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नंगला रोड, अटल चौक के पास हथियारों के दम पर किराने की दूकान में दिन-दहाड़े लूट

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 फरीदाबाद, 5 जुलाई: लॉक डाउन और कर्फ्यू के दौरान अपराध की घटनाओं में भारी गिरावट देखी गयी थी लेकिन अब अपराध का ग्राफ फिर से ऊपर जा रहा है. आज नंगला रोड पर, संजय एन्क्लेव में अटल चौक के पास एक किराने की दूकान में हथियारों के दम पर लूट का मामला सामने आया है.

पुलिस ने थोड़ा देरी पर ही सही लेकिन पीड़ित दुकानदार के पास पहुंचकर पूछताछ शुरू कर दी है, अभी तक बदमाशों का कोई सुराग हाथ नहीं लगा है, CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं.

जानकारी के अनुसार बंटी गर्ग नामक व्यक्ति अटल चौक पर किराने की दूकान चलाता है, शाम को दूकान पर अचानक तीन नकाबपोश बदमाश आये और हथियारों के दम पर गल्ला छीन लिया कर बाइक पर बैठकर फरार हो गए. बदमाशों ने दुकानदार को शोर ना मचाने की धमकी दी.

बदमाशों के जाने के बाद पीड़ित दुकानदार ने 100 नंबर पर फोन किया, करीब आधे घंटे में पुलिस ने पहुंचकर अपनी कार्यवाही शुरू की.

फरीदाबाद का रहने वाला यूपी का इनामी बदमाश बबलू इनकाउंटर में मारा गया

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फरीदाबाद 3 जुलाई: फरीदाबाद के नंगला एनक्लेव पार्ट 2 का रहने वाला और यूपी में इनामी बदमाश बबलू कल टप्पल के पास पुलिस एनकाउंटर में मारा गया, नोएडा एसटीएफ और अलीगढ़ पुलिस ने संयुक्त रूप से बदमाश को घेर कर उसका एनकाउंटर कर दिया. यह मुठभेड़ देर रात यमुना एक्सप्रेस-वे पर हुई.

बताया जाता है कि बबलू कई वारदातों में वांछित था। UP में उसके खिलाफ लूट के कई मामले दर्ज हैं। बबलू पर टप्पल और अतरौली पुलिस ने 50 हजार रुपए का इनाम घोषित कर रखा था।

बबलू पर आरोप है कि वह लूट की वारदातों के वक्त महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार भी करता था। वह 2014 से फरार था। बीती रात यमुना एक्सप्रेस-वे पर बबलू अपने कुछ साथी बदमाशों के साथ लूट के इरादे से खड़ा था। जिसकी भनक लगने पर नोएडा एसटीएफ और अलीगढ़ पुलिस ने एक ऑपरेशान के तहत इन बदमाशों को घेर लिया।

टप्पल के पास जब बदमाशों ने देखा कि पुलिस का घेरा सख्त हो गया है और वे बच नहीं पाएंगे। पुलिस और बदमाशों में करीब आधे घंटे तक फायरिंग हुई। इसमें बबलू को गोली लग गई और बाकी बदमाश भाग गए।

पुलिस उसे अलीगढ़ के जिला अस्पताल लेकर पहुंची, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने बबलू हथियार और करतूस बरामद किए हैं। पुलिस बबलू के अन्य साथियों की तलाश मे भी जुट गई है।

डेबिट कार्ड एवं फोन चोरी कर बैंक खातों से पैसे निकालने वाला शातिर अपराधी गिरफ्तार

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फरीदाबाद 25 जून: साइबर अपराध शाखा फरीदाबाद  ने एक ऐसे आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है जो कि मैदान में खेल रहे खिलाड़ियों के बैग से डेबिट कार्ड एवं मोबाइल फोन चोरी कर उनके मोबाईल से डेबिट कार्ड पर लिखे कस्टमर केयर को काल कर उनके डेबिट कार्ड का पिन चेंज करवाकर खाता से पैसे निकालता था।

आपको बताते चलें कि आरोपी ने इसी तरह जितेन्द्र प्रताप निवासी बी.पी.टी.पी. सैक्टर 88, फरीदाबाद के करीबन 80 हजार रूपये धोखाधडी से निकाले थे।

प्रभारी साइबर अपराध शाखा निरीक्षक बसंत कुमार ने बताया कि आरोपी से पूछताछ मे सामने आया कि वह खेल के मैदान में क्रिकेट खेल रहे लोगो को अपना शिकार बनाता था।

खेल के स्टेडियमों व मैदानों में जाकर जो लोग खेलते समय ग्राउण्ड मे अपने पर्स व मोबाईल को साईड मे रख देते है, आरोपी उन लोगो पर नजर रखता और मौका मिलते ही उनके पर्स व मोबाईल को चुरा लेता था। 

इसके उपरान्त पर्स मे रखे डेबिट कार्ड और मोबाईल की सहायता से सबंधित बैक के कस्टमर केयर को काल कर उनके डेबिट कार्ड का पिन चेंज करवा लेता और लोगो के अकांउट को खाली कर देता था।

उन्होंने बताया कि आरोपी इस वारदात को अंजाम देने के लिए डेबिट कार्ड के साथ-साथ उनका मोबाइल फोन भी चुराता था ताकि पिन चेंज करवाते समय ओटीपी उनके मोबाइल पर आ सके और आरोपी आसानी से डेबिट कार्ड का पिन चेंज कर सके।

प्रभारी अपराध शाखा ने बताया कि आरोपी ने फरीदाबाद एवं गुरुग्राम में इस तरह की और भी वारदातों को अंजाम दिया हुआ है।

उन्होंने बताया कि आरोपी पेशे से इंजीनियर है जोकि ऑनलाइन जुआ खेलता है ऑनलाइन जुआ खेलने के लिए आरोपी ने चोरी की वारदात को अंजाम देना शुरू कर दिया था।

इसी तरह आरोपी ने वारदात को अंजाम देते हुए क्रिकेट ग्राउण्ड सैक्टर 63 मे खेलने गए जितेन्द्र प्रताप के करीबन 80 हजार रूपये धोखाधडी से निकाल लिए थे।

जिसके उपरान्त पीडित जितेन्द्र प्रताप ने इसकी शिकायत पुलिस मे दी जिस पर अभियोग संख्या 136 दिनांक 20.06.2020 धारा 379, 419, 420 भा.द.स. थाना बी.पी.टी.पी. फरीदाबाद मे दर्ज हुआ।

सूत्रों से मिली सूचना एवं तकनीकी सहायता से साईबर टीम ने कडी मेहनत से अपराधी को पकड़ने में सफलता हासिल की है।

गिरफ्तार आरोपी

टिवंकल पुत्र अर्जुन दास निवासी सैक्टर 7 डी, फरीदाबाद, हरियाणा।

पुलिस प्रवक्ता सूबे सिंह ने बताया कि आरोपी से 50,000/- रूप्ये नकद, वारदात मे प्रयुक्त फोन बरामद किया गया है। आरोपी को अदालत में पेश कर जेल भेजा गया है।

फरीदाबाद नहरपार पार्क फ्लोर सोसायटी में हथियारों से लैश होकर पहुंची पुलिस, पढ़ें क्या थी वजह

