Palwal Assembly

अरावली पर एक और अवैध निर्माण पर पड़ी वकील LN पाराशर की नजर

खबर के लिए संपर्क करें: 9953931171, Email: dpsingh84@gmail.com, Whatsapp: 9953931171
आगे की खबर विज्ञापन के नीचे

advocate-ln-parashar-search-illegal-construction-in-aravali-area-news

फरीदाबाद: अरावली चीरहरण के प्रति फरीदाबाद की जनता में जागरूकता की कमीं है, जनता को शायद पता नहीं है कि जैसे जैसे अरावली के पहाड़ और जंगल ख़त्म होते जाएंगे वैसे वैसे फरीदाबाद में बीमारियाँ बढ़ती जाएंगी, तामपान बढ़ता जाएगा, प्रदूषण बढ़ता जाएगा, अस्पतालों में लाइनें बढ़ती जाएंगी और जनता की मेहनत की कमाई अस्पतालों में खर्च होगी. जनता की इसी जागरूकता की कमीं का फायदा खनन माफिया और भू-माफिया उठा रहे हैं. अगर फरीदाबाद की जनता अरावली चीरहरण के खिलाफ एकजुट होकर बड़ा आन्दोलन शुरू कर दे तो अवैध माइनिंग और अवैध निर्माण रुक जाएगा.

अरावली फरीदाबाद और एनसीआर के लिए सुरक्षा कवच है लेकिन बीते कई दशकों ने अरावली का चीरहरण हो रहा है, बड़े बड़े भूमाफिया अरावली पर अवैध इमारतें बना रहे हैं, अधिकारियों को धन बल से मैनेज कर लिया जाता है जिसकी वजह से उनकी ऑंखें बंद हो जाती हैं और अरावली पर आसानी से निर्माण कर लिया जाता है, कई स्थानों पर अवैध मीनिंग और बजरी की चोरी भी जारी है. इसी का नतीजा है कि धीरे धीरे पहाड़ और जंगल ख़त्म होते जा रहे हैं.

वकील एल एन पाराशर ने कई वर्षों से अरावली चीरहरण के खिलाफ अभियान शुरू कर रखा है, कई मामले हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में लंबित हैं, वकील एल एन पाराशर अरावली पर अवैध निर्माणों के सबूत इकठ्ठे कर रहे हैं, आज उनकी नजर एक और अवैध निर्माण पर पड़ी है जिसकी फोटो खींचकर वह हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में दिखाएंगे ताकि अवैध निर्माणों और पत्थर चोरी को रोका जा सके.

वकील एल एन पाराशर ने कहा कि अरावली पर मैंने पिछले कई महीनें से दर्जनों अवैध खनन और अवैध निर्माण दिखाए हैं, सरकार कोई सख्त कदम नहीं उठा रही है, अगर ऐसा ही हाल रहा तो धीरे धीरे पहाड़ और जंगल ख़त्म होते जाएंगे जो फरीदाबाद की जनता के भविष्य के लिए भयावह होगा. इसीलिए मैंने इसके खिलाफ अभियान शुरू किया है और सबूत इकठ्ठे करके हायर कोर्ट को देने का फैसला किया है.
विज्ञापन के नीचे जाकर खबर शेयर करें
फेसबुक, WhatsApp, ट्विटर पर शेयर करें

फेसबुक पर अपडेट के लिए पेज LIKE करें

Aravali

Faridabad News

Post A Comment:

0 comments: