है।

 उन्होंने जिला के कोविड-19 के संक्रमण ग्रस्त परिवारों से अपनी करते हुए कहा कि वे सरकार की तकनीकी हिदायतो को पूरा अवश्य करें।ताकि उन्हें यथाशीघ्र अर्थिक सहायता उपलब्ध करवाई जा सके।

अब अस्पताल जाने की जरूरत ही नहीं पड़ रही, घर पर ही कोरोना ठीक कर रही हरियाणा सरकार, जानिये कैसे

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फरीदाबाद, 26 मई। सीएमओ रणदीप सिंह पुनिया ने बताया कि  ज़िला के हर कोविड लक्षण वाले व्यक्ति तक मेडिकल किट पहुंचाकर समुचित वितरण किया गया।

उन्होंने बताया कि अब तक जिला में 40 हजार से अधिक मेडिकल किटों का वितरण हो चुका है। फरीदाबाद के शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में मेडिकल किट(कोविड दवाई) से उपचार व प्रशासन द्वारा गम्भीरता के साथ लोगों में जागरूकता लाने की बदौलत ने ही जिला में कोरोना की रफ्तार को धीमा कर दिया है। जिससे लगातार पिछले तीन सप्ताह से कोरोना मामलों में निरन्तर कमी दर्ज की जा रही है। ग्रामीण क्षेत्र में कोविड लक्षण लोगों के लिए मेडिकल किट संजीवनी साबित हो रही है। बुखार, खांस, जुकाम आदि कोरोना लक्षण वाले मरीजों ने मेडिकल किट लेकर घर पर ही उपचार करके कोरोना को मात दी है। अब तक जिला के 127 गांवों में लगभग 40 मेडिकल किट का वितरण किया जा चुका है।

दूसरी लहर में शहर के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्र में कोरोना का फैलाव सरकार व प्रशासन के लिए चिंता विषय बन गया था। सरकार की ओर से ग्रामीण क्षेत्र में कोरोना की रफ्तार को रोकने के लिए आइसोलेशन सैंटर, ट्रेकिंग, टेस्टिंग आदि अनेक प्रभावी कदम उठाए गए हैं। 

इसी कड़ी में फरीदाबाद के ग्रामीण क्षेत्र में कोविड लक्षण वाले मरीजों को घर द्वार पर मेडिकल किट का वितरण एक अनूठी पहल प्रशासन द्वारा चिकित्सा विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ ग्रामीण क्षेत्र के सभी विभागों के सहयोग से की गई, जिसके सार्थक परिणाम सामने आए हैं। जिला प्रशासन के आह्वान पर सामाजिक संस्थाओं,समाज सेवी संगठनों और जनप्रतिनिधियों ने मेडिकल किट तैयार करने में सहयोग किया। 

मेडिकल किट की दवाई लेकर घर पर ही दी कोरोना को मात

ग्रामीण क्षेत्र में कोविड लक्षण वाले मरीजों ने घर पर ही मेडिकल दवाईयों से अपना उपचार किया और स्वस्थ हो गए। 

 जिला कोविड नोडल अधिकारी डॉ रामभगत ने बताया कि उन्होने प्रक्टिशनर चिकित्सकों और चिकित्सा विभाग के ग्रामीण क्षेत्र के स्टाफ के माध्यम से गांव में कोविड लक्षण के लोगों को मेडिकल किट दी थी। 

उन्होंने बताया कि मरीजों ने दवाई का सही उपयोग किया और बचाव उपायों की पालना की, जिससे वे पूरी तरह से स्वस्थ हो गए। उन्होंने बुखार, खांसी आदि कोविड लक्षण थे। इनका मेडिकल दवाईयों से घर पर ही उपचार किया गया। कोविड नोडल चिकित्सा अधिकारी  ने बताया कि मेडिकल किट से न केवल लोग घर पर ही स्वस्थ हुए बल्कि इससे संक्रमण की रफ्तार भी धीमी पड़ी है। गांव में ही लोगों को कोरोना का उपचार मिलने के चलते जहां शहर में अस्पतालों पर दबाव कम हुआ, वहीं रिकवरी रेट भी बढा।

हरियाणा के कोरोना मरीजों के लिए अच्छी खबर, 1 लाख कोरोनिल किट (बाबा रामदेव) मुफ्त बांटेगी सरकार

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फरीदाबाद, 24 मई: हरियाणा के कोरोना मरीजों को  ठीक करने के लिए हरियाणा सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है. बाबा रामदेव वाली पतंजलि की कोरोनिल किट एक लाख मरीजों को मुफ्त बांटी जाएगी।

हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज ने आज इसका ऐलान करते हुए लिखा - हरियाणा में कोविड मरीजों के बीच एक लाख पतंजलि की कोरोनिल किट मुफ्त बांटी जाएंगी । कोरोनिल का आधा खर्च पतंजलि ने और आधा हरियाणा सरकार के कोविड राहत कोष ने वहन किया है।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि बाबा रामदेव ने कोरोनिल किट को कोरोना बीमारी के प्रिवेंशन और इलाज में बहुत ही प्रभावी बताया है और करोड़ों मरीजों को ठीक भी किया है इसलिए हरियाणा सरकार ने भी कोरोना मरीजों को जल्द से जल्द ठीक करने के लिए कोरोनिल किट बांटने का निर्णय किया है.

मोदी सिस्टम के कुशासन के चलते सिर्फ़ भारत में है कोरोना और ब्लैक फ़ंगस महामारी: राहुल गाँधी

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फरीदाबाद, 22 मई: कांग्रेस पार्टी के नेता राहुल गाँधी ने मोदी सरकार पर बड़ा हमला बोला है, उन्होंने ट्विटर पर लिखा - मोदी सिस्टम के कुशासन के चलते सिर्फ़ भारत में कोरोना के साथ-साथ ब्लैक फ़ंगस महामारी है। वैक्सीन की कमी तो है ही, इस नयी महामारी की दवा की भी भारी कमी है। इससे जूझने के लिए PM ताली-थाली बजाने की घोषणा करते ही होंगे।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि राहुल गाँधी शुरू से ही कोरोना बीमारी के लिए मोदी सरकार को जिम्मेदार ठहराते रहते हैं, अब भारत में ब्लैक फंगस महामारी भी फ़ैल रही है और यह अधिकतर इलाज करा चुके कोरोना मरीजों को हो रही है, इसके इस्तेमाल में काम आने वाले इंजेक्शन Amphotericin-B  की कमी हो गयी है.

हरियाणा सरकार द्वारा करोना मरीजों के लिए "उमंग" की शुरुआत पर IAP ने जताया आभार

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फरीदाबाद, 21 मई: आज इंडियन एसोसिएशन ऑफ फिजियोथैरेपिस्ट के उपाध्यक्ष डॉक्टर विनोद कौशिक ने हरियाणा के स्वास्थ्य एवं गृह मंत्री श्री अनिल विज जी एवं हरियाणा सरकार का करोना मरीजों के लिए *उमंग* नाम से सभी बड़े अस्पतालों में कोरोना उपरांत होने वाली समस्याओं के लिए करोना केयर सेंटर खोले जाने का निर्णय लेने पर तहे दिल से धन्यवाद किया। 

ये हरियाणा सरकार द्वारा एक बहुत ही सराहनीय कार्य है जिसमें की डॉक्टर्स के साथ  फिजियोथैरेपिस्टो एवम् योगा अध्यापकों की भर्ती की जाएगी । यह हरियाणा के फिजियोथैरेपिस्टो  के लिए बहुत ही अच्छा अवसर है जिसमें कि वह अपनी सेवाएं जो करोना के दौरान इलाज कर ही रहे थे अब करोना उपरांत मरीजों को दोबारा से स्वस्थ करने के लिए दे पाएंगे। 

आज डॉ विनोद कौशिक ने बताया की करोना में फेफड़ों को मजबूत एवम् स्वस्थ बनाने के लिए सांस लेने की बहुत सारी वर्जिश बेहद कारगर होती हैं ;  जिसमें की गुब्बारा फुलाना , गहरी सांस लेना एवम् छोड़ना,  सीटी बजाना,  स्पायरोमीटर से वर्जिश, जूस पीने वाले पाइप से पानी में बुलबुले बनाना ,आधे घंटे के लिए दिन में तीन बार छाती एवं कूल्हों के नीचे तकिया रखकर उल्टा लेटना ;  ऐसे ही बहुत सारी  वर्जिश तथा आईसीयू में चेस्ट फिजियोथैरेपी से मरीजों की जान बचाने मैं फिजियोथेरेपी बहुत ही कारगर हो रही है। इसी तथ्य को जानते हुए हरियाणा सरकार ने यह जो निर्णय लिया है उसके लिए इंडियन एसोसिएशन ऑफ फिजियोथेरेपिस्ट अपने सभी सदस्यों के साथ हरियाणा सरकार के लिए कार्य करने के लिए सदैव तैयार रहेगी। 

इंडियन एसोसिएशन ऑफ फिजियोथैरेपिस्ट हरियाणा शाखा के प्रधान डॉ उदय यादव,  कोषाध्यक्ष डॉ शरद गोयल,  संयुक्त सचिव डॉक्टर हिमांशु शेखर एवं डॉ कपिल मागो,  डॉ राकेश अत्रे, डॉ पूजा भंडारी, डॉ सुधा राय, डॉ राकेश यादव,  डॉ प्रियंका शेरावत, डॉक्टर प्राची सपरा, डॉ शिवानी मुदगिल, आईएपी वूमेन सेल डॉ नीति  खुराना , डॉक्टर अंजनी, डॉक्टर शीतल कालरा, डॉ भावना ग्रोवर आदि सभी मनोनीत सदस्यों ने इस फैसले का स्वागत किया।

5G Testing से मर रहे लोग, ऐसी अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ होगी कड़ी कार्यवाही

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फरीदाबाद, 21 मई: कुछ लोग अफवाह फैला रहे हैं कि 5G टेस्टिंग की वजह से  लोगों की मौत हो रही है, कई दिनों से सोशल मीडिया और व्हाट्सअप पर ऑडियो वायरल हो रहा है जिसमें कथित तौर पर दो कर्मचारी 5G टेस्टिंग को लेकर बातचीत कर रहे हैं और इसे ही लोगों की मौत की वजह बता रहे हैं.

हरियाणा सरकार ने अब ऐसे लोगों के खिलाफ कड़ा एक्शन लेने का आदेश दिया है, चीफ सेक्रेटरी विजयवर्धन ने सभी उपायुक्तों कर पुलिस आयुक्तों को पत्र लिखकर ऐसे लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्यवाही करने का आदेश दिया है.

CS ऑफिस से जारी पत्र में लिखा गया है कि इन अफवाहों की वजह से कुछ टॉवर पर हमला करके उन्हें छत्रिग्रस्त किया गया है,  हरियाणा में अभी 5G Testing शुरू भी नहीं हुई है. WHO ने भी इसे खारिज किया है. अन्य संस्थाओं ने भी इसे ख़ारिज किया है. DoT, GOI ने भी इसे खारिज किया है.

पुलिस और प्रशासन को आदेश दिए गए हैं कि टॉवर और मोबाइल नेटवर्क की रक्षा की जाय और अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जाय. देखिये आदेश की कॉपी - 

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मेवाती आसिफ का बेरहमी से क़त्ल, पुलिस ने अब तक 6 आरोपियों को किया गिरफ्तार

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नूह/मेवात, 18 मई: नूह-मेवात इलाके के खेड़ा-खलीलपुर गाँव में आसिफ नामक युवक का बेरहमी से ख़त्म कर दिया गया. जिला नूंह पुलिस ने गांव खेड़ा-खलीलपुर के आसिफ मर्डर मामले में 6 आरोपियों को किया गिरफ्तार अन्य आरोपियों को पकड़ने के लिए भी टीमें गठित की हैं.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि हत्यारोपी दूसरे समुदाय से हैं हालाँकि आसिफ को भी इलाके का दबंग और बदमाश बताया जा रहा है. पुलिस इस मामले में जांच पड़ताल कर रही है और कड़ी कार्यवाही की जा रही है. डीजीपी स्वयं इस मामले पर नजर रख रहे हैं. इस घटना को मोब लिंचिंग का नाम दिया जा रहा है. ट्विटर पर भी ट्रेंड चलाया जा रहा है. इस धर्म से जोड़कर देखा जा रहा है.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस घटना को साम्प्रदाइक रंग देने की कोशिश की जा रही है, शिकायतकर्ता पक्ष एकजुट होने की अपील कर रहा है तो आरोपी पक्ष के लोग भी सोशल मीडिया पर अपना बचाव करते दिख रहे हैं. 