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फरीदाबाद, 23 जून: दिल्ली में आतंकी हमले के रेड अलर्ट को देखते हुए फरीदाबाद पुलिस भी काफी सतर्क है और कल से अफवाहों का दौर भी चल रहा है। अफवाहों के दौर में आज हथियारों से लैश होकर पुलिस की एक टीम नहरपार सेक्टर 76 पार्क फ्लोर सोसायटी में पहुंची जिसके बाद अफवाहों का बाजार और गर्म हो गया और लोग तरह तरह के मैसेज सोशल मीडिया पर पोस्ट करने लगे। 

जब हमने इस मामले की सच्चाई पता की तो बात कुछ और निकली। रिपोर्ट के अनुसार रेवाड़ी पुलिस और फरीदाबाद स्थानीय क्षेत्रीय पुलिस ने जॉइंट ऑपरेशन के तहत रेड मारी थी, यहाँ पर खूंखार गैंगस्टर पपला गुर्जर के होने की सूचना मिली थी हालाँकि अभी इसकी पुष्टि नहीं हुई है। 

क्यों हुआ अफवाहों का बाजार गर्म 

दरअसल पुलिस टीम बड़े बड़े हथियारों से लैश थी और बुलेट प्रूफ जैकेट भी डाल रखा था, देखते ही देखते सोशल मीडिया पर इनकी फोटो और वीडियो वायरल होने लगी, कुछ लोगों ने कहा कि शायद आतंकी घुस आये हैं और पुलिस उनका एनकाउंटर करने पहुंची है जबकि ऐसा था नहीं। 

यह भी कहा जा रहा है कि इस रेड में एक व्यक्ति को गिरफ्तार भी किया गया है लेकिन पुलिस ने अभी कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। फोटो में सफेद टी-शर्ट और ब्लैक पैंट में एक युवक पुलिस के साथ दिखाई दे रहा है। जल्द ही मामले की पूरी अपडेट दी जाएगी।

दीपक चंदीला पर लखानी चौक पर हमला, हाथ पैरों में फ्रैक्चर

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फरीदाबाद, 23 जून: दीपक चंदीला नामक व्यक्ति पर लखानी चौक पर जानलेवा हमला किया गया जिसमें उनकी जान तो बच गयी लेकिन हाथ पैरों में फ्रैक्चर हो गया। दीपक चंदीला का एक अस्पताल में इलाज चल रहा है और हाथ पैरों में प्लास्टर चढ़ा दिया गया है। 

दीपक चंदीला पर हमले की शिकायत मुजेसर थाने में की गयी है लेकिन अभी तक FIR दर्ज नहीं हुई है, इस मामले में पुलिस क्या कार्यवाही करती है, पाठकों को आगे अपडेट किया जाएगा। 

पीड़ित पक्ष ने बताया कि लखानी चौक पर करीब 8 - 10 लोगों ने दीपक चंदीला पर लोहे की रॉड से हमला कर दिया जिसके बाद दीपक को काफी चोट आयी। हमलावर पक्ष के बारे में जानकारी नहीं मिल सकी है। 

नीमका जेल में युवक ने की ख़ुदकुशी, ग्रामीण हुए फरीदाबाद पुलिस से नाराज, किया पथराव, पढ़ें मामला

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फरीदाबाद, 18 जून: फरीदाबाद पुलिस का रूप पिछले कुछ हप्तों से बदला हुआ है, जिसे जेल में रहना चाहिए उसे जेल से निकाला जा रहा है और जिसे जेल से बाहर रहना चाहिए, और जो लोग समाज की सेवा करते हैं और जिनका कोई आपराधिक इतिहास नहीं है, उन्हें जेल में बंद किया जा रहा है। 

शाहजहांपुर निवासी सोनू को 14 जून को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस के प्रेस नोट के अनुसार सोनू ने दो गाँवों के झगडे में कार्यवाही करने पहुंची पुलिस टीम पर हमला किया था हालाँकि पुलिस ने अभी मीडिया को इसकी विस्तृत जानकारी नहीं दी है। पुलिस प्रवक्ता का कहना है कि पुलिस ने इसी वजह से सोनू को गिरफ्तार किया।

सोनू को पुलिस ने गिरफ्तार करके कोर्ट में पेश किया, उसका कोरोना टेस्ट कराकर उसे नीमका जेल में बंद कर दिया गया। अभी तक यह नहीं पता चल पाया है कि क्या सोनू का कोई आपराधिक इतिहास था जिसकी वजह से पुलिस ने उसे जेल में बंद करने लायक समझा क्योंकि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अपराधियों को भी कोरोना की वजह से जेल से जमानत मिली है और वे बाहर खुलेआम घूम रहे हैं। 

सोनू की रिपोर्ट आयी पॉजिटिव, की ख़ुदकुशी  

पुलिस का कहना है कि सोनू की कोरोना रिपोर्ट 17 जून को पॉजिटिव आयी है, आज उसने ख़ुदकुशी कर ली है। जाहिर है कि पुलिस यह कहना चाहती है कि कोरोना की पॉजिटिव रिपोर्ट की वजह से सोनू ने ख़ुदकुशी की होगी। वैसे आजकल फरीदाबाद पुलिस ही जज बनकर फैसला सुनाने लगी है। 

यह भी हो सकता है कि सोनू बेगुनाह रहा है, यह भी हो सकता है कि सोनू ने यह सोचकर  ख़ुदकुखी की हो कि उसे बेगुनाह होते हुए भी जेल में बंद किया गया। मतलब कुछ भी हो सकता है लेकिन जांच होने के बाद ही पता चल पाएगा कि सोनू ने ख़ुदकुशी क्यों की होगी। 

गांव वालों ने पुलिस टीम पर किया पथराव

पुलिस का कहना है कि सोनू की मौत की सूचना पाकर ग्रामीणों ने जेल के बाहर रोड जाम किया और चौकी के मुलाजिमों पर पथराव किया जिसमें से कुछ जवानो को चोटें आई हैं।

इस केस में जुडिशल मजिस्ट्रेट द्वारा कानूनी कार्रवाई की जा रही है. डेड बॉडी को बीके हॉस्पिटल में रखवाया गया जिसका कल जुडिशल मजिस्ट्रेट की निगरानी में पोस्टमार्टम होगा। 

कैंडी बाबा की पुलिस रिमांड 10 दिन और बढ़ी

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Faridabad, 16 June: जैसा की विधित है क्राइम ब्रांच सेक्टर 30 प्रभारी सुरेन्द्र की टीम ने कैंडी बाबा को गिरफ्तार कर 10 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया था।

कैंडी बाबा के खिलाफ फरीदाबाद के अलावा कैथल, अंबाला, करनाल एवं पजांब सहित करीबन दर्जनों मामले दर्ज हैं। कैन्डी बाबा लोगों को सस्ता सोना दिलाने के नाम पर ठगी करता था।

शुरुआत में सुनार से सोना खरीद कर, लोगों  को अपने जाल मे फसाने के लिय मार्केट से कम रेट पर अपने शिकार को सोना देता था। इस प्रकार शातिर ठग उन्हें सस्ता सोना देकर लुभाता था, जिससे उनका विश्वास जीत सके। जब उनका विश्वास जीत लेता था तब उनको और सोना देने के एवज में एडवांस में पैसे लेता था,और अपने ठिकाने बदल कर धोखाधड़ी करता ।

आरोपी का आज 10 दिन का रिमांड खत्म होने के बाद उसे कोर्ट में पेश कर 3 दिन का ओर पुलिस रिमांड मांगा गया था जिसको कोर्ट ने मंजूर कर दिया है।

पुलिस प्रवक्ता सुबे सिंह ने बताया कि 10 दिन के पुलिस रिमांड के दौरान आरोपी से करीबन ₹7 लाख की बरामदगी की गई है वहीं रिमाण्ड के दौरान और भी बरामदगी की जाएगी। 

कौन है कैंडी बाबा?