आरोपी पक्ष का कहना है क़ि आसिफ छटा हुआ बदमाश था और लड़कियों को परेशान करता था, कुछ दिन पहले एक पटवारी को मारने की कोशश की थी लेकिन वह भाग गया था. आसिफ के खिलाफ कई और आरोप लगाकर व्हाट्सअप पर वायरल किया जा रहा है, खैर इस सबकी जांच पुलिस कर रही है. पुलिस इस मामले में दूध का दूध और पानी का पानी कर देगी। हरियाणा पुलिस किसी के साथ भेदभाव नहीं करती।

वैक्सीन लगवाने के बाद भी कोरोना का कहर झेले थे अनिल विज, कंपनी ने दिया खर्चा उठाने का ऑफर

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फरीदाबाद, 16 मई: हरियाणा के गृह एवं स्वास्थय मंत्री अनिल विज ने Covaxin के ट्रायल के लिए खुद को वालंटियर के तौर पर समर्पित किया था लेकिन पहली डोज़ लगने के बाद ही उनकी तवियत खराब हो गयी और वे कोरोना पॉजिटिव हो गए. उनका इलाज पहले अम्बाला के सिविल हॉस्पिटल में किया गया, बाद में रोहतक PGI में रेफर किया गया और जब हालत नहीं सुधरी तो गुरुग्राम के मेदांता हॉस्पिटल में उनका इलाज हुआ और वे ठीक हो गए.

भारत बायोटेक कंपनी Covaxin का उत्पादन कर रही है, अब कंपनी ने गृह मंत्री अनिल विज के इलाज में हुआ पूरा खर्च खुद उठाने का ऑफर दिया है और इसे अपनी पालिसी के तहत बताया है.

प्राप्त जानकारी के अनुसार मंत्री अनिल विज ने बायोटेक कंपनी के ऑफर को ठुकरा दिया है, मंत्री अनिल विज ने कहा कि मैं राज्य का मंत्री हूँ और हमारा इलाज वैसे ही सरकारी खर्चे पर किया जाता है इसलिए हमने कंपनी का ऑफर ठुकरा दिया।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि हरियाणा के गृह एवं स्वास्थय मंत्री अनिल विज सिर्फ हरियाणा की जनता के बारे में सोचते हैं इसीलिए अपनी जान की फिक्र ना करते हुए उन्होंने Covaxin के ट्रायल के लिए सबसे पहले खुद को समर्पित किया हालाँकि  वह फिर भी कोरोना पॉजिटिव हो गए और उनकी हालत काफी सीरियस हो गयी थी.

गाँवों में आज से कोरोना के खिलाफ महा-युद्ध शुरू, हरियाणा सरकार ने भेजी 1000 टीमें, पढ़ें प्लान

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फरीदाबाद, 15 मई: शहरों में कोरोना पर कण्ट्रोल हुआ है लेकिन अब गाँवों में डर दहशत और अफवाह का माहौल है, गाँवों को कोरोना मुक्त करने के लिए हरियाणा सरकार आज से युद्ध शुरू करेगी। यह युद्ध 1000 टीमों के साथ शुरू किया जाएगा।

सरकार की मानें तो गाँवों में अगले 10 दिनों में हर घर की स्क्रीनंग की जाएगी, इसके लिए 8000 टीमें बनाई जा रही हैं, इस दौरान घर घर स्क्रीनिंग से लेकर सामान्य स्वास्थय की जांच की जाएगी। गांवों को सैनिटाइज करने के लिए अलग से फंड जारी किया गया है.