47 वर्षीय दसवीं पास राजेश उर्फ कैंडी बाबा निवासी मनाना, समालखा पानीपत का रहने वाला है जो करीब पिछले 18 साल से अंबाला में रह रहा था और शाहाबाद में एक डेरा चलाता था।

जहां पर लोगों को अलग अलग तरीके से अपने झांसे में देखकर बेवकूफ को बनाता था, झाडां लगता था, भूत भगाता था,, साथ ही विश्वास मे आये लोगो को अलग अलग शहर मे  झांसे में लेकर एक बार सस्ता सोना देकर दूसरी बार पैसे एडवांस में लेकर लोगों से ठगी करता था। जो अभी तक करोड़ों की ठगी कर चुका था 

फरीदाबाद के सेक्टर 17 निवासी के साथ भी इसी तरह सस्ता सोना देकर, दूसरी बार एक करोड़ 40 लाख रुपए लेकर ठगी की थी।

मुस्तफाबाद पलवल में जमीन कब्जाने के लिए सपेरा समाज के गरीब व्यक्ति का घर फूंका, महिलाओं को पीटा

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पलवल, 7 जून: पलवल जिले के मुस्तफाबाद उर्फ़ खटका तहसील में सपेरा समुदाय के एक गरीब परिवार का मकान कुछ दबंगों ने जला दिया, जिसकी वजह से गरीब परिवार काफी दुखी है। इस परिवार की तरफ से चांदहट थाने में शिकायत दी गयी है। 

शिकायतकर्ता धर्मवती - पत्नी धर्मवीर ने कहा - मैं निहायत की गरीब औरत हूँ, सपेरा  जाति से सम्बन्ध रखती हूँ, गाँव में मकान बनाकर अपने परिवार के साथ रहती हूँ, मेरा पति खाने कमाने के लिए बाहर गया हुआ था। दिनांक 4 जून 2020 को समय करीब 10.30 बजे मैं अपने घर पर थी तो इसी दौरान दोषी लोग आकर मुझे गन्दी गन्दी गालियां देने लगे और कहने लगे कि - यह जमीन हमारी है, इसको जल्दी खाली करो, जब मैं दोषी लोगों को ऐसा ना कहने के लिए कहा-सूनी की तो दोषी लोगों ने हमारे साथ मारपीट की और हमारे घर को जला दिया। इस मारपीट में हमारे पक्ष की तीन महिलाओं को चोट आयी। 

घर में आग लगाए जाने की वजह से उसमें रखा 10 मन अनाज, कपडे लाती सब जल गए। दोषी लोगों ने हमें जान से मारने की धमकी दी और कहा कि हम तुम्हें यहाँ से भगाकर ही दम लेंगे। 

इसके बाद पीड़ित गरीब लोग चांदहट थाने में पहुंचे, पुलिस ने उन्हें मेडिकल करने को कहा तो घायल लोगों ने पलवल अस्पताल में मेडिकल करवाया। 

पीड़ित लोगों का कहना है कि दोषी लोग काफी झगड़ालू किस्म के हैं, ये लोग जबरदस्ती हमारी जमीन कब्जाना चाहते हैं, ये लोग हमारी जमीन की लालच में कोई घटना कर सकते हैं। घर जलने से हमारे पास खाने के लिए अनाज नहीं बचा है, दोषी लोगों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही की जाय। अगर हमारे साथ कोई घटना घटती है तो इसके जिम्मेदार दोषी लोग होंगे। 

गरीबों की आवाज पत्रकार पुष्पेंद्र राजपूत 26 दिन से फर्जी मुक़दमे में जेल में बंद, पढ़ें क्यों

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फरीदाबाद, 6 जून: हरियाणा अब तक ब्लॉग के चीफ पत्रकार पुष्पेंद्र राजपूत पिछले 15 वर्षों से अपने ब्लॉग के जरिये गरीबों, मजदूरों और मजबूरों की आवाज उठाते रहे हैं। पुराने पत्रकार होने की वजह से जरूरत पड़ने पर गरीब, मजदूर, मजबूर और असहाय लोग उनसे संपर्क करते हैं और पत्रकार पुष्पेंद्र राजपूत गरीबों की आवाज बनकर सरकार तक उनकी बात पहुंचाते हैं और उनकी मदद करते हैं।

वही पत्रकार पुष्पेंद्र राजपूत पिछले 26 दिनों से जेल में बंद हैं, कानून के रखवालों ने एक फ्रॉड उद्योगपति के इशारे पर उन्हें एक जगह से किडनैप किया और उन्हें एक स्थान पर कैद करके उनपर रिश्वत लेने के फर्जी आरोप, उनपर रंगदारी मांगने के फर्जी आरोप, अवैध वसूली और ब्लैकमेलिंग के फर्जी आरोप, और उद्योगपति को जान से मारने की धमकी देने के फर्जी आरोप भी लगा दिए।

पत्रकार पुष्पेंद्र राजपूत को गिरफ्तार करने में कानून के रखवालों ने इतनी जल्दबाजी की जैसे वह पत्रकार नहीं कोई बहुत बड़े गैंगस्टर हों, उद्योगपति ने अन्य साजिशकर्ताओं के साथ मिलकर FIR पहले ही लिखवा ली थी, उन्हें किडनैप करके पहले से लिखी हुई FIR ऑनलाइन अपलोड कर दी गयी, कानून के रखवाले प्रवक्ता ने फटाफट प्रेस नोट जारी करके उन्हें बहुत बड़ा अपराधी बताना शुरू कर दिया, यह सब सिर्फ दो  घंटे के अंदर किया गया। कानून के रखवालों ने लॉक डाउन का फायदा उठाते हुए पत्रकार की आवाज बंद करने के उद्देश्य से यह निंदनीय कार्य किया है लेकिन कोर्ट का आधा काम बंद होने की वजह से पत्रकार को बेल नहीं मिल रही है।

पुष्पेंद्र को फर्जी मुक़दमे में क्यों फंसाया गया, साजिश क्यों रची गयी

दरअसल पुष्पेंद्र राजपूत ने जिस कंपनी के खिलाफ आवाज उठायी थी उसे शहर की सबसे बड़ी फ्रॉड और 420 कंपनी कहा जाता है, वह अपने पार्टनर को भी फर्जी मुक़दमे में फंसा चुका है। साजिश रचकर निर्दोषों को फंसाना उसका पुराना पेशा है।

इस कंपनी में काम करने वाले सैकड़ों मजदूरों को बिना नोटिस दिए निकाल दिया गया। यह कानूनन जुर्म है लेकिन कंपनी ने यह जुर्म किया, क्योंकि कंपनी की ऊंची पहुँच के चलते उसके खिलाफ आवाज उठाने की कोई भी मजदूर हिम्मत नहीं करता, अगर कोई मजदूर आवाज उठाता भी है तो उसकी जूतों से पिटाई होती है।

कंपनी ने मजदूरों और अन्य कर्मचारियों को बिना कोई हिसाब दिए सिर्फ एक - दो चेक थमा दिए गए, जिनका लाखों का हिसाब बनता था उसे सिर्फ कुछ हजार रुपये के चेक दिए गए, ना बोनस दिया गया, ना सैलरी दी गयी, ना PF जमा किया गया, ना अन्य लाभ दिए गए।

जब मजदूरों और कर्मचारियों ने वह चेक बैंक में डाले तो चेक बाउंस हो गए और मजदूरों के अकाउंट से पेनाल्टी के रूप में कुछ रुपये कट गए, मतलब मजदूरों के खाते में जो पैसे थे चेक बाउंस होने की वजह से वह भी कट गए।

चेक बाउंस होने से मजदूरों को काफी दुःख हुआ, उनके पैरों तले जमीन खिसक गयी क्योंकि लॉक डाउन में उन्हें इन्हीं पैसों का सहारा था। इसीलिए मजदूरों ने पत्रकार पुष्पेंद्र राजपूत से संपर्क किया और खबर दिखाकर उनकी आवाज प्रशासन तक पहुंचाने की अपील की।

पुष्पेंद्र राजपूत ने खबर लगाई तो उद्योगपति ने कई लोगों से फोन करवाकर यह कहकर खबर हटवा दी कि वह मजदूरों को पैसे दे देंगे।

जब दो दिन में मजदूरों को पैसे नहीं मिले तो पुष्पेंद्र राजपूत समझ गए कि उनसे झूठ बोला गया है और मजदूरों को धोखा दिया गया है। यही सोचकर उन्होंने खबर दोबारा 6 जून को लगा दी।

उसके बाद उद्योगपति के बेटे ने पत्रकार को साजिश में फंसाने का प्लान बनाया और एक प्रोफेशनल साजिशकर्ता को हायर करके पुलिस के साथ मिलीभगत कर ली।

उसके बाद उद्योगपति के बेटे ने पुष्पेंद्र राजपूत को यह कहकर मिलने के लिए बुलाया कि आओ आपको चाय पिलाएंगे और मजदूरों को पैसे दे दिए हैं इसका सबूत भी दिखाएंगे।

यह सोचकर पुष्पेंद्र राजपूत उससे मिलने चले गए लेकिन पहले से तय प्लान के अनुसार पुष्पेंद्र और उनके रिश्तेदार लाल सिंह को ESI चौक से किडनैप कर लिया गया और उन्हें सेक्टर 12 खेल परिसर के पास लाकर जबरदस्ती उनकी जेब में एक लिफाफा डालकर उन्हें रंदगारी के आरोप में फंसा दिया गया। साजिशकर्ताओं के पास ना तो सबूत हैं और ना ही गवाह हैं और ना ही कोई वीडियो प्रूफ है।

इसके बाद उन्हें सेंट्रल थाने में कैद करके FIR दर्ज करके हवालात में डाल दिया गया। साजिशकर्ताओं के जुल्म की इंतहा यही नहीं रुकी, पुष्पेंद्र राजपूत को रिमांड में लेकर उनका लैपटॉप ले लिया गया और रात में उन्हें थर्ड डिग्री टॉर्चर करके उनसे कोरे कागज़ पर साइन करवाए गए ताकि फर्जी आरोपों को साबित किया जा सके, इसके बाद उन्हें जान से मारने की धमकी देकर उनके रिश्तेदार को उनके घर पर ले गए और घर से उनकी पत्नी द्वारा ट्यूशन पढ़ाकर जोड़े गए 40 हजार रुपये को जबरदस्ती छीन लिया गया और उसे रिकवरी दिखा दिया गया।

मतलब साजिशकर्ताओं ने उन्हें फर्जी मुकदमें में फंसाने के लिए अपनी पूरी ताकत लगा दी है लेकिन इन्हें यह नहीं पता कि चालाक से चालाक साजिशकर्ता भी गुनाह करते वक्त कोई ना कोई गलती कर ही बैठता है। इनकी साजिश का कोर्ट में पर्दाफाश होगा और साजिशकर्ताओं को उनके गुनाहों की सजा मिलेगी। भगवान के घर में देर है लेकिन अंधेर नहीं है। निर्दोष को फर्जी मुक़दमे में फँसान इन्हें मंहगा पड़ेगा। 

महिला ने अपने प्रेमी और उसके दोस्तों के साथ मिलकर पति को मरवा दिया, तीनों गए जेल

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फरीदाबाद 5 जून: दिनांक 2 जून 2020 को थाना धौज पुलिस को सूचना मिली कि नेकपुर गांव गड्ढा कॉलोनी में एक लखन नाम के व्यक्ति की मृत्यु हो गई है।*

*सूचना के आधार पर थाना प्रबंधक धौज कर्मवीर ने अपनी टीम सहित मौके पर पहुंचकर नाश को अपने कब्जे में लेकर कानुनी कार्रवाई हेतु बीके अस्पताल भेजा गया था।*

*मृतक लखन के भाई ओमप्रकाश पुत्र लल्लू राम की शिकायत पर थाना धोज में हत्या का मुकदमा किया गया था।*

*शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि उसका भाई की उम्र 36 वर्ष थी जोकि पिछले 10 साल से ट्रक ड्राइवर का काम करता था।* 

*मृतक लखन शराब पीता था और अक्सर शराब पीकर अपनी पत्नी मधु के साथ झगड़ा भी करता था।*

*थाना धौज पुलिस ने शिकायतकर्ता के बयान दर्ज कर तफ्तीश शुरू की।*

*तफ्तीश में लखन के घर पर आने जाने वाले सभी लोगों का पता किया गया।*

*दौराने तफ्तीश पता चला कि मृतक लखन ने बच्चों की देखरेख के लिए विनोद नाम के एक व्यक्ति को घर पर छोड़ा हुआ था।*

*मृतक लखन नेकपुर गांव गड्ढा कॉलोनी से पहले मलेरणा रोड बल्लभगढ़ एवं सेक्टर 3 बल्लभगढ़ में भी किराए के मकान पर रहता था*।

*उस दौरान मृतक की पत्नी मधु की मुलाकात आशु नाम के एक शख्स से हुई जोकि कपड़ों पर फरी लगाने का काम करता था।*

*मधु एवं आशु के बीच मे गहरी दोस्ती हो गई थी जिसके चलते मधु मृतक लखन के घर से जाने के बाद आशु को अपना पति बना कर घर में रखती थी।*

*लाक डाउन होने की वजह से मृतक लखन ट्रक ड्राइवर की नौकरी पर नहीं जा पाया था।*

*जिसके चलते मृतक लखन की पत्नी मधु और आशु एक दूसरे से मिल नहीं पा रहे थे।*

*जिस पर आशु, मृतक की पत्नी मधु,और घर में बच्चों की देखभाल करने वाले विनोद निसके साथ मधु के अच्छे संबंध थे, तीनो ने लखन को रास्ते से हटाने की योजना बनाई।*

*योजना के तहत मधु ने अपने पति को ज्यादा शराब पिला दी जिससे कि वह बेहोश हो गया था और अपने फ्रेंड आशु के साथ और घर की देख रेख करने वाला विनोद  के साथ मिलकर लखन के गले में रस्सी डालकर हत्या कर दी।*

*लोगों को यह दिखाया कि लखन ने ज्यादा शराब पी ली थी जिससे उसकी रात को हालत खराब हो गई और वह मर गया।*

थाना धौज पुलिस ने अपनी टीम गठित कर वारदात में शामिल तीनों आरोपियों को गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल की है।