सरकार की मानें तो प्रदेश में 38 फीसदी संक्रमित गाँवों में हैं, पहले चरण में उन गाँवों पर फोकस किया गया है जहाँ पर संक्रमण अधिक है. ऐसे 1000 गाँव चिन्हित किये गए हैं जो हॉट स्पॉट के रूप में चयनित किये गए हैं.

सरकार की मानें तो ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना पर काबू करने के लिए सरकार ने कई तैयारियां की हैं, सामुदाइक स्वास्थय केंद्रों में 20 और प्राथमिक स्वास्थय केंद्रों में पांच ऑक्सीजन बेड रखे गए हैं, प्रदेश के 1000 गाँवों में आइसोलेशन सेण्टर बन चुके जो शनिवार से शुरू हो जाएंगे। 

सरकार के अनुसार अगर जांच के दौरान कोई कोरोना रोगी मिलता है तो उसका आइसोलेशन सेण्टर में इलाज किया जाएगा अगर उसकी हालत गंभीर होगी तो उसे PHC, CHC या जिला अस्पताल में इलाज होगा, जिला अस्पताल में बेड ना मिलने पर निजी अस्पताल में आयुष्मान योजना के तहत इलाज किया जाएगा।

कोरोना इलाज: हर निजी अस्पताल में लगा होना चाहिए सरकारी रेट का बोर्ड, वरना होगी कड़ी कार्यवाही

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फरीदाबाद, 8 मई: अब तक निजी अस्पतालों ने कोरोना को क्राइसिस मानकर मनमानी फीस लेकर कोरोना मरीजों को अपने अस्पतालों में भर्ती किया और आपदा को अवसर मानकर खूब कमाई की लेकिन अब हरियाणा सरकार ओवर-चार्जिंग करने वालों के खिलाफ कार्यवाही कर रही है.

हरियाणा सरकार ने कोरोना बीमारी के ट्रीटमेंट के लिए एक रेट लिस्ट निर्धारित की है, यह रेट लिस्ट सभी निजी अस्पतालों को नोटिस बोर्ड पर चिपकाना है और मरीजों से यही फीस लेनी है.

जो भी अस्पताल नाभ एक्रेडिटेड नहीं हैं वे आइसोलेशन बेड के 8000 रुपये रोजाना, ICU के 13000 रुपये रोजाना और वेंटीलेटर युक्त ICU के 15000 रुपये रोजाना फीस ले सकते हैं जिसमें खाने-पीने से लेकर दवाइयों और सभी जरूरी टेस्ट भी शामिल हैं.

जो भी अस्पताल नाभ एक्रेडिटेड हैं वे आइसोलेशन बेड के 10000 रुपये रोजाना, ICU के 15000 रुपये रोजाना और वेंटीलेटर युक्त ICU के 18000 रुपये रोजाना फीस ले सकते हैं जिसमें खाने-पीने से लेकर दवाइयों और सभी जरूरी टेस्ट, ग्लव्स और PPE किट्स का चार्ज भी शामिल हैं.

नीचे आर्डर में पूरी जानकारी और डिटेल दी गयी है.

अगर किसी मरीज को Ramedisivir जैसे इंजेक्शन लगते हैं तो इसका चार्ज अतिरिक्त लिया जा सकता है.


आपकी जानकारी के लिए बता दें कि निजी अस्पतालों की मनमानी की शिकायत हरियाणा सरकार तक पहुँच गयी है, प्रशासन को सभी निजी अस्पतालों के रिकॉर्ड की जांच करने के आदेश दिए गए हैं. फरीदाबाद के डीसी यशपाल यादव ने आज जेनिथ अस्पताल का दौरा किया और अनियमितता पाए जाने पर जांच के आदेश दिए, अन्य सभी अस्पतालों से कोविड मरीजों का रिकॉर्ड माँगा जाएगा और मरीजों को फोन करके उनसे ली गयी फीस की जानकारी ली जाएगी। अगर कोई निजी अस्पताल मरीजों से ओवरचार्ज लिया होगा तो मरीज इसकी जानकारी प्रशासन को देगा और निजी अस्पताल के खिलाफ कार्यवाही होगी।

जेनिथ अस्पताल से इसकी शुरुआत हो गयी है, जल्द ही अन्य अस्पतालों के खिलाफ कार्यवाही होगी।