गिरफ्तार आरोपी

1. मधु  पत्नी लखन निवासी गांव डाबरा बरसाना जिला मथुरा यूपी हाल निवासी नेकपुर गांव गड्ढा कॉलोनी फरीदाबाद।

2. आशु पुत्र धीर सिंह गणेशपुरी मुजफ्फरनगर यूपी।

3. विनोद पुत्र घनश्याम निवासी दीदारगंज जिला आजमगढ़ यूपी।

*पुलिस प्रवक्ता सूबे सिंह ने बताया कि आरोपी आशु से वारदात में प्रयोग की गई चुन्नी एवं आरोपी विनोद से कुत्ते के गले में डालने वाला पट्टा/रस्सी बरामद कर, तीनों आरोपियों को आज अदालत में पेश कर जेल भेजा गया।

बदमाश जग्गा को पुलिस ने दबोचा, पढ़ें दो राज्यों में क्यों रखा गया था इसपर ईनाम

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फरीदाबाद, 5 जून: क्राइम ब्रांच ने पुलिस आयुक्त के दिशा निर्देश पर डीसीपी क्राइम के नेतृत्व में अपराध व अपराधियों पर अंकुश लगाने के चलते 2 राज्यों के इनामी बदमाश को हथियार सहित दबोचने में कामयाबी हासिल की है।

गिरफ्तार आरोपी

जगराम उर्फ जग्गा पुत्र रमेश निवासी गांव खामी थाना हाईवे जिला मथुरा उत्तर प्रदेश।

प्रभारी अपराध शाखा ने बताया कि अपराध शाखा द्वारा गशत व काइम पड़ताल तिगांव गाँव मे मौजूद थे की सूत्रों के हवाले से सूचना प्राप्त हुई कि एक व्यक्ति जगराम उर्फ़ जग्गा पुत्र रमेश निवासी गाँव खामी थाना हाइवे ज़िला मथुरा UP का रहने वाला है।

और जोकि राजस्थान व UP  राज्य से ईनामी बदमाश हैं जिसके ऊपर राजस्थान राज्य में 5000/- व Up में 15000/- का ईनाम घोषित है। जिसके पास अवैध हथियार है और किसी वारदात को अंजाम देने के लिए बललवगढ से तिगाव जाएगा।

जिस पर क्राइम ब्रांच ने एक टीम का गठन किया जिसमें क्राइम ब्रांच की टीम द्वारा नाका बंदी शुरु की गई, दौराने नाका बंदी एक व्यक्ति जगराम @ जग्गा उपरोक्त को काबु किया गया।

आरोपी को काबू कर उसके खिलाफ थाना तिगांव में मुक़दमा नंबर 90, दिनांक  03/06/20 धारा 25/54/59 A.Act के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

आरोपी से पूछताछ करने पर पाया गया की दो राज्य से राजस्थान व  UP का इनामी बदमाश मोस्ट वांटेड अपराधी पाया गया आरोपी के खिलाफ हत्या लूट डकैती व चोरी जैसे संगीन अपराधो के राजस्थान राज्य में 23 मुकदमें, उत्तर प्रदेश राज्य में 27 मुकदमे एवं फरीदाबाद जिले में 6 मुकदमें दर्ज पाए गए है।

आरोपी पर उत्तर प्रदेश में 15000/-का ईनाम घोषित है इसी प्रकार राजस्थान राज्य मे भी आरोपी पर 5000/-का ईनाम घोषित है तथा इसके खिलाफ हत्या लूट डकैती एवं अन्य के कई मुकदमे दर्ज है।

जो आरोपी अब तक राजस्थान राज्य व Up  राज्य मे गिरफतार नहीं हुआ है इससे पूर्व मे आरोपी जगराम @ जग्गा को जिला फरीदाबाद में चोरी व A. Act  के तहत कुल 6 मुकदमो में भी गिरफतार किया जा चुका है।

पूछताछ पर आरोपी ने बताया कि जिला फरीदाबाद में कई चोरी की वारदात बारे इंसाफ किया है जिस पर नियम अनुसार कार्यवाही अमल में लाई जा रही हैं

पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि आरोपी से एक देशी कट्टा व पांच जिन्दा राउंड  व एक मोटर साईकिल बरामद हुई हैं, जिसको आज दिनांक  04/06/20 को पेश अदालत करके 2 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। रिमांड के दौरान आरोपी से अन्य वारदातों के बारे में पूछताछ की जाएगी।

आरोपी जग्गा की गिरफ्तारी के संबंध में राजस्थान पुलिस एवं उत्तर प्रदेश पुलिस को सूचना दी जा चुकी है।

मछली मार्केट में धांय धांय करके, मछली व्यापारी पर हमला करने वाले मामले में 2 आरोपी पकडे गए

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फरीदाबाद, 5 जून: इसी हप्ते सेक्टर 22 मछली मार्किट में कुछ हमलावरों ने हवाई फायरिंग की थी और एक मछली व्यापारी को घायल कर दिया था, हवाई फायरिंग करते और हमला करते हुए CCTV वीडियो भी जारी हुआ था। पुलिस ने इस मामले में मास्टरमाइंड लाला एवं हमले में शामिल मुख्य आरोपी रोहित को गिरफ्तार किया है। 

दिनांक 1 जून 2020 को स्कॉर्पियो में सवार होकर आए कुछ बदमाशों ने मुजेसर एरिया में मछली का काम करने वाले एक व्यापारी पर लाठी-डंडों से हमला कर उसको घायल कर फरार हो गए थे, कुछ आरोपियों ने हवाई फायरिंग भी की थी हालाँकि पुलिस ने इसका जिक्र नहीं किया है। 

मामले की गंभीरता को देखते हुए केके पुलिस आयुक्त महोदय ने डीसीपी क्राइम को निर्देश देते हुए  इस वारदात में शामिल अपराधियों की धरपकड़ के लिए क्राइम ब्रांच को सौंपा गया था।

एसीपी क्राईम के मार्गदर्शन  में  क्राइम ब्रांच सेक्टर 48 प्रभारी ने एक टीम गठित की और दो आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की।

एसीपी क्राइम ने बताया कि उपरोक्त वारदात को अंजाम देने के लिए प्लानिंग आरोपी लाला ने की थी। आरोपी लाला पहले भी क्राइम ब्रांच फरीदाबाद द्वारा गिरफ्तार किया जा चुका है। आरोपी लाला एवं पीड़ित मछली व्यापारी अंसार का आपस में किसी प्रॉपर्टी को लेकर झगड़ा चल रहा था।

मुख्य आरोपी लाला ने वारदात को अंजाम देने के लिए बुलाया था, जो सभी आरोपी खेड़ी गांव, फरीदपुर गांव, पलवल इत्यादि आसपास के हैं। सभी आरोपियों की पहचान की जा चुकी है।

वारदात के मास्टरमाइंड लाला एवं उसके मुख्य सहयोगी रोहित को गिरफ्तार किया जा चुका है। एसपी क्राइम ने बताया कि वारदात के मास्टरमाइंड आरोपी लाला को अलीगढ़ यूपी एवं आरोपी रोहित को पलवल से गिरफ्तार किया है।

प्रवक्ता ने बताया कि दोनों आरोपियों को  माननीय अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड लिया जाएगा पुलिस रिमांड के दौरान आना आरोपियों के पते ठिकाने के बारे में पता किया जाएगा।

अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए फरीदाबाद क्राइम ब्रांच सेक्टर 48 द्वारा लगातार छापेमारी की जा रही है जिनको जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।

तिगांव फायरिंग केस में अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं, 19 मई को हुई थी वारदात

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फरीदाबाद, 5 जून: पिछले महीनें 19 मई 2020 को तिगांव में फायरिंग की वारदात हुई थी, एक युवक के हाथ में गोली भी लगी थी, कई लोगों को जान से मारने की धमकी दी गयी थी, पुलिस ने 20 मई 2020 को IPC 148, 149, 307, 452, 506, आर्म्स एक्ट 25, 54, 59 के तहत मुकदमा नंबर 82 तो दर्ज कर लिया लेकिन अभी तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो पायी है। 

FIR में दी गयी सूचना के अनुसार - मै राकेश पुत्र वासुदेव निवासी कन्नड वाला मंदिर के सामने गांव तिगांव का स्थाई निवासी हूँ, कपिल S/O राजवीर, दिनेश पुत्र तेजपाल निवासी गांव तिगांव से हमारा पुराना पारीवारिक रनजिस थी जो इसी बात पर रात 12 बजे कपिल ,दिनेश निवासी गांव तिगांव व ज्ञान का लडका निवासी गांव भैंसरावली हमारे घर पर आये और गेट बजाया और मेरे पापा ने दरवाजा खोला और सौर सुनकर मै भी जाग गया जो गेट खुलते ही कपिल ने अपने हाथ मे लिया हुआ पिस्टल से सीधा फायर मेरे ऊपर किया मै तो बच गया और गोली सीधे दीवार पर लगी जो दिनेश ने मेरे पापा कि छाती पर पिस्टल रख दी और ज्ञान के लडके ने अपने हाथ मे ली हुई पिस्टल मेरे भाई कपिल पुत्र वासुदेव को सीधी गोली से लगी, कपिल के बाजू मे तेजपाल पुत्र मामचन्द्र , बहादर, लालचन्द्र,निहादर, नरेन्द्र पुत्र बहादर , कपिल पुत्र राजबीर सभी गांव निवासी तिगांव कह रहे थे कि अगर तेजपाल से भिडोगो तो सभी का यही हाल होगा सभी को जान से मार दिया जायेगा जनाब से अर्ज है कि उपरोक्त व्यक्ति और अन्य व्यक्तियो के खिलाफ कानूनी कार्यवाही करके मेरे परिवार के न्याय दिलाया जाये और मेरे परिवार की सुरक्षा कि जाए प्रार्थी।

पीड़ित परिवार ने बताया कि आरोपी अभी भी खुलेआम घूम रहे हैं और उनके परिवार को डरा धमका रहे हैं और मुकदमा वापस लेने की धमकी दे रहे हैं। पीड़ित परिवार ने पुलिस ने जल्द कार्यवाही की मांग की है। 

सावधान रहें, सड़क पर घूमने लगे हैं लुटेरे, सेक्टर तीन में मदर डेरी बूथ को लूट लिया, पढ़ें कैसे

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फरीदाबाद, 5 जून: शहर की जनता और व्यवसाइयों को अब सावधान रहने की जरूरत है क्योंकि रोड पर लुटेरे घूमने लगे हैं और लूट पाट की घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। लुटेरों में पुलिस प्रशासन का कोई भय नहीं है इसलिए खुद सावधान रहना ही बेहतर है। 

4 जून को सेक्टर 3 में एक मदर डेरी पर लूट पाट की वारदात को अंजाम दिया गया। सेक्टर 3 में आर्मी के पूर्व सूबेदार सुरेंद्र सिंह मदर डेयरी चलाते हैं। उन्होंने बताया कि वीरवार 4 जून की सुबह मदर डेयरी पर दो युवक मोटरसाईकिल पर आए और आधी किलो देसी घी मांगा। युवकों द्वारा घी मांगने पर सूबेदार सुरेंद्र सिंह डेयरी के अंदर घी लेने गए, तभी दोनों में से एक युवक ने रुपयों से भरा गल्ला उठाया और देखते ही देखते भाग लिए। 

सूबेदार सिंह ने बताया कि गल्ले मे लगभग 25000 रुपए की रकम थी। सुबह दो तीन घंटे का सारा कलेक्शन इस बॉक्स में था और इसी समय दूध की अधिक विक्री होती है. 

सूबेदार सिंह ने बताया कि लूट की वारदात के बाद उन्होंने शोर मचाते हुए लुटेरों का पीछा किया, वह एक बाइक पर बैठकर काफी दूर तक लुटेरों के पीछे गए लेकिन बाइक का पेट्रोल ख़त्म हो गया, उसके बाद उन्होंने दूसरी बाइक पर लिफ्ट मांगकर लुटेरों का पीछा करना चाहा लेकिन तब तक लुटेरे उनकी आँखों के सामने से ओझल हो चुके थे। 

इस मामले में पुलिस ने कार्यवाही शुरू कर दी है लेकिन अभी तक पुलिस के हाथ खाली है। सूबेदार सिंह इस लूट की घटना से डरे हुए हैं। अन्य दुकानदारों में भी डर का माहौल है। 

पलवल CIA ने गोली मारने के तीन वांटेड आरोपियों को दबोचा, 20-20 हजार का घोषित था ईनाम

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पलवल। अपराध जांच शाखा पुलिस ने तीन वांछित आरोपियों को गिरफ्तार किया हैं। दो आरोपियों पर 20-20 हजार का ईनाम भी घोषित था। तीनों आरोपियों ने दर्जनभर से अधिक संगीन वारदातों को अंजाम दे रखा है। पुलिस ने गहन पूछताछ के लिए आरोपियों को अदालत में पेश कर दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया हुआ है।

पलवल जिला पुलिस अधीक्षक दीपक गहलावत ने बताया कि सीआईए इंचार्ज अशोक कुमार को मुखबिर खास से सूचना प्राप्त हुई कि गांव किठवाड़ी निवासी संजय को गोली मारने वाले तीनों आरोपी किठवाड़ी पुल के पास मौजूद है। सूचना मिलते मौके पर दबिश दी गई और तीनों आरोपियों को काबू कर लिया गया। 

पूछताछ में आरोपियों ने अपना नाम सुनील, लोकेश निवासी गांव किठवाड़ी व अर्जुन निवासी गांव चांदहट बताया। गहन पूछताछ सुनील ने बताया कि उसकी गांव संजय व उसके परिवार से पुरानी रंजिश चली आ रही है। जिसको लेकर उसने लोकेश व अर्जुन के साथ 21 मई की रात को जान से मारने की नियत से संजय को गोली मार दी थी और मौके से फरार हो गए थे। 

इस संबंध में चांदहट थाना पुलिस ने संजय के भाई डिंगबर की शिकायत पर मामला दर्ज किया था। आरोपी सुनील के खिलाफ लूट, जानलेवा हमला करने, चोरी व मारपीट जैसे संगीन 9 व लोकेश के खिलाफ 6 मामले दर्ज है और इन पर 20-20 हजार का ईनाम भी घोषित है। 

आरोपियों को गहन पूछताछ के लिए अदालत में पेश कर दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। रिमांड के दौरान आरोपियों कुछ और वारदातों को खुलासा होने की संभावना है।

घोर कलयुग: वेतन ना मिलने से हताश मजदूरों की आवाज बने पत्रकार को फरीदाबाद पुलिस ने जेल में ठूंसा

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फरीदाबाद, 20 मई: वैसे तो लोग कहते ही हैं कि ये कलयुग चल रहा है, इसमें कुछ भी हो सकता है, सच्चे को झूठा साबित किया जा सकता है और झूठे को सच साबित किया जा सकता है, यही नहीं कलयुग में पुलिस चाहे तो पत्रकारों को गैंगस्टर और खूंखार अपराधी बता सकती है, यही नहीं पत्रकारों को आतंकवादियों जैसे टॉर्चर कर सकती है, कम से कम फरीदाबाद में तो यही हुआ है, जहाँ Friends Auto India Limited Company द्वारा  वेतन ना मिलने से हताश मजदूरों की आवाज बने एक पत्रकार को साजिश के तहत उद्योगपति, उसके साथियों और पुलिस ने मिलकर फर्जी केस में खतरनाक तरीके से फंसा दिया, यही नहीं पत्रकार को रिमांड में लेकर आतंकवादियों जैसी यातनाएं दी गयीं, उसकी आँखों में मिर्ची झोंकी गयी, उलटा लटककर पानी में डुबोया गया, फेफड़े में विषैला पानी डालने की बात कही गयी, पत्रकार को जान से मारने की धमकी देकर कोरे कागज़ पर सिग्नेचर करवा लिए गए ताकि उसे और भी फर्जी तरीके से फंसाया जा सके। मतलब कलयुगी पुलिस ने पत्रकार को कलयुगी तरीके से फंसा दिया गया। गौरतलब बात ये है कि पत्रकार पिछले 18 वर्षों से फरीदाबाद में पत्रकारी कर रहा है, आज तक किसी ने भी अवैध वसूली या ब्लैकमेलिंग के आरोप नहीं लगाए लेकिन कलयुगी फरीदाबाद पुलिस ने निर्दोष पत्रकार पर IPC 384, 385, 386, 506, 34 जैसी खतरनाक धाराएं लगा दी, इसमें से धारा 386 खूंखार गैंगस्टर जो जान से मानने की धमकी देकर फिरौती मांगते हैं, उनपर लगाई जाती है लेकिन कलयुगी फरीदाबाद पुलिस ने यह धारा निर्दोष पत्रकार पर लगा दी ताकि निर्दोष पत्रकार लम्बे समय तक जेल में सड़े।

क्या है पुष्पेंद्र को फंसाने की साजिश

फरीदाबाद में Friends Auto India Limited कंपनी ने सैकड़ों मजदूरों को लॉक डाउन से पहले निकाल दिया, उन्हें वेतन भी नहीं दिया और हिसाब के नाम पर सभी मजदूरों को कुछ चेक थमा दिए गए जिसे बैंक में डालने के बाद सभी मजदूरों के चेक बाउंस हो गए और मजदूरों के खाते से चेक बाउंस की पेनाल्टी के रूप में उनकी जमा-पूँजी भी काट ली गयी।

लॉकडाउन के दौरान वेतन ना मिलने और चेक बाउंस होने से हताश और परेशान सैकड़ों मजदूरों में से कुछ ने फरीदाबाद के haryanaabtak.com न्यूज़ पोर्टल के पत्रकार पुष्पेंद्र राजपूत से संपर्क किया और उनसे अपने पोर्टल के जरिये मजदूरों की आवाज उठाकर हरियाणा सरकार तक पहुंचाने की अपील की ताकि लॉकडाउन के दौरान उन्हें वेतन मिल सके और उनके परिवार का गुजारा हो सके।

पुष्पेंद्र सिंह राजपूत ने यह खबर चलाई तो Friends Auto India Limited ने स्थानीय रसूखदार लोगों से पुष्पेंद्र राजपूत पर खबर हटाने का दबाव बनाया। इस शर्त पर कि Friends Auto India Limited कंपनी का मालिक सरबजीत चावला मजदूरों को एक दो दिन में पेमेंट दे देगा, पुष्पेंद्र राजपूत ने 4 मई को खबर हटा ली, लेकिन दो दिन बाद भी सरबजीत चावला ने मजदूरों को वेतन नहीं दिया और ना ही कोई अन्य आर्थिक मदद की तो, पुष्पेंद्र राजपूत ने मजदूरों की परेशानी देखते हुए फिर से 6 मई को अपने पोर्टल पर खबर लगा दी।

उसके बाद ऊंची पहुँच रखने वाले Friends Auto India Limited कंपनी के डायरेक्टर सरबजीत चावला ने पुलिस अधिकारियों से मिलीभगत करके पुष्पेंद्र राजपूत को राजिश के तहत फंसाने की चाल चली, पुलिस से मिलकर पुष्पेंद्र राजपूत को फंसाने का जाल बना गया, उसके बाद 9 मई को मजदूरों की मदद का सबूत दिखाने के बहाने कंपनी मालिक सरबजीत चावला ने पुष्पेंद्र राजपूत को फरीदाबाद में सेक्टर 12 में बुलाया, पुलिस भी सादे भेष में सरबजीत चावला के साथ थी, पुष्पेंद्र को सरबजीत चावला ने अपनी गाडी में बिठाया और पुलिस ने उनकी जेब में लिफाफा देकर रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया ताकि उन्हें ब्लैकमेलर साबित किया जा सके।

पहले से बनाये गए प्लान के अनुआर पुलिस कार्यवाही में इतनी जल्दबाजी की गयी कि पुष्पेंद्र राजपूत और उन्हें साथ बाइक पर घटनास्थल पर गए लाल सिंह के खिलाफ तत्काल IPC की धारा 384, 385, 386, 506, 34 के तहत फर्जी मुकदमा (FIR No 0248) दर्ज कर लिया गया, पुलिस कमिश्नर प्रवक्ता ने तुरंत प्रेस नोट जारी करके उन्हें ब्लैकमेलर, रंगदारी मांगने वाला और उद्योगपति को जान से मारने की धमकी देने वाला अपराधी बता दिया। इस मामले में पुलिस ने ही जज बनकर तुरंत फैसला सुना दिया और बेगुनाह पत्रकार को गुनहगार बना दिया।

इसके बाद पुष्पेंद्र राजपूत का 2 दिन का रिमांड माँगा गया लेकिन जज ने एक दिन का रिमांड दिया, पुष्पेंद्र राजपूत का मोबाइल और लॅपटॉप ले लिया गया, उसके बाद रात में पुष्पेंद्र राजपूत को गैर-कानूनी तरीके से CIA BPTP ले जाया गया, उन्हें थर्ड डिग्री टार्चर किया गया, उनकी आँखों में मिर्ची डाली गयी, फेफड़े में ऐसा पानी डाला गया जिसमें CIA वाले कह रहे थे कि यह पानी डालने के बाद तू ढाई महीनें से अधिक समय तक जिन्दा नहीं रह सकेगा, इसके अलावा उन्हें 4 घंटे तक उल्टा लटका कर पानी में डुबोया गया। इसके बाद उन्हें जान से मारने की धमकी देकर दूसरे आरोपी लाल सिंह को CIA टीम के साथ पुष्पेंद्र राजपूत के घर भेजा गया और परिवार द्वारा इकठ्ठे किये गए 40 हजार रुपये जबरदस्ती छीन लिए गए और उसे रिकवरी में दिखा दिया गया।

पुष्पेंद्र सिंह राजपूत पिछले 15 वर्षों से haryanaabtak.com न्यूज़ पोर्टल चला रहे हैं, हमेशा गरीबों की आवाज उठाते हैं, साधारण जिंदगी जीते हैं, उन पर 5 लाख रुपये की रंगदारी मांगने और उद्योगपति सरबजीत चावला को जान से मारने की धमकी देने के भी आरोप लगाए गए हैं जो सरासर झूठे हैं।

उद्योगपति सरबजीत चावला का यह भी कहना है कि पुष्पेंद्र राजपूत उन्हें ब्लैकमेल कर रहे थे और 50 हजार पहले भी ले चुके थे, अब आप ही सोचिये जो कंपनी मालिक अपने मजदूरों को सैलरी नहीं दे रहा है वो किसी पत्रकार को 50 हजार रुपये कैसे दे देगा।

कहने का मतलब ये है कि पत्रकारों के मामले में अब फरीदाबाद पुलिस ही जज बनकर फैसला कर रही है, इस मामले में पुष्पेंद्र राजपूत को फंसाने की प्लानिंग की गयी, पुलिस ने खुद तय किया कि 30 हजार रुपये लिफ़ाफ़े में भरकर ले जाना है

ओल्ड फरीदाबाद में पुलिसकर्मी ने खोया आपा, युवक की आँख पर डंडा मारकर किया खून से लथपथ

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फरीदाबाद, 14 मई: लॉक डाउन के दौरान एक तरफ जनता की कमाई बंद है, आम लोग परेशान हो रहे हैं तो दूसरी तरफ पुलिसकर्मियों को हरियाणा सरकार पूरी सैलरी दे रही है और बदले में वह फील्ड में काम भी कर रहे हैं, लेकिन कुछ पुलिसकर्मी अपना आपा भी खो रहे हैं.

फरीदाबाद ओल्ड मार्किट में एक पुलिसकर्मी ने अपना आपा खोल दिया और स्कूटी सवार एक युवक की आँख पर डंडा मार दिया। युवक को भी अंदेशा नहीं था कि पुलिसकर्मी उसकी आँख पर डंडा मारेगा। युवक चोट खाकर अपनी आँख पकड़कर बैठ गया कर जब उसे होश आया तो उसका चेहरा खून से लथपथ नजर आया.

इस घटना के बाद वहां लोग इकठ्ठा हो गए और पुलिसकर्मी को जमकर फटकार लगाई, कुछ लोगों ने कहा कि यह पुलिसकर्मी अक्सर लोगों को डंडा मारता रहता है, कई बार रोकने के बाद भी पुलिसकर्मी नहीं मानता।  देखिये वीडियो - 

NIT-5 नंबर में मारपीट में बुजुर्ग की हत्या

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फरीदाबाद, 8 मई: NIT-5 के H ब्लॉक में आपसी झगडे में एक बुर्जुग की जान चली गयी है जबकि कुछ घायल हैं. सनी ने बताया कि उसके परिवार का सब्जियों का काम है, भाई, चाचा और वह खुद सब्जियों का काम करते हैं, उसके पापा जिनकी उम्र करीब 65 साल है वो घर पर ही रहते हैं.

आज शाम को उनके पड़ोसियों ने जिसमें 7 - 8 आरोपी शामिल हैं, वो घर आये और अचानक हमला कर दिया, उस वक्त बेटा घर से बाहर था, उसे जैसे ही पता चला, वो घर आया, उसे भी सर में चोट लगी है और पापा की मौत हो गयी.

उसने बताया कि पापा पर कोई चीज फेंक कर मारी गयी है जिसकी वजह पापा गिर पड़े और उनके मौत हो गयी. पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है.

मुसीबत के मारे किरायेदार पर जुल्म करने वाले बेरहम मकान मालिक पर FIR दर्ज, पढ़ें रिपोर्ट

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फरीदाबाद 9 मई 2020:  कल हमने एक रिपोर्ट दी थी कि बल्लभगढ़ चावला कॉलोनी में किराए के मकान में रहने वाले किरायेदार कमलेश पर मकान मालिक ने जुल्म किया है. किरायेदार गंभीर हालत में ESI हॉस्पिटल फरीदाबाद में भर्ती है. बल्लभगढ़ सिटी थाना पुलिस ने आज इस मामले में पीड़ित किरायेदार का बयान लेकर उसके खिलाफ FIR दर्ज करके कानूनी कार्यवाही शुरु कर दी है.

कोरोना वायरस की वजह से लगाए गए लॉक डाउन की वजह से गरीब और मध्यम परिवार को काफी नुकसान हुआ है और सब की कमाई बंद हो गई है, सबसे अधिक परेशानी किराए पर रहने वालों को हो रही है क्योंकि उन्हें हर महीना किराया भी देना होता है.

फोटो में दिख रहे व्यक्ति मूल रूप से बिहार के रहने वाले कमलेश जो कि हैं पिछले 3-4 साल से चावला कॉलोनी बल्लबगढ़ में किराये पर रहते हैं। लॉकडाउन में किराया न देने की वजह से मकान मालिक ने लोहे की रोड से इनपर हमला किया जिसमे ये गंभीर रूप से घायल हो गए। अभी ये ESIC हॉस्पिटल में भर्ती हैं।

इस मामले में अभी कोई कानूनी कार्यवाही नहीं हो पाई है पीड़ित किराएदार की देखभाल करने वाला भी कोई नहीं है अब देखते हैं इस मामले में पुलिस क्या कार्रवाई करती है.

कोर्ट परिसर में भगवान के मंदिर से 38570 चुराने वाले चोर 24 घंटे के अंदर दबोचे गए, पढ़ें रिपोर्ट

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फरीदाबाद, 8 अप्रैल: अदालत परिसर में बने मंदिर से रुपए चुराने वाले दो आरोपियों को थाना सेंट्रल पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. आरोपियों से चोरी किया गया मंदिर का चढ़ावा ₹38570 रुपए भी बरामद कर लिया गया है. पुलिस ने सिर्फ 24 घंटे के अंदर चोरों को गिरफ्तार करके मामले को सुलझा लिया।

गिरफ्तार आरोपी:

1. रोहित निवासी इंदौर मध्य प्रदेश हाल निवासी गड़ी मोहल्ला ओल्ड।
2. कमल निवासी कपिलवस्तु नेपाल हाल निवासी सरपंच कॉलोनी बडोली ।

उपरोक्त दोनो आरोपी फरीदाबाद अदालत परिसर में बने मंदिर से चढ़ावे के पैसे चोरी कर फरार हो गए थे।

मंदिर के पुजारी ने इस बारे में थाना सेंट्रल पुलिस को शिकायत दर्ज कराई जिस पर थाना सेंट्रल में चोरी का मुकदमा दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू की गई।

अदालत परिसर मे मंदिर है जिसमें फरीदाबाद के हजारों वकीलों द्वारा समय-समय पर मंदिर के रखरखाव के लिए दान दिया जाता है। वकीलों के द्वारा मंदिर में दिया गया पिछले 4 साल का चढ़ावा उपरोक्त दो आरोपी लेकर फरार हो गए थे।

थाना प्रभारी महेंद्र पाठक ने बताया कि आरोपियों से चोरी किए हुए 38570 रुपए बरामद कर लिए गए। आरोपियों को अदालत में पेश कर जिला जेल नीमका भेजा गया है।